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March 18, 2026

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चैत्र नवरात्रि 2026 कथा: माता दुर्गा ने महिषासुर का कैसे किया संहार?

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 19 मार्च 2026 से हो रहा है. यह माता दुर्गा की उपासना का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूप, यानी नवदुर्गा, घरों और मंदिरों में विधिपूर्वक पूजे जाते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त इस व्रत को सच्चे मन से करता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कष्ट-दुःख दूर होते हैं. नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. आइए जानते हैं माता दुर्गा और महिषासुर के युद्ध की वह कथा, जिसके कारण यह पर्व मनाया जाता है. महिषासुर का जन्म देवी भागवत पुराण, मार्कण्डेय पुराण और दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) में वर्णित कथा के अनुसार, बहुत समय पहले रम्भ नामक एक शक्तिशाली असुर राजा था. उसने महिषी (भैंस स्वरूपी राक्षसी) से विवाह किया. इन दोनों के मिलन से उनका पुत्र जन्मा, जिसका नाम महिषासुर रखा गया. ‘महिष’ का अर्थ है भैंस, और ‘असुर’ का अर्थ है राक्षस. महिषासुर आधा इंसान और आधा भैंस था, और उसके पास अद्भुत शक्तियां थीं, जिससे वह कभी भी अपना रूप बदल सकता था. ब्रह्मा जी का वरदान महिषासुर अत्यंत महत्वाकांक्षी था. उसने भगवान ब्रह्मा की घोर तपस्या की. उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी प्रकट हुए और वरदान मांगने को कहा. महिषासुर ने अमर होने का वरदान मांगा, लेकिन ब्रह्मा जी ने कहा कि जन्मे हुए प्राणी की मृत्यु निश्चित है. तब चतुर महिषासुर ने वरदान मांगा “मेरी मृत्यु न किसी देवता, न किसी असुर या मानव के हाथों होगी, केवल एक स्त्री ही मुझे मार सकती है.” ब्रह्मा जी ने ‘तथास्तु’ कह दिया. स्वर्ग पर अधिकार वरदान पाकर महिषासुर अहंकारी हो गया. उसने अपनी विशाल सेना के साथ स्वर्ग पर आक्रमण कर दिया. इंद्र देव और अन्य देवता उससे हार गए, और महिषासुर ने स्वर्ग के सिंहासन पर कब्जा कर लिया. माता दुर्गा का अवतरण दुखी देवता मदद के लिए भगवान विष्णु और भगवान शिव के पास पहुँचे. देवताओं की बात सुनकर विष्णु और शिव अत्यंत क्रोधित हो गए. उनके क्रोध से एक दिव्य तेज (प्रकाश) निकला. यह तेज़ सभी देवताओं की शक्तियों के साथ मिलकर एक महाशक्तिशाली देवी के रूप में प्रकट हुआ, जिन्हें माँ दुर्गा कहा गया. देवताओं ने माता को अपने अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए: शिव जी ने त्रिशूल दिया. विष्णु जी ने चक्र दिया. इंद्र देव ने वज्र और वरुण देव ने शंख दिया. अन्य देवताओं ने भी अपने सबसे शक्तिशाली अस्त्र माता को सौंपे. भीषण युद्ध और महिषासुर का वध माँ दुर्गा सिंह पर सवार होकर महिषासुर की नगरी पहुँची और जोर से गर्जना की. महिषासुर ने पहले उसे कमतर समझा, लेकिन माँ ने अपनी शक्ति से उसकी सेना को पल भर में ध्वस्त कर दिया. फिर शुरू हुआ माँ दुर्गा और महिषासुर के बीच महायुद्ध, जो नौ दिनों तक चला. महिषासुर बार-बार अपना रूप बदलता रहा था. कभी हाथी, कभी शेर, तो कभी भैंस. अंत में, दसवें दिन जब वह फिर से भैंस का रूप धारण करके हमला करने लगा, मां दुर्गा ने अपने त्रिशूल से उसके सीने पर प्रहार किया और उसका वध कर दिया. यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्रि 2026: ग्रह, नक्षत्र और ऊर्जा जागरण का पावन पर्व The post चैत्र नवरात्रि 2026 कथा: माता दुर्गा ने महिषासुर का कैसे किया संहार? appeared first on Naya Vichar.

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जमुई को सीएम नीतीश का मेगा गिफ्ट, 914 करोड़ की 370 योजनाओं की सौगात

Samriddhi Yatra: बिहार के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को जमुई पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के लिए खजाना खोल दिया. ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर एक साथ 914 करोड़ रुपये की 370 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस मौके पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे. जमुई के लिए यह दिन उत्सव जैसा था, क्योंकि मुख्यमंत्री ने न केवल करोड़ों की योजनाओं की सौगात दी, बल्कि जिले की दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान का रास्ता भी साफ कर दिया. 914 करोड़ की योजनाओं से बदलेगी जमुई की तस्वीर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुल 602 करोड़ रुपये की लागत वाली 181 योजनाओं का उद्घाटन किया, जो अब जनता की सेवा के लिए तैयार हैं. वहीं, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 312 करोड़ रुपये की 189 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया. इन योजनाओं में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं. मंच पर मौजूद दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने भी जमुई के बदलते स्वरूप की सराहना की और इसे ‘विकसित बिहार’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया. कुंडघाट परियोजना-18 साल का इंतजार और नीतीश का वादा इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि रही ‘कुंडघाट परियोजना’ का उद्घाटन. इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना का शिलान्यास स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2008 में किया था. करीब 18 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आज उन्हीं के हाथों इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण हुआ. यह परियोजना जमुई के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिससे हजारों एकड़ भूमि की प्यास बुझेगी. विकास स्टॉल का निरीक्षण, योजनाओं की समीक्षा मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टॉल का निरीक्षण किया और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर चल रही परियोजनाओं का जायजा लिया और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रशासन का फोकस राज्य के हर जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना है. Also Read: नीतीश के राज्यसभा जाने से नाखुश आनंद मोहन, बोले- ‘निशांत की एंट्री से बदलेगी नेतृत्व की रफ्तार’ The post जमुई को सीएम नीतीश का मेगा गिफ्ट, 914 करोड़ की 370 योजनाओं की सौगात appeared first on Naya Vichar.

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LPG सिलेंडर में गैस खत्म होने से पहले अलर्ट देगा यह मीटर, जानें कैसे

हिंदुस्तान में LPG सिलेंडर हर घर की जरूरत है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह रहती है कि सिलेंडर कब खत्म होने वाला है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. अक्सर लोग अचानक गैस खत्म होने पर परेशानी में पड़ जाते हैं. अब इस समस्या का समाधान एक नया गैस मीटर डिवाइस से हो सकता है, जो सिलेंडर में बची गैस का स्तर दिखाता है और समय रहते अलर्ट भी देता है. सिलेंडर की गैस लेवल बताएगा मीटर यह डिवाइस सीधे उस जगह फिट होता है जहां रेगुलेटर लगाया जाता है. इसके अंदर एक इंडिकेटर सुई होती है जो सिलेंडर के प्रेशर के आधार पर गैस की मात्रा बताती है. खास बात यह है कि यह मीटर सिलेंडर खत्म होने से लगभग एक सप्ताह पहले ही संकेत दे देता है, जिससे उपभोक्ता समय रहते नया सिलेंडर बुक कर सकते हैं. कीमत और उपलब्धता गैस मीटर की शुरुआती कीमत लगभग 700 रुपये से शुरू होती है. इसे ऑनलाइन प्लैटफॉर्म जैसे Amazon, Flipkart और Meesho पर खरीदा जा सकता है. इसके अलावा, स्थानीय मार्केट में भी यह आसानी से उपलब्ध है. सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी गैस मीटर खरीदते समय सबसे अहम बात यह है कि उस पर ISI मार्क होना चाहिए. बिना ISI प्रमाणित मीटर इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है. सही प्रमाणित डिवाइस ही सिलेंडर की सुरक्षा और सही जानकारी सुनिश्चित करता है. LPG संकट और नियमों के बीच राहत खाड़ी देशों में तनाव और LPG की बढ़ती कीमतों और किल्लत की समाचारों के बीच यह डिवाइस उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है. प्रशासन ने हाल ही में कई नये नियम लागू किये हैं, ऐसे में सिलेंडर की गैस लेवल जानना और पहले से तैयारी करना लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा. यह भी पढ़ें: ब्रेकफास्ट से डिनर तक बिना गैस जलाये होगा तैयार, डिमांड में ये किचन अप्लायंसेज The post LPG सिलेंडर में गैस खत्म होने से पहले अलर्ट देगा यह मीटर, जानें कैसे appeared first on Naya Vichar.

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फैटी लिवर से हैं परेशान? डॉ. शुभम के बताए ये 3 फूड कर सकते हैं कमाल

3 Best Foods For Fatty Liver: आजकल अधिकतर लोग फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं. खराब लाइफस्टाइल, बाहर का जंक फूड, ज्यादा शुगर और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसकी सबसे बड़ी वजह बन रही है. ऐसे में अगर समय रहते खान-पान में सही बदलाव किए जाएं, तो फैटी लिवर को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स्य (Dr. Shubham Vatsya) के अनुसार, कुछ खास फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपने लिवर को ठीक कर सकते हैं. डॉ. शुभम ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @dr.shubhamvatsya पर इसे शेयर किया है. ब्लैक कॉफी – बिना शुगर और बिना दूध के डॉ. शुभम के मुताबिक, रोजाना ब्लैक कॉफी पीने से लिवर एंजाइम को नॉर्मल करने में मदद मिलती है, साथ ही लिवर फाइब्रोसिस का खतरा भी कम होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर को प्रोटेक्ट करते हैं और फैट के जमा होने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं.  हरी पत्तेदार सब्जियां हरे पत्तेदार सब्जियां स्टीम या हल्का पकाकर खाने से फैटी लिवर कम करने में फायदा मिलता है. डॉ, शुभम कहते हैं, पालक में नाइट्रेट्स और पॉलीफेनॉल्स होते हैं, जो सीधे लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करते हैं.  ब्रोकली ब्रोकली फैटी लिवर के लिए एक बहुत अच्छा ऑप्शन है. डॉ के अनुसार इसमें सल्फोराफेन होता है, जो लिवर को नेचुरली प्रोटेक्ट करता है और बॉडी के एंटीऑक्सिडेंट सिस्टम को एक्टिव करता है.  डॉ. शुभम के अनुसार कुछ बोनस टिप्स  सैल्मन या सार्डिन जैसी फैटी फिश में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड्स लिवर की सूजन और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करते हैं.  साथ ही ध्यान रखें, शुगर से भरे ड्रिंक्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाना बहुत जरूरी है.  इन छोटे-छोटे बदलावों की शुरुआत करके आप फैटी लिवर को ठीक कर सकते हैं.  View this post on Instagram A post shared by Dr. Shubham Vatsya (@dr.shubhamvatsya) यह भी पढ़ें: वजन कम करना है तो ट्राई करें कॉफी और नींबू का यह ड्रिंक यह भी पढ़ें: Morning Habits for Weight Loss: दोपहर में आती है सुस्ती? दिनभर खुद को सुपर-एक्टिव रखने के लिए बदलें ये 5 आदतें The post फैटी लिवर से हैं परेशान? डॉ. शुभम के बताए ये 3 फूड कर सकते हैं कमाल appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं वो 4 शख्स जिन्होंने सूर्यकुमार यादव को बनाया कप्तान? खुद उठाया राज से पर्दा

Highlights रोहित शर्मा के बाद मिली थी कमान जय शाह ने किया था पहला फोन चार लोगों ने मिलकर बनाया था प्लान कप्तानी में जीत का शानदार रिकॉर्ड धोनी और रोहित के क्लब में शामिल Suryakumar Yadav on T20 Captain: हिंदुस्तान ने साल 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीता था. इसके बाद टीम ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में भी जीत हासिल की. जीत का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका. हाल ही में साल 2026 का टी20 वर्ल्ड कप भी हिंदुस्तान ने जीत लिया है. यह नया वर्ल्ड कप सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में जीता गया है. अब सूर्यकुमार यादव ने एक बहुत अहम बात बताई है. उन्होंने बताया है कि हिंदुस्तान की टी20 टीम का कप्तान उन्हें किन लोगों ने मिलकर बनाया था. रोहित शर्मा के बाद मिली थी कमान साल 2024 में जब हिंदुस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप जीता था, तब रोहित शर्मा टीम के कप्तान थे. इस जीत के तुरंत बाद रोहित शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया. रोहित के जाने के बाद बीसीसीआई को एक नए कप्तान की तलाश थी. इसके बाद हिंदुस्तान की टी20 टीम का नया कप्तान सूर्यकुमार यादव को बनाया गया. कप्तान बनने के बाद सूर्या ने शानदार काम किया है. उन्होंने अपनी कप्तानी में टीम को कई अहम मुकाबले जिताए हैं और खुद को एक सफल कप्तान साबित किया है. जय शाह ने किया था पहला फोन सूर्या ने PTI के इंटरव्यू में बताया कि कप्तानी की समाचार उन्हें सबसे पहले कैसे मिली. उन्होंने बताया कि उस समय के बीसीसीआई सचिव जय शाह ने उन्हें फोन किया था. यह बात श्रीलंका सीरीज शुरू होने से तीन या चार दिन पहले की है. जय शाह ने फोन करके सूर्या को बताया कि आगे के लिए उन्हें ही टी20 टीम का कप्तान बनाया जा रहा है. सूर्या के लिए यह एक बहुत अहम पल था जब उन्हें सीधे सचिव का फोन आया था. चार लोगों ने मिलकर बनाया था प्लान सूर्यकुमार का कहना है कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था. इसके पीछे चार अहम लोगों का दिमाग था. सूर्या ने बताया कि रोहित शर्मा और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने मिलकर उनके नाम पर विचार किया. इसके बाद रोहित और अजीत अगरकर ने उस समय के कोच राहुल द्रविड से बात की. राहुल द्रविड की सहमति मिलने के बाद इन सभी ने जय शाह से चर्चा की. इन चार लोगों ने मिलकर ही यह तय किया कि सूर्या ही अगले कप्तान होंगे. कप्तानी में जीत का शानदार रिकॉर्ड बतौर कप्तान सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड बहुत ही बेहतरीन रहा है. उनकी कप्तानी में हिंदुस्तानीय टीम ने अब तक कुल 52 टी20 मैच स्पोर्ट्से हैं. इनमें से 42 मैचों में हिंदुस्तान को जीत मिली है. उनकी कप्तानी में हिंदुस्तान कोई भी दो देशों के बीच होने वाली टी20 सीरीज नहीं हारा है. 35 साल के सूर्या अगर 8 मैच और जीत लेते हैं, तो वह सबसे ज्यादा टी20 मैच जीतने वाले हिंदुस्तानीय कप्तान बन जाएंगे. सूर्या ने हिंदुस्तान के लिए 113 टी20 मैच स्पोर्ट्से हैं और 3272 रन बनाए हैं. धोनी और रोहित के क्लब में शामिल साल 2026 का टी20 वर्ल्ड कप जीतकर सूर्यकुमार यादव ने एक खास जगह हासिल कर ली है. वह हिंदुस्तान को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले तीसरे हिंदुस्तानीय कप्तान बन गए हैं. उनसे पहले यह काम सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा ने किया था. धोनी ने 2007 में और रोहित ने 2024 में यह खिताब जिताया था. अब सूर्या भी इन दोनों सफल कप्तानों की लिस्ट में आ गए हैं. ये भी पढ़ें- बांग्लादेश के सामने पाकिस्तान की शर्मनाक हार, कामरान अकमल ने नकवी को बताया ‘ट्रॉफी चोर’ अंपायर का फैसला सही या गलत, MCC ने सलमान आगा के रन आउट विवाद से उठाया पर्दा IPL 2026 से पहले खुलासा, कौन है वो खिलाड़ी जो धोनी को पिलाता है हुक्का? The post कौन हैं वो 4 शख्स जिन्होंने सूर्यकुमार यादव को बनाया कप्तान? खुद उठाया राज से पर्दा appeared first on Naya Vichar.

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ग्लोइंग स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी से बनाएं ये फेस पैक, डॉक्टर हंसा जी ने बताया

Multani Mitti Face Pack: खूबसूरत दिखना आखिर किसे पसंद नहीं होता है? साफ और ग्लोइंग स्किन न सिर्फ आपकी खूबसूरती निखारती है, बल्कि आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने में भी मदद करती है. यही वजह है कि लोग अपनी त्वचा की देखभाल के लिए नए-नए तरीके और असरदार उपाय खोजते रहते हैं. स्किन को ग्लोइंग बनाए रखने के लिए आप मुल्तानी मिट्टी से बने फेस पैक का यूज कर सकते हैं. इस बारे में योग गुरु और लेखक डॉक्टर हंसा जी योगेन्द्र ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होनें ने 2 फेस पैक के बारे में बताया है. डॉक्टर हंसा जी बताती हैं कि मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल आप क्लेंजर और टोनर के तौर पर कर सकते हैं. ये चेहरे से एक्स्ट्रा तेल और गंदगी को हटाने में मदद करता है. ये स्किन से तेल को अब्सॉर्ब कर लेता है और पिंपल, ब्लैकहेड्स और व्हाइट हेड्स की प्रॉब्लम को दूर करता है. मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल आपके स्किन को टाइट करता है और चमकदार बनाता है.  फेस पैक स्किन ग्लो के लिए अगर आप अपने फेस पर ग्लो पाना चाहती हैं तो आप एक कटोरी में एक टेबलस्पून मुल्तानी मिट्टी को लें. इसमें आप 2 टीस्पून चंदन का पाउडर को दाल दें. आधा टेबलस्पून पानी को डाल दें. इसमें आप एक चौथाई टेबलस्पून गुलाब जल को मिला दें. इसके बाद आप एक चौथाई टेबलस्पून दूध को डाल दें. सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करके स्मूथ पेस्ट बना लें. इसे अपने चेहरे और गले पर 15 से 20 मिनट तक रखें. इसके बाद आप इसे साफ पानी से धो लें. इसके बाद नारियल के तेल से मॉइश्चराइज कर लें. इसका इस्तेमाल आप हफ्ते में 1 से 2 बार ही करें.  ऑयली स्किन के लिए फेस पैक इस फेस पैक को बनाने के लिए 1 टेबलस्पून मुल्तानी मिट्टी को लें. इसमें आप 1 टेबलस्पून चम्मच दही को डाल दें. एक टीस्पून हल्दी और 1 टेबलस्पून हनी को डाल दें. इसमें आप थोड़ा पानी डालकर पेस्ट बना लें. इसे आप चेहरे और गले पर लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें. इसे आप गुनगुने पानी से धो लें. इसका इस्तेमाल आप हफ्ते में दो बार कर सकते हैं. यह भी पढ़ें- 7 दिन में चमकाएं पूरी बॉडी, फॉलो करें मानसी शर्मा का पॉलिशिंग पैक यह भी पढ़ें- Skincare Tips: सोने सा चमकेगा आपका चेहरा, बस हल्दी और बेसन का करें इस तरह इस्तेमाल The post ग्लोइंग स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी से बनाएं ये फेस पैक, डॉक्टर हंसा जी ने बताया appeared first on Naya Vichar.

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मोबाइल से बिहार बोर्ड परिणाम कैसे चेक करें? बिना इंटरनेट के ऐसे पाएं रिजल्ट

Bihar Board Result 2026: रिजल्ट आने के बाद अक्सर वेबसाइट स्लो हो जाती है या खुलती ही नहीं. ऐसे में स्टूडेंट्स परेशान हो जाते हैं कि रिजल्ट कैसे देखें. लेकिन टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल से सिर्फ एक SMS भेजकर भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. अगर आप ऐसे क्षेत्र में हैं, जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है तो आप मोबाइल फोन से भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं. SMS से ऐसे चेक करें बिहार बोर्ड रिजल्ट? यहां देखें SMS से रिजल्ट देखने के आसान स्टेप्स- Bihar Board Result Through SMS 10th: बिहार बोर्ड रिजल्ट 10th सबसे पहले मोबाइल का मैसेज बॉक्स खोलें नया मैसेज टाइप करें: BIHAR10 ROLL-NUMBER अब इस मैसेज को 56263 नंबर पर भेज दें कुछ ही समय में आपका रिजल्ट SMS के रूप में मोबाइल पर आ जाएगा Bihar Board Result Through SMS 12th: बिहार बोर्ड रिजल्ट 12th सबसे पहले मोबाइल का मैसेज बॉक्स खोलें नया मैसेज टाइप करें: BIHAR12 ROLL-NUMBER अब इस मैसेज को 56263 नंबर पर भेज दें कुछ ही समय में आपका रिजल्ट SMS के रूप में मोबाइल पर आ जाएगा रिजल्ट चेक करते समय रखें ध्यान रोल नंबर सही डालें, वरना रिजल्ट नहीं मिलेगा मैसेज भेजने से पहले फॉर्मेट जरूर चेक करें नेटवर्क सही होना चाहिए ताकि SMS डिलीवर हो सके क्यों है ये तरीका बेस्ट? SMS से रिजल्ट चेक करना सबसे बेस्ट तरीका है. अगर वेबसाइट काम नहीं कर रही है तो SMS करें और जल्द-से-जल्द रिजल्ट पाएं. इसके लिए आपको बस अपने फोन का मैसेज बॉक्स खोलना होगा. किसी भी सिंपल फोन से आप अपना रिजल्ट देख सकते हैं. कब हुई थी बोर्ड परीक्षा? बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षा 2026, 2 फरवरी 2026 से 13 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की गई थी. ये परीक्षाएं दो शिफ्ट में हुई थी. बिहार बोर्ड 2025 में कक्षा 12वीं का पास पर्सेंटेज 86.5 फीसदी गया था. वहीं 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित की गई थी. बिहार बोर्ड (BSEB) मैट्रिक परीक्षा 2025 का कुल पास पर्सेंटेज 82.11% रहा था. यह भी पढ़ें- क्या होती है स्क्रूटनी? बिहार बोर्ड रिजल्ट आने से पहले समझें पूरा प्रोसेस The post मोबाइल से बिहार बोर्ड परिणाम कैसे चेक करें? बिना इंटरनेट के ऐसे पाएं रिजल्ट appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में आग का कहर: इमारत में लगी भीषण आग, 9 की मौत, 3 बच्चे शामिल

Delhi Fire : एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के पालम में रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से तीन बच्चों समेत 9 लोगों की मौत हो गई है. सुबह करीब 7 बजे आग लगने की सूचना मिली थी. Toll in fire at residential building in Delhi’s Palam rises to 9. pic.twitter.com/8InFghUN33 — Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026 इससे पहले दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग ऐसे मकान में लगी जहां लोग रहते थे. आशंका है कि कुछ लोग अंदर फंसे हो सकते हैं. इसलिए बचाव का काम तेजी से चलाया जा रहा है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने वीडियो शेयर किया है. वीडियो में नजर आ रहा है कि बिल्डिंग से काला धुआं निकल रहा है. देखें वीडियो. VIDEO | Delhi: Rescue operations are underway at a residential building in the Palam area, where a fire broke out. Around 30 fire tenders were rushed to the spot to douse the flames and rescue people who may be trapped inside. More details are awaited. (Full video available on… pic.twitter.com/52r3irzfUZ — Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026 पुलिस और बाकी इमरजेंसी टीमें भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में मदद कर रही हैं, क्योंकि यह इलाका काफी घनी आबादी वाला है. फिलहाल आग लगने की असली वजह का पता नहीं चल पाया है. The post दिल्ली में आग का कहर: इमारत में लगी भीषण आग, 9 की मौत, 3 शिशु शामिल appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव में और ताकतवर हुई भाजपा

Rajya Sabha elections : देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को हुए चुनाव के अंतिम नतीजे एनडीए के पक्ष में रहे. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले एनडीए को जहां 22 सीटों पर जीत मिली वहीं, विपक्ष को 15 सीटों से संतोष करना पड़ा. इस चुनाव के बाद राज्यसभा में जहां एनडीए को और मजबूती मिली है, वहीं भाजपा की शक्ति भी काफी बढ़ गयी है. यदि हम राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर गौर करें, तो पायेंगे कि बिहार, ओडिशा और हरियाणा में भाजपा ने उन सीटों पर तो जीत दर्ज की ही, जिन पर उसकी जीत तय मानी जा रही थी, उसने तीन ऐसी सीटें भी जीत लीं, जिनमें क्रॉस वोटिंग हुई. इस कारण बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, राजद के उम्मीदवार के पास जीत के लिए पर्याप्त 41 वोट की बजाय 35 वोट ही थे, पर बीएसपी और औवैसी की पार्टी एआइएमआइएम के मतों को मिलाकर वोट पर्याप्त हो जा रहे थे. परंतु राजद के एक और कांग्रेस के तीन विधायक दूसरी तरफ चले गये और राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार की हार हो गयी. इस तरह भाजपा ने विपक्ष के खेमे में सेंध लगायी और उसके उम्मीदवार को हराने में सफल हो गयी. इस चुनाव को भाजपा का शो माना जा रहा है, पर ऐसा चुनाव में होता रहता है कि एक-दो लोग इधर-उधर चले जाते हैं. इस चुनाव का असली महत्व यह है कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद को छोड़कर राज्यसभा के सदस्य बने हैं. और ऐसा लगता है कि यह उनकी मर्जी से हुआ है. सच मानिए, तो यह भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है. क्योंकि यह सभी जानते हैं कि वह बिहार में प्रशासन का नेतृत्व करना चाह रही थी, परंतु ऐसा माना जा रहा था कि इसमें अभी छह-आठ महीने की देरी है. यहां दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए मनाना इतना आसान नहीं लग रहा था. लेकिन यह सब कुछ तीन महीने के अंदर ही हो गया. दरअसल, ऐसा करने की वजह भाजपा द्वारा एक प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने की हामी है. दिल्ली में नीतीश कुमार को क्या भूमिका दी जायेगी- उन्हें कोई मंत्रालय दिया जाता है या कुछ और भूमिका दी जाती है- यह देखने वाली बात होगी. यहां जो बात महत्वपूर्ण है, वह यह कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद चूंकि भाजपा बिहार में नेतृत्व की भूमिका में रहेगी, ऐसे में जनता दल (यू ) के जो 12 लोकसभा सांसद हैं, उन पर उसका नियंत्रण बढ़ेगा. इसके साथ-साथ, भाजपा का यह प्रयास भी रहेगा कि लोकसभा में उसके सहयोगी दलों के जितने भी सांसद हैं, वे टस से मस न हों, इधर से उधर न जाने पायें और उसके पास लोकसभा में संख्या बल पर्याप्त बना रहे. यह बात भी उल्लेखनीय है कि भाजपा ने महाराष्ट्र से शरद पवार को निर्विरोध राज्यसभा में आने दिया है. यदि शरद पवार की जगह कोई दूसरा व्यक्ति होता, तो बहुत संभव है कि भाजपा उसे निर्विरोध चुनकर राज्यसभा नहीं आने देती. यहां मेरा अनुमान कहता है कि भाजपा ने ऐसा इसलिए किया है, क्योंकि लोकसभा में शरद पवार की पार्टी के आठ सांसद हैं, जो जरूरत पड़ने पर भविष्य में भाजपा का साथ दे सकते हैं. तो शरद पवार की खिलाफत न करने की भाजपा की नीति का अर्थ यही है कि वह उनकी नजरों में अच्छी बनी रहे, ताकि समय आने पर वह उनका समर्थन ले सके. जहां तक नीतीश कुमार की बात है, तो उनके लिए राज्यसभा में आना भी भाजपा के लिए लाभ की बात है. एक बात तो साफ है कि बिहार में भाजपा की पकड़ मजबूत हो जायेगी, क्योंकि वह दोनों जगह सत्ता में है. एक बात और, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समय जिस तरह की मुश्किलें हैं, उसका असर घरेलू नेतृत्व पर भी पड़ सकता है. चूंकि इस समय एक अनिश्चितता का माहौल है, ऐसे में भाजपा यह सुनिश्चित करना चाह रही थी कि लोकसभा में उसके सांसदों और लोकसभा में उसके समर्थन पर कोई आंच न आये. तो भाजपा के लिए नीतीश कुमार और शरद पवार का राज्यसभा में आना इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. अब बात गैर एनडीए दलों की, तो वे राज्यसभा चुनाव को लेकर बहुत गंभीर, बहुत आक्रामक नहीं दिखे. यह पता होते हुए भी कि भाजपा के पास कितनी बड़ी मशीनरी है और वह अपनी एक-एक सीट के लिए किस तरह विस्तार से रणनीति बनाती है, किस तरह से तैयारी करती है, विपक्ष हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा और उसके लोग खिसक गये. जबकि भाजपा की रणनीति को देखते हुए उनकी तैयारी दोगुनी-तिगुनी होनी चाहिए थी, पर सच कहूं, तो उनकी तैयारी कहीं नहीं दिखी. इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है और इस बार भी ऐसा ही हुआ. चुनाव में साफ दिखा कि गैर एनडीए दलों में एकता नहीं बन पायी थी. इनके बीच का असंतोष सामने आ गया. इस बात का जिक्र भी जरूरी है कि टैरिफ को लेकर, ईरान युद्ध को लेकर, गैस सिलेंडर को लेकर इन दिनों विपक्ष जितना आक्रामक रहा है, उतनी आक्रामकता चुनाव जीतने के मामले में वह नहीं दिखा पाया. यह तो वही बात हो गयी कि आप भले ही संसद में, देशभर में मुद्दों को उठाते रहिए, उन पर बातें करते रहिए, पर यदि चुनाव ही नहीं जीत पा रहे हैं, तो इसका क्या लाभ. इस तरह की चीजें आगे न हों, इसके लिए विपक्ष को इकट्ठे मिलकर चलना होगा और विस्तार से चुनाव जीतने की योजना बनानी होगी. भाजपा की रणनीति को देखते हुए अपनी रणनीति बनानी होगी और हर चुनाव को गंभीरता से लेना होगा. दरअसल, विपक्ष के खराब प्रदर्शन की वजह यह भी है कि वह अपनी योजनाओं को विस्तारित करने में चूक जाता है, क्योंकि उसका संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत नहीं है, कांग्रेस का तो बिल्कुल भी नहीं है. यदि बूथ लेवल पर आपके कार्यकर्ता नहीं हैं, जो आपकी बात लोगों तक पहुंचा सकें, लोगों को पार्टी के पक्ष में कर सकें, तो आप मात खायेंगे ही. जब आपके पास वैसी सांगठनिक शक्ति ही नहीं है, जो

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क्या टूट गया आवेज-नगमा का रिश्ता? इंटरव्यू में आवेज ने दिया हिंट

Awez Darbar On Break Up With Nagma Mirajkar: सोशल मीडिया स्टार Awez Darbar और Nagma Mirajkar इन दिनों अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में हैं. दोनों के बीच ब्रेकअप की समाचारें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे फैंस भी काफी हैरान हैं. खासकर आवेज के बर्थडे सेलिब्रेशन में नगमा की गैरमौजूदगी ने इन अफवाहों को और हवा दे दी. बर्थडे पार्टी में नहीं दिखीं नगमा हाल ही में आवेज दरबार ने अपना जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया, जिसमें कई टीवी और रियलिटी शो से जुड़े सितारे शामिल हुए. लेकिन इस पार्टी में नगमा मिराजकर नजर नहीं आईं. इतना ही नहीं, उन्होंने सोशल मीडिया पर भी आवेज को बर्थडे विश नहीं किया, जिससे फैंस के बीच सवाल उठने लगे. आवेज के बयान से बढ़ा सस्पेंस इन समाचारों के बीच आवेज दरबार ने एक इंटरव्यू में प्रतिक्रिया दी. जब उनसे पूछा गया कि क्या नगमा ने उन्हें कोई खास गिफ्ट दिया, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि “इस बारे में हम दोनों बैठकर प्यार से बात करेंगे, क्योंकि बहुत सारी बातें हैं.” उनके इस बयान के बाद से यह कयास और मजबूत हो गए हैं कि दोनों के रिश्ते में कुछ ठीक नहीं चल रहा. शादी के सवाल पर भी टाला जवाब इंटरव्यू के दौरान जब आवेज से शादी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि सब कुछ भगवान पर छोड़ा है और सही समय आने पर ही सब होगा. उन्होंने साफ कहा कि वह फिलहाल इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते. पहले नेशनल टीवी पर किया था प्रपोज गौरतलब है कि आवेज दरबार ने नेशनल टीवी पर नगमा मिराजकर को शादी के लिए प्रपोज किया था, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया था. उस समय दोनों के रिश्ते को लेकर काफी चर्चा हुई थी. नगमा की चुप्पी बनी हुई है फिलहाल नगमा मिराजकर ने इन ब्रेकअप की समाचारों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. ऐसे में फैंस अब उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर दोनों के रिश्ते की सच्चाई क्या है. यह भी पढ़ें: क्या शादी करने वाली हैं श्रद्धा कपूर? श्रद्धा की आंटी ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी The post क्या टूट गया आवेज-नगमा का रिश्ता? इंटरव्यू में आवेज ने दिया हिंट appeared first on Naya Vichar.

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