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March 18, 2026

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₹49.4 लाख में BYD Sealion 7 एनिवर्सरी एडिशन लॉन्च, पहले 1100 ग्राहकों को मिलेंगे एक्सक्लूसिव बेनिफिट्स

BYD इंडिया की प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV BYD SEALION 7 के लॉन्च को हिंदुस्तान में पूरे एक साल हो चुके हैं. ऐसे में इस मौके को खास बनाने के लिए कंपनी ने इसका SEALION 7 First Anniversary Edition पेश किया है. कंपनी ने इसकी बुकिंग देशभर के BYD डीलरशिप पर शुरू कर दी है और SUV को रिजर्व करने के लिए ग्राहकों को ₹70,000 का टोकन अमाउंट देना होगा. कीमत कंपनी ने इस नए First Anniversary Edition की कीमत स्टैंडर्ड मॉडल के बराबर ही रखी है. यह दो वेरिएंट्स में मिलेगी, जिसकी कीमत- Premium वेरिएंट की कीमत ₹49.4 लाख Performance वेरिएंट की कीमत ₹54.9 लाख (एक्स-शोरूम) स्पेशल ऑफर और बेनिफिट्स BYD ने इस खास एडिशन के साथ एक First Anniversary Offer भी पेश किया है. इसमें- फ्री 11kW होम चार्जर और उसकी इंस्टॉलेशन 2 साल तक फ्री सर्विस और मेंटेनेंस लो वोल्टेज बैटरी (LVB) पर 8 साल या 1.5 लाख किमी की वारंटी इसके अलावा, हाई वोल्टेज बैटरी पर 8 साल या 1.6 लाख किमी की स्टैंडर्ड वारंटी. ध्यान रहे, ये ऑफर्स 30 अप्रैल तक या 1,100 यूनिट्स बुक होने तक ही वैलिड रहेंगे. क्या है नया इस एडिशन में? इस Anniversary Edition में सबसे बड़ा बदलाव इसके इंटीरियर में देखने को मिलता है. इसमें नया ‘Tahiti Blue’ कलर थीम दिया गया है, जो पहले के ब्लैक-ग्रे इंटीरियर के मुकाबले में ज्यादा फ्रेश और प्रीमियम फील देता है. एक्सटीरियर डिजाइन पहले की तरह Ocean-inspired स्टाइल में ही है, जो इसे मॉडर्न और अट्रैक्टिव बनाता है. इसके अलावा गाड़ी के डिजाइन और फीचर्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी आपको वही शानदार लुक और लग्जरी एक्सपीरियंस मिलेगा. फीचर्स और लग्जरी एक्सपीरियंस BYD Sealion 7 एक फीचर-लोडेड इलेक्ट्रिक SUV है, जो लग्जरी और एडवांस टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन पेश करती है. इसमें ऑटोमैटिक LED हेडलाइट्स और टेललाइट्स के साथ 20-इंच तक के स्टाइलिश अलॉय व्हील्स मिलते हैं, जो इसके प्रीमियम लुक को और बढ़ाते हैं. इसके अलावा, पावर्ड टेलगेट और 15.6-इंच की रोटेटिंग टचस्क्रीन के साथ डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है, जो ड्राइविंग एक्सपीरियंस को स्मार्ट बनाता है. सेफ्टी और सुविधा के लिए, इसमें 360-डिग्री कैमरा, हेड्स-अप डिस्प्ले और 12-स्पीकर Dynaudio साउंड सिस्टम दिया गया है. साथ ही लेवल 2 ADAS सेफ्टी फीचर्स, पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल और एम्बिएंट लाइटिंग जैसी सुविधाएं इसे और भी खास बनाती हैं. पैसेंजर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें 11 एयरबैग्स भी दिए गए हैं. बैटरी, परफॉर्मेंस और रेंज दोनों वेरिएंट्स में 82.56kWh की Blade Battery दी गई है, जो बेहतर सेफ्टी और एफिशिएंसी के लिए जानी जाती है. इसके साथ ही इनमें BYD की एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे Cell-to-Body (CTB) और iTAC (Intelligence Torque Adaptation Control) का इस्तेमाल किया गया है, जो गाड़ी की स्टेबिलिटी, कंट्रोल और ओवरऑल ड्राइविंग एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं. परफॉर्मेंस कि बात करें, तो इसका Performance वेरिएंट काफी पावरफुल है, जो 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार सिर्फ 4.5 सेकंड में पकड़ सकता है और एक बार चार्ज करने पर 542 किमी (NEDC) की रेंज देता है. Premium वेरिएंट 6.7 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ सकती है और इसमें 567 किमी (NEDC) की रेंज मिलती है, जो इसे लंबी दूरी के लिए भी एक अच्छा ऑप्शन बनाती है. यह भी पढ़ें: ₹1.78 करोड़ की Audi SQ8 लॉन्च, 4 सेकंड में पकड़ती है 100 km/h की रफ्तार The post ₹49.4 लाख में BYD Sealion 7 एनिवर्सरी एडिशन लॉन्च, पहले 1100 ग्राहकों को मिलेंगे एक्सक्लूसिव बेनिफिट्स appeared first on Naya Vichar.

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चैत्र नवरात्रि 2026: घर में दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

Chaitra Navratri 2026: हिन्दू नव वर्ष 2026 का आगमन 19 मार्च से हो रहा है, जिसके साथ ही चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी. नवरात्रि के इन पावन 9 दिनों में माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है. शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान घर में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक साधनाओं में से एक माना जाता है. कहा जाता है कि इस पाठ में जीवन की हर समस्या का समाधान और हर मनोकामना को पूर्ण करने की शक्ति होती है. लेकिन इसका पूर्ण फल तभी मिलता है, जब इसे सही नियमों और विधि के साथ किया जाए. 1.  पाठ करने की सही विधि: ‘त्रयांग’ नियम दुर्गा सप्तशती का पाठ सीधे अध्यायों से शुरू नहीं करना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार ‘त्रयांग’ विधि का पालन करना आवश्यक है. सबसे पहले कवच, फिर अर्गला, और अंत में कीलक स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. इसके बाद ही मुख्य 13 अध्यायों का पाठ शुरू करें. अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करें, ताकि अनजाने में हुई त्रुटियों का दोष न लगे. 2. आसन और दिशा का चयन पाठ करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. बैठने के लिए कुशा का आसन या ऊनी कंबल का प्रयोग करें. जमीन पर सीधे बैठकर पाठ न करें.दुर्गा सप्तशती की पुस्तक को हाथ में लेकर न पढ़ें. इसे लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर सम्मानपूर्वक रखें. 3. पाठ की गति और एकाग्रता पाठ की गति न तो बहुत तेज होनी चाहिए और न ही बहुत धीमी. शब्दों का उच्चारण स्पष्ट होना चाहिए.पाठ के बीच में किसी से बात न करें. यदि किसी अपरिहार्य कारण से पाठ छोड़ना पड़े, तो दोबारा वहीं से शुरू करने के बजाय उस अध्याय को शुरू से पढ़ें.यदि आप एक बार में पूरा पाठ नहीं कर सकते, तो चतुर्थ अध्याय पूरा करने के बाद ही विराम लें. 4. सात्विकता और अनुशासन नवरात्रि के इन नौ दिनों में घर का वातावरण शुद्ध रखें. तामसिक भोजन और व्यसनों से पूरी तरह दूरी बनाएं.पाठ करने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और क्रोध या ईर्ष्या जैसे विकारों से बचना चाहिए. 5. दुर्गा सप्तशती पाठ शास्त्रों के अनुसार, दुर्गा सप्तशती के सभी 13 अध्यायों का एक ही बार में पाठ करना सबसे उत्तम माना जाता है. लेकिन यदि 13 अध्यायों का एक साथ पाठ करना आपके लिए संभव न हो, तो आप इसे 3 भागों (चरित्रों) में बांटकर भी पढ़ सकते हैं: प्रथम भाग (प्रथम चरित्र): इसमें 1 अध्याय आता है. द्वितीय भाग (मध्यम चरित्र): इसमें 2, 3 और 4 अध्याय आते हैं. तृतीय भाग (उत्तम चरित्र): इसमें 5 से लेकर 13 अध्याय तक आते हैं. यह भी पढ़ें: अमावस्या से शुरू होंगे चैत्र नवरात्र, जानें घट स्थापना का महत्व The post चैत्र नवरात्रि 2026: घर में दुर्गा सप्तशती का पाठ कराने से पहले जान लें ये जरूरी नियम appeared first on Naya Vichar.

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सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, एफिडेविट के बिना नहीं मिलेगी एंट्री

Sara Ali Khan: बाॅलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान अक्सर अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपनी धार्मिक आस्था को लेकर भी चर्चा में रहती हैं. कभी काशी, कभी महाकाल तो कभी केदारनाथ, सारा की मंदिर यात्राएं हमेशा सुर्खियां बटोरती हैं. खासतौर पर केदारनाथ मंदिर से उनका गहरा लगाव किसी से छिपा नहीं है. हर साल यहां पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन करना जैसे उनकी एक परंपरा बन चुकी थी. लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है. केदारनाथ धाम में एंट्री को लेकर बने नए नियमों ने सारा अली खान को सीधे तौर पर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. अब उनके लिए यहां दर्शन करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा, क्योंकि मंदिर प्रशासन ने आस्था से जुड़ी एक नई शर्त लागू कर दी है, जिसे पूरा करना जरूरी होगा. केदारनाथ से खास जुड़ाव, अब आसान नहीं दर्शन View this post on Instagram A post shared by Sara Ali Khan (@saraalikhan95) सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर से खास लगाव रहा है. वह लगभग हर साल यहां भगवान शिव के दर्शन करने जाती रही हैं. सोशल मीडिया पर भी उनकी केदारनाथ यात्रा की तस्वीरें अक्सर वायरल होती रही हैं. लेकिन अब उनके लिए यह यात्रा पहले जैसी आसान नहीं रहने वाली है. मंदिर प्रशासन का नया नियम Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) ने हाल ही में बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत मंदिर में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जाएगा, जो सनातन धर्म में आस्था रखते हैं. इतना ही नहीं, इस आस्था को साबित करने के लिए एफिडेविट देना भी जरूरी होगा. सारा को भी देना होगा एफिडेविट मंदिर समिति के अध्यक्ष ने सारा अली खान का जिक्र करते हुए साफ कहा कि अगर वह मंदिर में दर्शन करना चाहती हैं, तो उन्हें लिखित रूप में यह बताना होगा कि उनकी सनातन धर्म में आस्था है. यानी अब सारा को भी अन्य श्रद्धालुओं की तरह नियमों का पालन करना होगा. ‘केदारनाथ’ फिल्म से जुड़ा है खास रिश्ता सारा अली खान की डेब्यू फिल्म ‘Kedarnath’ की शूटिंग भी इसी धाम में हुई थी. इस फिल्म के बाद से उनका इस जगह से भावनात्मक रिश्ता और भी मजबूत हो गया. तभी से वह हर साल यहां आकर दर्शन करने की कोशिश करती रही हैं. अब सारा क्या करेंगी? इस फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सारा अली खान इस पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं. क्या वह एफिडेविट देकर अपनी आस्था जाहिर करेंगी या फिर इस पर चुप्पी साधेंगी, यह आने वाले समय में ही साफ होगा. यह भी पढ़ें: बॉलीवुड में नहीं मिल रहा काम तो क्या भोजपुरी में जा रहे गोविंदा? निरहुआ संग फोटो वायरल The post सारा अली खान की केदारनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, एफिडेविट के बिना नहीं मिलेगी एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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टीएमसी की लिस्ट में कई दागदार, जेल गये इन विधायकों को नहीं मिला टिकट

Bengal Election: कोलकाता: राशन भ्रष्टाचार हो या भर्ती भ्रष्टाचार, ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल के दागदार मंत्री और विधायक उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं. भर्ती मामले में पार्थ चटर्जी का नाम सामने आया. निवर्तमान विधायक परेश अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी भी इसमें शामिल थीं. पार्टी ने इस बार इन लोगों को उम्मीदवार नहीं बनाया है. ज्योतिप्रिया मल्लिक को राशन भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था. पार्टी ने उन्हें हाबरा से मैदान में उतारा है. पूर्व बरयान विधायक जीवन कृष्णा को भर्ती मामले में गिरफ्तार किया गया था. इनमें से कई लोग जेल की सजा काट चुके हैं. जीवन कृष्णा अभी भी जेल में हैं. पार्टी ने उनका टिकट काट दिया है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कौन-कौन आरोपी बने उम्मीदवार पार्थ चटर्जी को भर्ती मामले में गिरफ्तार किया गया था. वे लगभग तीन साल तक जेल में रहे. अब उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है. शुरुआत में यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि पार्थ को बेहाला पश्चिम से टिकट मिलेगा या नहीं. हालांकि, बाद में पता चला कि रत्ना चटर्जी को वहां से टिकट दिया गया है. भर्ती मामले में दूसरा आरोपी माणिक भट्टाचार्य है. वह पलाशीपारा से विधायक थे. वह भी लंबे समय तक जेल में रहे. हालांकि, इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला. उनकी जगह रुकबानुर रहमान को टिकट मिला. मुर्शिदाबाद में बराया विधानसभा क्षेत्र. तृणमूल की ओर से प्रतिमा राजक एक नया चेहरा हैं. प्रतिमा पूर्व कांग्रेस विधायक हैं. 2021 में उन्हें जीवन कृष्ण साहा ने हराया था. उन्होंने कुछ महीने पहले तृणमूल ज्वाइन की थी. जीवन कृष्ण फिलहाल भर्ती मामले में जेल में हैं. अनीसुर रहमान को देगांगा से उम्मीदवार बनाया गया है. वह तृणमूल के उम्मीदवार हैं. उनका नाम राशन भ्रष्टाचार मामले में सामने आया था. वह जेल भी जा चुके हैं. फिर भी, इस बार उन्हें टिकट मिल गया है. ज्योतिप्रिया मल्लिक हाबरा से फिर से चुनाव लड़ेंगे. राशन भ्रष्टाचार मामले में वे लंबे समय तक जेल में रहे थे. जमानत पर रिहा होने के बाद वे वापस लौटे हैं. तृणमूल ने उन्हें फिर से मैदान में उतारा है. Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला The post टीएमसी की लिस्ट में कई दागदार, जेल गये इन विधायकों को नहीं मिला टिकट appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में बिजली दरों का आज ऐलान, प्रति यूनिट 35 पैसे तक बढ़ोतरी के उम्मीद

Bihar Electricity Bill : बिहार में गर्मी की तपिश बढ़ने से ठीक पहले बिजली की कीमतों को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है. बिहार विद्युत विनियामक आयोग आज बुधवार को राज्य के लिए नई बिजली दरों (टैरिफ) की घोषणा करने जा रहा है. ये नई दरें 1 अप्रैल से पूरे राज्य में लागू हो जाएंगी. नॉर्थ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने अपनी बढ़ती लागत का हवाला देते हुए सभी श्रेणियों में 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग के सामने रखा है. 35 पैसे बढ़ोतरी का प्रस्ताव इस बार बिजली कंपनियों ने हर श्रेणी में समान रूप से 35 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने की मांग की है. अगर यह प्रस्ताव पूरी तरह लागू होता है, तो घरेलू से लेकर कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक सभी पर असर पड़ेगा. हालांकि आयोग ने जनसुनवाई के बाद संकेत दिए हैं कि अंतिम फैसले में संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी, ताकि आम उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े. 125 यूनिट फ्री बिजली का सुरक्षा कवच रहेगा बरकरार महंगाई की आशंकाओं के बीच राहत की बात यह है कि राज्य प्रशासन की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जारी रहेगा. निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए सबसे बड़ी राहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा है, जो नई दरों के बावजूद मिलती रहेगी. कुटीर ज्योति और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी प्रशासन ने विशेष सुरक्षा चक्र तैयार किया है. अपार्टमेंट, सोसाइटी और व्यावसायिक (कमर्शियल) श्रेणियों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, क्योंकि इन क्षेत्रों में कंपनियों ने प्रति यूनिट दर को ₹9.03 से बढ़ाकर ₹9.38 करने का प्रस्ताव दिया है. शहरी उपभोक्ताओं के लिए खुशसमाचारी इस बार की घोषणा में सबसे बड़ा बदलाव शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हो सकता है. सूत्रों की मानें तो आयोग ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर शहरों में भी ‘एक समान स्लैब’ व्यवस्था लागू कर सकता है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब आपको इस बात की चिंता नहीं करनी होगी कि कितनी यूनिट खपत करने पर रेट बदल जाएगा. आप चाहे एक यूनिट बिजली जलाएं या एक हजार यूनिट, दर पूरी तरह समान रहेगी. इस ऐतिहासिक बदलाव से न सिर्फ बिल की गणना आसान होगी, बल्कि मध्यम वर्ग के उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी खपत गर्मी के दिनों में बढ़ जाती है. किन-किन श्रेणियों पर पड़ेगा असर प्रस्तावित दरों के अनुसार कुटीर ज्योति, ग्रामीण और शहरी घरेलू श्रेणियों में दर 7.42 रुपये से बढ़कर 7.77 रुपये प्रति यूनिट हो सकती है. वहीं अपार्टमेंट और सोसाइटी के लिए दर 9.03 से बढ़कर 9.38 रुपये तक पहुंच सकती है. कृषि उपभोक्ताओं के लिए भी दर 6.74 से बढ़कर 7.09 रुपये प्रति यूनिट होने का प्रस्ताव है. Also Read: बिहार के धनकुबेर इंजीनियर के पास करोड़ों की जमीनें, पेट्रोल पंप, विदेश में बंगला, जानिए रेड में और क्या-क्या मिला The post बिहार में बिजली दरों का आज ऐलान, प्रति यूनिट 35 पैसे तक बढ़ोतरी के उम्मीद appeared first on Naya Vichar.

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बेटे के साथ मारे गए ईरानी सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी, युद्ध के बीच ईरान के लिए कितना बड़ा झटका?

Iran War Ali Larijani Death: ईरान को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध में अपने नेताओं की मौत के रूप में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी की भी अब इजरायली हमले में मौत हो गई. ईरान ने इस बात की पुष्टि की कि अली लारिजानी के बेटे मोर्तज़ा लारिजानी और बसीज अर्धसैनिक संगठन के उप प्रमुख कासिम कुरैशी भी उस हमले में मारे गए. इजरायल ने मंगलवार को दावा किया कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के स्वयंसेवी बल ‘बासिज’ के प्रमुख गुलामरजा सुलेमानी को भी मार गिराया है. इस बल को ईरान में प्रदर्शनों को दबाने के लिए एक अहम बल माना जाता है.  ईरानी प्रशासनी मीडिया के अनुसार, अली लारिजानी की मौत इस्लामिक रिपब्लिक के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि युद्ध के बीच उसके सबसे अनुभवी और प्रभावशाली नीति-निर्माताओं में से एक की हत्या हो गई. अली लारिजानी की मौत पर नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा, ‘शहीदों की पवित्र आत्माओं ने ईश्वर के धर्मनिष्ठ सेवक, शहीद डॉ. अली लारिजानी की पवित्र आत्मा का स्वागत किया. ईरान और इस्लामिक क्रांति की प्रगति के लिए आजीवन संघर्ष करने के बाद उन्होंने अंततः अपनी लंबे समय से संजोई हुई इच्छा पूरी की, ईश्वरीय आह्वान का उत्तर दिया और सेवा के मोर्चे पर सम्मानपूर्वक शहादत का सौभाग्य प्राप्त किया.’ लारिजानी की मौत उनके बेटे मोर्तजा लारिजानी, उनके कार्यालय प्रमुख अलीरेजा बयात और कई बॉडीगार्ड्स के साथ हुई. इजरायल ने यह हमला बासिज फोर्स की एक बैठक के दौरान किया. यह बैठक फारसी त्योहार ‘चहारशांबे सूरी’ (आतिशबाजी बुधवार) के दौरान संभावित विरोध प्रदर्शनों से निपटने की रणनीति पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी. हालांकि, कुछ रिपोर्ट् में दावा किया गया कि परदिस, तेहरान में अपनी बेटी के घर पर इजरायली हमले में मारे गए. 🚨BREAKING: Iran’s Ali Larijani was killed in a U.S.–Israeli airstrike on his daughter’s home in Pardis, Tehran, along with his son, aides, and bodyguards. Footage shows widespread destruction of the residential area, indicating significant civilian casualties. Media:… pic.twitter.com/K2bPF71hW8 — Suppressed News. (@SuppressedNws1) March 17, 2026 राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने जताया दुख ईरान की सेमी गवर्नमेंट मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, लारिजानी और गोलामरेजा सुलेमानी दोनों का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने लारिजानी की मौत पर ‘गहरा दुख और खेद’ जताते हुए कहा, ‘मैंने उनमें हमेशा भलाई, दूरदृष्टि, साथ और समझदारी ही देखी.’ लारिजानी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख और बेहद प्रभावशाली रणनीतिकार थे. नेतन्याहू ने बताया गुंडों के गिरोह का नेता इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लारिजानी को ‘गुंडों के गिरोह का नेता’ बताया, जो ईरान पर शासन करता है. उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का जिक्र करते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरानियों को अपने शासकों को हटाने का अवसर देने की कोशिश का हिस्सा है. नेतन्याहू ने कहा कि लारिजानी की हत्या से ईरानी नागरिकों को धार्मिक शासन के खिलाफ उठ खड़े होने का मौका मिला है. उन्होंने कहा, ‘धार्मिक सत्ता का पतन एकदम से नहीं होगा, न ही आसानी से होगा. लेकिन अगर हम इस दिशा में लगातार प्रयास करते रहे, तो हम ईरान के लोगों को अपनी किस्मत खुद तय करने का मौका दे सकते हैं.’ अली लारिजानी. फोटो- एक्स (@alilarijani_ir). अली लारिजानी कौन थे? 68 वर्षीय लारिजानी हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपने कड़े बयानों को लेकर चर्चा में रहे थे. वे अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी माने जाते थे और कई सालों से ईरान की परमाणु नीति और रणनीतिक कूटनीति में अहम भूमिका निभा रहे थे. उन्हें ईरान की सत्ता व्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था. लारिजानी का परिवार इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की नेतृत्व में काफी सालों से प्रभावशाली रहा है. उन्होंने तेहरान विश्वविद्यालय से पश्चिमी दर्शन में पीएचडी की थी, बाद में वे प्रशासनी प्रसारक IRIB के प्रमुख रहे और ईरान की संसद के स्पीकर के रूप में भी वह 2008 से 2020 तक 12 वर्षों तक कार्य कर चुके थे. वह 2005–2007 के बीच देश के मुख्य परमाणु वार्ताकार की भूमिका निभा चुके थे. जून 2025 में, इजरायल और अमेरिका के साथ युद्ध के बाद, उन्हें ईरान की शीर्ष सुरक्षा संस्था सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का प्रमुख बनाया गया, जहां वे रक्षा रणनीतियों का समन्वय और परमाणु नीति की निगरानी कर रहे थे. बाद में वे कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय हुए और खाड़ी देशों के साथ बातचीत का नेतृत्व किया, जो अंततः युद्ध के कारण विफल हो गई. अली लारिजानी. फोटो- एक्स (@alilarijani_ir). बेबाक बयानों के लिए फेमस रहे लारिजानी अली लारिजानी हाल के दिनों में अपने तीखे और बेबाक बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में रहे. अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उन्होंने खुलकर अमेरिका और इजरायल पर निशाना साधा. 13 मार्च को तेहरान में कुद्स डे मार्च के दौरान वह आखिरी बार सार्वजनिक रूप से दिखे, जहां वे लोगों से बातचीत करते नजर आए. इससे एक दिन पहले उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि युद्ध छेड़ना आसान है, लेकिन उसे कुछ ट्वीट्स के सहारे जीता नहीं जा सकता. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है और विरोधियों को अपने आकलन पर पछताना पड़ सकता है. उन्होंने 10 मार्च को ट्रंप पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि आप ईरान को समाप्त नहीं कर सकते. उन्होंने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा था कि संभल कर रहें, कहीं आप ही न खत्म हो जाएं. अली लारिजानी. फोटो- एक्स (@alilarijani_ir). ईरानी शासन के लिए बड़ा झटका पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की 28 फरवरी को हुई मौत के बाद उनकी ताकत और बढ़ गई थी. उन्हें ईरान के नेतृत्व के संभावित दावेदारों में गिना जा रहा था. हालांकि, अंततः मोजतबा खामेनेई को उनके पिता की जगह नियुक्त किया गया. ये भी पढ़ें:- इजराइल की चेतावनी: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को खोजकर मारेंगे लारिजानी को ईरान के अन्य कट्टर नेताओं की अपेक्षा काफी उदारवादी, व्यावहारिक और संतुलित माना जाता था. उन्हें लंबे समय तक एक लचीले और समझदारी से फैसले लेने वाले व्यक्ति के रूप में देखा गया. हालिया बयानों में भले ही सख्ती दिखी, लेकिन उनकी पहचान ऐसे

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R Madhavan Rejected Movie: ‘3 इडियट्स’ के फरहान कुरैशी ने ठुकराई 5 सुपरहिट फिल्में, देखें लिस्ट

R Madhavan Rejected Movie: ‘3 इडिट्स’ और शैतान जैसी फिल्मों में दिखने वाले एक्टर आर माधवन इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर चर्चा में हैं. इस बीच उनकी रिजेक्ट की हुई फिल्मों की बात फिर सुर्खियों में आ गई है. हैरानी की बात ये है कि जिस फिल्म को आर माधवन ने रिजेक्ट किया था बाद में वही फिल्में बड़ी हिट साबित हुईं. अब वह अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ में नजर आने वाले हैं. गजनी (2005) आर माधवन को साल 2005 में रिलीज हुई फिल्म ‘गजनी’ के लिए पहले अप्रोच किया गया था, लेकिन उन्होंने इस फिल्म को करने से मना कर दिया. दरअसल, उन्हें फिल्म की कहानी का दूसरा हिस्सा उतना पसंद नहीं आया और वह उससे कनेक्ट नहीं कर पाए. बाद में यही फिल्म सूर्या के पास गई, जिन्होंने इसमें काम किया और फिल्म जबरदस्त हिट साबित हुई. माई नेम इज खान (2010) यह एक इमोशनल ड्रामा फिल्म है, जिसमें शाहरुख खान और काजोल मुख्य किरदार में थे. आर माधवन ने एक और बड़ी फिल्म ठुकराई थी, जो बाद में ब्लॉकबस्टर साबित हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब वह ‘3 इडियट्स’ की तैयारी में व्यस्त थे, उसी दौरान उन्हें करण जौहर की फिल्म ‘माई नेमी इज खान’ का ऑफर मिला था, जिसमें शाहरुख खान और काजोल नजर आए थे, लेकिन अपने पहले से तय प्रोजेक्ट्स की वजह से वह इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए. काखा काखा (2003) टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट्स के मुताबिक गौतम वासुदेव मेनन की निर्देशित फिल्म ‘काखा काखा’ की स्क्रिप्ट सबसे पहले आर माधवन को सुनाई थी, लेकिन किसी वजह से उन्होंने यह प्रोजेक्ट करने से मना कर दिया. इसके बाद यह फिल्म सूर्या के पास गई, जिन्होंने इसमें शानदार काम किया और इस फिल्म ने उनके करियर को नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया. ‘नानबन’ (2012) आर माधवन को ‘नानबन’ में अपने ‘3 इडियट्स’ वाले किरदार को दोबारा निभाने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि वह रीमेक फिल्म में काम करना नहीं पसंद किए. इसके बाद इस किरदार के लिए  श्रीकांत को चुना गया और फिल्म रिलीज के बाद लोगों को काफी पसंद आई. ‘धुरंधर 2’ अब आर माधवन डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ में नजर आने वाले हैं, जो 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी. फैंस को उनसे इस फिल्म में एक दमदार और अलग अंदाज देखने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: Sanjay Dutt: ‘धुरंधर’ के ‘एसपी असलम’ ने ठुकराईं 5 फिल्में, बाद में साबित हुईं सुपरहिट The post R Madhavan Rejected Movie: ‘3 इडियट्स’ के फरहान कुरैशी ने ठुकराई 5 सुपरहिट फिल्में, देखें लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका में इंडियन टूरिस्ट की मौज, अब होटल- रिसॉर्ट्स सहित कोने-कोने में उठा सकते हैं डिजिटल पेमेंट का आनंद

UPI In Sri lanka: अगर आप श्रीलंका घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार समाचार है. अब आपको वहां श्रीलंकाई रुपये के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. हिंदुस्तानीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, श्रीलंका में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है. अब वहां के होटलों से लेकर रेस्टोरेंट्स तक, हर जगह आप अपने फोन से पेमेंट कर सकेंगे. NPCI बढ़ा रहा है डिजिटल पैठ हिंदुस्तानीय भुगतान प्रणाली को ग्लोबल बनाने वाली संस्था NPCI इंटरनेशनल श्रीलंका में UPI की पहुंच को और मजबूत कर रही है. हालांकि, वहां LankaQR के जरिए पहले भी भुगतान होता था, लेकिन अब इसे बड़े पैमाने पर सुपरमार्केट और रिटेल स्टोर तक फैलाया जा रहा है. इसका मकसद हिंदुस्तानीय सैलानियों को बिल्कुल अपने देश जैसा ही अनुभव देना है. कहां-कहां काम आएगा आपका UPI? अब आप श्रीलंका के कोने-कोने में डिजिटल पेमेंट का आनंद ले सकेंगे: होटल और रिसॉर्ट्स में ठहरने का बिल सीधे स्कैन करके चुकाएं. खाने-पीने के शौकीनों के लिए रेस्टोरेंट्स और कैफे में अब कैश की टेंशन नहीं. सुपरमार्केट और स्थानीय दुकानों पर भी QR कोड की सुविधा मिलेगी. हिंदुस्तानीय पर्यटकों को क्या होगा फायदा? UPI इस्तेमाल करने के कई बड़े फायदे हैं: भारी-भरकम कैश या विदेशी करेंसी साथ रखने का रिस्क खत्म. पैसा सीधे आपके हिंदुस्तानीय बैंक खाते से कटेगा और आपको तुरंत एक्सचेंज रेट का पता चल जाएगा. ट्रांजैक्शन सेकंडों में पूरा होगा और पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. श्रीलंका की पहली पसंद बन रहे हैं हिंदुस्तानीय आंकड़े बताते हैं कि श्रीलंका जाने वाले पर्यटकों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हिंदुस्तानीयों की है. साल 2025 में करीब 5.31 लाख हिंदुस्तानीय पर्यटक श्रीलंका पहुंचे, जो पिछले सालों के मुकाबले एक बड़ी बढ़त है. इसी लोकप्रियता को देखते हुए वहां की प्रशासन और हिंदुस्तानीय एजेंसियां डिजिटल कनेक्टिविटी को और तेज कर रही हैं. The post श्रीलंका में इंडियन टूरिस्ट की मौज, अब होटल- रिसॉर्ट्स सहित कोने-कोने में उठा सकते हैं डिजिटल पेमेंट का आनंद appeared first on Naya Vichar.

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कुलदीप यादव के रिसेप्शन में पहुंचे सीएम योगी, क्रिकेटर्स का लगा जमावड़ा, विंटेज कार से हुई एंट्री

Highlights सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया आशीर्वाद विंटेज कार से हुई कुलदीप की शानदार एंट्री गंभीर, पंत और कई अन्य क्रिकेटर हुए शामिल मसूरी की वादियों में हुई थी शादी  Kuldeep Yadav Wedding Reception: कुलदीप यादव अब शादी के बंधन में बंध चुके हैं. टी20 विश्व कप खत्म होने के बाद उन्होंने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की है. कुलदीप ने 14 मार्च को अपनी बचपन की दोस्त वंशिका चड्ढा के साथ उत्तराखंड के मसूरी में सात फेरे लिए. शादी के बाद इस नए जोड़े ने 17 मार्च को लखनऊ में एक बहुत बड़ा और शानदार रिसेप्शन दिया. इस पार्टी में क्रिकेट जगत के साथ-साथ नेतृत्व की कई नामी हस्तियां शामिल हुईं. यह पूरा कार्यक्रम बेहद भव्य रहा और इसमें स्पोर्ट्स और नेतृत्व का अनोखा संगम देखने को मिला. सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया आशीर्वाद लखनऊ में आयोजित इस बड़े रिसेप्शन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नए जोड़े को बधाई देने पहुंचे. सीएम योगी ने कार्यक्रम में जाकर कुलदीप यादव और वंशिका को अपना आशीर्वाद दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रिसेप्शन की एक फोटो भी शेयर की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि आज लखनऊ में हिंदुस्तानीय क्रिकेटर कुलदीप यादव की शादी के बाद रखे गए कार्यक्रम में शामिल होकर नए जोड़े को आशीर्वाद दिया. वीवीआईपी मेहमानों के आने के कारण होटल में सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए गए थे. आज लखनऊ में हिंदुस्तानीय क्रिकेटर श्री कुलदीप यादव जी के शुभ विवाह उपरांत आयोजित प्रीतिभोज समारोह में सम्मिलित होकर नव दंपति को आशीर्वाद प्रदान किया।@imkuldeep18 pic.twitter.com/owe86uHpT2 — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 17, 2026 विंटेज कार से हुई कुलदीप की शानदार एंट्री इस ग्रैंड रिसेप्शन की सबसे खास बात कुलदीप यादव की एंट्री रही. कुलदीप 1960 मॉडल की एक क्लासिक विंटेज कार में बैठकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे. उनकी इस अनोखी एंट्री ने पूरे कार्यक्रम को एक शाही अंदाज दे दिया और सभी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. जब मेहमान आए, तो उन पर फूलों की बारिश करके उनका स्वागत किया गया. इस बड़े जश्न में 900 से ज्यादा मेहमानों को बुलाया गया था. शानदार आयोजन और मेहमानों के स्वागत ने इस शाम को बहुत यादगार बना दिया. गंभीर, पंत और कई अन्य क्रिकेटर हुए शामिल इस पार्टी में क्रिकेट के कई बड़े सितारे पहुंचे. टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने आकर कुलदीप और वंशिका को बधाई दी. गंभीर ने कुलदीप की मां से भी काफी देर तक बात की. वर्ल्ड कप में व्यस्त होने के कारण गंभीर शादी में नहीं जा पाए थे.ऋषभ पंत भी रिसेप्शन में पहुंचे. पंत अभी लखनऊ में ही हैं और लखनऊ सुपरजायंट्स के ट्रेनिंग कैंप में आईपीएल 2026 की तैयारी कर रहे हैं.  True cricketing friendship! Rishabh Pant meets Kuldeep Yadav on the reception stage and spreads some love with a thoughtful gift ❤️✨ pic.twitter.com/xTnVwteOHF — Rupesh Kumar (@drona_17) March 17, 2026 आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए स्पोर्ट्सते हुए पंत और कुलदीप की जोड़ी खूब जमती थी. इसके अलावा शिखर धवन अपनी पत्नी सोफी शाइन के साथ पहुंचे. धवन और सोफी ने पिछले महीने ही शादी की थी. यशस्वी जायसवाल और रवींद्र जडेजा भी अपनी पत्नी के साथ इस जश्न का हिस्सा बने. View this post on Instagram A post shared by Shikhar Dhawan (@shikhardofficial) मसूरी की वादियों में हुई थी शादी  लखनऊ के इस ग्रैंड रिसेप्शन से पहले कुलदीप यादव और वंशिका की शादी 14 मार्च को मसूरी में हुई थी. यह एक बेहद निजी कार्यक्रम था. इसमें सिर्फ परिवार के लोग और बहुत करीबी दोस्त ही शामिल हुए थे. मसूरी की शादी में भी क्रिकेट की दुनिया के कई लोग पहुंचे थे. इनमें युजवेंद्र चहल, तिलक वर्मा, आरपी सिंह, पीयूष चावला और मोहम्मद कैफ जैसे खिलाड़ियों का नाम शामिल है. इन सभी ने शादी में शामिल होकर इस नए जोड़े को उनकी नई जिंदगी के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी थीं. ये भी पढ़ें- धोनी ने नंबर 7 को कहा अलविदा? अब जर्सी पर दिखेगा नंबर 8, सोशल मीडिया पर मचा बवाल IPL 2026: धोनी की बैटिंग पोजीशन पर डिविलियर्स का बयान, बोले- टॉप ऑर्डर में आए The post कुलदीप यादव के रिसेप्शन में पहुंचे सीएम योगी, क्रिकेटर्स का लगा जमावड़ा, विंटेज कार से हुई एंट्री appeared first on Naya Vichar.

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पर्यटन सचिव की बढ़ी मुश्किलें, छिन्नमस्तिका मंदिर की उपेक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, आज अदालत में होंगे पेश

Jharkhand High Court News, रामगढ़ : झारखंड हाईकोर्ट ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर और भैरवी नदी तट पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने पूर्व में दिये गये आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी जताई. ढाई साल बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ सुधार झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि 11 अगस्त 2023 को दिये गये निर्देशों के बावजूद करीब ढाई साल बीत जाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. इसे गंभीर मानते हुए कोर्ट ने पर्यटन विभाग के सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त को अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को सुबह 11:30 बजे होगी. Also Read: बेटी से मिलने की हसरत रह गयी अधूरी, हजारीबाग में ‘यमराज’ बनकर दौड़ रहे टर्बो ने स्त्री को कुचला, 4 घायल झारखंड हाईकोर्ट ने पहले क्या निर्देश दिया था पूर्व में दायर जनहित याचिका में झारखंड हाईकोर्ट ने भैरवी नदी के दोनों किनारों पर स्नान घाट, शौचालय, चेंजिंग रूम और बाथरूम जैसी सुविधाएं विकसित करने का आदेश दिया था. साथ ही घाटों तक जाने वाले रास्तों को अतिक्रमण मुक्त रखने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया था. अदालत ने श्रद्धालुओं के लिए इन सुविधाओं को बहान करने का दिया निर्देश अदालत ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रतीक्षालय, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और त्योहारों के दौरान मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये थे. इसके अलावा नदी तट चौड़ा करने और अतिक्रमण हटाने की बात कही गयी थी. याचिकाकर्ता संजीव कुमार सिंह ने अवमानना याचिका दायर कर इन आदेशों के अनुपालन की मांग की है. Also Read: बंदूक छोड़ो, घर लौटो! झारखंड पुलिस ने मिसिर बेसरा के परिजनों को समझाया पुनर्वास का रास्ता The post पर्यटन सचिव की बढ़ी मुश्किलें, छिन्नमस्तिका मंदिर की उपेक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, आज अदालत में होंगे पेश appeared first on Naya Vichar.

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