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March 20, 2026

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Duster Hybrid E-Tech की भारी डिमांड, 2026 के लिए बिका पूरा स्टॉक

रेनॉल्ट की नई Renault Duster Hybrid E-Tech SUV ने हिंदुस्तान में जबरदस्त एंट्री ली है. खास बात यह है कि कंपनी ने अभी तक इसकी कीमत का ऐलान नहीं किया है, फिर भी 2026 के लिए इसका पूरा प्रोडक्शन पहले ही बिक चुका है. बढ़ती डिमांड को देखते हुए कंपनी ने फिलहाल इसकी बुकिंग बंद कर दी है और अब इसकी डिलीवरी दिवाली 2026 के आसपास शुरू होगी. इसके बाद 2027 मॉडल के लिए दोबारा बुकिंग खोली जाएगी. मेट्रो शहरों में जबरदस्त डिमांड Renault के मुताबिक, मेट्रो शहरों में Duster की टोटल बुकिंग का करीब 39% हिस्सा हाइब्रिड वेरिएंट का है. इससे साफ है कि शहरों में लोग अब इलेक्ट्रिफाइड (Hybrid) गाड़ियों की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं. बढ़ती डिमांड को देखते हुए कंपनी चेन्नई प्लांट में अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने की तैयारी कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक यह SUV पहुंचाई जा सके. पावरट्रेन (इंजन और परफॉर्मेंस) नई Renault Duster को CMF-B प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है और इसमें तीन इंजन ऑप्शन मिलते हैं. हाइब्रिड वेरिएंट कि बात करें, तो इसमें 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 1.4kWh बैटरी और दो इलेक्ट्रिक मोटर दिए गए हैं. यह पूरा सेटअप मिलकर करीब 162 bhp की पावर और 172 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. यह अपने सेगमेंट का सबसे बड़ा और पावरफुल हाइब्रिड इंजन माना जा रहा है, जो Maruti Grand Vitara और Toyota Hyryder जैसी गाड़ियों से भी ज्यादा ताकतवर है. माइलेज कि बात करें, तो यह SUV लगभग 25 kmpl से ज्यादा देने का दावा करती है. वहीं इसकी कीमत 19 लाख से 23 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच रहने की उम्मीद है. 80% तक इलेक्ट्रिक ड्राइविंग का फायदा कंपनी का दावा है कि शहर में चलाते समय यह SUV करीब 80% तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में चल सकती है. इसका मतलब है कम पेट्रोल खर्च, कम प्रदूषण और बेहतर माइलेज, वो भी बिना चार्जिंग की जरूरत के. मैकेनिकल और ड्राइविंग फीचर्स Duster E-Tech में ट्रेडिशनल e-CVT की जगह मल्टी-मोड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है, जो ड्राइविंग को ज्यादा स्मूद और रिस्पॉन्सिव बनाता है. इसके अलावा इसमें चारों पहियों में डिस्क ब्रेक और 18-इंच अलॉय व्हील्स दिए गए हैं. यानी यह SUV सिर्फ माइलेज ही नहीं, बल्कि मजबूत और दमदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस भी देती है. यह भी पढ़ें: नयी EV खरीदने से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें, वरना पड़ सकता है पछताना The post Duster Hybrid E-Tech की भारी डिमांड, 2026 के लिए बिका पूरा स्टॉक appeared first on Naya Vichar.

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शनिवार सुबह 6:00 बजे से रांची में भारी वाहनों की नो इंट्री, ईद-सरहुल के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

Ranchi Traffic Advisory: ईद-उल-फितर और प्रकृति के पर्व सरहुल पर झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार 21 मार्च 2026 की सुबह 6:00 बजे से ही भारी वाहनों की एंट्री नहीं होगी. इसका कारण यह है कि इस साल मुस्लिम धर्मावलंबियों की ईद-उल-फितर और आदिवासी समुदाय का प्रकृति पर्व सरहुल 21 मार्च को एक साथ मनाए जाएंगे. ईद के मौके पर शहर के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है. वहीं, सरहुल पर्व पर सरना स्थलों में पूजा के बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी. सुबह से शाम तक शहर की सड़कों पर उमड़नेवाली भीड़ के मद्देनजर यातायात पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. ट्रैफिक एसपी ने शहर के कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बंद रखने और डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है. रिंग रोड की ओर डायवर्ट होंगे भारी वाहन ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, ईद की नमाज और सरहुल शोभायात्रा को देखते हुए शनिवार सुबह 6:00 बजे से शहर में भारी वाहनों की नो इंट्री लागू कर दी जाएगी. वहीं, दोपहर से शहर की प्रमुख सड़कों पर सामान्य वाहनों का परिचालन भी रोक दिया जाएगा. भारी वाहनों को रिंग रोड की ओर डायवर्ट कर दिया जाएगा. इसके अलावा मालवाहक छोटे व्यवसायिक वाहनों का शहर में प्रवेश भी पूरी तरह बंद रहेगा. हालांकि, छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा. हरमू बाइपास पूरी तरह रहेगा बंद बताया गया है कि ईद को लेकर सुबह 6:00 बजे से नमाज की समाप्ति तक हरमू बाइपास रोड (किशोरगंज चौक से रातू रोड) पूरी तरह बंद रहेगा. वहीं, महात्मा गांधी मार्ग (मेन रोड), अंबेडकर चौक से राजेंद्र चौक, प्लाजा चौक से लालपुर चौक सहित कई हिस्सों में यातायात पर रोक रहेगी. डोरंडा, सुजाता चौक, कडरू पुल आदि मार्गों से वाहनों को डायवर्ट किया जायेगा. इधर, दोपहर बाद शहर के विभिन्न इलाकों से निकलनेवाली सरहुल शोभायात्राएं रेडियम चौक, शहीद चौक, अलबर्ट एक्का चौक, सुजाता चौक होते हुए सिरमटोली सरना स्थल तक पहुंचेंगी. कहां-कहां होगी पार्किंग व्यवस्था मेन रोड पर सैनिक मार्केट, काली मंदिर चौक टैक्सी स्टैंड और अलबर्ट एक्का चौक के पास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी. हरमू ईदगाह के लिए गोशाला के समीप पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है. दूसरे स्थानों पर तैनात पदाधिकारी उपलब्ध खाली जगह के अनुसार पार्किंग सुनिश्चित कराएंगे. डोरंडा और आसपास के लिए वैकल्पिक रूट डोरंडा की ओर से आनेवाले वाहन सुजाता चौक से क्लब रोड होते हुए मुंडा चौक पहुंचेंगे. सुजाता चौक से डोरंडा जानेवाले वाहन कडरू पुल (बिग बाजार के पास) से होकर गुजरेंगे. प्लाजा चौक से लालपुर चौक तक पूरी तरह बंद रहेगा. अपर बाजार के पुस्तक पथ में शहीद चौक से गांधी चौक तक आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी. हिल व्यू से बरियातू मस्जिद तक बायें मार्ग पर भी यातायात बंद रहेगा. सरहुल शोभायात्रा के दौरान बड़ा डायवर्जन दोपहर में निकलनेवाली सरहुल शोभायात्रा कांके रोड, रातू रोड, बोड़ेया रोड, रेडियम चौक, शहीद चौक, अलबर्ट एक्का चौक, मेन रोड, सुजाता चौक होते हुए मुंडा चौक से सिरमटोली सरना स्थल तक जायेगी. नामकुम, खूंटी रोड, बिरसा चौक और डोरंडा की ओर से आनेवाली शोभायात्रा भी ओवरब्रिज, सुजाता चौक, मुंडा चौक होकर सिरमटोली पहुंचेगी. अरगोड़ा और हरमू की ओर से आने वाली यात्रा कडरू, बिग बाजार, सुजाता चौक होते हुए आगे बढ़ेगी. इसे भी पढ़ें: Eid Ul Fitr 2026: ईद के लिए सज गईं रांची की मस्जिदें, शनिवार सुबह 9.15 पढ़ी जाएगी नमाज दोपहर 12 बजे से वाहनों का परिचालन बंद एसएसपी आवास चौक से कचहरी चौक, शहीद चौक, सर्कुलर रोड से जेल चौक के आगे, जाकिर हुसैन पार्क से कमिश्नर चौक, रेडियम चौक, पुराना नगर निगम मार्ग से कमिश्नर चौक, अपर बाजार से शहीद चौक, चडरी तालाब से अलबर्ट एक्का चौक, थड़पखना मार्ग, पुरुलिया रोड से सर्जना चौक, विष्णु सिनेमा से मेन रोड, टैक्सी स्टैंड, चर्च रोड, उल हाउस से मेन रोड, कर्बला से एकरा मसजिद चौक, पीपी कंपाउंड से सुजाता चौक, राजेंद्र चौक से ओवरब्रिज, सुजाता चौक, पटेल चौक से मुंडा चौक, मेकॉन चौक से फ्लाइओवर, बहुबाजार से सिरमटोली सरना स्थल की ओर. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर में बनेगा इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च, निर्माण पर 22.03 करोड़ खर्च The post शनिवार सुबह 6:00 बजे से रांची में भारी वाहनों की नो इंट्री, ईद-सरहुल के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी appeared first on Naya Vichar.

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गैस की कमी से कंपनियां हो रहीं बंद, भूखों मरने से बचने के लिए प्रवासी मजदूर लौट रहे गांव

LPG crisis in India : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का हिंदुस्तान पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है. रसोई गैस की कमी की वजह से छोटे होटल के मालिक संकट में है. स्ट्रीट फूड बेचने वालों को भी गैस नहीं मिलने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से उनपर आश्रित श्रमिकों और हजारों स्टूडेंट्‌स को भी अपने घर वापस जाना पड़ रहा है. सूरत में प्रवासी मजदूर के तौर काम करने वाले कई लोग अपने गांव लौट रहे हैं. सूरत स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों की कतारें लगी हुई हैं. बंद हो रही हैं कंपनियां, घर लौट रहे प्रवासी मजदूर एएनआई न्यूज एजेंसी के अनुसार सूरत रेलवे स्टेशन पर ऐसे लोगों की भीड़ जमा है, जो गैस की कमी की वजह से अपना काम छोड़कर गांव वापस जा रहे हैं. बिहार के एक श्रमिक सचिन ने बताया कि गैस की कमी की वजह से कंपनियां बंद हो रही हैं, जिसकी वजह से उनके पास पैसे नहीं हैं. भूखों मरने की नौबत है, ऐसे में क्या कर सकते हैं. वे अपने गांव वापस जा रहे हैं. जब गैस मिलने लगेगी तो वे वापस काम पर लौटेंगे. सचिन ने बताया कि कोई उनकी मदद के लिए सामने नहीं आया, पिछले एक सप्ताह से स्थिति काफी खराब हो गई है, इसलिए वे वापस अपने घर जा रहे हैं. गैस की कमी की वजह से खाना बनाना मुश्किल एक प्रवासी मजदूर सीमा देवी ने एएनआई को बताया कि पिछले 15 दिनों से गैस की संकट है. वे छोटे सिलेंडर में खाना बना रही थीं, लेकिन अब छोटा गैस भी नहीं मिल रहा है, ऐसे में यहां रहना मुश्किल है. मजदूरी करके जो 500–1000 रुपए मिलते हैं, उसपर भी आफत है, इसलिए अपने गांव लौट रहे हैं. अभी मेरे पति और दो शिशु यहीं हैं, मैं अपनी बेटी के साथ वापस लौट रही हूं. गैस की कमी की वजह से मैं गोबर के उपले पर खाना बना रही थी. बहुत दिक्कत हो रही है. जमीनी सच्चाई कुछ और , प्रशासन कह रही है स्थिति नियंत्रण में प्रशासन लगातार यह दावा कर रही है कि गैस की किल्लत देश में नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है, जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और है. इसकी वजह यह है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से तेल की सप्लाई बाधित है. इसकी वजह से जितनी मांग देश में है, उतनी गैस की सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिसकी वजह से गैस की किल्लत जमीनी स्तर पर तो दिख रही है. ये भी पढ़ें : युद्ध के 20वें दिन ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को हड़काया, बदला डोनाल्ड ट्रंप का सुर राहुल गांधी ने बीजेपी को बताया खून-खराबा करने वाली पार्टी The post गैस की कमी से कंपनियां हो रहीं बंद, भूखों मरने से बचने के लिए प्रवासी मजदूर लौट रहे गांव appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप ने कही ऐसी बात, बुरी तरह असहज हुईं जापानी पीएम, ईरान युद्ध की चर्चा में उभारा 85 साल पुराना दर्द

Trump Makes Japan PM Takaichi Uneasy: द्वितीय विश्व युद्ध  मानव इतिहास का सबसे अधिक मौतों वाला युद्ध रहा है. वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के मुताबिक इस वॉर में 6 साल में कुल 8.6 करोड़ लोग मारे गए थे. आश्चर्य यह है कि इसमें अमेरिका (4 लाख 50 हजार) और ब्रिटेन (4 लाख 19 हजार) से ज्यादा हिंदुस्तान (30 लाख) लोग मारे गए थे. जापान ने भी हिंदुस्तान के बराबर ही अपने लोगों को खोया था. लेकिन इस युद्ध के समापन उस भयानक हमले से हुआ, जिसमें  2 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई थी. यह अटैक था- अमेरिका द्वारा जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया जाना. इस घटना के 85 साल बीत जाने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापानी पीएम साने तकाइची से इसी का जिक्र करके उन्हें असहज कर दिया. गुरुवार को व्हाइट हाउस में जापान की प्रधानमंत्री के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय बैठक की. बैठक का मुद्दा था ईरान युद्ध और उससे पैदा हुई मुश्किल. डोनाल्ड ट्रंप ट्रंप लगातार जापान समेत अपने सहयोगी देशों पर दबाव बना रहे हैं कि वे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने जापान समेत यूरोपीय देशों से होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की अपील की है. हालांकि, कई देशों ने इस पर आपत्ति जताई और किसी भी मदद पर आनाकानी की. तकाइची उन शुरुआती सहयोगी नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद ट्रंप से मुलाकात की है.  यूरोपीय सहयोगियों का कहना है कि यह उनका युद्ध नहीं है. ट्रंप ने यह हमला करने से पहले हमसे कोई सलाह मशविरा नहीं किया. यह एक सरप्राइज अटैक था. यह सवाल तकाइची के साथ बैठक के दौरान भी ट्रंप से पूछ लिया गया कि उन्होंने ईरान पर हमलों से पहले सहयोगियों को जानकारी क्यों नहीं दी. इस पर ट्रंप ने जापान के 7 दिसंबर, 1941 के पर्ल हार्बर हमले का जिक्र कर दिया. इसमें 2,400 से अधिक अमेरिकी मारे गए थे. इसी के बाद अमेरिका सेकेंड वर्ल्ड वॉर में शामिल हुआ था. ट्रंप ने कहा, ‘हमने किसी को इसके बारे में नहीं बताया क्योंकि हम सरप्राइज चाहते थे. सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है?’ इसके बाद उन्होंने तकाइची की ओर मुड़कर कहा, ‘आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?’ यह टिप्पणी जापानी प्रधानमंत्री के लिए पूरी तरह असहज स्थिति पैदा करने वाली रही और यह कैमरे पर भी साफ दिखा. अमेरिका ने अपने पर्ल हार्बर अटैक का भी बदला लिया, जो 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर दुनिया का पहला और एकमात्र हमला था.  https://twitter.com/GiovaQuez/status/2034671397545423357 हालांकि, बैठक की शुरुआत काफी हल्के माहौल में हुई, जब ट्रंप ने तकाइची की अंग्रेजी भाषा पर पकड़ की तारीफ की और अनुवाद की जरूरत न होने पर मजeक किया. वहीं बैठक के बाद, तकाइची ने कहा कि दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने की अहमियत पर सहमति जताई.  आसान नहीं जापान का ईरान युद्ध में सैन्य सहयोग उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जापान का शांतिवादी संविधान और उसके कानून उनके सैन्य हस्तक्षेप को सीमित करते हैं और वह केवल आत्मरक्षा के तहत ही बल प्रयोग कर सकता है. जापान में जनता का रुख भी मायने रखता है. इस समय देश की केवल 9 प्रतिशत जनता ही अमेरिका और इजरायल का साथ देने के समर्थन में है. इसकी वजह से जापान के किसी भी सैन्य अभियान में मुश्किल आ सकती है.  अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जापान आगे बढ़कर भूमिका निभाएगा, क्योंकि उसकी ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक इसी मार्ग से पूरी होती हैं. वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है, लेकिन ईरान युद्ध की वजह से यह ब्लॉक है. ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से दबाव बढ़ाते हुए कहा है कि मध्य पूर्व के तेल पर जापान की भारी निर्भरता और दशकों से अमेरिका द्वारा दी गई सुरक्षा मदद के कारण जापान को अब आगे आना चाहिए. ईरान ने हमलों से मचाई खलबली होर्मुज स्ट्रेट में बुधवार रात, ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल ने हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लफान गैस रिफाइनरी पर अटैक कर दिया. यह हिंदुस्तान समेत दुनिया के कई देशों की गैस की जरूरतों की सप्लाई का  बड़ा सोर्स है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां से 20 फीसद वैश्विक गैस आपूर्ति होती है. कतर ने इस हमले पर काफी नाराजगी जताई. उसका कहना है कि उसे 20 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. वहीं अब इस रिफाइनरी से उसकी 17 प्रतिशत क्षमता समाप्त हो गई, जो आने वाले 5 साल में वापस आ पाएगी.  वहीं, कुवैत ने शुक्रवार को कहा कि उसकी मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ईरान ने फिर से ड्रोन हमला किया जिससे उसकी कई इकाइयों में आग लग गई. रिफाइनरी पर बृहस्पतिवार को भी हमला हुआ था जिससे उसमें आग लग गई थी. कुवैत ने कहा कि दमकलकर्मी फिर से हुए हमले के बाद लगी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं और हमले में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है.  यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुवैत में रमजान के समापन पर ईद मनाई जा रही है. इसके अलावा ईरान ने इजरायल के हाइफा तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया है. ईरान ने धमकी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया गया तो वह मिडिल ईस्ट के अन्य देशों पर और हमले करेगा.  ये भी पढ़ें:- ट्रंप की ‘धमकी’ के बाद होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने आगे आए 6 बड़े देश, ईरान को दी चेतावनी, क्या करेंगे? ये भी पढ़ें:- चुनाव जीतने के बाद बेटी के साथ टैंक की सवारी, किम जोंग तैयार कर रहे उत्तर कोरिया का भविष्य! इन ब्लॉकेड और हमलों के परिप्रेक्ष्य में ट्रंप और तकाइची के बीच मुलाकात हो रही है.  यूरोपीय देशों की हिचकिचाहट के बाद अब वॉशिंगटन टोक्यो से अधिक भागीदारी की उम्मीद कर रहा है. गुरुवार को जापान ने 5 यूरोपीय देशों के साथ होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए हाथ मिलाने का फैसला किया है.  The post ट्रंप ने कही

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West Asia तनाव के बीच DGCA का अलर्ट: इन 9 एयरस्पेस से दूर रहें एयरलाइंस

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के बीच नया एडवाइजरी जारी किया है. इसमें एयरलाइंस से 11 एयरस्पेस से बचने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत बैकअप प्लान तैयार रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में परेशानी न हो. DGCA ने एयरलाइंस से कहा है कि वे बहरीन, ईरान, इराक, इजराइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, कतर और UAE के एयरस्पेस से दूर रहें. वहीं कुछ शर्तों के साथ दो देशों (ओमान और सऊदी अरब) के ऊपर से उड़ान भरने की परमिशन दी गई है. फ्लाइट ऑपरेशन के लिए गंभीर जोखिम DGCA के मुताबिक अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया सैन्य हमलों के बाद हालात काफी खतरनाक हो गए हैं. ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई की चेतावनी ने खतरा और बढ़ा दिया है. इस वजह से फ्लाइट ऑपरेशन के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है. सऊदी अरब और ओमान में कितनी ऊंचाई पर उड़ने के निर्देश? एयरलाइंस को कहा गया है कि सऊदी अरब और ओमान के कुछ तय हिस्सों में 32,000 फीट (FL 320) से नीचे उड़ान न भरें. यानी उन खास रूट्स पर प्लेन को ऊंचाई बनाए रखनी होगी, ताकि सुरक्षा को लेकर कोई खतरा न हो. यह भी पढ़ें : ईरान ने मचाई तबाही: कतर की 17% LNG क्षमता खत्म, उबरने में लगेंगे 5 साल, हिंदुस्तान पर गंभीर खतरा एडवाइजरी 28 मार्च तक लागू एविएशन रेगुलेटर ने एयरलाइंस से ये भी कहा है कि वे पूरी तरह से सेफ्टी रिस्क का असेसमेंट करें. मजबूत बैकअप प्लान तैयार रखें. ऐसा इसलिए ताकि अगर रूट बदलना पड़े या उड़ान डायवर्ट करनी पड़े तो कोई दिक्कत न आए. DGCA ने कहा है कि ये एडवाइजरी तुरंत लागू हो गई है. 28 मार्च तक लागू रहेगी. हालांकि हालात के हिसाब से इसे बीच में बदला या हटाया भी जा सकता है. The post West Asia तनाव के बीच DGCA का अलर्ट: इन 9 एयरस्पेस से दूर रहें एयरलाइंस appeared first on Naya Vichar.

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Galaxy Forever: आधी कीमत में Galaxy S26 Ultra और Plus, लेकिन यहां ट्विस्ट है

सैमसंग ने हिंदुस्तान में अपने लेटेस्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन Galaxy S26 Ultra और Galaxy S26 Plus को लेकर एक अनोखा ऑफर पेश किया है. कंपनी का नया Galaxy Forever प्रोग्राम ग्राहकों को इन प्रीमियम डिवाइस का अनुभव सिर्फ आधी कीमत पर करने का मौका देता है. हालांकि, इसमें एक बड़ा ट्विस्ट है- खरीदार फोन के मालिक नहीं होंगे, बल्कि इसे एक तरह से लीज पर इस्तेमाल करेंगे. Galaxy Forever प्रोग्राम कैसे काम करता है इस स्कीम के तहत ग्राहक को फोन की पूरी कीमत चुकाने की बजाय केवल 50% राशि देनी होगी. यह भुगतान 12 महीने की नो-कॉस्ट EMI में किया जा सकता है. साथ ही, सैमसंग Care+ प्रोटेक्शन भी मिलेगा, जिसकी कीमत ₹13,999 है और यह 13 महीने तक एक्सीडेंटल और लिक्विड को कवर करेगा. 12 महीने बाद क्या होगा? एक साल पूरा होने पर ग्राहकों के पास तीन विकल्प होंगे: वे चाहें तो अगले Galaxy S सीरीज फ्लैगशिप पर अपग्रेड कर सकते हैं या फिर बाकी 50% राशि चुकाने के लिए नया लोन लेकर फोन को अपने नाम कर सकते हैं तीसरा विकल्प है फोन को वापस करना और बिना अतिरिक्त भुगतान के प्रोग्राम से बाहर निकल जाना. असली कैच क्या है? इस ऑफर का सबसे बड़ा कैच यही है कि ग्राहक फोन के मालिक नहीं होंगे. अगर वे फोन वापस कर देते हैं, तो पहले से दी गई 50% राशि खो देंगे. वहीं, हर साल अपग्रेड करने पर उन्हें लगातार नये मॉडल की आधी कीमत चुकानी होगी, जो समय के साथ बढ़ती जाएगी. यानी यह ऑफर उन लोगों के लिए है जो हर साल नया फ्लैगशिप इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन लंबे समय तक फोन रखने वालों के लिए यह महंगा साबित हो सकता है. हिंदुस्तानीय बाजार में असर हिंदुस्तान में प्रीमियम स्मार्टफोन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में Galaxy Forever प्रोग्राम उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है जो लेटेस्ट टेक्नोलॉजी काे एक्सपीरिएंस करना चाहते हैं लेकिन पूरी कीमत चुकाने से बचना चाहते हैं. यह मॉडल लीजिंग कल्चर को बढ़ावा देगा और सैमसंग को अपने फ्लैगशिप डिवाइस ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का मौका देगा. यह भी पढ़ें: Samsung होम अप्लायंसेज पर यहां शुरू हो गई सेल, देखें ऑफर्स की डिटेल The post Galaxy Forever: आधी कीमत में Galaxy S26 Ultra और Plus, लेकिन यहां ट्विस्ट है appeared first on Naya Vichar.

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सोने से पहले पैरों की करें केयर, अपनाएं डॉ. हंसाजी योगेंद्र के टिप्स

Night Foot Care Routine: दिनभर की भागदौड़ के बाद हमारे पैरों को भी खास देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि पूरे शरीर का भार सबसे ज्यादा वही संभालते हैं. जब स्किन केयर की बात आती है तब अक्सर हम अपने पैरों को भूल जाते हैं. इससे फटी एड़ियां की परेशानी हो सकती है. ऐसे में रात के समय कुछ मिनट निकालकर की गई फुट केयर रूटीन न सिर्फ पैरों की थकान दूर करती है, बल्कि उन्हें मुलायम और साफ बनाए रखने में भी मदद करती है. पैरों की देखभाल करने के फुट केयर रूटीन के बारे में योग गुरु डॉ. हंसाजी योगेंद्र ने सोशल मीडिया पर वीडियो बताया है. इस 10 से 15 मिनट के रूटीन को आप ट्राई कर सकते हैं. इस उपाय को करने से आपके पैरों को आराम मिलेगा और नींद की क्वालिटी में सुधार हो जाएगा.  फुट केयर रूटीन  रात में आप एक टब में गर्म पानी को लें. इसमें आप अपने पैर को डुबोकर रखें. ऐसा करने से आपके मसल्स को आराम मिलेगा और शरीर के दर्द से भी आपको राहत मिलेगी. आप गर्म पानी में सेंधा नमक भी डाल सकते हैं. इससे आपके शरीर को और भी आराम मिलेगा.  सोने से पहले पैरों पर मसाज भी करें. जिससे आपका ब्लड सर्कुलेशन सही रहेगा और दर्द से भी राहत मिलेगी. मसाज करने के लिए आप अपने हाथों में एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल लें. इसे अपनी हथेली में अच्छे से रगड़ें. अब आप उंगलियों से ऊपर से नीचे के तरफ मसाज करें. हाथ की उंगलियों को आप टो के बीच में फंसा दें और घुमा लें.  इसके बाद आप पैरों कि एड़ी को भी पकड़कर घुमा लें. पैर के तलवों को बीच में कुछ देर तक दबाएं. अब पैर के अंगूठे से ऊपर से नीचे की तरफ मालिश करें.  मालिश करने से आपके पैरों को आराम मिलेगा. तेल की वजह से आपकी स्किन भी सॉफ्ट हो जाएगी और फटी एड़ियां की प्रॉब्लम भी नहीं होगी.  यह भी पढ़ें: Beauty Tips: डबल चिन कम कर रहा है चेहरे की खूबसूरती, दूर करने के लिए इन उपायों को अपनाएं यह भी पढ़ें: Skincare Tips: स्किन पर आई झुर्रियों को कम करेगा घर का यह मसाला, चेहरे की चमक को रखेगा बरकरार The post सोने से पहले पैरों की करें केयर, अपनाएं डॉ. हंसाजी योगेंद्र के टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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Dhurandhar 2: रहमान डकैत की पत्नी बनी ‘हमजा’ की फैन, अर्जुन रामपाल के लिए कही ये बात

Dhurandhar 2: फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ की स्पेशल स्क्रीनिंग 19 मार्च की रात मुंबई में आयोजित की गई, जिसमें कई सितारे शामिल हुए. इस मौके पर एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी मौजूद रही, जो फिल्म में रहमान डकैत की पत्नी का किरदार में दिखी थी. स्क्रीनिंग के बाद सौम्या ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी के साथ नजर आईं. रणवीर सिंह और स्टार कास्ट के साथ दिखीं सौम्या सौम्या टंडन ने तस्वीर के रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ करते हुए उसे वर्ल्ड क्लास बताया. वहीं अर्जुन रामपाल को उन्होंने सबसे हॉट बैडऐस कहा. साथ ही उन्होंने राकेश बेदी के बारे में लिखा कि मैं अपने प्यारे राकेश बेदी के लिए बहुत-बहुत ज्यादा उत्साहित हूं. वह जबरदस्त थे. सक्सेस पार्टी से भी शेयर की खास झलक इससे पहले सौम्या टंडन ने फिल्म की सक्सेस पार्टी की कुछ और अंदर की तस्वीरें भी साझा की थी. एक फोटो में वह रणवीर सिंह के साथ मुस्कुराते हुए नजर आईं, जबकि दूसरी में निर्देशक आदित्य धर के साथ पोज देती दिखी. एक और तस्वीर में उनके साथ यामी गौतम भी नजर आईं. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए सौम्या ने कैप्शन में लिखा, फिल्म ‘धुरंधर 2’ की स्क्रीनिंग के बाद पार्टी में खूब मस्ती और उत्साह देखने को मिला. आप सभी को इतिहास रचने के लिए बहुत-बहुत बधाई. इस शानदार फिल्म के पीछे आदित्य धर का बड़ा योगदान है और रणवीर सिंह तो खुद असली धुरंधर हैं. उन्होंने मजाक में मुझसे कहा कि सब लोग मुझसे थप्पड़ खाना चाहते हैं और मुझे स्लैपिंग क्वीन बना दिया. इस फिल्म में यामी गौतम की जबरदस्त प्रतिभा देखने को मिलती है. मुझे कास्ट करने के लिए मुकेश छाबड़ा का धन्यवाद. उभरते सितारे सारा अर्जुन ने भी शानदार काम किया है. मेरे पुराने दोस्त मानव गोहिल, अर्जुन रामपाल का दमदार और स्टाइलिश लुक और राकेश बेदी का शानदार काम दिल जीत लेता है. मैं इस फिल्म में सिर्फ एक छोटे से सीन में हूं, लेकिन आप सभी से यह फिल्म जरूर देखें. View this post on Instagram A post shared by Saumya Tandon (@saumyas_world_) The post Dhurandhar 2: रहमान डकैत की पत्नी बनी ‘हमजा’ की फैन, अर्जुन रामपाल के लिए कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

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नयी EV खरीदने से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें, वरना पड़ सकता है पछताना

EV Buying Guide: हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है और अब यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक स्मार्ट ऑप्शन बनता जा रहा है. महंगे होते पेट्रोल-डीजल के बीच लोग EV की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं. लेकिन EV खरीदना उतना आसान फैसला नहीं है, जितना लगता है. इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों को समझना बेहद जरूरी है, वरना बाद में परेशानी हो सकती है. आइए जानते हैं इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. डेली यूज के हिसाब से चुनें EV EV खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है, कि आप रोज कितनी दूरी तय करते हैं. अगर आप रोज 50–70 किमी के आसपास ट्रैवल करते हैं, तो ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारें इसे आसानी से कवर कर लेंगी. लेकिन अगर आप अक्सर हाईवे पर लंबी दूरी तय करते हैं, तो आपको पहले से चार्जिंग स्टेशन्स के बारे में पता कर के रखना होगा. क्योंकि, आपको लंबी यात्रा के दौरान फास्ट चार्जिंग के लिए 30–45 मिनट तक रुकना पड़ सकता है. रेंज पर जरूर दें ध्यान किसी भी EV की रेंज बहुत जरूरी होती है. कंपनी जो रेंज (ARAI) बताती है, वह असल में थोड़ा कम हो सकती है, क्योंकि ट्रैफिक, ड्राइविंग स्टाइल और AC इस्तेमाल से फर्क पड़ता है. आज के समय में 350–450 किमी की रेंज को बेहतर माना जाता है. इसके अलावा ज्यादा गर्मी या ठंड का असर भी बैटरी की परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है. चार्जिंग सुविधा सबसे जरूरी EV खरीदने से पहले चार्जिंग की सुविधा जरूर देखें. ज्यादातर लोग रात में कार चार्ज करके सुबह फुल बैटरी के साथ निकलते हैं. ऐसे में घर पर चार्जिंग सबसे आसान और सस्ता ऑप्शन है. लेकिन अगर आप अपार्टमेंट में रहते हैं, तो यह जरूर चेक कर लें कि वहां चार्जर लगाने की परमिशन है या नहीं. कई बार यही सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. रनिंग कॉस्ट में मिलती है बचत EV की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम रनिंग कॉस्ट है. घर पर चार्ज करने से 6 से 10 रुपये प्रति यूनिट, तो वहीं पब्लिक फास्ट चार्जिंग से गाड़ी चार्ज करने पर 12 से 25 रुपये प्रति यूनिट. यानी पब्लिक चार्जिंग महंगी पड़ती है, लेकिन फिर भी EV चलाने का खर्च लगभग 0.5 से 1.5 रुपये प्रति किमी होता है, जबकि पेट्रोल कार में यह 6–8 रुपये प्रति किमी तक जाता है. कीमत और लंबी अवधि का फायदा इलेक्ट्रिक कारें अभी भी पेट्रोल-डीजल कारों से 20–35% तक महंगी होती हैं. लेकिन कम फ्यूल खर्च और कम मेंटेनेंस की वजह से समय के साथ गाड़ी की कॉस्ट वसूल हो जाती है. अगर आप साल में 12,000–15,000 किमी या उससे ज्यादा ड्राइव करते हैं, तो EV आपके लिए लंबे समय तक के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. यह भी पढ़ें: EV चार्जिंग में लापरवाही से बड़ा खतरा, ये गलती भूलकर भी न करें The post नयी EV खरीदने से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें, वरना पड़ सकता है पछताना appeared first on Naya Vichar.

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ईद की वजह से दुबई में फंसा अवाना शिप के कैप्टन का पार्थिव शरीर, होर्मुज में हुई थी मौत

Ranchi News: ईद की वजह से अवाना शिप के कैप्टन राकेश रंजन सिंह का पार्थिव शरीर दुबई में फंस गया है. पश्चिम एशिया में ईरान के साथ 28 फरवरी 2026 से जारी युद्ध के कारण स्टेट ऑफ होर्मुज के समुद्र में फंसे ‘अवाना’ शिप के कैप्टन राकेश रंजन सिंह (47 वर्ष) की मौत हो गई थी. इनका परिवार रांची के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट में रहता है. वह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ के रहनेवाले थे. उनका पार्थिव शरीर दुबई के शेख राशिद अस्पताल की मॉर्चरी में रखा हुआ है. बीच समंदर में 18 दिनों से खड़ा था अवाना शिप मिली जानकारी के अनुसार, शिप तेल लेने के लिए स्टेट ऑफ होर्मुज गया था. तेल लेने के बाद शिप एक मार्च को हिंदुस्तान के लिए रवाना हुआ. दुबई से 60 किमी की समुद्री दूरी तय करने के बाद युद्ध के प्रभाव के कारण अवाना शिप समुद्र में ही लंगर डालकर 18 दिनों से खड़ा था. कैप्टन राकेश रंजन सिंह के अलावा शिप पर करीब 35 स्टाफ और भी थे. दुबई एटीसी से नहीं मिली सहायता 18 मार्च 2026 को अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई. शिप के कनीय अफसरों ने दुबई एटीसी से संपर्क साधकर एयर एंबुलेंस की मांग की. लेकिन, युद्ध के कारण एयर एंबुलेंस देने से एटीसी ने मना कर दिया. इसके बाद बोट के जरिये कैप्टन राकेश रंजन सिंह को शिप से दुबई के तट पर ले जाया गया. लेकिन, इन सबमें समय ज्यादा लग जाने के कारण उनकी मौत हो गई. दुबई में रखा है राकेश रंजन का पार्थिव शरीर कैप्टन सिंह का पार्थिव शरीर फिलहाल दुबई के शेख राशिद अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है. वहां की पुलिस और चिकित्सकीय जांच में यह बात सामने आई है कि कैप्टन राकेश रंजन सिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई है. बेंगलुरु से इंजीनियरिंग कर रहा है बड़ा बेटा रांची के वसुंधरा अपार्टमेंट में वर्तमान में उनकी पत्नी रंजू कुमारी और छोटा बेटा अधीश प्रताप सिंह (15 वर्ष) हैं. छोटा बेटा आचार्यकुलम में पढ़ाई करता है, जबकि बड़ा बेटा प्रवर सिंह (20 वर्ष) बेंगलुरु से इंजीनियरिंग कर रहा है. परिजनों का बुरा हाल घटना की समाचार आने के बाद रांची स्थित घर के अलावा बिहार शरीफ स्थित घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. दुबई में कैप्टन के एक बहनोई अनूप सिंह रहते हैं, जो पार्थिव शरीर को वहां से लाने की कोशिश कर रहे हैं. गुरुवार सुबह वीजा मिला है, लेकिन ईद की वजह से संभवत: कैप्टन का पार्थिव शरीर सोमवार तक पटना एयरपोर्ट आने की उम्मीद की जा रही है. वहां से पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर बिहार शरीफ ले जाया जायेगा. अंतिम संस्कार वहीं पर होगा. इसे भी पढ़ें: थाने से गायब हो गई मटन प्रसाद की बाइक, नई गाड़ी खरीदने का दबाव बना रही पुलिस प्रशासन से मदद की अपील कैप्टन राकेश रंजन सिंह के दोनों बड़े भाई मुन्ना सिंह और मंटू सिंह ने बिहार प्रशासन और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि उनके छोटे भाई का पार्थिव शरीर दुबई से वापस लाने में हमारी मदद करें. युद्ध के कारण उनका पार्थिव शरीर लाने में परेशानी हो रही है. इसे भी पढ़ें: Eid Ul Fitr 2026: ईद के लिए सज गईं रांची की मस्जिदें, शनिवार सुबह 9.15 पढ़ी जाएगी नमाज The post ईद की वजह से दुबई में फंसा अवाना शिप के कैप्टन का पार्थिव शरीर, होर्मुज में हुई थी मौत appeared first on Naya Vichar.

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