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March 25, 2026

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झारखंड में इन 30 गांवों में डिजिटल इंडिया फेल, पेड़-पहाड़ पर चढ़कर मोबाइल चलाते हैं लोग

प्रतापपुर से धर्मेंद्र गुप्ता, दीनबंधू और तस्लीम की रिपोर्ट Digital India: केंद्र प्रशासन का ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान देश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाता है. लेकिन झारखंड के चतरा जिले के कुंदा प्रखंड में इसकी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है. यहां के 78 गांवों में से करीब 30 गांव आज भी मोबाइल नेटवर्क से कोसों दूर हैं. इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं यहां के लोगों के लिए अब भी सपना बनी हुई हैं. आलम यह है कि मोबाइल से बात करने के लिए इन गांवों के लोगों को पेड़ और ऊंचे स्थानों (पहाड़) पर चढ़ना पड़ता है. पेड़ और पहाड़ बने मोबाइल टॉवर नेटवर्क की समस्या इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों को मोबाइल चलाने के लिए पेड़ों और पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता है. किसी रिश्तेदार से बात करनी हो या जरूरी जानकारी लेनी हो, लोग घंटों ऊंचाई पर खड़े रहकर सिग्नल का इंतजार करते हैं. कई बार तो ग्रामीण फोन को पेड़ पर लटका कर कॉल आने का इंतजार करते हैं. यह तस्वीर आज के डिजिटल युग में भी ग्रामीण इलाकों की बदहाल स्थिति को उजागर करती है. शिक्षा और प्रशासनी कामकाज पर असर मोबाइल नेटवर्क नहीं होने का सीधा असर शिक्षा और प्रशासनी कामकाज पर पड़ रहा है. स्कूलों में शिक्षकों को बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति दर्ज करने में दिक्कत होती है. वहीं पंचायत स्तर पर बैंकिंग सेवाएं, सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट), प्रज्ञा केंद्र और राशन वितरण जैसी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं. ई-पॉश मशीन से राशन वितरण में नेटवर्क की कमी बड़ी बाधा बन रही है. इन गांवों में सबसे ज्यादा परेशानी कुंदा प्रखंड के कुटिल, मरगड़ा, एकता, खुशियाला, लोटवा, कामत, फुलवरिया, लकड़मंदा, दारी, गारो, बलही, करिलगड़वा, हारूल, चितवतारी, सिंदरी, नवादा, उलवार, मेदवाडीह, गेन्द्रा, लुकुईया, बंठा, सोहरलाठ, साबानु, रेगनिया तरी, बैलगाड़ा, ललिमाटी, सरजामातु, लेवाड़, नावाडीह और कुशुम्भा जैसे कई गांवों में नेटवर्क की स्थिति बेहद खराब है. इन गांवों के लोग डिजिटल सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं. शोपीस बना बीएसएनएल का टॉवर ग्रामीणों की परेशानी को और बढ़ाने वाली बात यह है कि कई गांवों में बीएसएनएल के टॉवर तो लगाए गए हैं, लेकिन उन्हें अब तक चालू नहीं किया गया है. ये टॉवर केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं. अगर इन टॉवरों को चालू कर दिया जाए, तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है. लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. ग्रामीणों की जुबानी दर्द कुटिल गांव के प्रज्ञा केंद्र और सीएसपी संचालक राजकुमार बताते हैं कि उन्हें रोजाना लैपटॉप और मोबाइल लेकर पेड़ों और पहाड़ों पर चढ़कर काम करना पड़ता है. यह न केवल समय की बर्बादी है, बल्कि जोखिम भरा भी है. दारी गांव के अजय यादव का कहना है कि उनके गांव में आज तक नेटवर्क की सुविधा नहीं मिली है. रिश्तेदारों से बात करने के लिए भी उन्हें पेड़ पर चढ़ना पड़ता है. यह स्थिति बेहद परेशान करने वाली है. प्रशासन से लगातार मांग, फिर भी समाधान नहीं ग्रामीणों ने कई बार सांसद, विधायक और जिला प्रशासन से नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है. लेकिन अब तक उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी इन गांवों का तकनीकी रूप से पिछड़ा रहना कई सवाल खड़े करता है. इसे भी पढ़ें: पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के 5 विभाग में होगी पीजी की पढ़ाई, 20 सीटों पर एडमिशन डिजिटल गैप को पाटने की जरूरत कुंदा प्रखंड के इन गांवों की स्थिति साफ दिखाती है कि डिजिटल इंडिया का सपना अभी अधूरा है. जब तक देश के हर गांव तक मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट नहीं पहुंचेगा, तब तक डिजिटल विकास की बात अधूरी ही रहेगी. प्रशासन और प्रशासन को चाहिए कि इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाएं, ताकि ग्रामीणों को भी डिजिटल सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सके. इसे भी पढ़ें: चक्रधरपुर में मुर्गामहादेव स्टेशन के पास मालगाड़ी बेपटरी, वंदे हिंदुस्तान समेत कई ट्रेनें प्रभावित The post झारखंड में इन 30 गांवों में डिजिटल इंडिया फेल, पेड़-पहाड़ पर चढ़कर मोबाइल चलाते हैं लोग appeared first on Naya Vichar.

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OnePlus 15T चीन में लॉन्च, 7500mAh बैटरी वाले मॉडल की जानिए कीमत और फीचर्स

OnePlus ने अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन OnePlus 15T चीन में लॉन्च कर दिया है. यह नया स्मार्टफोन कंपनी की फ्लैगशिप लाइनअप में शामिल हुआ है और इसे OnePlus 13T का सक्सेसर माना जा रहा है, जिसे ग्लोबली (हिंदुस्तान समेत) OnePlus 13s के नाम से लॉन्च किया गया था. यह स्मार्टफोन हिंदुस्तान में भी लॉन्च हो सकता है, हालांकि कंपनी ने अभी तक इसे लेकर ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है. इस नए मॉडल में कंपनी ने कई दमदार फीचर्स दिए हैं. यह 7,500mAh की बड़ी बैटरी के साथ लॉन्च हुआ है. साथ ही मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिए इस मॉडल में Snapdragon 8 सीरीज का पावरफुल चिपसेट दिया गया है. कितनी है नए मॉडल की कीमत? कंपनी ने चीन में OnePlus 15T को 5 वेरिएंट्स में पेश किया है, जिनकी कीमत- 12GB + 256GB: CNY 4,299 (लगभग ₹58,000) 12GB + 512GB: CNY 4,899 (लगभग ₹67,000) 16GB + 256GB: CNY 4,599 (लगभग ₹63,000) 16GB + 512GB: CNY 5,199 (लगभग ₹71,000) 16GB + 1TB: CNY 5,699 (लगभग ₹78,000) यह स्मार्टफोन Healing White Chocolate, Pure Cocoa और Relaxing Matcha कलर ऑप्शन्स में लॉन्च हुआ है. OnePlus 15T के स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले: इस नए मॉडल में 6.32 इंच का Full-HD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 165Hz तक के रिफ्रेश रेट, 1,800 निट्स ब्राइटनेस और 460ppi पिक्सल डेंसिटी को सपोर्ट करता है. स्क्रीन को TÜV Rheinland Eye Protection 5.0 और Low Blue Light सर्टिफिकेशन मिला है. साथ ही, फोन में IP66 + IP68 + IP69 + IP69K रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी से काफी हद तक सुरक्षित रहता है. कैमरा: फोटोग्राफी के लिए, मॉडल के बैक पैनल में ड्यूल रियर सेटअप दिया गया है, जिसमें Sony Ultra Vision सेंसर के साथ 50MP प्राइमरी कैमरा और 3.5x ऑप्टिकल और 7x लॉसलेस डिजिटल जूम सपोर्ट के साथ 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस दिया गया है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 16MP फ्रंट कैमरा दिया गया है. फोन 8K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है. प्रोसेसर: OnePlus 15T में Qualcomm का लेटेस्ट और पावरफुल चिपसेट Snapdragon 8 Elite Gen 5 दिया गया है. इसमें 16GB तक LPDDR5x Ultra Pro RAM और 1TB तक UFS 4.1 स्टोरेज सपोर्ट दिया गया है. फोन में “Lingxi” टच रिस्पॉन्स चिप और G2 Wi-Fi चिप भी दी गई है. फोन में “E-Sports Triple-Core” सिस्टम और खास गेमिंग कर्नेल भी दिया गया है, जिससे हाई-एंड गेमिंग स्मूद रहती है. यह डिवाइस Android 16 पर बेस्ड ColorOS 16 पर चलता है. बैटरी: बैटरी के मामले में यह फोन काफी दमदार है. इसमें 7,500mAh Glacier बैटरी दी गई है, जो 100W SuperVOOC वायर्ड और 50W वायरलेस फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. कंपनी का दावा है कि एक बार चार्ज करने पर यह करीब 22.8 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकता है. यह भी पढ़ें: 9000mAh बैटरी के साथ आएगा OnePlus का नया फोन, कंपनी ने लॉन्च डेट किया कन्फर्म The post OnePlus 15T चीन में लॉन्च, 7500mAh बैटरी वाले मॉडल की जानिए कीमत और फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में हड़ताली अफसरों पर गिरेगी गाज, 25 मार्च तक काम पर लौटें वरना जाएगी नौकरी

Bihar News: बिहार में अपनी मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर गए राजस्व अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. राज्य प्रशासन ने इस हड़ताल को पूरी तरह से अवैध घोषित करते हुए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जो भी पदाधिकारी 25 मार्च की शाम 5 बजे तक अपने कर्तव्य पर वापस नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध जाकर किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हड़ताल पर प्रशासन का सख्त रुख प्रशासन ने केवल चेतावनी ही नहीं दी है, बल्कि कार्रवाई का पूरा रोडमैप भी तैयार कर लिया है. विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज के ओर से जारी पत्र के अनुसार, निर्धारित समयसीमा के बाद भी अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर ‘सेवा टूट’ की कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा उनके वेतन में कटौती और अन्य विभागीय जांच भी शुरू की जा सकती है. उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों का 9 मार्च से सामूहिक अवकाश पर जाना प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हो रही है. जनहित सर्वोपरि प्रशासन ने इसे जनहित से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) जैसे जरूरी कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे. अब तक 12 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जो यह दिखाता है कि व्यवस्था पूरी तरह ठप नहीं हुई है. हड़ताल के बीच एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने आया है. प्रशासन का दावा है कि अधिकारियों के विरोध के बावजूद राजस्व कार्यों की रफ्तार थमी नहीं है. विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि लगभग 50 प्रतिशत से अधिक अधिकारी अभी भी काम पर डटे हुए हैं. इसका प्रमाण यह है कि हड़ताल की अवधि के दौरान ही 12,163 दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों पर काम किया गया है. प्रशासन ने संदेश दे दिया है कि कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति से जनता के काम प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे. प्रशासनी कार्यक्रमों पर नहीं पड़ेगा असर प्रशासन की इस सख्ती के पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आगामी ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी हैं. इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य है. विजय सिन्हा ने याद दिलाया कि जनहित के कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. अब सबकी नजरें 25 मार्च की शाम पर टिकी हैं कि कितने अधिकारी झुकते हैं और कितनों पर गाज गिरती है. Also Read: पूर्व मंत्री रामसूरत राय के करीबी की गोली मारकर हत्या, मीडिया को बताते-बताते रो पड़े BJP नेता The post बिहार में हड़ताली अफसरों पर गिरेगी गाज, 25 मार्च तक काम पर लौटें वरना जाएगी नौकरी appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली के करोल बाग इलाके में यात्रियों से भरी बस पलटी, दो लोगों की मौत, कई घायल

Delhi Bus Accident: दमकल विभाग के अनुसार, बस राजस्थान की थी. जो हनुमान मंदिर चौक के पास पलट गई. उन्हें रात 1:08 बजे कॉल मिली थी. बस में लगभग 25 यात्री सवार थे. चश्मदीद ने हादसे को लेकर क्या बताया? एक चश्मदीद ऑटो चालक ने बताया- मंगलवार की राज करीब 1:30 बजे की घटना है. बस में करीब 30-35 लोग सवार थे. हमने यात्रियों को बचाने की पूरी कोशिश की. एक स्त्री और शिशु को बचाया. चश्मदीद ने बताया- बस चालक को शायद झपकी आ गई होगी. जिस वजह से बस पलट गई. Two dead in the accident where a bus lost control and overturned last night near the Jhandewalan Temple in Delhi’s Karol Bagh area: Delhi Police https://t.co/4MduusSYjk — ANI (@ANI) March 25, 2026 The post दिल्ली के करोल बाग इलाके में यात्रियों से भरी बस पलटी, दो लोगों की मौत, कई घायल appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में 25-26 मार्च को छाए रहेंगे बादल, रामनवमी को रामजी का प्राकृतिक जलाभिषेक

Jharkhand Weather: झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से सूबे के करीब-करीब सभी जिलों में 25 और 26 मार्च को आसमान में बादल छाए रहेंगे. मौसम विभाग के अनुसार, 27 और 28 मार्च को उत्तर-पूर्वी इलाकों को छोड़कर बाकी जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है. खास बात यह है कि रामनवमी के मौके पर भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. इस दिन बारिश के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का प्राकृतिक जलाभिषेक हो सकता है. 27-28 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी मौसम केंद्र ने 27 और 28 मार्च के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. साथ ही गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा. 29 को राहत, 30 मार्च को फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 29 मार्च को राज्य में बादल तो छाये रहेंगे लेकिन मौसम शुष्क रहेगा. हालांकि यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी. 30 मार्च को फिर से मौसम बदलने के आसार हैं. रांची सहित उत्तर-पूर्वी जिलों में बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश हो सकती है. तापमान में उतार-चढ़ाव जारी राजधानी रांची में मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.3 डिग्री बढ़ा है. वहीं न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा. मेदिनीनगर में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि सरायकेला राज्य का सबसे गर्म जिला रहा जहां तापमान 35.9 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री तक वृद्धि हो सकती है. इसके बाद अगले दो दिनों में 2 से 3 डिग्री की गिरावट संभव है. जमशेदपुर में तीन दिन बारिश के आसार जमशेदपुर में भी मौसम ने राहत दी है. भीषण गर्मी के बीच मंगलवार को बादल छाये रहे और शाम के समय ठंडी हवाएं चलीं. मौसम विभाग के अनुसार 27, 28 और 30 मार्च को शहर में बारिश हो सकती है. इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम था. वहीं न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा. बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद साहिबगंज जिले में बेमौसम बारिश और तेज हवा ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. गेहूं, मक्का, सरसों, मटर, मसूर और चना जैसी फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गई हैं. किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है और अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. स्थानीय किसान अजय यादव ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है. वहीं जयराम पासवान और सोहन पासवान जैसे छोटे किसान, जो आधी-बटाई पर खेती करते हैं, इस नुकसान से पूरी तरह टूट चुके हैं. जिलों में कैसा रहेगा तापमान अगर तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उत्तर-पूर्व झारखंड के जिलों जैसे देवघर, धनबाद, दुमका और साहिबगंज में अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री के बीच बना रहेगा. वहीं न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री के बीच रहने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम और मध्य झारखंड के जिलों जैसे रांची, हजारीबाग, बोकारो और रामगढ़ में तापमान थोड़ा कम रहेगा, जहां अधिकतम 30 से 34 डिग्री और न्यूनतम 16 से 20 डिग्री के बीच रहेगा. दक्षिणी जिलों जैसे पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला में तापमान सबसे ज्यादा रहने की संभावना है, जहां अधिकतम 37 डिग्री तक पहुंच सकता है. इसे भी पढ़ें: रामनवमी जुलूस के दौरान धनबाद में नहीं होगी बिजली गुल, जेबीवीएनएल का स्पेशल प्लान तैयार त्योहार में मौसम की चुनौती कुल मिलाकर झारखंड में इस सप्ताह मौसम पूरी तरह अस्थिर रहेगा. रामनवमी जैसे बड़े त्योहार के दौरान बारिश और तेज हवा की संभावना प्रशासन और आम लोगों के लिए चुनौती बन सकती है. ऐसे में सतर्क रहना और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है. इसे भी पढ़ें: झारखंड में 27-28 मार्च को बारिश, तेज धूप में बढ़ सकता है अल्ट्रावॉयलेट किरणों का खतरा The post झारखंड में 25-26 मार्च को छाए रहेंगे बादल, रामनवमी को रामजी का प्राकृतिक जलाभिषेक appeared first on Naya Vichar.

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चीनी को है छोड़ना, तो आज ही चाय को हेल्दी बनाएं इन 5 आसान तरीकों से

Sugar-Free Tea: चाय लगभग हर हिंदुस्तानीय के दिन की शुरुआत होती है. लेकिन अधिक चीनी का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है. Anita’s Dream Kitchen and Lifestyle ने बिना चीनी की चाय बनाने के 5 आसान और हेल्दी तरीके बताए हैं. इसमें गुड़, शहद, खजूर, दालचीनी और स्टीविया का इस्तेमाल शामिल है. ये नैचुरल स्वीटनर न सिर्फ चाय का स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं. इन उपायों को अपनाकर आप अपनी पसंदीदा चाय का आनंद लेते हुए स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा दे सकते हैं. गुड़ वाली चाय चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करना एक बेहतरीन विकल्प है. यह प्राकृतिक मिठास देता है, पाचन के लिए भी फायदेमंद होता है, चाय का स्वाद और भी रिच बनाता है.  शहद वाली चाय अगर आप हल्की और हेल्दी मिठास चाहते हैं, तो शहद बेस्ट है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. ये चाय गले के लिए भी फायदेमंद होता है. लेकिन इसे पीने से पहले ध्यान रखें: शहद को उबलती चाय में न डालें, थोड़ा ठंडा होने पर मिलाएं खजूर या डेट्स पाउडर चाय खजूर का पाउडर एक नैचुरल स्वीटनर है. जो की आयरन से भरपूर चाय को अलग और स्वादिष्ट फ्लेवर देता है. इससे चाय बनाने पर आपको किसी तरह की कोई ओर मीठी चीज का इस्तेमाल नहीं करना होगा.  दालचीनी फ्लेवर चाय दालचीनी में हल्की मिठास होती है, जिससे चाय में बिना चीनी के भी स्वाद आता है. ये चाय आपके वजन कम करने में मददगार, सुगंध भी बढ़ाता है. इसके साथ ही इसे पीने से शरीर में ऊर्जा का संचार भी बढ़ जाता है.  स्टीविया वाली चाय स्टीविया एक नेचुरल शुगर सब्स्टीट्यूट है. ये कैलोरी फ्री, डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित होती है. इसका सेवन आप दिन में एक बार कर सकते हैं.  यह भी पढ़ें: व्रत में बनाएं ये 5 सात्विक भोग, रामनवमी पर मिलेगा खास आशीर्वाद यह भी पढ़ें: झड़ते बालों के लिए रामबाण है गुड़हल का फूल, जानें सही तरीका The post चीनी को है छोड़ना, तो आज ही चाय को हेल्दी बनाएं इन 5 आसान तरीकों से appeared first on Naya Vichar.

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इस गर्मी घर पर बनाएं अंगूर मसाला सोडा, मेघना ने बताई रेसिपी 

Grapes Masala Soda: गर्मियों के दिनों में अक्सर हम सबका मन कुछ ठंडा-ठंडा पीने का करता है. इस मौसम में शरबत, ड्रिंक, लस्सी या सोडा हर कोई कुछ न कुछ घर पर बनाता है. अगर आप भी इस गर्मी में कुछ नया और मजेदार बनाना चाहते हैं, तो अंगूर मसाला सोडा आपके लिए परफेक्ट ड्रिंक है. इसे आप घर पर आसानी से बनाकर तैयार कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं इस आर्टिकल के जरिए घर पर अंगूर मसाला सोडा बनाने की रेसिपी. इस रेसिपी को बनाने का तरीका इंस्टाग्राम अकाउंट @meghnasfoodmagic पर बताया गया है.  अंगूर मसाला सोडा बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? काले अंगूर ताजा पुदीने के पत्ते ताजे नींबू का रस खड़ी शक्कर (या शहद) काला नमक चाट मसाला भुना जीरा पाउडर बर्फ के टुकड़े सब्जा बीज (या चिया बीज) क्लब सोडा पानी (बीज भिगोने के लिए) अंगूर मसाला सोडा बनाने का तरीका क्या है? सबसे पहले सब्जा बीज या चिया बीज को पानी में भिगोकर कुछ समय के लिए अलग रख दें. अब एक ब्लेंडर में काले अंगूर, कुछ पुदीने के पत्ते और ताजे नींबू का रस डालें. स्वाद के लिए खड़ी शक्कर या शहद मिलाएं.  अब इसमें थोड़ा काला नमक और चाट मसाला डालें. लास्ट में भुना जीरा पाउडर और कुछ बर्फ के टुकड़े डालकर अच्छी तरह से ब्लेंड करें.  अब आप एक गिलास में पहले भिगोए हुए सब्जा या चिया बीज डालें. फिर उसके ऊपर अंगूर का जूस आधा गिलास तक डालें. इसके बाद आप इसमें आधा कटा हुआ 2 नींबू का टुकड़ा डालें. अब आप ऊपर से प्लेन सोडा डालें.  अब आप गिलास को ऊपर से अंगूर और पुदीने के पत्तों से सजाएं. View this post on Instagram A post shared by Meghna’s Food Magic (@meghnasfoodmagic) यह भी पढ़ें- Murmura Upma Recipe: घर पर मिनटों में बनाएं स्पेशल मुरमुरा उपमा, इस तरीके से करें तैयार यह भी पढ़ें- Makhana Matar Curry: शाही स्वाद पाएं अब घर पर, रोटी-नान के साथ बनाएं मटर मखाना करी The post इस गर्मी घर पर बनाएं अंगूर मसाला सोडा, मेघना ने बताई रेसिपी  appeared first on Naya Vichar.

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1971 नरसंहार पर बोले बांग्लादेशी PM: ‘पाकिस्तानी सेना ने किया था प्री-प्लांड कत्लेआम’

Tarique Rahman: पीएम रहमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबी पोस्ट लिखकर पाकिस्तान की पोल खोली. उन्होंने बताया कि कैसे उस काली रात को पाकिस्तानी कब्जे वाली ताकतों ने निहत्थे बांग्लादेशी लोगों पर ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ के नाम पर हमला किया था. उन्होंने कहा कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश (प्री-प्लांड नरसंहार) थी. शिक्षक और छात्रों पर बरसाईं अंधाधुंध गोलियां पाकिस्तानी सेना ने ढाका यूनिवर्सिटी, पिलखाना और राजरबाग पुलिस लाइन्स जैसी जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी. इसमें न केवल आम नागरिक, बल्कि प्रोफेसर्स और बुद्धिजीवियों को भी निशाना बनाया गया. रहमान ने सवाल उठाया कि उस वक्त के नेतृत्वक नेतृत्व की भूमिका क्या थी और इस नरसंहार को क्यों नहीं रोका जा सका, यह आज भी रिसर्च का विषय है. चटगांव से शुरू हुई थी आजादी की जंग रहमान ने बताया कि 25 मार्च की रात को ही चटगांव में ‘8वीं ईस्ट बंगाल रेजिमेंट’ ने ‘हम विद्रोह करते हैं’ (वी रिवोल्ट) का नारा देकर हथियार उठा लिए थे. यहीं से 9 महीने लंबी आजादी की लड़ाई शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को इस इतिहास के बारे में जानना बहुत जरूरी है ताकि वे आजादी की असली कीमत समझ सकें.  प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से अपील की कि वे शहीदों के बलिदान का सम्मान करें. उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसा बांग्लादेश बनाना है जो विकसित, आत्मनिर्भर और लोकतांत्रिक हो, जहां सबको बराबरी का हक और सम्मान मिले. उन्होंने सभी शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की. ये भी पढ़ें: ईरान के साथ जंग के बीच ट्रंप ने मिलाया पीएम मोदी को फोन, होर्मुज पर बनी रणनीति अमेरिका में गूंजा बांग्लादेशी नरसंहार का मुद्दा इस बीच, धार्मिक भेदभाव के खिलाफ काम करने वाले संगठन ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ ने एक बड़ी जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि 20 मार्च को अमेरिकी संसद (US House of Representatives) के 119वें सत्र में सांसद ग्रेग लैंड्समैन ने एक प्रस्ताव पेश किया है. इस प्रस्ताव में 1971 के दौरान बांग्लादेश में हुए कत्लेआम को आधिकारिक तौर पर ‘नरसंहार’ (जेनोसाइड) के रूप में मान्यता देने की मांग की गई है. ये भी पढ़ें: US Iran War: किसके कहने पर अमेरिका ने किया ईरान पर हमला? राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया नाम The post 1971 नरसंहार पर बोले बांग्लादेशी PM: ‘पाकिस्तानी सेना ने किया था प्री-प्लांड कत्लेआम’ appeared first on Naya Vichar.

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भारत में 5 साल में ₹12,000 करोड़ का होगा बाजार, मोटापे का इलाज हुआ 80% सस्ता

Weight Loss Drugs: हिंदुस्तान में मोटापा और डायबिटीज के इलाज के क्षेत्र में दस्तक दे रही है, जहां आधुनिक GLP-1 दवाओं का बाजार अगले पांच वर्षों में 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेगमेंट में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह पेटेंट की समाप्ति और हिंदुस्तानीय कंपनियों की बड़े स्तर पर एंट्री है. अब तक नोवो नॉर्डिस्क जैसी विदेशी कंपनियों के कब्जे वाले इस बाजार में Semaglutide मॉलिक्यूल का पेटेंट खत्म होने से घरेलू कंपनियों के लिए रास्ते खुल गए हैं, जिससे आने वाले समय में इलाज के विकल्पों में भारी बढ़ोतरी और कीमतों में और अधिक गिरावट देखने को मिलेगी. कीमतों में भारी गिरावट, इलाज हुआ आसान दवाओं की कीमतों में आई भारी गिरावट ने इस आधुनिक इलाज को मध्यम वर्ग और आम आदमी की पहुंच के भीतर ला दिया है. पहले जहां इन दवाओं का मासिक खर्च ₹8,000 से ₹16,000 के बीच होता था, वहीं अब हिंदुस्तानीय कंपनियों द्वारा पेश की गई जेनेरिक दवाएं महज ₹1,300 से ₹5,000 प्रति माह में उपलब्ध हैं. कुछ विशेष मामलों में साप्ताहिक खर्च गिरकर ₹300-400 तक आ गया है, जिससे डॉक्टरों के लिए अधिक से अधिक मरीजों को यह दवा सुझाना आसान हो गया है. कीमतों का यह ‘क्रैश’ हिंदुस्तान जैसे बड़े मरीज बेस वाले देश में गेम-चेंजर साबित हो रहा है. बड़ा मरीज बेस और ग्रोथ की संभावना हिंदुस्तान में इन दवाओं के लिए एक विशाल और अभी तक अछूता बाजार मौजूद है, जिसमें लगभग 10 करोड़ लोग डायबिटीज से और 25 करोड़ लोग मोटापे से जूझ रहे हैं. वर्तमान में, इन दवाओं की पहुंच डायबिटीज के मरीजों में केवल 5% और मोटापे के शिकार लोगों में महज 4% तक ही है. जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ेगी और कीमतें मध्यम वर्गीय परिवारों के अनुकूल होंगी, यह ‘पेनेट्रेशन’ तेजी से बढ़ेगा. यही कारण है कि विश्लेषक इसे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की सबसे बड़ी ‘ग्रोथ स्टोरी’ मान रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में फार्मा सेक्टर की दिशा बदल सकती है. कंपनियों के बीच कड़ी टक्कर बाजार में अपनी हिस्सेदारी पक्की करने के लिए सन फार्मा, जाइडस लाइफसाइंसेज (Zydus), अल्केम (Alkem) और डॉ. रेड्डीज जैसी दिग्गज कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है. कंपनियां न केवल दवाओं की कीमत कम कर रही हैं, बल्कि इस्तेमाल में आसान ‘पेन डिवाइस’ और री-यूजेबल पेन पर भी फोकस कर रही हैं. उदाहरण के तौर पर, Zydus ने एक ऐसा एडजस्टेबल पेन पेश किया है जिससे मरीज अपनी जरूरत के हिसाब से डोज तय कर सकते हैं, जबकि Alkem ने बेहद कम कीमत पर शुरुआती डोज लॉन्च की है. हालांकि ये दवाएं टैबलेट और शीशी (Vial) के रूप में भी आ रही हैं, लेकिन सुविधा के कारण ‘पेन’ सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है. निवेशकों के लिए बड़ा मौका बाजार विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि GLP-1 सेगमेंट में निवेश का यह एक सुनहरा अवसर है, जो लंबी अवधि में बड़ा मुनाफा दे सकता है. जो कंपनियां अपनी सप्लाई चेन मजबूत रखेंगी और टियर-2 व टियर-3 शहरों तक पहुंच बनाएंगी, उन्हें इस विस्तार का सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा. पहले जो महंगी दवाएं केवल बड़े महानगरों तक सीमित थीं, वे अब छोटे शहरों के क्लीनिकों तक पहुंच रही हैं. आने वाले समय में बेहतर डोज, नए डिवाइस और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण मरीजों की संख्या में कई गुना इजाफा होने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों को स्थिर रिटर्न मिलने की संभावना है. Also Read: अब ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक बदलें स्टेशन, पर टिकट कैंसिलेशन पर कटेगा ज्यादा पैसा The post हिंदुस्तान में 5 साल में ₹12,000 करोड़ का होगा बाजार, मोटापे का इलाज हुआ 80% सस्ता appeared first on Naya Vichar.

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इन 4 फिल्मों ने आदित्य धर को बनाया बॉक्स ऑफिस का बादशाह, दो बार मिला नेशनल अवॉर्ड

Aditya Dhar: फिल्ममेकर Aditya Dhar आज इंडस्ट्री के सबसे सफल निर्देशकों में गिने जाते हैं. उनकी फिल्मों का रिकॉर्ड बताता है कि वह बॉक्स ऑफिस पर लगातार हिट देने वाले फिल्मकार बन चुके हैं. हाल ही में धुरंधर 2 की जबरदस्त सफलता ने उनकी इस छवि को और मजबूत कर दिया है. शुरुआत से ही मिला नेशनल अवॉर्ड का सम्मान आदित्य धर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2009 में शॉर्ट फिल्म बूंद से की थी. इस फिल्म को उन्होंने लिखा और इसके साथ बतौर एसोसिएट डायरेक्टर भी जुड़े रहे. खास बात यह रही कि इस शॉर्ट फिल्म को नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसने उनके टैलेंट की शुरुआती झलक दिखा दी थी. ‘उरी’ से बदली किस्मत साल 2019 में आई Uri: The Surgical Strike आदित्य धर के करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. इस फिल्म में Vicky Kaushal और Yami Gautam मुख्य भूमिकाओं में थे. कम बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और आदित्य धर को बेस्ट डायरेक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया. ‘आर्टिकल 370’ से साबित की लेखन क्षमता फिल्म Article 370 में आदित्य धर ने निर्देशन नहीं किया, लेकिन इसकी कहानी और प्रोडक्शन में उनकी अहम भूमिका रही. Yami Gautam स्टारर इस फिल्म ने कम बजट में शानदार कमाई की और सुपरहिट साबित हुई. ‘धुरंधर’ ने बनाया सुपरहिट मशीन साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर ने आदित्य धर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. Ranveer Singh स्टारर इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड करीब 1300 करोड़ की कमाई कर ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर का दर्जा हासिल किया. फिल्म की स्टारकास्ट और कहानी दोनों को दर्शकों ने खूब पसंद किया. ‘धुरंधर 2’ से जारी है धमाका अब धुरंधर 2 भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है. फिल्म ने शुरुआती दिनों में ही सैकड़ों करोड़ का कलेक्शन कर लिया है और लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. इस फिल्म ने साबित कर दिया है कि आदित्य धर की फिल्मों का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है. आज आदित्य धर उन चुनिंदा फिल्ममेकर्स में शामिल हो चुके हैं, जिनकी हर फिल्म का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहता है. यह भी पढ़ें: सोनाक्षी सिन्हा के डीपफेक मामले में बड़ा फैसला, प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी The post इन 4 फिल्मों ने आदित्य धर को बनाया बॉक्स ऑफिस का बादशाह, दो बार मिला नेशनल अवॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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