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March 30, 2026

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ईरान-इजरायल जंग में अब यूनिवर्सिटीज निशाने पर, अराघची बोले- तुम्हारी हरकतें हताशा का सबूत

Iran-Israel War: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को अमेरिका और इजरायल की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) संघर्ष के बीच दोनों देश हिंसा के जरिए ज्ञान और शिक्षा को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. अराघची ने अमेरिका और इजरायल को ‘पार्टनर-इन-क्राइम’ यानी अपराध में भागीदार बताते हुए कहा कि ईरानी यूनिवर्सिटीज और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन पर हमले करना उनकी मजबूती नहीं, बल्कि हताशा और डर को दिखाता है. वैज्ञानिकों और संस्थानों पर हमलों की बात कही अराघची ने अपने बयान में कहा कि इजरायल और उसके साथी को लगता है कि बमबारी करके ज्ञान को खत्म किया जा सकता है. उन्होंने ईरान के वैज्ञानिकों की हत्या और परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि अब यूनिवर्सिटीज को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ये हरकतें केवल ईरान के लोगों को ज्ञान हासिल करने के लिए और ज्यादा प्रेरित करेंगी. 30 दिनों में इन यूनिवर्सिटीज को बनाया निशाना ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने भी X पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पिछले 30 दिनों के युद्ध के दौरान ‘इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी’ और तेहरान की ‘यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ जैसे बड़े संस्थानों को जानबूझकर निशाना बनाया गया है. बक़ाई के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ईरान की वैज्ञानिक बुनियाद और कल्चरल हेरिटेज को कमजोर करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु कार्यक्रम को खतरा बताना सिर्फ एक बहाना है, असली मकसद ईरान के बौद्धिक विकास को रोकना है. ये भी पढ़ें: ईरान के हमले से दहला सऊदी का अमेरिकी बेस, 2 सैनिकों की हालत गंभीर; जासूसी विमान भी हुआ तबाह IRGC की चेतावनी   ईरानी मीडिया ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (IRIB) के टेलीग्राम चैनल के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. IRGC ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल ईरानी शिक्षण संस्थानों पर हमले जारी रखते हैं, तो पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी और इजरायली यूनिवर्सिटीज को भी निशाना बनाया जा सकता है. IRGC ने साफ कहा है कि इन यूनिवर्सिटीज के स्टाफ और छात्र सुरक्षित रहने के लिए कैंपस से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहें. इसके साथ ही एक डेडलाइन भी दी गई है. बयान के अनुसार, अगर अमेरिका सोमवार, 30 मार्च (तेहरान के समय अनुसार दोपहर 12 बजे तक) ईरानी यूनिवर्सिटीज पर हुई बमबारी की आधिकारिक तौर पर निंदा नहीं करता है, तो ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है. ये भी पढ़ें: ‘इन 2 अपराधियों को याद रखना’: ईरान ने स्कूल हमले के दोषी अमेरिकी अफसरों को किया बेनकाब The post ईरान-इजरायल जंग में अब यूनिवर्सिटीज निशाने पर, अराघची बोले- तुम्हारी हरकतें हताशा का सबूत appeared first on Naya Vichar.

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दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, वायु बना बड़ा भाई, जानिए बेटा हुआ या बेटी?

Sonam Kapoor Baby Boy: बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर और उनके पति आनंद आहूजा के घर एक बार फिर खुशियों ने दस्तक दी है. कपल ने 29 मार्च 2026 को अपने दूसरे बेटे का स्वागत किया. सोनम और आनंद ने इस समाचार अपने फैंस के साथ सोशल मीडिया पर साझा की. हालांकि उन्होंने अपने बेटे का नाम और फोटो अभी रिवील नहीं किया है. सोनम कपूर और आनंद आहूजा ने दी फैंस को गुडन्यूज सोनम कपूर और आनंद आहूजा ने इंस्टाग्राम पर एक प्यारा नोट शेयर किया. इसमें लिखा हुआ है, “बहुत प्यार और आभार के साथ हम यह खुशी की समाचार साझा कर रहे हैं कि हमारे बेटे का जन्म 29 मार्च 2026 को हुआ. हमारे परिवार में एक नया सदस्य आया है और उसके आने से हमारे दिल खुशी से भर गए हैं. वायु अपने छोटे भाई को देखकर बहुत खुश है और हमें इस नए जीवन के लिए बहुत आभारी महसूस हो रहा है, जिसने हमारे घर को खुशियों से भर दिया है. सोनम और आनंद इस नए चैप्टर की शुरुआत के लिए खुश हैं और अब हमारा परिवार चार लोगों का हो गया है.” View this post on Instagram A post shared by Sonam A Kapoor (@sonamkapoor) सितारों ने दी बधाई जैसे ही यह खुशसमाचारी सामने आई, बॉलीवुड के कई सितारों ने अपने प्यार और आशीर्वाद का इजहार किया. परिणीति चोपड़ा, करीना कपूर, रिया कपूर और हुमा कुरैशी ने सोनम और आनंद को बधाई दी. स्वरा भास्कर ने लिखा, बधाई हो आप लोगों को. भावना पांडे ने लिखा, बधाई हो !!! ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद. सबा पटौदी ने लिखा, बधाई हो. उम्मीद है माता-पिता और शिशु ठीक होंगे. जोया अख्तर और वाणी कपूर ने लिखा, बधाई हो. सोनम और आनंद की लव स्टोरी सोनम और आनंद की मुलाकात साल 2015 में फिल्म प्रेम रतन धन पायो के प्रमोशन के दौरान हुई थी. शुरुआत में दोस्तों के जरिए बात शुरू हुई, लेकिन धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे. साल 2018 में दोनों ने शादी कर ली. साल 2022 में उन्होंने अपने पहले बेटे वायु का स्वागत किया था. वहीं नवंबर 2025 में सोनम ने अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी. यह भी पढ़ें- शेफ बनने वाली थीं रूपाली गांगुली, किस्मत ने बना दिया स्टार, कहा- ऐसे मिला मौका The post दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, वायु बना बड़ा भाई, जानिए बेटा हुआ या बेटी? appeared first on Naya Vichar.

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कहीं आपके शरीर में कैल्शियम की कमी तो नहीं? 30+ महिलाएं अपनी हड्डियों की सेहत के लिए जरूर पढ़ें

Calcium Deficiency Symptoms: 30 की उम्र पार करते ही स्त्रीओं के शरीर में कई तरह के बदलाव शुरू हो जाते हैं. इस दौरान शरीर में कई तरह की परेशानियां होती है जिनमें से कैल्शियम की कमी भी एक है. इस उम्र में हड्डियों को मजबूत बनाये रखना हर लड़की के लिए काफी जरूरी हो जाता है. कैल्शियम एक ऐसा न्यूट्रिएंट है जो सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि दांतों को मजबूत बनाये रखने में काफी मदद करता है. इसके अलावा यह मसल्स और नर्वस सिस्टम को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अगर आपको अपने शरीर में दिखे तो आपको समझ जाना चाहिए कि आपके शरीर में कैल्शियम की कमी हो रही है. तो अगर आप एक लड़की हैं, तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ लें. हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना अगर आपको बिना ज्यादा मेहनत किये भी जोड़ों में या फिर हड्डियों में दर्द महसूस हो रहा है, तो यह भी शरीर में हो रही कैल्शियम की कमी की तरफ इशारा करता है. खासकर अगर आपको घुटनों, कमर या फिर पीठ में दर्द हो रहा है तो यह संकेत जरूर हो सकता है. अगर आपकी उम्र 30 के पार चली गयी है तो यह बोन डेंसिटी कम होने की तरफ इशारा करता है. ये भी पढ़ें: जिम में घंटों पसीना बहाने के बाद भी नहीं घट रहा वजन? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां? बार-बार थकान और कमजोरी महसूस होना अगर आप ज्यादा काम किये बिना भी थकान महसूस कर रही हैं या फिर शरीर में हमेशा कमजोरी बनी रहती है, तो यह भी शरीर में हो रही कैल्शियम की तरफ इशारा करता है. शरीर में जब कैल्शियम का बैलेंस बिगड़ता है तो इससे एनर्जी लेवल भी काफी डाउन चला जाता है. जब ऐसा होता है तो आपके लिए किसी भी काम को करना और भी कठिन हो जाता है. नाखून और बालों का कमजोर होना जब शरीर में कैल्शियम की कमी होती है, तो इसका असर आपके बालों और नाखूनों पर भी दिखाई देने लगता है. अगर आपके नाखून आसानी से टूटने लग रहे हैं या फिर आपके बाल कमजोर और पतले हो रहे हैं, तो आपको कभी भी इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसा होना शरीर में हो रहे न्यूट्रिएंट्स की कमी की तरफ इशारा करता है. ये भी पढ़ें: सिर्फ 6 आसान हैक्स से पाएं ग्लोइंग और हेल्दी स्किन, हर लड़की के लिए जानना जरूरी मसल्स में ऐंठन और खिंचाव अगर आपको रात के समय पैरों में ऐंठन या फिर मसल्स में अचानक खिंचाव महसूस हो रहा है, तो यह भी शरीर में हो रही कैल्शियम की कमी की तरफ इशारा कर सकता है. अक्सर इसे लड़कियां नॉर्मल प्रॉब्लम समझकर अनदेखा कर देती हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो तो यह शरीर में हो रही कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकता है. दांतों की कमजोरी और मसूड़ों की समस्या जब शरीर में कैल्शियम की कमी होती है तो इसकी वजह से आपके दांत कमजोर हो सकते हैं और साथ ही मसूड़ों से जुड़ी प्रॉब्लम्स से भी आपको गुजरना पड़ सकता है. अगर आपको लग रहा है कि आपके दांत ज्यादा सेंसिटिव हो रहे हैं या फिर मसूड़ों से खून आ रहा है, तो यह एक संकेत है कि आपके शरीर में कैल्शियम की कमी हो रही है. ये भी पढ़ें: अपनी पर्सनालिटी को ‘जीरो से हीरो’ बनाने के 5 सबसे आसान गोल्डन रूल्स, आज ही अपनाएं The post कहीं आपके शरीर में कैल्शियम की कमी तो नहीं? 30+ स्त्रीएं अपनी हड्डियों की सेहत के लिए जरूर पढ़ें appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, इस दिन से आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल

Jharkhand Weather Forecast, रांची : झारखंड के विभिन्न हिस्सों में, अगले कुछ दिनों तक मौसम में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने राज्य में आंशिक बादल छाने, गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है. बदलते मौसम के इस मिजाज को देखते हुए, लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है. 31 मार्च को कई जिलों में बारिश की संभावना मौसम केंद्र रांची के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 31 मार्च को उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर झारखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की प्रबल संभावना है. इस दौरान, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे कुछ इलाकों में सामान्य जनजीवन और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. Also Read: बोकारो का चंद्रपुरा DVC प्लांट में भीषण आग, CISF की वजह से टला बड़ा हादसा, धू-धू कर जला एमसीसी-2 पैनल तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर रहेगा जारी मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि देखी जा सकती है. इसके बाद, अगले 24 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज होगी. इसके तुरंत बाद, फिर से तापमान में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील हो सकता है. एक से चार अप्रैल तक कैसा रहेगा मौसम 1 अप्रैल को दक्षिणी झारखंड के कुछ इलाकों में गर्जन के साथ मौसम खराब रह सकता है. वहीं, 2 अप्रैल को दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं. इसके बाद, 3 और 4 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. वज्रपात से बचाव की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को विशेषकर वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी है. किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की जरूरत है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके. Also Read: रामगढ़ में अमन साहू गैंग का तांडव, पतरातू ओवरब्रिज निर्माण स्थल पर फायरिंग और बमबाजी, गार्ड को लगी गोली The post झारखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, इस दिन से आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल appeared first on Naya Vichar.

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30 मार्च की टॉप 20 खबरें: ईरान का अमेरिका को जवाब- नरक में स्वागत है, बंगाल में कांग्रेस की 284 उम्मीदवारों की पहली सूची

1. हम आपका इंतजार कर रहे हैं, नरक में स्वागत है; US ग्राउंड ऑपरेशन की समाचारों पर ईरान का कड़ा संदेश Iran War : क्या अमेरिका सचमुच ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन करने की तैयारी कर रहा है? अगर यह सच है, तो दुनिया पर बहुत बड़ा खतरा है. ईरान की धरती पर पहुंचकर अगर अमेरिका ऑपरेशन चलाएगा तो उसे बहुत नुकसान होगा. ईरान ने उसे धमकी भी दी है कि नरक में आपका स्वागत है. इस लिहाज से दोनों ही पक्ष आमने-सामने हैं, अब यह देखना होगा कि दोनों देश विश्व के हित में फैसला करते हैं या फिर अपने घमंड में पूरी दुनिया का नुकसान करते हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. मिडिल ईस्ट तनाव के बीच हिंदुस्तान को राहत, 94 हजार MT LPG लेकर आ रहे BW टायर और एल्म Middle East War: करीब 94,000 मीट्रिक टन LPG लेकर दो गैस वाहक जहाज BW टायर और BW एल्म सुरक्षित रूप से क्षेत्र पार कर हिंदुस्तान की ओर बढ़ रहे हैं. BW Tyre 31 मार्च 2026 तक मुंबई पहुंच सकता है, जबकि BW Elm के 1 अप्रैल को न्यू मैंगलोर पहुंचने की उम्मीद है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. तमिलनाडु चुनाव : डीएमके का वादा- स्त्रीओं को हर महने 2,000 रुपए, स्वास्थ्य बीमा भी होगा डबल Tamil Nadu Election DMK Manifesto: तमिलनाडु में चुनावी बिगुल बजते ही नेतृत्वक दलों ने कमर कस ली है. इसी कड़ी में रविवार को राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने अपना मेनीफेस्टो जारी कर दिया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. कांग्रेस ने उतारे 284 प्रत्याशी : बहरमपुर से अधीर रंजन, जानें भवानीपुर से ममता बनर्जी के खिलाफ कौन? Congress Candidate List West Bengal Election 2026: कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 284 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. अधीर रंजन चौधरी बहरमपुर से लड़ेंगे. जानें नंदीग्राम, भवानीपुर और संदेशखाली से कौन है उम्मीदवार. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. ममता बनर्जी के लिए ‘वाटरलू’ साबित होगा बंगाल चुनाव 2026, भाजपा का दावा Waterloo For TMC: हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बंगाल चुनाव 2026 को ममता बनर्जी के लिए ‘वाटरलू’ करार दिया है. भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और स्त्री सुरक्षा के मुद्दे पर बीजेपी ने टीएमसी प्रशासन को घेरा है. जानें क्या है भाजपा की रणनीति. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. फिर एक्शन में इलेक्शन कमीशन, 83 प्रखंड विकास पदाधिकारियों का किया ट्रांसफर Transfer Posting in Bengal: बड़े पैमाने पर आईएएस और आईपीएस ऑफिसर्स के तबादले के बाद इलेक्शन कमीशन ने अब प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और ईआरओ के तबादले शुरू कर दिये हैं. रविवार को निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 83 बीडीओ का ट्रांसफर कर दिया. पूरी लिस्ट यहां देखें. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. निशांत में सीएम बनने के सभी गुण, पूर्व मंत्री बोले- नीतीश कुमार की जगह अब जिम्मेदारी संभालें Bihar Next CM: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है. निशांत कुमार का नाम इस पद के लिए सामने आ रहा है. जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें सीएम बनाने की मांग तेजी से बढ़ रही है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. बागी कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा की अशोक चौधरी से मुलाकात, NDA में जाने के कयास तेज Bihar Politics: बिहार की नेतृत्व में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस के बागी विधायक सुरेद्र कुशवाहा ने रविवार को बिहार प्रशासन के मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद नेतृत्वक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. क्या कम हो जाएंगी झारखंड की ST सीटें? परिसीमन के खौफ से गरमाई सियासत, पक्ष-विपक्ष दोनों ने जताई चिंता Delimitation In Jharkhand: झारखंड में परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर सियासी गलियारों में गूंज रहा है. जनसंख्या के आधार पर सीटों के बंटवारे की संवैधानिक प्रक्रिया ने आदिवासी समाज और उनके नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं. क्या सच में कम हो जाएंगी आरक्षित सीटें? पढ़ें रामेश्वर उरांव और बाबूलाल मरांडी जैसे दिग्गजों ने इस मुद्दे पर क्या कहा है? यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. हजारीबाग के विष्णुगढ़ में उमड़ा जनसैलाब, 12 साल की मासूम के लिए कैंडल मार्च, दोषियों को फांसी देने की मांग Hazaribagh Bishnugarh News: हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 12 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म और फिर हत्या मामले में कैंडल मार्च निकाला गया. हजारों लोगों ने हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर इंसाफ की मांग की. पढ़ें ग्राउंड जीरो से हमारी विशेष रिपोर्ट. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन का दावा-असम में हैट्रिक लगाएगी पार्टी, घुसपैठिए बाहर जाएंगे BJP News : बीजेपी प्रशासन असम वासियों के लिए योजनाएं बनाती हैं और उनका लाभ सिर्फ और सिर्फ हिंदुस्तान के नागरिकों को मिलेगा, कोई घुसपैठिया उसपर अपना हक जमा नहीं पाएगा. असम में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कही. उन्होंने दावा किया कि इस बार बीजेपी प्रदेश में जीत की हैट्रिक लगाएगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. MI vs KKR: रोहित-रिकल्टन के तूफान में उड़ा केकेआर, 6 विकेट से जीता मुंबई इंडियंस MI vs KKR: मुंबई इंडियंस ने अपने ओपनर रोहित शर्मा और रियान रिकल्टन के तूफानी अर्धशतक के दम पर अपने पहले आईपीएल 2026 मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 विकेट से हरा दिया. मुंबई ने 14 साल में पहली बार आईपीएल में अपना पहला मुकाबला जीता है. मैच में ओपनरों ने शतकीय साझेदारी की और टीम को शानदार शुरुआत दी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. बिहार बोर्ड की टॉपर्स फैक्ट्री का कमबैक, टॉप 10 में 3 स्टूडेंट, पुष्पांजलि को Rank 1 Bihar Board Toppers Factory: बिहार बोर्ड का टॉपर्स फैक्ट्री कहे जाने वाला स्कूल एक बार फिर फॉर्म में वापस आ गया है. बिहार के जमुई जिले में स्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय ने एक बार फिर से बिहार बोर्ड का टॉपर दिया है. इसी स्कूल की स्टूडेंट पुष्पांजलि कुमारी को पुष्पांजलि कुमारी को रैंक 1 मिला है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. Bihar Board 10th Topper 2026: मैथ्स में 99, हिंदी में 98, देखें बिहार बोर्ड टॉपर पुष्पांजलि की मार्कशीट Bihar Board 10th Topper 2026: बिहार बोर्ड 10वीं का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है. इस बार कुल 81.79 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं.

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साबूदाना खिचड़ी से हो गए हैं बोर? शेफ कुणाल कपूर स्टाइल में बनाएं क्रिस्पी साबूदाना आलू पराठा

Sabudana Aloo Paratha: अगर आप सुबह के नाश्ते में कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो सिर्फ टेस्टी न हो बल्कि हेल्दी और जल्दी से बनकर तैयार भी हो जाए, तो शेफ कुणाल कपूर की स्पेशल साबूदाना आलू पराठा एक जबरदस्त ऑप्शन है. इस डिश की सबसे खास बात है कि इसका स्वाद सिर्फ बड़ों को ही नहीं बल्कि छोटे बच्चों को भी काफी पसंद आता है. आप अगर चाहें तो इस मजेदार डिश को व्रत या फिर उपवास के दौरान भी बिना किसी टेंशन के खा सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इंस्टेंट बनने वाले इस पराठे को बनाने की आसान रेसिपी. साबूदाना आलू पराठा बनाने की सामग्री साबूदाना – आधा कप + 3 टेबलस्पून पानी – एक और एक चौथाई कप उबले और मैश किए हुए आलू – 1 कप सेंधा नमक – स्वाद अनुसार भुना जीरा – डेढ़ टीस्पून बारीक कटी हुई हरी मिर्च – 1 भुने हुए मूंगफली – 3 टेबलस्पून बारीक कुटी हुई हरा धनिया – एक मुट्ठी, ऑप्शनल बटर पेपर या प्लास्टिक शीट – 2 ऑयल – हल्की ग्रीसिंग के लिए घी – पराठा सेंकने के लिए यह भी पढ़ें: बाहर से क्रिस्पी लेकिन अंदर से सॉफ्ट, गाजर और ओट्स से बनाएं परफेक्ट इवनिंग स्नैक साबूदाना आलू पराठा बनाने की रेसिपी साबूदाना आलू पराठा बनाने के लिए सबसे पहले आधे कप साबूदाना को पानी में अच्छे से धोकर एक बर्तन में डालें. फिर इसमें 1 और एक चौथाई कप पानी डालें और इसे 4 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. इसके बाद बाकी के 3 टेबलस्पून साबूदाना को मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें. यह पाउडर आगे इस्तेमाल होगा. चार घंटे बाद, अगर साबूदाना को दबाएं तो वह आसानी से मैश हो जाए. अब इसे एक बड़ी प्लेट में निकालें. इसमें उबले और मैश किए आलू, सेंधा नमक, भुना जीरा, हरी मिर्च, साबूदाना पाउडर, कुटी हुई मूंगफली और हरा धनिया डालें. आप अगर इसे व्रत के लिए नहीं बना रहे हैं, तो साधारण नमक भी डाल सकते हैं. इसके बाद सभी सामग्री को अच्छे से मिलाकर एक बड़ा आटा तैयार करें. हाथों को धोकर हल्का तेल लगाकर छोटे-छोटे गोले बनाएं. इस रेसिपी से लगभग 6 पराठे बनेंगे. अब किचन काउंटर पर बटर पेपर या प्लास्टिक शीट रखें और हल्का तेल लगाएं. एक डो का गोला बीच में रखें और हल्के हाथों से दबाकर फैलाएं. किनारे अगर टूटने लगें तो बाहर से अंदर की ओर दबा कर सही करें. इसके बाद पराठे को लगभग 6 इंच डायमीटर तक फैलाएं. फिर हल्के तेल से ग्रीस करें और बटर पेपर को उल्टा करके गरम तवा पर रखें. पेपर हटाएं और पराठा सेंकना शुरू करें. ऊपर से थोड़ा घी या तेल डालें और ध्यान से पलटें. एक तरफ से अच्छे से सेंकने के बाद धीरे से पलटें ताकि पराठा टूटे नहीं. दोनों तरफ से गोल्डन और क्रिस्पी होने पर निकालें. व्रत स्पेशल साबूदाना आलू पराठा दही के साथ परोसें. बाकी के पराठे भी इसी तरह तैयार करें. यह भी पढ़ें: बिना मैदा मिनटों में बनाएं तीखे और क्रिस्पी राइस फ्लोर चिली क्रैकर्स, ये है आसान रेसिपी The post साबूदाना खिचड़ी से हो गए हैं बोर? शेफ कुणाल कपूर स्टाइल में बनाएं क्रिस्पी साबूदाना आलू पराठा appeared first on Naya Vichar.

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खेल में भारत की ताकत का पर्याय है आइपीएल, पढ़ें अभिषेक दुबे का आलेख

IPL: हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स के विराट आयोजनों में से एक आइपीएल, 2026 की शुरुआत होना हो चुकी है. आने वाले दो महीनों में क्रिकेट के इस सबसे बड़े आयोजन में खिलाड़ी जहां एक दूसरे से टकरायेंगे, वहीं दर्शक मैदानों में और टेलीविजन सेट्स के सामने मनोरंजन से लबरेज रहेंगे. ऐसे ही, इन दो महीनों में हिंदुस्तानीय क्रिकेट, कोच और चयनकर्ता किसी नये धोनी, बुमराह, सूर्य और रोहित की तलाश में जुट जायेंगे. एआइ यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक ग्लोबल ऑर्डर के मौजूदा दौर में एक बेहद प्रासंगिक सवाल यह उठता है कि स्वतंत्र हिंदुस्तान का सबसे नायाब और कामयाब वैश्विक टैंपलेट यानी खाका क्या है. इस देश के कामयाब टैंपलेट कई हो सकते हैं. लेकिन जिसकी चर्चा सबसे स्वाभाविक है, वह है इंडियन प्रीमियर लीग. अगर थोड़ा पीछे जायें, तो स्पष्ट होगा कि हिंदुस्तान 2007 में टी-20 विश्व कप चैंपियन बना और उसके एक साल बाद 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग यानी आइपीएल की नीव रखी गयी. यह अद्भुत संयोग है कि इस साल हिंदुस्तान जब तीसरी बार टी-20 विश्व कप का चैंपियन बना है, तब इंडियन प्रीमियर लीग दुनिया का सबसे अमीर, सबसे असरदार और जबरदस्त क्रिकेट लीग के रूप में सामने है. आइपीएल ने लगभग बीस वर्षों में हिंदुस्तानीय क्रिकेट को वह मजबूती दी है, जिसका दुनियाभर में डंका बज रहा है. सवाल यह है कि वह क्या अहम बात है, जिसने आइपीएल को वैश्विक स्तर पर इतना ताकतवर स्पोर्ट्स लीग बना दिया है. इंडियन प्रीमियर लीग के बेंगलुरु फ्रेंचाइजी को विजय माल्या की कंपनी ने जब 450 करोड़ रुपये में खरीदा था, तब जानकारों ने इसे पागलपन बताया था. लेकिन अट्ठारह साल बाद जब इसी टीम को आदित्य बिरला ग्रुप, द टाइम्स ऑफ इंडिया, ब्लैकस्टोन और बोल्ड वेंचर्स की समूह ने 1.78 अरब डॉलर यानी लगभग 16,706 करोड़ रुपये में खरीदा, तो किसी को हैरानी नहीं हुई. ठीक इसी तरह से राजस्थान रॉयल्स की फ्रेंचाइजी को अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी के समूह ने इसी महीने 1.63 अरब डॉलर यानी लगभग 15,290 करोड़ रुपये में खरीदा है. इन दो टीमों की जबरदस्त छलांग के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आइपीएल की शेष टीमों का मौजूदा वैल्यू और इंडियन प्रीमियर लीग का ब्रांड वैल्यू कहां तक पहुंच चुका है. गौर करने की बात यह भी है कि आइपीएल की इन दो टीमों की रिकॉर्ड खरीदारी तब हुई है, जब युद्ध और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण दुनियाभर में आर्थिक संकट की आशंका बढ़ी है. जाहिर है कि इंडियन प्रीमियर लीग की जबरदस्त कीमत ने हिंदुस्तानीय क्रिकेट को आज शिखर पर पहुंचा दिया है. हिंदुस्तानीय क्रिकेट के मौजूदा खिलाड़ी विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, संजू सैम्सन, अभिषेक शर्मा ग्लोबल क्रिकेट रॉकस्टार हैं. हिंदुस्तान टी-20 क्रिकेट का बादशाह है और दुनिया के बड़े क्रिकेट दिग्गजों का यह मानना है कि आज हिंदुस्तानीय क्रिकेट इतनी मजबूत स्थिति में है कि वह विश्व स्तर की कम से कम तीन टी-20 टीमें मैदान में उतार सकता है. हिंदुस्तान के टैलेंट पूल की स्थिति यह है कि रणजी से लेकर दिलीप ट्रॉफी स्पोर्ट्सने वाले और अंडर-19 से लेकर जूनियर क्रिकेटर तक-हर किसी का भविष्य सुरक्षित है. हिंदुस्तान के पास क्रिकेट के आधुनिकतम स्टेडियम, अकादमी, कोच और सपोर्ट स्टाफ हैं. ऐसे ही, गुजरात के अहमदाबाद में स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम से लेकर बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक-हर तरफ क्रिकेट में वैश्विक सुविधाओं का डंका बज रहा है. मौका सिर्फ युवा क्रिकेटरों को ही नहीं मिल रहा है, पूर्व क्रिकेटरों के सामने भी कमेंटरी से लेकर कोचिंग तक जबरदस्त अवसर हैं. बीते दौर के क्रिकेटरों को पेंशन के तौर पर बड़ी धनराशि मिलती है, जिससे कि वे अपना जीवन सम्मान और गरिमा के साथ गुजार सकते हैं. उतना ही महत्वपूर्ण यह है कि हिंदुस्तानीय फ्रेंचाइजी मालिक अन्य क्रिकेट लीगों में भी बड़े हिस्सेदार बन चुके हैं. इसका सुखद परिणाम यह हुआ है कि विश्व क्रिकेट में हिंदुस्तान की आज वह मजबूत पकड़ बन चुकी है, जो एक जमाने में इंग्लैंड की थी. इससे हालांकि नयी चुनौतियां भी सामने आयी हैं. हिंदुस्तानीय टीम के मौजूदा क्रिकेटर के अन्य लीगों में भाग न लेने से कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं. हिंदुस्तानीय उद्योगपतियों ने दुनिया की अन्य लीगों में बड़ी हिस्सेदारी ले रखी हैं और वे भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरह अपने टीम का वैल्युएशन बढ़ता देखना चाहते हैं. और यह तभी हो सकता है, जब हिंदुस्तानीय रॉकस्टार दुनिया की दूसरी लीगों में भी जाकर स्पोर्ट्सें.ऐसे ही, आइपीएल में दुनियाभर के खिलाड़ियों के स्पोर्ट्सने का नतीजा यह दिख रहा है कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी हिंदुस्तानीय विकेट पर स्पिन के खिलाफ अब बेहतर स्पोर्ट्सने लगे हैं, जो टीम इंडिया के लिए बहुत अच्छी स्थिति नहीं है. ऐसे में सवाल यह भी उठने लगा है कि क्या आइपीएल में अधिक से अधिक विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करने की परंपरा आने वाले समय में बरकरार रहेगी. लेकिन सच्चाई यही है कि हिंदुस्तानीय क्रिकेट आज अगर इतनी मजबूत स्थिति में है, तो इसमें आइपीएल का योगदान सबसे अधिक है. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post स्पोर्ट्स में हिंदुस्तान की ताकत का पर्याय है आइपीएल, पढ़ें अभिषेक दुबे का आलेख appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल की नयी सरकार से उम्मीदें बहुत हैं, पढ़ें संजीव राय का आलेख

संजीव राय, नेपाल मामलों के जानकार Nepal Government: बालेंद्र शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गये हैं. विगत आठ सितंबर से पहले उन्हें नेपाल से बाहर कम लोग जानते थे. वर्ष 2012 में अपने पहले म्यूजिक एलबम से चर्चा में आये बालेंद्र शाह ने दस साल में अपनी छवि नेतृत्व में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में आक्रोश को स्वर देने वाले रैप गायक की बनायी. उनके तेवर नेपाली स्वाभिमान जगाने वाले थे, जिसमें नेपाल को अंतरराष्ट्रीय दबाव से मुक्त कर एक सशक्त देश बनाने की आकांक्षा शामिल थी. यह सब तब हो रहा था, जब नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों के लंबे संघर्ष के बाद नेपाल से 2008 में राजशाही विदा हो चुकी थी. आम जनता को उम्मीद थी कि 2015 के नये संविधान और प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव के रास्ते मुख्यधारा के नेतृत्वक दल एक समृद्ध नेपाल बनाने के सपने को जमीन पर उतारने में सफल होंगे. पर ऐसा कुछ हुआ नहीं. वर्ष 2017 से 2025 के बीच गठबंधन प्रशासनों में सत्ता की अदला-बदली का स्पोर्ट्स शेर बहादुर देउबा, केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के बीच चलता रहा. ये तीनों पूर्व प्रधानमंत्री 2025 तक सत्तर की उम्र पार कर चुके थे और सत्ता के लोभ में इनके दलों की विचारधारा और सिद्धांत पीछे छूट रहे थे. अस्थायी प्रशासनों के उस दौर में नेपाल में बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक असमानता बढ़ती गयी. नेताओं पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के गहरे आरोप लगे. इसी बीच 2022 में बालेंद्र शाह ने जब युवाओं का आह्वान करते हुए, स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मुख्य नेतृत्वक दलों को दरकिनार कर काठमांडू में मेयर का चुनाव जीता और राजधानी में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाये, तो उनका नेतृत्वक कद बढ़ गया. उन्होंने खुद को पुरानी पीढ़ी के राजनेताओं के विकल्प के रूप में पेश किया. वर्ष 2022 में ही लोकप्रिय टीवी एंकर रवि लामिछाने ने कुछ उच्च शिक्षित युवाओं के साथ आरएसपी यानी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की और नेतृत्वक चेहरे के रूप में उभरे. देश के युवा सोशल मीडिया पर भ्रष्ट नेतृत्वक दलों और नेताओं के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार कर रहे थे. युवाओं के बढ़ते आक्रोश को रोकने के लिए सितंबर, 2025 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपीशर्मा ओली ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया, तो क्षुब्ध युवा सड़क पर उतर गये, प्रशासन को घुटने टेकने पड़े, प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा और देश को आम चुनाव में जाना पड़ा. सोशल मीडिया ने ही बालेंद्र शाह और सौदान गुरुंग जैसे युवाओं को सत्ता तक पहुंचाया है. इस महीने हुए चुनाव में बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद तक भी सोशल मीडिया ने ही पहुंचाया है. बालेंद्र शाह को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने के पीछे युवाओं के लिए रोजगार सृजन, देश की आर्थिक उन्नति और भ्रष्टाचार के खात्मे जैसे वादों की लंबी सूची है. चुनाव में आरएसपी की जीत और नेपाल की पारंपरिक पार्टियों की हार के बीच ‘माध्यम’, ‘सोच’ और ‘नेतृत्वकर्ता’ का फर्क साफ है. पर प्रशासन की आलोचना करने और प्रशासन चलाने में फर्क होता है. चुनाव में दो तिहाई बहुमत हासिल करने वाली नयी प्रशासन से उम्मीदें बहुत हैं और नेताओं पर अपने किये गये वादे पूरा करने का दबाव भी है. लाखों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है, तो असंख्य लोग आर्थिक अवसर पाते ही देश में लौटना चाहते हैं. पर युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच क्या नेपाल आर्थिक उन्नति का कोई नया मॉडल दिखा सकता है? आर्थिक समृद्धि के लिए दूसरे देशों के साथ नेपाल के रिश्तों और व्यापार की शर्तों की अहम भूमिका होगी. अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बालेंद्र शाह की प्रशासन को अतिरिक्त संकट का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि नेपाल की बड़ी आबादी खाड़ी देशों में काम करती है और नेपाल की जीडीपी में खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस की हिस्सेदारी करीब तीस फीसदी है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभार के साथ यह भी संभव है कि बालेंद्र शाह पड़ोसी देशों के साथ कुछ मुद्दों पर अब अलग स्टैंड लें. नेपाल के साथ ऐतिहासिक संबंधों के चलते हिंदुस्तान प्रशासन काठमांडू के साथ सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालने पर बालेंद्र शाह को न सिर्फ बधाई दी है, बल्कि दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों की उम्मीद भी जताई है. हिंदुस्तान-नेपाल के बीच खुली सीमा के साथ नेपाल में एक मजबूत प्रशासन बनने से सीमा के आर-पार अपराध, तस्करी और अवैध कारोबार को रोकने में मदद मिलेगी. हिंदुस्तान और नेपाल बिजली उत्पादन, कृषि ,शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा सकते हैं. अपने शपथ ग्रहण समारोह में बालंद्र शाह ने जिस तरह हिंदू और बौद्ध परंपरा के मंत्रोचार और शंखनाद को शामिल किया है, उससे स्पष्ट है कि वह नेपाल की मध्यमार्गी नेतृत्व के साथ अपना विस्तार करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री के रूप में बालेंद्र शाह की भूमिका और पड़ोसी देशों के साथ उनकी प्रशासन के रिश्तों का मूल्यांकन तो आने वाला समय बतायेगा, लेकिन घरेलू नेतृत्व भी उनके लिए चुनौतियों से भरी है. आरएसपी के प्रमुख रवि लामिछाने के साथ तालमेल बिठाने के साथ उन पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने का दबाव भी उन पर होगा. जेन जी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित आयोग की रिपोर्ट पर नयी प्रशासन क्या कार्रवाई करती है, यह देखना होगा, लेकिन प्रशासन गठन के अगले ही दिन पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी से नयी प्रशासन पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं और विपक्षी नेतृत्वक पार्टियां इसे बदले की भावना से की गयी कार्रवाई बता रही हैं. ऐसे में, प्रशासन के खिलाफ संसद से सड़क तक नेतृत्वक आंदोलन होने की आशंका भी बढ़ गयी है. ऐसे में, सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं को धैर्य के साथ देखना होगा कि पार्टी और प्रशासन के बीच तालमेल कैसे बैठता है तथा पार्टी कैसे एकजुट रहती है. नेपाल के सभी इलाकों के लोगों को सेना, पुलिस और अन्य रोजगार क्षेत्रों में समान अवसर मिले, प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा. नेपाल के मीडिया को इस नये प्रयोग को उम्मीद से देखना होगा कि अगले बारह महीने तक इस प्रशासन का रुझान क्या रहता है. आने वाला समय

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Vivo Y11 से Galaxy A57 तक, भारत में लॉन्च हुए ये स्मार्टफोन्स, देखें पूरी लिस्ट

March 2026 Smartphone Launches: मार्च 2026 हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन बाजार के लिए बेहद व्यस्त महीना रहा. इस दौरान बजट से लेकर फ्लैगशिप सेगमेंट तक कई नये मॉडल्स लॉन्च हुए. खास बात यह रही कि ज्यादातर कंपनियों ने बैटरी और डिस्प्ले पर जोर दिया, वहीं प्रीमियम ब्रांड्स ने कैमरा और परफॉर्मेंस को और मजबूत किया. बजट सेगमेंट (₹20,000 से कम वाले फोन) इस महीने कई एंट्री-लेवल 5G स्मार्टफोन आये. Samsung Galaxy M17e 5G- ₹11,999 से शुरू, 6.7-इंच 120Hz LCD, Dimensity 6300, 6000mAh बैटरी realme P4 Lite 5G- ₹11,999, 6.8-इंच 144Hz LCD, 7000mAh बैटरी, बेसिक कैमरा Vivo Y11 5G- ₹14,999, 6.74-इंच LCD, 6500mAh बैटरी Tecno Spark 50 5G- ₹15,000 से कम, 6500mAh बैटरी, 45W चार्जिंग और AI फीचर्स मिड-रेंज सेगमेंट (₹20,000 से ₹45,000 तक कीमत वाले) यह सेगमेंट बैटरी और डिस्प्ले अपग्रेड्स से भरा रहा. Motorola Edge 70 Fusion- ₹26,399 से शुरू, 6.8-इंच 144Hz AMOLED, Snapdragon 7s Gen 4, 7000mAh बैटरी, IP68/IP69 रेटिंग Nothing Phone (4a)- ₹31,469 से शुरू, Glyph इंटरफेस, 50MP ट्रिपल कैमरा, 5400mAh बैटरी iQOO Z11x- ₹20,998, Dimensity 7400 Turbo, 7200mAh बैटरी Vivo T5x 5G- ₹18,999, iQOO जैसा ही कॉन्फिगरेशन POCO X8 Pro- ₹32,999, Dimensity 8500, 100W चार्जिंग Samsung Galaxy A37 5G- ₹41,999, Exynos 1480, Galaxy AI फीचर्स फ्लैगशिप सेगमेंट (₹50,000 से ज्यादा महंगे वाले) प्रीमियम ब्रांड्स ने कैमरा और परफॉर्मेंस पर ध्यान दिया. Samsung Galaxy S26- ₹82,990, कॉम्पैक्ट 6.3-इंच AMOLED, Exynos 2600 (फरवरी एंड में लॉन्च, हिंदुस्तान में 11 मार्च से सेल शुरू, इसलिए लिस्ट में शामिल) Xiaomi 17- ₹89,999 से शुरू, Snapdragon 8 Elite Gen 5, Leica कैमरा सेटअप, 6330mAh बैटरी Samsung Galaxy A57 5G- ₹56,999 से शुरू, 6 साल तक अपडेट सपोर्ट ट्रेंड्स और कन्क्लूजन क्या रहा? मार्च 2026 में सबसे बड़ा ट्रेंड रहा 7000mAh+ बैटरी वाले मिड-रेंज स्मार्टफोन और AMOLED डिस्प्ले अपग्रेड्स. वहीं फ्लैगशिप सेगमेंट में कैमरा और AI फीचर्स पर जोर रहा. बजट सेगमेंट में 5G अब लगभग स्टैंडर्ड बन चुका है. ध्यान रहे, हिंदुस्तान में मार्च 2026 में लॉन्च हुए स्मार्टफोन्स की ऊपर बतायी गईं कीमतें अनुमानित हैं और यह बेस वेरिएंट्स पर आधारित हैं. अगर आप ज्यादा स्टोरेज या RAM वाला मॉडल चुनते हैं तो कीमतें बढ़ सकती हैं. इसके अलावा लॉन्च ऑफर्स, बैंक डिस्काउंट्स और रिटेलर-विशेष ऑफर्स भी अंतिम कीमत को प्रभावित कर सकते हैं. सभी स्पेसिफिकेशन्स और उपलब्धता में हल्का बदलाव संभव है, क्योंकि अलग-अलग रिटेलर्स (जैसे Amazon, Flipkart या ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट) पर वेरिएंट्स और ऑफर्स अलग हो सकते हैं. इसलिए किसी भी स्मार्टफोन को खरीदने से पहले ऑफिशियल साइट्स या भरोसेमंद ऑनलाइन रिटेलर्स पर जाकर ताजा कीमत और पूरी डिटेल्स जरूर चेक करें. यह भी पढ़ें: 2 अप्रैल को आ रहे 3 स्मार्टफोन्स, एक में 200MP कैमरा, दूसरे में 7000mAh बैटरी, तीसरा भी जोरदार The post Vivo Y11 से Galaxy A57 तक, हिंदुस्तान में लॉन्च हुए ये स्मार्टफोन्स, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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