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April 1, 2026

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घर की बोरिंग चाय में दीजिए टपरी वाला तड़का, स्वाद हो जाएगा मजेदार 

Tapri Style Masala Chai Recipe: घर की साधारण चाय को अगर आप थोड़ा खास बनाना चाहते हैं, तो टपरी स्टाइल चाय एक बेहतरीन विकल्प है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका कड़क स्वाद और मसालों का शानदार तड़का होता है, जो हर घूंट को लाजवाब बना देता है. अदरक, इलायची और हल्के मसालों के साथ उबालकर बनाई गई यह चाय न सिर्फ स्वादिष्ट होती है, बल्कि दिनभर की थकान भी दूर कर देती है. टपरी वाली चाय का असली मजा उसके गाढ़ेपन और खुशबू में छिपा होता है, जिसे आप आसानी से घर पर भी तैयार कर सकते हैं और परिवार के साथ इसका आनंद ले सकते हैं. टपरी स्टाइल चाय बनाने का सामान  दूध – 1 कप पानी – 1 कप चाय पत्ती – 1 से 1.5 छोटा चम्मच चीनी – स्वाद अनुसार अदरक – 1 छोटा टुकड़ा (कुचला हुआ) इलायची – 2 (हल्का कूटी हुई) लौंग – 1 (optional, पर टपरी फ्लेवर देता है) काली मिर्च – 1-2 (हल्का क्रश, optional) बनाने का तरीका: तड़का तैयार करें (यही है टपरी सीक्रेट) सबसे पहले एक पतीले में पानी डालें और उसमें:  कुचला हुआ अदरक,  इलायची, लौंग और काली मिर्च को मिलाकर. इसे 2-3 मिनट उबालें ताकि मसालों का पूरा फ्लेवर निकल आए. चाय पत्ती डालें अब इसमें चाय पत्ती डालकर 1 मिनट और उबालें. (टपरी वाली चाय में चाय पत्ती थोड़ा ज्यादा होती है, इसलिए रंग और टेस्ट स्ट्रॉन्ग आता है) दूध और चीनी डालें अब दूध और चीनी डालें और मीडियम फ्लेम पर उबालें. चाय को 2–3 बार ऊपर तक उबालें (उफान आने दें). इससे चाय गाढ़ी और कड़क बनती है.  स्पेशल टपरी ट्रिक  चाय को थोड़ा ऊँचाई से कप में डालें. इससे फोम बनता है और टेस्ट और भी बढ़ जाता है.  यह भी पढ़ें- How to Make Idli Without Stand: इडली मेकर की जरूरत नहीं! आसानी से तैयार करें स्वादिष्ट इडली यह भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में बनाएं टेस्टी ड्रिंक्स, ट्राई करें ये आइडियाज  The post घर की बोरिंग चाय में दीजिए टपरी वाला तड़का, स्वाद हो जाएगा मजेदार  appeared first on Naya Vichar.

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आतंक पर प्रहार: जम्मू कश्मीर के गांदरबल में मुठभेड़, एक आतंकी ढेर, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी

Jammu and Kashmir: सुरक्षा बलों ने गांदरबल जिले के अरहामा इलाके में संदिग्ध गतिविधि की सूचना के आधार पर घेराबंदी की और सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस दौरान आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सेना के जवानों ने एक आतंकवादी को मार गिराया. खुफिया जानकारी के आधार पर सेना के जवानों ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की चिनार कोर ने एक्स पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें बताया- सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर गांदरबल के अरहामा में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस दौरान जवानों ने कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधि देखी. जब रुकने को कहा गया तो आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी. उसके बाद सेना के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की. सेना की कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया. During the night of 31 March 2026, the cordon was tactically reorganised amidst the intermittent firing underway. Own troops effectively retaliated with a calibrated response, resulting in one terrorist being eliminated. Operation is in progress: Indian Army https://t.co/N00pv07np4 — ANI (@ANI) April 1, 2026 The post आतंक पर प्रहार: जम्मू कश्मीर के गांदरबल में मुठभेड़, एक आतंकी ढेर, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी appeared first on Naya Vichar.

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क्रीमिया में क्रैश हुआ रूस का मिलिट्री विमान, चट्टाने से टकराया; 29 की मौत

Russian Aircraft crashes in Crimea: रूस का एक सैन्य विमान बुधवार, 1 अप्रैल को क्रीमिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस घटना में 29 लोगों की मौत हो गई. रूस की समाचार एजेंसी TASS ने रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि  क्रीमिया के ऊपर उड़ान भर रहे मिलिट्री विमान एंटोनोव-26 परिवहन विमान से संपर्क टूट गया. बाद में यह विमान पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह घटना क्षेत्र में रूसी विमानन के लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था. TASS ने एक स्रोत के हवाले से बताया कि विमान चट्टान से टकरा गया. रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बाद में खोज और बचाव दल ने दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया. घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, विमान में सवार 6 क्रू सदस्य और 23 यात्री सभी की मौत हो गई. TASS ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विमान पर किसी बाहरी हमले या नुकसान के संकेत नहीं मिले हैं. दुर्घटना का संभावित कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है. रक्षा मंत्रालय की एक जांच समिति मौके पर जांच कर रही है. ⚡️ Crew and 23 DEAD after technical failure on An-26 — MoD https://t.co/o43gaNCXEp pic.twitter.com/eo5vi4MUQx — RT (@RT_com) March 31, 2026 रूस का बाहरी हमले से इनकार हाल के महीनों में यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने सेवास्तोपोल के पास काचा जैसे ठिकानों पर जमीन पर खड़े रूसी विमानों को कई बार निशाना बनाया है. इन हमलों में An-26 जैसे परिवहन विमानों को नुकसान पहुंचा है और क्रू व अन्य कर्मियों के हताहत होने की भी समाचारें सामने आई हैं. हालांकि, इस घटना में रूसी रक्षा मंत्रालय तकनीकी गड़बड़ की ओर इशारा कर रहा है. उन्होंने यूक्रेनी हमले से फिलहाल इनकार किया है. हालांकि, ऐसी घटनाएं साफ इशारा कर रही हैं कि क्रीमिया में रूस की लॉजिस्टिक्स और हवाई समर्थन प्रणाली संवेदनशील है.  क्रीमिया पर रूस का कब्जा कैसे हुआ? क्रीमिया प्रायद्वीप को रूस ने 2014 में यूक्रेन से छीना था. 2013-14 में यूक्रेन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके कारण रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को पद छोड़ना पड़ा. इसी अफरा-तफरी के बीच व्लादिमीर पुतिन ने मौके का फायदा उठाकर क्रीमिया में सैनिक भेज दिए, जिन्होंने सिविल ड्रेस में वहां कब्जा कर लिया.  इसके बाद पुतिन ने रूस में शामिल होने के लिए क्रीमिया में एक वोटिंग कराई, जिसे  व्यापक समर्थन मिला और  18 मार्च 2014 को रूस ने क्रीमिया को अपने में मिला लिया.   क्यों अहम है क्रीमिया? क्रीमिया हमेशा से रणनीतिक नजरिए से बेहद खास रहा है. 1954 में सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव ने इसे रूस से निकालकर यूक्रेन को दे दिया था, तब दोनों एक ही देश (सोवियत संघ) का हिस्सा थे. 1991 में सोवियत संघ टूटने के बाद यह यूक्रेन का हिस्सा बना रहा. यह स्थान काला सागर के पास है. ऐसे में इसकी लोकेशन की वजह से यह इलाका व्यापार और खासकर अनाज की सप्लाई के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है और रूस ने इस पर कब्जा जमाया. इसके एक छोर पर अजोव सी है, जबकि तीन छोर पर ब्लैक सी.  ये भी पढ़ें:- इराक में अवॉर्ड विनिंग अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, दिन-दहाड़े उठा ले गए किडनैपर्स ये भी पढ़ें:- ईरान युद्ध : IRGC की धमकी-एप्पल माइक्रोसाॅफ्ट, गूगल सहित 18 अमेरिकी कंपनियों पर 1 अप्रैल से होगा हमला रूस के पास क्रीमिया होने से उसके पास भूमध्य सागर में एंट्री के लिए एक आसान रास्ता उपलब्ध हो जाता है, जो तुर्की और ग्रीस को पार करने के बाद आता है. वहीं क्रीमिया पर कब्जा होने से रूस यूक्रेन को लगभग तीन तरफ से घेर पाता है. 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में क्रीमिया भी एक अहम बैटलग्राउंड रहा है. The post क्रीमिया में क्रैश हुआ रूस का मिलिट्री विमान, चट्टाने से टकराया; 29 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद सोनारडीह हादसा: संकेत मिलते ही चेत जाता बीसीसीएल तो नहीं जाती तीन लोगों की जान

Dhanbad News: धनबाद के कतरास क्षेत्र स्थित सोनारडीह टंडाबस्ती में मंगलवार शाम हुए भू-धंसान ने एक बार फिर कोयलांचल की खतरनाक हकीकत को उजागर कर दिया. इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घर जमींदोज हो गए. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके संकेत पहले से मिल रहे थे, जिसकी जानकारी बीसीसीएल प्रबंधन को दी गई थी. भू-धंसान से कई दिन पहले से ही इलाके में गैस का रिसाव हो रहा था. पहले से मिल रहे थे खतरे के संकेत स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सोनारडीह के टंडाबस्ती में पिछले कई दिनों से जमीन के अंदर से गैस रिसाव हो रहा था. कई जगहों पर आग भी देखी जा रही थी. लोगों ने इसकी शिकायत हिंदुस्तान कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अधिकारियों से की थी. बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते प्रबंधन सतर्क हो जाता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था. यह लापरवाही ही तीन जिंदगियों पर भारी पड़ गई. एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे अचानक जोरदार धमाके के साथ जमीन धंस गई. इस हादसे में मजदूर मोनू उरांव (50), उनकी बेटी गीता कुमारी (16) और बीसीसीएलकर्मी परशुराम उरांव की पत्नी सरिता देवी (45) मलबे में दब गए. बताया जाता है कि मोनू उरांव का घर करीब 20 फीट नीचे धंस गया. सरिता देवी उस समय उनके घर में मौजूद थीं, जिससे वे भी हादसे की चपेट में आ गईं. वहीं, मोनू उरांव की पत्नी छुटू देवी घटना के समय पड़ोस में थीं, जिससे उनकी जान बच गई. कई घर जमींदोज, इलाके में मचा हड़कंप इस हादसे में तीन घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि तीन अन्य घर क्षतिग्रस्त हो गए. प्रभावित लोगों में गणेश रजवार, बैसाखी देवी और सुफल उरांव के परिवार शामिल हैं. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग अपने परिजनों को खोजने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए. डर और दहशत का माहौल पूरे टंडाबस्ती में फैल गया. अवैध खनन और भूमिगत आग बना खतरे की जड़ ग्रामीणों ने इस हादसे के पीछे अवैध खनन और वर्षों से जल रही भूमिगत आग को जिम्मेदार ठहराया है. कतरास, सिजुआ और गोविंदपुर क्षेत्र में पहले भी कई बार भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं. सिजुआ क्षेत्र के 22/12 बस्ती में दो बार मस्जिद धंस चुकी है. वहीं जोगता में बजरंग बली का मंदिर भी भू-धंसान की चपेट में आकर जमीन में समा गया था. अगस्त 2023 में जोगता हरिजन बस्ती में हुए हादसे में पिता-पुत्र जमीन में धंस गए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने किसी तरह बचाया था. सड़क जाम और प्रशासन पर फूटा गुस्सा हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी के पास राजगंज-बोकारो फोरलेन सड़क को जाम कर दिया. इस दौरान जमकर पथराव भी हुआ, जिससे ओपी का गेट और बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गया. लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उनका आरोप था कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से क्षेत्र में अवैध खनन जारी है, जिससे जमीन कमजोर हो रही है और ऐसे हादसे हो रहे हैं. राहत कार्य में देरी से बढ़ा आक्रोश स्थानीय निवासियों का यह भी आरोप है कि भू-धंसान होने के बाद प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य शुरू करने में देर की गई. घटना के करीब दो घंटे बाद तक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका. अंधेरा होने के कारण भी बचाव कार्य में बाधा आई. बाद में टेंट हाउस से जनरेटर मंगाकर रोशनी की व्यवस्था की गई और रात करीब आठ बजे रेस्क्यू शुरू हुआ. इस देरी ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया. प्रशासन और बीसीसीएल के अधिकारी पहुंचे मौके पर घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने बीसीसीएल के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से तत्काल राहत कार्य तेज करने को कहा. मौके पर कई प्रशासनिक अधिकारी और बीसीसीएल के वरिष्ठ पदाधिकारी भी पहुंचे. पुलिस और सीआईएसएफ बल की तैनाती कर स्थिति को नियंत्रण में लाया गया. डेंजर जोन में बसी है बस्ती बताया जाता है कि सोनारडीह टंडाबस्ती पहले से ही डेंजर जोन में चिन्हित है. यहां करीब 150 घरों में लगभग एक हजार लोग रहते हैं. इलाके में लंबे समय से गैस रिसाव और भूमिगत आग की समस्या बनी हुई है. इसके बावजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. यही कारण है कि आज भी हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहां रहने को मजबूर हैं. इसे भी पढ़ें: विष्णुगढ़ दरिंदगी मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज, दर्जन भर संदिग्ध हिरासत में सवालों के घेरे में बीसीसीएल और प्रशासन इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बीसीसीएल और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार मिल रही चेतावनियों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है. अब सवाल यह है कि आखिर कब तक कोयलांचल के लोग ऐसे ही हादसों का शिकार होते रहेंगे. क्या इस घटना के बाद प्रशासन और बीसीसीएल कोई ठोस कदम उठाएंगे, या फिर यह हादसा भी फाइलों में दबकर रह जाएगा. इसे भी पढ़ें: धनबाद में जोरदार धमाका, कई घर समेत एक ही परिवार के तीन लोग जमींदोज The post धनबाद सोनारडीह हादसा: संकेत मिलते ही चेत जाता बीसीसीएल तो नहीं जाती तीन लोगों की जान appeared first on Naya Vichar.

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MP Board Result 2026: अप्रैल में जारी हो सकते हैं 10वीं-12वीं के रिजल्ट, यहां मिलेगी मार्कशीट

MP Board Result 2026: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं. परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियां जांची जा रही हैं. ऐसे में जल्द ही रिजल्ट आ सकता है. आइए, जानते हैं कि रिजल्ट जारी होने के बाद इसे कहां और कैसे देख सकते हैं. कब जारी होगा MP Board रिजल्ट? एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं कक्षा का रिजल्ट अप्रैल के पहले या दूसरे हफ्ते में जारी किया जा सकता है. हालांकि, अभी तक कोई ऑफिशियल अपडेट नहीं जारी किया गया है. कहां मिलेगी मार्कशीट? रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट मध्य प्रदेश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स mpresults.nic.in, mpbse.nic.in और mpbse.mponline.gov.in पर जाकर चेक कर सकेंगे. mpresults.nic.in mpbse.nic.in mpbse.mponline.gov.in कैसे चेक करें MP Board Result 2026? सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं ‘MPBSE HSC (10th) Result 2026’ या ‘HSSC (12th) Result 2026’ लिंक पर क्लिक करें अपना रोल नंबर और एप्लिकेशन नंबर दर्ज करें Submit पर क्लिक करते ही मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगी फ्यूचर के लिए इसे डाउनलोड कर प्रिंटआउट को सेव कर लें कब हुई थी MP Board परीक्षा? MP Board की 10वीं की परीक्षाएं 11 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक आयोजित की गईं थीं. वहीं, 12वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी से 5 मार्च 2026 के बीच हुई थी. इस परीक्षा में राज्यभर के प्रशासनी और प्राइवेट स्कूल के स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. 10वीं की परीक्षा में करीब 8-9 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. वहीं 12वीं की परीक्षाओं में करीब 7 लाख स्टूडेंट्स हुए थे. यह भी पढ़ें- UP Board रिजल्ट में हो सकती है देर, कॉपी चेकिंग की बढ़ी डेट The post MP Board Result 2026: अप्रैल में जारी हो सकते हैं 10वीं-12वीं के रिजल्ट, यहां मिलेगी मार्कशीट appeared first on Naya Vichar.

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महंगाई का झटका: आज से ₹195 महंगा हुआ कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर, जानें ताजा कीमत

LPG Gas Price Hike: दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये और कोलकाता में 218 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और कारोबारियों पर पढ़ने वाला है. बढ़ोतरी के बाद कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत ताजा बढ़ोतरी के बाद कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 2078.50 रुपये हो गई है. इससे पहले 1884.50 इसकी कीमत थी. जबकि कोलकाता में इसकी कीमत बढ़ोतरी के बाद 2208 रुपये हो गई है. The 19 kg commercial LPG gas cylinder will become costlier starting today. In Delhi, the price of a 19 kg cylinder has increased by Rs 195.50, and in Kolkata by Rs 218, effective from today, 1 April: Sources pic.twitter.com/gYu6qbVbq1 — ANI (@ANI) April 1, 2026 अलग-अलग शहरों में कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की ताजा कीमत दिल्ली- 2078.50 रुपयेकोलकाता – 2208 रुपयेमुंबई – 2031 रुपयेचेन्नई – 2246.50 रुपयेपटना – 2365 रुपयेजयपुर – 2031 रुपयेरांची – 2120 रुपये 5 kg फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर भी महंगा 5 kg वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडर की कीमत आज से 549 रुपये प्रति रिफिल होगी, जिसमें 51 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. 1 मार्च को भी कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत में हुई थी बढ़ोतरी इससे पहले 1 मार्च 2026 को कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमत में 114.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. जबकि 7 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी. अब तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 300 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है. The post महंगाई का झटका: आज से ₹195 महंगा हुआ कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर, जानें ताजा कीमत appeared first on Naya Vichar.

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धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 13वें दिन ग्लोबल कलेक्शन पहुंचा 1500 करोड़ के करीब

Dhurandhar 2 Box Office Collection Day 13: बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर 2: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर रही है. रिलीज के 13 दिन बीतने के बाद भी फिल्म की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है. पहले पार्ट की तुलना में यह फिल्म सिर्फ 11 दिनों में ही ज्यादा कमाई कर चुकी है और अब वैश्विक स्तर पर रुपये 1500 करोड़ के आंकड़े को पार करने के कगार पर है. ऐसे में जानें फिल्म के 13 दिनों की पूरी कमाई. बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का हाल ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, धुरंधर 2 ने अब तक वैश्विक सकल संग्रह में रुपये 1,435.41 करोड़ का आंकड़ा छू लिया है. इसमें हिंदुस्तान का योगदान रुपये 1,077.41 करोड़ और विदेशों से रुपये 358 करोड़ रहा. नेट कलेक्शन रुपये 899.92 करोड़ है, जो 267,853 शो में कमाया गया. दूसरे मंगलवार को फिल्म ने रुपये 33.22 करोड़ ग्रॉस और रुपये 27.75 करोड़ नेट कलेक्शन कमाया। ये आंकड़े दर्शकों में फिल्म की स्थिर लोकप्रियता को दर्शाते हैं. ऑल टाइम रैंकिंग में चौथे नंबर पर वर्तमान में धुरंधर 2 दुनिया भर में ऑल-टाइम सकल कलेक्शन सूची में चौथे स्थान पर है. इसे दंगल (2016), बाहुबली 2 (2017) और पुष्पा 2 (2024) पीछे छोड़ना है. दंगल ने चीन में जबरदस्त प्रदर्शन कर रुपये 2,070 करोड़ की कमाई की थी. बाहुबली 2 ने लगभग रुपये 1,788 करोड़ और पुष्पा 2 ने रुपये 1,742 करोड़ का वैश्विक कलेक्शन किया. धुरंधर 2 तेजी से इन फिल्मों के करीब पहुंच रही है और अब यह हिंदुस्तानीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में शुमार होने जा रही है. कास्ट और रिलीज फिल्म को हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज किया गया. मुख्य भूमिकाओं में अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर माधवन, सारा अर्जुन, उदयबीर संधू, गौरव गेरा और राकेश बेदी शामिल हैं. यह भी पढ़ें: धुरंधर 2 के मेकर्स पर लगा स्क्रिप्ट चोरी का आरोप, लीगल एक्शन लेने का दावा The post धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 13वें दिन ग्लोबल कलेक्शन पहुंचा 1500 करोड़ के करीब appeared first on Naya Vichar.

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आज से बदल गए नियम, 1 अप्रैल 2026 से आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए 9 बड़े बदलाव

Rules Change: नए फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की शुरुआत के साथ आज यानी 1 अप्रैल से कई अहम नियम लागू हो गए हैं. प्रशासन और विभिन्न विभागों ने नीतियों में बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और बजट पर पड़ेगा. कहीं टैक्स में राहत है तो कहीं खर्च बढ़ने वाला है. आइए जानते हैं आज से लागू हुए 9 बड़े बदलाव. नई टैक्स व्यवस्था लागू: अब नई टैक्स रिजीम पूरी तरह प्रभावी हो गई है. सैलरीड लोगों के लिए ₹12.75 लाख तक की आय टैक्स फ्री होगी (सेक्शन 87A के तहत), जबकि अन्य के लिए यह सीमा ₹12 लाख तय की गई है. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें TDS के नए फॉर्म लागू: आज से TDS के लिए फॉर्म 16/16A की जगह नए फॉर्म 130 और 131 लागू हो गए हैं. इनमें टैक्स की जानकारी ज्यादा विस्तार से मिलेगी, जिससे ITR फाइल करना आसान होगा. PNB ATM से कैश निकालने की लिमिट घटी: पंजाब नेशनल बैंक ने ATM निकासी की सीमा घटा दी है. अब क्लासिक कार्ड से ₹25,000 और प्लेटिनम कार्ड से ₹50,000 तक ही कैश निकाला जा सकेगा.पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पैन कार्ड नियम सख्त: अब पैन कार्ड बनवाने या जन्मतिथि अपडेट करने के लिए आधार मान्य नहीं होगा. इसके लिए 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र जरूरी कर दिया गया है.पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें रेलवे रिफंड नियम बदला: ट्रेन टिकट कैंसिल करने पर अब रिफंड के लिए कम से कम 8 घंटे पहले आवेदन करना होगा. हालांकि, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक मिलती रहेगी. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें FASTag हुआ महंगा: FASTag एनुअल पास अब महंगा हो गया है. ₹3,000 की जगह अब ₹3,075 देने होंगे, जो 200 यात्राओं के लिए मान्य रहेगा. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टोल प्लाजा पर कैश पूरी तरह बंद: आज से देशभर के टोल प्लाजा पर कैश भुगतान खत्म कर दिया गया है. अब सिर्फ FASTag या UPI से ही पेमेंट होगा.पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें गैस सिलेंडर और ATF के नए दाम: आज सुबह 6 बजे से LPG सिलेंडर और हवाई ईंधन (ATF) की नई कीमतें लागू हो गई हैं. इससे रेस्टोरेंट में खाना और हवाई सफर महंगा हो सकता है. गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी: ऑटो कंपनियों ने अपने वाहनों के दाम 2-3% तक बढ़ा दिए हैं. जिनका बिल 31 मार्च तक नहीं कटा, उन्हें अब ज्यादा कीमत चुकानी होगी.समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Also Read: अब सिम कार्ड की तरह पोर्ट होगा आपका खाता, RBI ला रहा है बैंक अकाउंट पोर्टेबिलिटी The post आज से बदल गए नियम, 1 अप्रैल 2026 से आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए 9 बड़े बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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दीदी की रसोई ने किया 286 करोड़ का कारोबार, 5640 परिवारों की बदली जिंदगी

Jeevika Didi : बिहार में स्त्री सशक्तिकरण की एक नई और सुनहरी इबारत लिखी जा रही है, जहां “दीदी की रसोई” न केवल स्वाद का केंद्र बनी है बल्कि राज्य की ग्रामीण वित्तीय स्थिति का पावरहाउस बनकर उभरी है. राज्यभर में फैली सैकड़ों यूनिट्स के माध्यम से जीविका दीदियां अब प्रोफेशनल शेफ और बिजनेस मैनेजर की भूमिका में नजर आ रही हैं, जो बड़े-बड़े प्रशासनी संस्थानों का जायका बदल रही हैं. “दीदी की रसोई” सिर्फ खाना परोसने का काम नहीं कर रही, बल्कि हजारों स्त्रीओं के जीवन में स्थायित्व और आत्मनिर्भरता ला रही है. समूह बनाकर स्त्रीएं खुद इन रसोइयों का संचालन करती हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं. अस्पतालों से लेकर पुलिस लाइन तक का बदला स्वाद दीदी की रसोई का विस्तार अब सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका दायरा पुलिस अकादमी, ओल्ड एज होम और आवासीय स्कूलों तक पहुंच गया है. पटना के नवीन पुलिस केंद्र से लेकर सुदूर जिलों के रजिस्ट्री ऑफिस तक, हर जगह स्त्रीओं द्वारा संचालित इन रसोइयों की मांग बढ़ रही है. खास बात यह है कि यहां पुलिस के जवानों से लेकर बुजुर्गों तक को उनकी जरूरत और डाइट चार्ट के हिसाब से पोष्टिक भोजन परोसा जा रहा है. डोसा से लेकर लिट्टी-चोखा इन रसोइयों की सबसे बड़ी विशेषता इनका विविध मेन्यू है जो किसी बड़े रेस्टोरेंट को टक्कर देता है. यहां पारंपरिक दाल-भात, भुंजिया और लिट्टी-चोखा तो मिलता ही है, साथ ही साउथ इंडियन डिशेज और मीठे में रसगुल्ले की भी खूब डिमांड रहती है. शाकाहारी भोजन के साथ-साथ कई केंद्रों पर चिकन और मटन चावल का भी स्वाद चखने को मिलता है, जिसे जीविका दीदी पूरी शुद्धता और स्वच्छता के साथ तैयार करती हैं. लो-कॉस्ट मील मॉडल यह पूरा प्रोजेक्ट न केवल मुनाफे के लिए है बल्कि एक ‘लो-कॉस्ट मील मॉडल’ पर आधारित है जो आम जनता को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराता है. इस पहल ने राज्य के 5,640 परिवारों की माली हालत सुधार दी है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गए हैं. जीविका समूहों के माध्यम से संचालित यह मॉडल आज पूरे देश के लिए स्त्री उद्यमिता की एक बेहतरीन मिसाल पेश कर रहा है. Also Read: नीतीश के भरोसेमंद IAS चंचल कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में बने सेक्रेटरी The post दीदी की रसोई ने किया 286 करोड़ का कारोबार, 5640 परिवारों की बदली जिंदगी appeared first on Naya Vichar.

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क्यों लोग आपकी बातों को कर देते हैं अनसुना? चाणक्य नीति में छिपा है इसका जवाब

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुषों में से एक माना जाता है. वे केवल एक महान पॉलिटिशियन ही नहीं थे, बल्कि उन्हें मानव स्वभाव की भी गहरी समझ थी. अपनी नीतियों में उन्होंने कई ऐसी बातें बताई हैं, जो आज के समय में भी हमें सही रास्ता दिखाती हैं. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में यह भी बताया है कि लोग हमारी बातों को क्यों सुनना पसंद नहीं करते. कई बार हमें लगता है कि हम जो कह रहे हैं, वह बिल्कुल सही है, लेकिन फिर भी दूसरे लोग न तो हमारी बात सुनते हैं और न ही उसे गंभीरता से लेते हैं. चाणक्य ने इस समस्या को एक सामान्य समस्या बताया है. अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो यह आर्टिकल खास आपके लिए है. इसमें हम विस्तार से बताएंगे कि ऐसा क्यों होता है. ज्यादा बोलना या गलत समय पर बोलना आचार्य चाणक्य के अनुसार, जब आप जरुरत से ज्यादा बोलते हैं या फिर गलत समय पर बोलते हैं, तो यह आपकी एक बड़ी गलती हो सकती है. अगर आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो हर समय बोलता रहता है या फिर दूसरों को बीच-बीच में टोकता रहता है, तो भी लोग आपकी बातों को सुनना बंद कर देते हैं. कुछ भी कहने से पहले आपको सही समय का ख्याल जरूर रखना चाहिए. आपको कोई भी बात उसी समय कहनी चाहिए जब सामने वाला इंसान उसे सुनने और समझने के मूड में हो. यह भी पढ़ें: सफल लोग क्यों कभी नहीं करते दूसरों की बुराई? चाणक्य की यह सीख बदल देगी आपकी सोच बातों को जटिल बनाना अगर आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी बातों को लंबा खींचते हैं, जटिल या फिर उलझे हुए तरीके से दूसरों के सामने पेश करते हैं, तो भी सामने वाला व्यक्ति आपकी बातों को सुनने में इंटरेस्ट नहीं लेता है. आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी बात को कहने का सबसे सही तरीका है उसे आसान और सीधे तरीके से कहना. अगर आप अपनी बातों को आसान और साफ तरीके से समझाना जानते हैं, तो ही दूसरे इसे ध्यान से सुनना पसंद करते हैं. अहंकार और गलत व्यवहार चाणक्य नीति के अनुसार जब कोई भी इंसान अपनी बातों को अहंकार के साथ या फिर गलत तरीके से कहता है, तो लोग उसकी बातों को स्वीकार करने से मना कर देते हैं. चाणक्य के अनुसार, आपकी सबसे बड़ी ताकत आपकी विनम्रता है. अगर आप विनम्रता के साथ और शांत होकर दूसरों के सामने अपनी बातों को रखेंगे, तो ही दूसरे भी उसे ज्यादा वैल्यू देना शुरू करेंगे. यह भी पढ़ें: कहीं आपकी ये 5 आदतें तो नहीं बना रहीं आपको मानसिक रूप से कमजोर? समय रहते संभल जाएं दूसरों की बातों को न सुनना अगर आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो सिर्फ अपनी बातों को कहते रहते हैं लेकिन दूसरों को बातों को कभी सुनते नहीं हैं, तो भी लोग आपकी बातों को सुनना बंद कर देते हैं. आचार्य चाणक्य के अनुसार एक अच्छा स्पीकर वही है जो पहले बातों को सुनता है और उसके बाद ही कुछ कहता है. भरोसे और सच्चाई की कमी अगर आपने पहले कभी झूठ कहा है या फिर आपकी बातों में सच्चाई नहीं होती, तो भी लोग आपकी बातों को सुनना बंद कर देते हैं. अगर आप चाहते हैं कि दूसरे आपकी बातों को सुनें तो पहले भरोसा बनाना सीखें. अगर आपने एक बार भरोसा तोड़ दिया है तो उसे वापस बनाना आपके लिए काफी कठिन हो सकता है. यह भी पढ़ें: घर में प्यार और सुख-शांति के लिए अपनाएं ये 5 आदतें, चाणक्य की सीख जो आपकी जिंदगी बदल देगी The post क्यों लोग आपकी बातों को कर देते हैं अनसुना? चाणक्य नीति में छिपा है इसका जवाब appeared first on Naya Vichar.

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