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April 2, 2026

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बिहार के 11 MLC सीटों पर सियासी खेल शुरू, NDA vs महागठबंधन में कौन पड़ेगा भारी?

Bihar MLC Election 2026 : बिहार की नेतृत्व में राज्यसभा चुनाव का शोर अभी थमा भी नहीं था कि अब विधान परिषद (MLC) की खाली हो रही सीटों ने सियासत शुरू हो गई है. राज्य में कुल 11 सीटों पर होने वाले इस चुनाव को लेकर पटना से दिल्ली तक जोड़-तोड़ का स्पोर्ट्स शुरू हो चुका है. जून 2026 में 9 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि दो सीटें इस्तीफे के कारण खाली हुई हैं. एनडीए के किले में सीटों का बंटवारा बिहार विधान परिषद के इस चुनाव में एनडीए पूरी तरह से ‘रिलैक्स’ मोड में दिख रहा है. आंकड़ों के जादू ने नीतीश कुमार और भाजपा की राह आसान कर दी है. संभावित हिस्सेदारी की बात करें तो 11 में से 10 सीटें एनडीए के पाले में जाती दिख रही हैं. इसमें सबसे दिलचस्प मोड़ चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को लेकर है. राज्यसभा चुनाव में अपने 19 विधायकों का समर्थन देने के बदले चिराग की पार्टी एक एमएलसी सीट पर अपना मजबूत दावा ठोक रही है. भाजपा के कोटे से मंगल पांडेय द्वारा खाली की गई सीट और जदयू के कोटे से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे वाली सीट पर भी उपचुनाव होना है. माना जा रहा है कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को सदन भेजने के लिए भाजपा अपनी एक सीट पक्की कर चुकी है. महागठबंधन के पास सीमित विकल्प विपक्ष की बात करें तो संख्या बल के मामले में महागठबंधन फिलहाल बैकफुट पर है. सदन में एक सदस्य भेजने के लिए कम से कम 25 विधायकों के वोट की जरूरत है. महागठबंधन के पास एआईएमआईएम और बसपा को मिलाकर कुल 41 विधायक हैं. इस गणित के हिसाब से वे आसानी से केवल एक सदस्य को ही परिषद भेज सकते हैं. एक सीट जीतने के बाद उनके पास 16 विधायक अतिरिक्त बचेंगे, जो दूसरी सीट के लिए पर्याप्त नहीं होंगे क्योंकि उन्हें और 9 विधायकों के समर्थन की दरकार होगी. अब सवाल यह उठता है कि क्या राजद अपनी इकलौती सीट पर खुद का उम्मीदवार उतारेगी या फिर ओवैसी की पार्टी (AIMIM) को राज्यसभा में दिए गए समर्थन का इनाम देगी? किसका खत्म हो रहा कार्यकाल जून 2026 में जिन दिग्गजों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें राजद के सुनील कुमार सिंह और मोहम्मद फारुक, जदयू के गुलाम गौस, भीष्म सहनी और कुमद वर्मा, भाजपा के संजय मयूख और कांग्रेस के समीर कुमार सिंह शामिल हैं. नए समीकरणों के तहत भाजपा और जदयू के हिस्से 4-4 सीटें आने की संभावना है. उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो और चिराग पासवान की लोजपा (आर) को 1-1 सीट मिल सकती है. राजद को अपनी दो मौजूदा सीटों में से एक का नुकसान उठाना पड़ सकता है. कुल मिलाकर, यह चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्वक दलों की एकजुटता और रणनीतिक कौशल की एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है. Also Read: सीएम नीतीश कुमार को मिली Z प्लस सिक्योरिटी, गृह विभाग से आदेश The post बिहार के 11 MLC सीटों पर सियासी स्पोर्ट्स शुरू, NDA vs महागठबंधन में कौन पड़ेगा भारी? appeared first on Naya Vichar.

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54 साल बाद एस्ट्रोनॉट्स सहित मून मिशन पर NASA, अंतरिक्ष में पहुंचा Artemis II, क्यों खास है यह मिशन?

NASA Artemis-II: 50 साल से अधिक समय बाद अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री फिर से चंद्रमा के चारों ओर की यात्रा पर निकल गए. नासा ने बुधवार को आर्टेमिस-II मिशन के तहत पृथ्वी की कक्षा से बाहर इंसानों को भेजा. यह प्रक्षेपण कैनेडी स्पेस सेंटर से किया गया. लगभग 54 वर्षों बाद शुरू किए गए इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री हैं. इस मिशन का रॉकेट फिलहाल पृथ्वी की कक्षा में है, यह गुरुवार तक वहीं परिक्रमा करता रहेगा. इस दौरान ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ (चंद्र-पथ प्रवेश दहन) किया जाएगा, इसके बाद यह चंद्रमा तक की 2,44,000 मील (लगभग 3 लाख 92 हजार 680 किमी) लंबी यात्रा पर निकलेगा. आर्टेमिस-II, 1972 के अपोलो 17 मिशन के बाद चंद्रमा के आसपास जाने वाला पहला चालक-दल मिशन है. यह 10 दिनों की यात्रा पर है. इस मिशन में नासा के कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टिना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के मिशन विशेषज्ञ जेरेमी हैनसन शामिल हैं. चौथे सदस्य, कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसन, इस क्षेत्र में जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी बनेंगे. अंतरिक्ष यात्री लगभग 25 घंटे तक पृथ्वी की कक्षा में रहकर सभी प्रणालियों का परीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ ठीक से काम कर रहा है. इसके बाद ही ओरियन अंतरिक्ष यान अपने इंजन को सक्रिय कर चंद्रमा की ओर बढ़ेगा, जो लगभग 2,44,000 मील दूर है. नासा के अनुसार, पृथ्वी की कक्षा से चंद्रमा तक पहुंचने में लगभग तीन दिन लगते हैं. चंद्रमा पर नहीं उतरेगा आर्टेमिस-II यह मिशन चंद्रमा पर नहीं उतरेगा. चंद्रमा के सबसे नजदीक होने पर भी यह उससे हजारों मील दूर रहेगा. सबसे नजदीकी पॉइंट से अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के हिस्सों को देख सकेंगे, जहां चंद्रमा उन्हें हाथ की दूरी पर रखी बास्केटबॉल जितना बड़ा दिखाई देगा. यह चंद्रमा के चारों ओर ‘फ्री-रिटर्न ट्राजेक्टरी’ (स्वतः वापसी पथ) पर चलेगा. हालांकि, यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर मानव के उतरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह मिशन ओरियन अंतरिक्ष यान की जीवन-समर्थन प्रणाली और अन्य प्रणालियों का परीक्षण करेगा, जिसे इंसानों को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए तैयार किया गया है. इसके बाद यह पृथ्वी पर लौटेगा. नासा की योजना है कि वह 2028 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारे. Liftoff. The Artemis II mission launched from @NASAKennedy at 6:35pm ET (2235 UTC), propelling four astronauts on a journey around the Moon. Artemis II will pave the way for future Moon landings, as well as the next giant leap — astronauts on Mars. pic.twitter.com/ENQA4RTqAc — NASA (@NASA) April 1, 2026 आर्टेमिस-II मिशन में चंद्रमा पर क्यों नहीं उतरेंगे एस्ट्रोनॉट्स? इसका मुख्य कारण तकनीकी है. ओरियन अंतरिक्ष यान को चंद्रमा पर उतरने के लिए नहीं बनाया गया है. इसे गहरे अंतरिक्ष में यात्रा के लिए तैयार किया गया है, न कि चंद्रमा पर उतरने के लिए. इसमें उतरने, सतह पर संचालन और फिर वापस उड़ान भरने के लिए जरूरी प्रणालियां मौजूद नहीं हैं. इसलिए, चंद्रमा के करीब पहुंचने के बावजूद अंतरिक्ष यात्री वहां उतर नहीं सकते. चंद्रमा की यात्रा बनेगा नया रिकॉर्ड अंतरिक्ष यात्री स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के जरिए रवाना हुए, जिसकी ऊंचाई 322 फीट है. पूरी तरह ईंधन भरे होने पर इसका वजन 5.75 मिलियन पाउंड होता है. अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद वे ओरियन कैप्सूल में अपनी यात्रा जारी रखेंगे. इस मिशन के दौरान चालक दल पृथ्वी से लगभग 43,000 मील दूर तक जाएगा. मिशन के छठे दिन चालक दल के चंद्रमा के दूर वाले हिस्से (फार साइड) से लगभग 4,600 मील (7,400 किलोमीटर) आगे जाने की उम्मीद है. इस दौरान वे पृथ्वी से करीब 2,53,000 मील की दूरी तक पहुंच सकते हैं. यह इस मिशन की अधिकतम दूरी हो सकती है. अगर मिशन तय योजना के अनुसार चलता है, तो अंतरिक्ष यात्री मानव द्वारा पृथ्वी से अब तक की सबसे दूर यात्रा का रिकॉर्ड बना सकते हैं, जो अपोलो 13 मिशन (1970) के रिकॉर्ड से भी आगे होगा. उस समय अपोलो मिशन ने 2,48, 455 मील (4 लाख 171 किलोमीटर) की दूरी तय की थी. आर्टेमिस-II मिशन का काम क्या होगा? मिशन का एक अहम हिस्सा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के उन क्षेत्रों की 4,000 से 6,000 मील की ऊंचाई से तस्वीरें लेना है, जहां भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों के उतरने और स्थायी आधार (बेस) बनाने की योजना है. यह लंबी यात्रा अंतरिक्ष यात्रियों को महत्वपूर्ण उपकरणों और जीवन-समर्थन प्रणालियों का परीक्षण करने का समय भी देगी, जो भविष्य के मिशनों, खासतौर पर 2028 में प्रस्तावित आर्टेमिस-IV के लिए जरूरी होंगे. इसमें फिर से इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारने की योजना है. यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत पर भी नजर रखी जाएगी, जिसमें बढ़े हुए विकिरण (रेडिएशन) और सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (माइक्रोग्रैविटी) के प्रभावों का अध्ययन शामिल होगा. उन्हें प्रशांत महासागर में जल-अवतरण (स्प्लैशडाउन) तक 5 मीटर व्यास वाले कैप्सूल के सीमित स्थान में साथ रहना होगा. अंतरिक्ष यात्रियों के निजी सामान बीबीसी के अनुसार, आर्टेमिस-II के चालक दल ने इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए अपने साथ कुछ निजी सामान भी रखे हैं. पायलट विक्टर ग्लोवर अपने साथ बाइबिल लेकर गए हैं, जबकि जेरेमी हैनसन अपने परिवार के लॉकेट (पेंडेंट) लेकर गए. कमांडर रीड वाइजमैन नोटपैड और पेंसिल साथ ले गए हैं और क्रिस्टिना कोच अपने प्रियजनों के हाथ से लिखे संदेश लेकर गई हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से शुरू किया आर्टेमिस मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम को डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में फिर से शुरू किया गया था और बाद में इसे उनके उत्तराधिकारी ने भी जारी रखा. 2022 में आर्टेमिस-1 ने बिना चालक दल के चंद्रमा की सफल परिक्रमा की थी. आखिरी बार इंसानों ने दिसंबर 1972 में अपोलो 17 मिशन के दौरान चंद्रमा पर कदम रखा था. इसके बाद चंद्र अन्वेषण में रुचि कम हो गई और नासा ने अपना ध्यान पृथ्वी के करीब मिशनों, जैसे स्पेस शटल कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, पर केंद्रित कर दिया. ये भी पढ़ें:- ईरान युद्ध पर ट्रंप के भाषण की बड़ी बातें: जल्द समाप्त होगा युद्ध, ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देंगे… ये भी पढ़ें:- आप से दुश्मनी नहीं, लेकिन मासूम बच्चों… ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकियों के नाम लिखा पत्र, 20 बड़ी बातें Artemis-II मिशन: 10 अहम सवाल 

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बल्लेबाजों पर फूटा ऋषभ पंत का गुस्सा: दिल्ली से हार के बाद बोले- अच्छी पिच पर रन नहीं बना सके

LSG vs DC: लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 142 रन ही बनाया. जबकि छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली ने 17.1 ओवर में 4 विकेट खोकर 145 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया. पंत ने कहा- हमारी योजना फेल हो हुई पंत ने मैच के बाद कहा, बल्लेबाजी में हम बड़ी साझेदारी नहीं कर पाए. योजना यह थी कि निकोलस पूरन पांचवें नंबर पर आकर बीच के ओवरों में जिम्मेदारी संभालें. हमें एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो इंपेक्ट प्लेयर के तौर पर कुछ रन जोड़ सके. हमने आयुष बडोनी के लिए एक खास भूमिका तय की थी कि जब हमारे शुरुआती विकेट जल्दी गिर जाएं तो वह उस समय छाप छोड़ सकें. नई गेंद से काफी मदद मिल रही थी, लेकिन आप 140 रन (141 रन) बनाकर विपक्षी टीम पर दबाव नहीं डाल सकते. हमें 20 अतिरिक्त रन भी भारी पड़े. पंत ने ओपनिंग को लेकर क्या दिया जवाब? दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में कप्तान ऋषभ पंत ओपनिंग करने उतरे थे. जिसमें उन्होंने 9 गेंदों का सामना किया और एक चौके की मदद से केवल 7 रन ही बना पाए. जब उनसे पूछा गया कि क्या आने वाले मुकाबलों में भी ओपनिंग करेंगे, तो उन्होंने कहा- यह 50-50 प्रतिशत वाला फैसला था, लेकिन यकीनन आप मुझे शीर्ष क्रम में स्पोर्ट्सते हुए देखेंगे. अब्दुल समद 36 रन बनाकर लखनऊ के टॉप स्कोरर रहे लखनऊ की खराब बल्लेबाजी को इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब्दुल समद 36 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर रहे. उसके बाद मिशेल मार्श ने सबसे अधिक 35 रन बनाए. एडेन मार्कराम 11, मुकुल चौधरी 14 और शाहबाज अहमद केवल 15 रन ही बना पाए. आयुष बडोनी, मोहसिन खान और एनरिच नॉर्टजे तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए. ये भी पढ़ें: LSG vs DC: समीर रिजवी की धमाकेदार फिफ्टी, दिल्ली ने 6 विकेट से जीता मैच LSG vs DC: ऋषभ पंत के साथ हुआ धोखा, बिना गलती के लौटना पड़ा पवेलियन The post बल्लेबाजों पर फूटा ऋषभ पंत का गुस्सा: दिल्ली से हार के बाद बोले- अच्छी पिच पर रन नहीं बना सके appeared first on Naya Vichar.

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ईरान युद्ध पर ट्रंप के भाषण की बड़ी बातें: जल्द समाप्त होगा युद्ध, ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देंगे…

Donald Trump address to nation on Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध पर आज गुरुवार (अमेरिका में बुधवार) को देश के नाम संबोधन किया. इसमें उन्होंने घोषणा की कि ईरान में अमेरिकी ऑपरेशन सफल रहा. उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द अमेरिका इस युद्ध से बाहर होगा. ट्रंप का यह संबोधन 28 फरवरी से चल रहे युद्ध के एक महीने से ज्याादा समय बीतने के बाद आया है. ट्रंप ने 20 मिनट के भाषण में ईरान के ऊपर करारा हमला बोला है. उनके एड्रेस टू नेशन की बड़ी बातें… प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य लगभग पूरे होने के करीब राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में अमेरिका अपने लगभग सभी सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने के करीब पहुंच गया है. अपने राष्ट्रीय संबोधन में उन्होंने अभियान को जल्द समाप्त करने का वादा किया. ट्रंप ने कहा, ‘हम इस काम को पूरा करेंगे, और बहुत तेजी से पूरा करेंगे.’ उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि संघर्ष जारी रहने के दौरान अमेरिका अपने खाड़ी क्षेत्र के सहयोगियों की ‘हर तरह से’ रक्षा करेगा. इससे पहले ट्रंप युद्ध में अमेरिका के उद्देश्यों को स्पष्ट कर चुके हैं, जिनमें शामिल हैं— ईरान की आक्रामक मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना उसकी मिसाइल उत्पादन क्षमता को खत्म करना उसकी नौसेना और व्यापक सुरक्षा ढांचे को निशाना बनाना यह सुनिश्चित करना कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके हालांकि, ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं. ईरान की नौसेना खत्म, वायुसेना तबाह, IRGC नेतृत्व ध्वस्त: ट्रंप अपने टीवी संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना ‘पूरी तरह खत्म’ कर दी गई है, उसकी वायुसेना ‘तबाह’ हो चुकी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का नेतृत्व ‘पूरी तरह ध्वस्त’ कर दिया गया है. मिडिल ईस्ट पर निर्भर नहीं रहा अमेरिका: ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में वेनेजुएला का भी जिक्र किया और वहां अमेरिकी सेना द्वारा किए गए तेज ऑपरेशन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कुछ ही मिनटों में पूरी हो गई और देश को नियंत्रण में ले लिया गया. ट्रंप ने इस मिशन को ‘तेज, घातक और हिंसक’ बताया और कहा कि इससे दुनिया भर में अमेरिका की ताकत का सम्मान बढ़ा है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका अब ऊर्जा के मामले में मध्य पूर्व पर निर्भर नहीं रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सहयोगियों की मदद के लिए वहां मौजूद रहेगा. ईरान में अमेरिकी सेना की तेज और निर्णायक जीत: ट्रंप का दावा डोनाल्ड ट्रंप फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद अपने पहले राष्ट्रीय संबोधन में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में तेज और निर्णायक जीत हासिल की है. ऐसी जीत, जो बहुत कम लोगों ने पहले कभी देखी होगी उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन (एपिक फ्यूरी) का लक्ष्य दुनिया का नंबर एक टेरर स्पांसर देश ईरान था. ईरान को ‘पाषाण युग’ में पहुंचा देंगे, 2-3 हफ्तों में बड़ा एक्शन: ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि अमेरिका अगले ‘दो से तीन हफ्तों’ में ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज करने के लिए तैयार है. व्हाइट हाउस से प्राइमटाइम संबोधन में ट्रंप ने कहा, ‘हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर बेहद कड़ा प्रहार करने जा रहे हैं. हम उन्हें पाषाण युग में पहुंचा देंगे, जहां वे होने चाहिए.’ ईरान के नए नेता ‘कम कट्टर’ और ‘ज्यादा समझदार’: ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के नए नेता ‘कम कट्टरपंथी’ और ‘काफी ज्यादा समझदार’ हैं. व्हाइट हाउस से दिए गए संबोधन में ट्रंप ने फिर दावा दोहराया कि अमेरिका ने ‘शासन परिवर्तन’ हासिल कर लिया है, क्योंकि ‘उनके सभी मूल नेताओं की मौत हो चुकी है.’ उन्होंने यह भी बताया कि इस बीच बातचीत जारी है. ट्रंप ने कहा, ‘हमारा मकसद शासन परिवर्तन (रेजीम चेंज) नहीं था. हमने कभी ऐसा नहीं कहा, लेकिन उनके सभी मूल नेताओं की मौत के कारण वहां शासन परिवर्तन हो चुका है. वे सभी मारे जा चुके हैं. ये भी पढ़ें:- मार्को रूबियो का खुलासा: ईरान बनने वाला था अगला उत्तर कोरिया, ‘फिनिश लाइन’ के करीब पहुंचा युद्ध तेल और बिजली संयंत्रों पर भी हमला कर सकते हैं: ट्रंप ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ‘ईरान के तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है.’ हालांकि, इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि कूटनीतिक रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने अगले कदमों पर विचार करते हुए बातचीत भी जारी रखे हुए है. उन्होंने कहा कि बातचीत के साथ-साथ अमेरिका प्रमुख ठिकानों पर नजर बनाए हुए है. ट्रंप ने चेतावनी दी, ‘अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हम उनके हर एक बिजली उत्पादन संयंत्र पर बेहद कड़ा और संभवतः एक साथ हमला करेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने अब तक ईरान के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया है, जबकि वह ‘सबसे आसान लक्ष्य’ है. ट्रंप के अनुसार, ऐसा हमला ईरान को ‘जीवित रहने या दोबारा खड़ा होने का कोई मौका नहीं देगा.’ ये भी पढ़ें:- जंग के बीच ट्रंप ने कहा- युद्धविराम चाहता है ईरान, तेहरान बोला- झूठा और निराधार दावा हॉर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा करें देश: ट्रंप की अपील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आने वाले तेल पर निर्भर हैं, उन्हें खुद इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका सहयोग देगा, लेकिन जिम्मेदारी उन्हीं देशों की है कि वे ‘उस तेल की सुरक्षा की अगुवाई करें, जिस पर वे बेहद निर्भर हैं.’ ट्रंप ने कहा, ‘मेरे पास एक सुझाव है. पहला, अमेरिका से तेल खरीदिए, हमारे पास बहुत है, बहुत ज्यादा है. दूसरा, अब कुछ देर से ही सही, हिम्मत दिखाइए. पहले करना चाहिए था, हमारे साथ करना चाहिए था. जाइए, अब हॉर्मुज स्ट्रेट पर कब्जा कीजिए, उसकी सुरक्षा कीजिए और अपने लिए इस्तेमाल कीजिए.’ ये भी

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विष्णुगढ़ हत्याकांड: अंधविश्वास में मासूम की दी बलि, मां समेत तीन गिरफ्तार

प्रतिनिधि, हजारीबागVishnugarh Murder Case: डीआइजी अंजनी झा, एसपी अंजनी अंजन व डीसी शशि प्रकाश सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 24 मार्च की रात हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. पुलिस के अनुसार, 25 मार्च की सुबह मिडिल स्कूल के पीछे मैदान से बच्ची का शव मिला था. वह 24 मार्च की रात रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान लापता हो गयी थी. परिजनों के बयान पर विष्णुगढ़ थाना में अपहरण और हत्या का मामला दर्ज हुआ था. 26 मार्च को प्रशिक्षु आइपीएस नागरगोजे शुभम भाउसाहेब के नेतृत्व में एसआइटी बनाया गया था. जांच में अंधविश्वास से जुड़े तथ्य सामने आये. गांव की एक कथित भगताइन ने समस्या दूर करने के नाम पर बच्ची की बलि देने की सलाह दी थी. मृतका की मां बेटे की परेशानी को लेकर भगताइन के पास जाती थी जांच में भगताइन शांति देवी ने बताया कि मृतका की मां पिछले एक वर्ष से अपने बेटे सुधीर कुमार सिंह की परेशानी को लेकर उसके पास आती रही थी. कहा कि उसने पूर्व में स्त्री के घर को तंत्र-मंत्र से बांधा भी था. भगताइन द्वारा बच्ची की मां को बताया गया था कि उसके बेटे की परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने को लेकर किसी कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी. इस पर मृतका की मां तैयार हो गयी. पुलिस के अनुसार मृतका की मां पिछले तीन माह में कई बार भगताइन से मिली भी थी, लेकिन भगताइन ने अष्टमी के दिन स्त्री को अपनी बेटी के साथ पूजा के लिए आने को कहा था. भगताइन ने बताया कि स्त्री अपने तीनों बच्चों को लेकर शाम सात बजे मंगला जुलूस में शामिल हुई थी. रात लगभग आठ बजे वह अपनी छोटी बेटी को लेकर उसके घर पहुंची. वहां उसने स्त्री को बताया कि रात नौ बजे के बाद अच्छा नक्षत्र है, तब उसमें देवास आयेगा. इसके बाद उसने स्त्री को एक अन्य पुरुष के साथ छोटी बेटी को लाने के लिए कहा, क्योंकि बलि के समय धर-पकड़ के लिए एक आदमी की जरूरत पड़ती. उसके बाद भगताइन द्वारा बताया गया कि मृतका की मां रेशमी देवी गांव के ही एक व्यक्ति भीम राम के साथ बच्ची को लेकर उसके घर पहुंची. स्त्री को पूजा के लिए 251 रुपये देने थे, लेकिन उसने 20 रुपये ही दिये. #WATCH | Hazaribagh, Jharkhand: DIG Anjani Kumar Jha says. “On 25th March, the body of a girl was found in Kusumbha village, under the jurisdiction of the Vishnugarh police station. She had gone missing a day earlier, on 24th March… An FIR regarding murder and the POCSO Act was… pic.twitter.com/UtmfrrREea — ANI (@ANI) April 1, 2026 भीमा राम ने बच्ची का गला घोंटा, बच्ची की मां ने पैर पकड़े भगताइन के अनुसार, उसने अपने घर में स्थित मनसा मंदिर के समक्ष बच्ची को बिठाकर कुछ तंत्र-मंत्र की साधना की. इसके बाद बच्ची को बांसबाड़ी (भूत बांधने का स्थान) ले गयी. उसके साथ भीम राम व रेशमी देवी (बच्ची की मां) भी थी. यहां बच्ची को बिठा कर उसे जमीन पर सोने के लिए कहा गया. कर्मकांड पूरा होने के बाद बच्ची को प्लास्टिक पर सुलाया गया. भगताइन के अनुसार, वह बांस की एक छड़ी लिये हुए थी. एसपी ने बताया कि भगताइन ने चारों तरफ इस छड़ी को घुमाया और मंत्र पढ़ कर बोली कि देवास आ गया है. उसे अब कुंवारी लड़की का खून चाहिए. इस पर भीमा राम ने बच्ची का गला घोंट दिया. छटपटाने पर बच्ची की मां ने उसके दोनों पैर पकड़ लिये. जब उन्हें लगा कि बच्ची की मौत हो गयी, तब भगताइन ने छड़ी को बच्ची के शरीर के चारों तरफ घुमाया. इसके बाद भगताइन के कहने पर भीम राम ने बच्ची के सिर पर पत्थर से मारा. बच्ची के सिर से निकले खून से भगताइन ने जमीन की लिपाई-पुताई व पूजा की. दोषियों को सख्त सजा दिलायी जायेगी एसआइटी ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए भीम राम, रेशमी देवी और शांति देवी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने कहा कि इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर दोषियों को सख्त सजा दिलायी जायेगी. एसआइटी में प्रशिक्षु आइपीएस नागरगोजे शुभम भाउसाहेब, विष्णुगुढ़ पुलिस पदाधिकारी वैद्यनाथ प्रसाद, अनुभव भारद्वाज, प्रशांत कुमार, सपन कुमार महथा, विंध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, मो इकबाल हुसैन, इंद्रजीत कुमार, दशरथ महतो, दीपक कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह, कुणाल किशोर व तकनीकी शाखा के पदाधिकारी व कर्मी शामिल थे. The post विष्णुगढ़ हत्याकांड: अंधविश्वास में मासूम की दी बलि, मां समेत तीन गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana: पति रणबीर कपूर के ‘राम’ रूप पर फिदा आलिया, बोलीं- उन्होंने खूबसूरती से काम किया

Ramayana: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट इन दिनों अपने पति रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म ‘रामायण’ को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रही हैं. एक वर्चुअल इंटरैक्शन के दौरान आलिया ने न सिर्फ फिल्म का प्रमोशन किया, बल्कि रणबीर की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने फैंस से अपील की कि जब फिल्म का पहला टीजर रिलीज हो, तो उसे ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट करें. रामायण का टीजर आज यानी 2 अप्रैल को मेकर्स जारी करेंगे. आलिया भट्ट ने ‘राम’ की पहली झलक का किया रिव्यू आलिया भट्ट ने कहा, “रामायण यूनिट कल रिलीज होने वाली है. यह ‘राम यूनिट’ कहलाती है. मैं इसे अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करूंगी, तो आप सभी से फिर से निवेदन है कि इसे जरूर सपोर्ट करें.” अपने पति रणबीर कपूर के परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल शानदार है. मुझे लगता है रणबीर ने बहुत ही खूबसूरती से काम किया है और मैं आप सभी के इसे देखने का इंतजार नहीं कर पा रही हूं.” alia bhatt talking about ramayana and ranbir kapoor in the zoom meet and saying it’s out of the world… supportive wife energy we love to see it

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बंगाल चुनाव: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, प्रदेश अध्यक्ष ​​सुभंकर सेरामपुर से उम्मीदवार

मुख्य बातें गाजोल विधानसभा में बदला उम्मीदवार अब्दुल करीम की घर वापसी अब तक 293 उम्मीदवार घोषित Bengal Election: कोलकाता. कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को 10 और उम्मीदवार घोषित किए, जिनमें प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शुभांकर प्रशासन का नाम भी शामिल है, जिन्हें हुगली जिले के श्रीरामपुर से प्रत्याशी बनाया गया है. सुभंकर ने 2016 में भी वाम-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में सेरामपुर से चुनाव लड़ा था. उन्होंने चुनाव लड़ा था. उस समय सुभंकर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सुदीप्ता रॉय से हार गए थे. एक दशक बाद, कांग्रेस उन्हें उसी सीट से दोबारा मैदान में उतारकर एक नेतृत्वक संदेश देने की कोशिश कर रही है. गाजोल विधानसभा में बदला उम्मीदवार कांग्रेस के जिन 10 सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा की है, उनमें गाजोल विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है जहां उम्मीदवार बदला गया है. यहां से पहले उम्मीदवार घोषित संजय प्रशासन के स्थान पर प्रेम चौधरी को टिकट दिया गया है. इस सूची में अलीपुरदुआर से मृण्मय प्रशासन, इस्लामपुर से गुड्डी रियाज, फरक्का से महताब शेख, सागरदिघी से मनोज चक्रवर्ती, बेलडांगा से शहरुद्दीन शेख, बदुरिया से काजी अब्दुल रहीम, अशोकनगर से अंगशुमन रॉय और पटाशपुर से प्रणब कुमार महापात्र को टिकट दिया गया है. अब्दुल करीम की घर वापसी कांग्रेस पार्टी ने उत्तर 24 परगना के बदुरिया से काजी अब्दुर रहीम को टिकट दिया है. इस सीट से वर्तमान विधायक तृणमूल से टिकट कटने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए थे. बदूरिया (दिलू) से तृणमूल के निवर्तमान विधायक काज़ी अब्दुल रहीम पिछले मंगलवार को दिल्ली गए और कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस ने उन्हें उसी निर्वाचन क्षेत्र से टिकट दिया. 2016 में, काज़ी अब्दुल रहीम ने कांग्रेस के टिकट पर उसी सीट से चुनाव जीता था. बाद में, वे तृणमूल में शामिल हो गए और उसी सीट से दोबारा विधायक बने. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अब तक 293 उम्मीदवार घोषित कांग्रेस में पश्चिम बंगाल के लिए बीते रविवार को 284 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी.पहली सूची में कांग्रेस ने पार्टी की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर से और तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद मौसम नूर को मालतीपुर से मैदान में उतारा गया था. कांग्रेस राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ रही है और अब तक उसने कुल 293 सीट पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे. मतगणना चार मई को होगी. Also Read: हिंदुओं को वोटर बनने से रोकना चाहती है ममता, तृणमूल के ‘लीक’ हुए फॉर्म 6 पर भाजपा ने पलटवार The post बंगाल चुनाव: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, प्रदेश अध्यक्ष ​​सुभंकर सेरामपुर से उम्मीदवार appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में आशा मॉडल से दूर होगा सिंचाई का संकट, सोलर से होगी किसानों की कमाई

Bihar News: बिहार के कृषि क्षेत्र में आशा मॉडल’ सूखे खेतों की प्यास बुझाएगी, बल्कि किसानों की जेब भी भरेगी. जल संसाधन विभाग ने एक अनोखा ‘आशा’ मॉडल विकसित किया है, जो पारंपरिक सिंचाई की चुनौतियों को हमेशा के लिए खत्म करने का दम रखता है. पटना के पालीगंज से शुरू होने वाला यह प्रोजेक्ट राज्य के भविष्य की नई इबारत लिखने को तैयार है. क्या है ‘आशा मॉडल’ और क्यों है खास? राज्य प्रशासन द्वारा विकसित ‘आशा मॉडल’ एक ऐसी तकनीक है, जो सिंचाई के पारंपरिक और आधुनिक साधनों का संयोजन करती है. इसमें आहर-पइन जैसे पुराने जल स्रोतों का रिनोवेट कर उन्हें सोलर पावर सिस्टम से जोड़ा जाता है.अक्सर मानसून की बेरुखी या नहरों में पानी की कमी के कारण फसलें दम तोड़ देती थीं, लेकिन आशा मॉडल इस अंतर को पाट देगा. इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसानों को सिंचाई के लिए अलग से खर्च नहीं करना होगा. सौर ऊर्जा से पंप चलेंगे और जरूरत के हिसाब से खेतों तक पानी पहुंचेगा. पटना जिले के पालीगंज प्रखंड में इस योजना का पहला प्रयोग किया जा रहा है. यहां सात एकड़ के आहर का रिनोवेट किया गया है और उसके पास एक एकड़ में सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है. नहर से पानी लाने के लिए 1.2 किलोमीटर लंबा चैनल बनाया जा रहा है. इसके साथ ही 30 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे खेतों तक सीधे पानी पहुंच सके. इस पूरे सिस्टम को नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. कैसे मिलेगा सालभर पानी? मानसून के दौरान या नहर में पानी आने पर उसे आहर में संग्रहित किया जाएगा. जब बारिश बंद हो जाएगी या नहर सूख जाएगी, तब सोलर पंप के जरिए उसी पानी को खेतों तक पहुंचाया जाएगा. इस प्रक्रिया से सिंचाई पूरी तरह मौसम पर निर्भर नहीं रहेगी और किसानों को हर समय पानी उपलब्ध होगा. इस मॉडल से सिर्फ सिंचाई ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त आय का रास्ता भी खुलेगा. सोलर प्लांट से जो अतिरिक्त बिजली बनेगी, उसे राज्य की बिजली कंपनी खरीदेगी. इससे किसान को कार्बन क्रेडिट स्कोर मिलेगा, जिससे अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय आय के रास्ते भी खुलेंगे. पालीगंज में सफलता मिलने के बाद इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू करने की योजना है. अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो बिहार में सिंचाई की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है. पर्यावरण और आय का अनोखा संगम यह मॉडल न केवल आर्थिक रूप से सक्षम है, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी उतना ही संवेदनशील है. सौर ऊर्जा के उपयोग के कारण यह ‘स्वच्छ कार्बन’ तकनीक को बढ़ावा देता है. आशा मॉडल बिहार के जल प्रबंधन और कृषि विकास के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है. Also Read: बिहार के 80 हजार स्कूलों का बदलेगा टाइम टेबल, 6 अप्रैल से मॉर्निंग शिफ्ट, सुबह 6:30 बजे से लगेगी क्लास The post बिहार में आशा मॉडल से दूर होगा सिंचाई का संकट, सोलर से होगी किसानों की कमाई appeared first on Naya Vichar.

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जमशेदपुर का पुलिस अस्पताल ‘बीमार’, 30 साल बाद खुला लेकिन 5 महीने में ही हुआ बदहाल

जमशेदपुर, (श्याम झा की रिपोर्ट): 30 साल बाद बड़े दावों के साथ 3 अक्तूबर 2025 को शुरू किया गया जमशेदपुर के साकची का जिला पुलिस अस्पताल पांच माह में खुद ही अवसाद में चला गया है. यहां न डॉक्टर हैं, न नर्स, न दवा और न ही जांच की सुविधा है. सभी बेड खाली हैं. सुविधा के नाम पर सिर्फ बिजली है. लगभग 10 लाख की लागत से मरम्मत के बावजूद अस्पताल सिर्फ खाली इमारत बनकर रह गयी है, जबकि 2,200 पुलिसकर्मी आज भी इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं. 3 अक्तूबर 2025 को फिर से शुरु किया गया था अस्पताल साकची शीतला मंदिर के पास स्थित जिले के एकमात्र पुलिस अस्पताल को 30 साल बाद फिर से 3 अक्तूबर 2025 को शुरू किया गया. उद्घाटन के दिन कुछ पुलिसकर्मियों की जांच भी की गयी, लेकिन पांच माह बीत जाने के बावजूद अबतक अस्पताल में एक भी डॉक्टर, नर्स और कम्पाउंडर की पोस्टिंग नहीं की गयी. अस्पताल में खून जांच की व्यवस्था भी नहीं है. सिविल सर्जन गाहे-बगाहे अस्पताल आते हैं. कुछ देर रुकने के बाद फिर वे अपने कार्यालय चले जाते हैं. अस्पताल में डॉक्टर का चैंबर बनाया गया है, लेकिन कुर्सी खाली पड़ी है. अस्पताल में बेड तो है, लेकिन इस पर मरीज नहीं हैं. Also Read: रांची में ‘ऑटो गैंग’ का आतंक! मंदिर जा रहे भाइयों को पहले मारी टक्कर, फिर पीटा और गले से उड़ाया सोने का लॉकेट वर्षों से खंडहर में तब्दील था यह अस्पताल पूर्वी सिंहभूम जिले का इकलौता पुलिस अस्पताल वर्षों से खंडहर में तब्दील था. वर्तमान एसएसपी पीयूष पांडेय के प्रयास से अस्पताल का जीर्णोद्धार हुआ. रंगरोगन के अलावा चहारदीवारी बनी भी बनी. बेड और कुर्सियां भी व्यवस्थित की गयीं. उद्घाटन सत्र में रोटरी क्लब ने भी सहयोग किया, लेकिन 3 अक्तूबर के बाद से फिर इस अस्पताल की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा. अस्पताल की देखभाल की जिम्मेवारी ट्रैफिक डीएसपी को दी गयी है. वर्तमान में दो पुलिसकर्मी भी तैनात किये गये हैं. पुलिसकर्मियों की मानें तो वे लोग 24 घंटे लोगों की सुरक्षा में तैनात रहते हैं. लेकिन हमारे और हमारे परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा पर किसी का ध्यान नहीं है. क्या कहते हैं पुलिस एसोसिएशन के सचिव और सिविल सर्जन साकची में जिला का एकमात्र पुलिस अस्पताल है. लेकिन डॉक्टर और नर्स नहीं होने से पुलिसकर्मियों का इलाज नहीं हो पाता है. इसके अलावा गोलमुरी पुलिस केंद्र में भी एक अस्पताल की आवश्यकता है. ताकि पुलिसकर्मी या उनके परिवार के लोगों की तबीयत बिगड़ने पर इलाज हो सके. बिजेंद्र कुमार, सचिव, पुलिस एसोसिएशन जिला में डॉक्टर और नर्सों की कमी है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर और नर्स पुलिस अस्पताल में देना संभव नहीं है. फिलहाल चार लोगों को नियुक्त किया गया है. इसके अलावा मैं खुद वहां जाकर मरीज का इलाज करता हूं. डॉ साहिर पाल, सिविल सर्जन, जमशेदपुर Also Read: देवघर डीसी का ‘रिश्वतखोरों’ पर हंटर! घूस लेते पकड़े गए प्रधान लिपिक और अनुसेवक निलंबित The post जमशेदपुर का पुलिस अस्पताल ‘बीमार’, 30 साल बाद खुला लेकिन 5 महीने में ही हुआ बदहाल appeared first on Naya Vichar.

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Love And War Starcast: रणबीर, आलिया और विक्की में कौन है सबसे रईस? नेटवर्थ जान चौंक जाएंगे आप

Love And War Starcast Net Worth: बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर संजय लीला भंसाली एक ऐसी फिल्म लेकर आ रहे हैं, जिसमें रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल की तिकड़ी पहली बार एक साथ दिखेगी. पहले यह फिल्म 20 मार्च को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई है. रिलीज में भले ही देरी हो, पर फैंस यह जानने को बेताब हैं कि उनकी इस पसंदीदा स्टारकास्ट में सबसे ज्यादा दौलत किसके पास है. आइए आपको पूरी डिटेल्स बताते हैं. आलिया भट्ट दौलत के मामले में सबसे आगे बॉलीवुड की ‘गंगूबाई’ यानी आलिया भट्ट आज के समय में कमाई के मामले में सबको पीछे छोड़ रही हैं. अपनी सुपरहिट फिल्मों और ब्रांड एंडोर्समेंट के दम पर आलिया ने काफी संपत्ति बनाई है. इकोनॉमिक टाइम्स रिपोर्ट्स की अनुसार आलिया भट्ट की कुल नेटवर्थ 550 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. रणबीर कपूर लग्जरी लाइफ और करोड़ों की कमाई फिल्म ‘एनिमल’ की सफलता के बाद रणबीर कपूर का कद बॉलीवुड में और भी बढ़ गया है. अगर बात उनकी प्रॉपर्टी और कमाई की करें, तो रणबीर भी कुछ कम नहीं हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रणबीर की कुल नेटवर्थ करीब 345 करोड़ रुपये है, हालांकि वो फिल्म के लिए आलिया से ज्यादा फीस लेते हैं; ‘सैम बहादुर’ का नेटवर्थ देखें ‘सैम बहादुर’ और ‘छावा’ जैसी फिल्मों से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले विक्की कौशल भी काफी लग्जरी लाइफ जीते हैं, हालांकि नेटवर्थ के मामले में वो रणबीर और आलिया से थोड़े पीछे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक विक्की की नेटवर्थ लगभग 41 करोड़ रुपये है. कौन है सबसे ज्यादा अमीर? अगर तीनों की तुलना करें, तो आलिया भट्ट अमीरी के मामले में नंबर-1 पर हैं. वहीं रणबीर कपूर दूसरे और विक्की कौशल तीसरे नंबर पर आते हैं. ‘लव एंड वॉर’ में इन तीन बड़े और रईस सितारों को एक साथ स्क्रीन शेयर करते देखना वाकई दिलचस्प होने वाला है. यह भी पढ़ें: ‘भूत बंगला’ की रिलीज से पहले उज्जैन पहुंचे अक्षय कुमार, सास डिंपल संग टेका मत्था The post Love And War Starcast: रणबीर, आलिया और विक्की में कौन है सबसे रईस? नेटवर्थ जान चौंक जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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