वो गुहार लगाती रहीं, लेकिन ट्रंप नहीं पसीजे… अटार्नी जनरल पाम बॉन्डी को किया बर्खास्त, लेकिन क्यों?
Trump Fires Attorney General Pam Bondi: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को पद से हटा दिया. यह फैसला ऐसे समय आया है जब उनकी कार्यशैली को लेकर लंबे समय से विवाद और असंतोष चल रहा था. वे अपने पूरे कार्यकाल में ट्रंप के एजेंडे पर ही चल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उनकी छुट्टी कर दी गई. उन्हें ट्रंप के प्रति बेहद वफादार सहयोगी के रूप में देखा जाता था, लेकिन करीब 14 महीने के भीतर ही यह भरोसा टूट गया और उनका कार्यकाल विवादों के बीच खत्म हो गया. आखिर ये कैसे हुआ? डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में हुए एक तीखे टकराव के बाद यह कदम उठाया गया, जहां ट्रंप ने बॉन्डी पर ‘माफ न करने लायक गलती’ करने का आरोप लगाया. मेल के सूत्रों के मुताबिक, बॉन्डी ने अपने पद पर बने रहने के लिए ट्रंप से गुहार लगाई, लेकिन राष्ट्रपति अपने फैसले पर अडिग रहे और साफ कर दिया कि अब उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है. व्हाइट हाउस में टकराव: आखिरी कोशिश भी बेकार मेल की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम ट्रंप के ईरान युद्ध पर प्राइम-टाइम संबोधन से ठीक पहले हुआ. बॉन्डी इस फैसले से बहुत परेशान और नाखुश थीं और उन्होंने ट्रंप को मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें तुरंत हटा दिया गया. शुरुआत में इस फैसले की घोषणा अगले दिन की जानी थी, लेकिन मीडिया में तेजी से बढ़ती अटकलों के कारण इसे जल्द सार्वजनिक कर दिया गया. 60 वर्षीय बॉन्डी ने 2011 से 2019 तक फ्लोरिडा की अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्य किया. साल 2020 में जब ट्रंप पर सत्ता के दुरुपयोग को लेकर पहला महाभियोग चला, तब बॉन्डी उनकी कानूनी टीम का हिस्सा बनीं और बचाव पक्ष की वकील के तौर पर उन्होंने अपनी मजबूत दलीलों से खास पहचान बनाई. ट्रंप ने फरवरी 2025 में बॉन्डी को अटार्नी जनरल के पद पर नियुक्त किया था. Pam Bondi “begged” Donald Trump not to fire her in an “explosive showdown” at the White House. Trump informed her shortly before his prime-time Iran war address, a senior administration source told the Daily Mail. Bondi pleaded for more time in the role, but Trump made it clear… pic.twitter.com/iVivwkXovq — Republicans against Trump (@RpsAgainstTrump) April 2, 2026 बर्खास्तगी की बड़ी वजह: एपस्टीन फाइल्स विवाद बॉन्डी की विदाई के पीछे सबसे बड़ा कारण जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का विवाद माना जा रहा है. ट्रंप प्रशासन पर इन फाइलों को ठीक से हैंडल न करने और पारदर्शिता की कमी के आरोप लगे. बॉन्डी के ऊपर आरोप लगे कि उन्होंने एपस्टीन की क्लाइंट लिस्ट में से कुछ नामों को छुपाया, इससे ट्रंप की छवि को धक्का लगा. वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप का मानना था कि न्याय विभाग (DOJ) ने इस मामले में उनके नेतृत्वक विरोधियों के खिलाफ पर्याप्त आक्रामकता नहीं दिखाई, जिससे मामला बिगड़ता चला गया. दूसरा कारण: एरिक स्वॉलवेल लीक विवाद एक और बड़ा आरोप यह है कि बॉन्डी ने एरिक स्वालवेल को एफबीआई की जांच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक की. यह जांच स्वॉलवेल और कथित चीनी जासूस क्रिस्टीन फैंग के संबंधों से जुड़ी थी. स्वॉलवेल ने एफबीआई से उनके और फैंग के पुराने संबंधों से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक न करने की मांग की थी. सोमवार को स्वॉलवेल के वकीलों ने एफबीआई निदेशक काश पटेल को एक ‘सीज एंड डेसिस्ट’ नोटिस भेजा, जिसमें बुधवार तक लिखित आश्वासन मांगा गया कि इन फाइलों को जारी नहीं किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, एफबीआई इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की तैयारी में था, लेकिन बॉन्डी के हस्तक्षेप से व्हाइट हाउस नाराज हो गया. यह भी कहा जा रहा है कि बॉन्डी और स्वॉलवेल के बीच निजी संबंध अच्छे थे, जिससे शक और गहरा गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि व्हाइट हाउस इस बात से नाखुश था कि बॉन्डी, स्वॉलवेल के साथ अपनी निजी दोस्ती के चलते इस मामले में दखल दे रही थीं. 🇺🇸 Pam Bondi was reportedly fired as U.S. Attorney General after Trump suspected she tipped off Eric Swalwell about FBI documents tied to his alleged links with a Chinese spy. The FBI was preparing to release files on Swalwell’s past connection to Christine Fang, but Bondi… https://t.co/LwQ5pjvjyQ pic.twitter.com/guDpBxEvmJ — Mario Nawfal (@MarioNawfal) April 2, 2026 ट्रंप की नाराजगी: विरोधियों पर कार्रवाई नहीं रिपोर्ट्स बताती हैं कि ट्रंप बॉन्डी से इसलिए भी नाराज थे, क्योंकि उन्होंने उनके नेतृत्वक विरोधियों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई. ट्रंप चाहते थे कि उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर न्यूयॉर्क अटार्नी जनरल लेटिटिया जेम्स और पूर्व एफबीआई डायरेक्टर जेम्स कोमी का नाम लेकर कानूनी कार्रवाई की इच्छा जताई थी. बॉन्डी ने केस शुरू तो किया, लेकिन देरी और लचर कानूनी कार्रवाई और पुख्ता सबूत न होने की वजह से कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. इसके लिए भी बॉन्डी को ही जिम्मेदार ठहराया गया. ट्रंप कुछ समय निजी बातचीत में बॉन्डी के लिए नाराजगी जाहिर कर रहे थे. अब उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. पाम बॉन्डी के काम भी बने विवाद की वजह अमेरिका की पूर्व अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी का कार्यकाल लगातार विवादों में घिरा रहा. उनके फैसलों और कामकाज के तरीके को लेकर न्याय विभाग के अंदर और बाहर दोनों जगह तीखी आलोचना हुई. बॉन्डी पर सबसे बड़ा आरोप यह रहा कि उन्होंने जस्टिस डिपार्टमेंट की स्वतंत्रता को दरकिनार कर ट्रंप की नेतृत्वक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाया. पद संभालते ही बॉन्डी ने जस्टिस डिपार्टमेंट में बड़े स्तर पर फेरबदल शुरू किया. उन्होंने उन अधिकारियों और वकीलों को हटाना शुरू कर दिया, जिन्होंने पहले ट्रंप से जुड़े मामलों की जांच की थी. इस कदम से विभाग के कई अनुभवी कर्मचारियों में असंतोष फैल गया और कई ने विरोध में इस्तीफा दे दिया. फरवरी 2026 में एक संसदीय सुनवाई के दौरान बॉन्डी का रवैया काफी आक्रामक रहा. उन्होंने आलोचना करने वाले सांसदों पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें असफल और अप्रासंगिक तक कह दिया. बॉन्डी पर यह आरोप भी लगा कि उन्होंने पुलिस जवाबदेही से जुड़े प्रयासों को कमजोर किया. नागरिक अधिकारों की निगरानी करने वाले विभाग की गतिविधियों को लगभग ठप कर दिया गया, जिसके विरोध

