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April 5, 2026

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बंगाल समेत अन्य राज्यों में वोट के लिए बांटी जा रही शराब, ड्रग्स और कैश, अब तक 651.55 करोड़ जब्त

West Bengal Election Commission Seizure Report 2026: पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के बीच धनबल और प्रलोभन का स्पोर्ट्स चरम पर है. हिंदुस्तान निर्वाचन आयोग (ECI) ने रविवार को चौंकाने वाले आंकड़े जारी किये. आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अब तक 651.51 करोड़ रुपए से अधिक की जब्ती हो चुकी है. इसमें सबसे ज्यादा ‘स्पोर्ट्सा’ पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहा है. जब्ती के मामले में यह राज्य सभी चुनावी राज्यों में टॉप पर है. पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी जब्ती चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अकेले पश्चिम बंगाल से अब तक कुल 319 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है. बंगाल में अब तक 21.29 लाख लीटर से अधिक शराब जब्त की गयी है, जिसकी कीमत लगभग 55 करोड़ रुपए है. करीब 65 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद किये गये हैं. वोटरों को लुभाने के लिए बांटे जा रहे मुफ्त उपहार और अन्य सामान भी बरामद हुए हैं. इसका मूल्य 150 करोड़ रुपए है. 11 करोड़ रुपए कैश और 39 करोड़ रुपए की कीमती धातुएं (सोना-चांदी) जब्त की गयी हैं. तमिलनाडु और असम का भी बुरा हाल जब्ती के मामले में तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है, जहां से 170 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं. यहां सबसे ज्यादा 30 करोड़ रुपए का नकद (Cash) पकड़ा गया है. असम से 97 करोड़, केरल से 58 करोड़ और पुडुचेरी से 7 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आयोग की पैनी नजर : 10,000 से ज्यादा टीमें तैनात चुनाव को हिंसा और प्रलोभन मुक्त बनाने के लिए आयोग ने कमर कस ली है. पूरे देश में 5,173 फ्लाइंग स्क्वायड तैनात हैं, जो शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई कर रहे हैं. 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) अलग-अलग जगहों पर सरप्राइज नाके लगाकर चेकिंग कर रही हैं. इसे भी पढ़ें : चुनावी शोर के बीच ‘काले खजाने’ का स्पोर्ट्स! बंगाल में 274 करोड़ का माल जब्त, शराब, ड्रग्स और फ्री गिफ्ट्स की बाढ़ आम जनता को राहत इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने निर्देश दिया है कि जांच के दौरान आम नागरिकों को परेशान न किया जाये. इसके लिए जिला शिकायत समितियां भी बनायी गयी हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: TMC की स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी, ममता, अभिषेक और शत्रु संभालेंगे कमान, देखें सभी 40 नाम C-Vigil पर करें शिकायत चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर कहीं भी चुनाव आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन हो रहा है, तो नागरिक सी-विजिल (C-Vigil) ऐप के जरिये सीधे चुनाव आयोग को रिपोर्ट कर सकते हैं. 15 मार्च 2026 को चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से ही पूरे देश में सख्त निगरानी रखी जा रही है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ बंगाल में 2 चरणों में वोटिंग, 4 मई को रिजल्ट पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण में 152 और दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा. 4 मई को राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर मतगणना करायी जायेगी. इसे भी पढ़ें दक्षिण 24 परगना में TMC नेता की ‘स्टीमरोलर’ वाली धमकी, BJP बोली- डरा रही ममता की पार्टी कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर को ECI ने बनाया तमिलनाडु का ऑब्जर्वर, ममता के भरोसेमंद IPS बोले- बीमार हूं ममता बनर्जी की महा-कसम : पहले बंगाल, फिर दिल्ली से उखाड़ फेंकूंगी बीजेपी को 50 साल, 3 दुश्मन और 0 पर सिमटी ‘हाथ’, पढ़ें बंगाल में कांग्रेस के वनवास की पूरी कहानी ममता राज में बंगाल में कुपोषण काल, कोलकाता में बढ़ी चाइल्ड वेस्टिंग, 5000 करोड़ का हिसाब नहीं : भाजपा The post बंगाल समेत अन्य राज्यों में वोट के लिए बांटी जा रही शराब, ड्रग्स और कैश, अब तक 651.55 करोड़ जब्त appeared first on Naya Vichar.

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असम : चुनावी मौसम में चाय बागान मजदूरों को लुभाने की होड़

Assam Election 2026 : असम के चाय बागानों में करीब 35 लाख वोटर हैं. इनका खासकर पूर्वी असम की 35 से ज्यादा सीटों पर अच्छा असर है. ये लोग 126 सीटों वाली विधानसभा की कम से कम 10 और सीटों का रिजल्ट भी प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में इनकी पुरानी मांगें (जैसे एसटी का दर्जा, ज्यादा मजदूरी और जमीन के अधिकार) फिर से चुनावी मुद्दा बन गई हैं. सत्ताधारी बीजेपी कह रही है कि पिछले 10 साल में उसने चाय बागान मजदूरों के लिए काफी काम किया है और उनकी जिंदगी में बड़ा सुधार आया है. पार्टी खास तौर पर बागानों के अंदर जमीन के अधिकार देने को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है. भाजपा चाय बगान मोर्चा के अध्यक्ष दुलेन नायक ने कहा कि अब स्कूल, सड़क और कई प्रशासनी योजनाएं पहुंची हैं. इससे हालात बदले हैं. उनका कहना है कि अब इस समुदाय को पहले की तरह दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं माना जाता और शिक्षा से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक काफी सुधार हुआ है. बीजेपी ने क्या किया है वादा? बीजेपी ने अपने कार्यकाल में चाय बागान मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने पर भी जोर दिया. ब्रह्मपुत्र घाटी में ये 126 रुपये से बढ़कर 280 रुपये और बराक घाटी में 105 से 258 रुपये हो गई. पार्टी ने वादा किया है कि फिर सत्ता में आने पर मजदूरी को धीरे-धीरे 500 रुपये तक किया जाएगा. इसके अलावा नौकरियों में आरक्षण, मेडिकल कॉलेजों में सीट और झूमोइर नृत्य जैसी संस्कृति को बढ़ावा देने के कदम भी गिनाए गए हैं. जमीन पर कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा : कांग्रेस वहीं कांग्रेस का कहना है कि इन सुधारों से जमीन पर कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा. असम चाय मजदूर आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष अतुवा मुंडा ने जमीन के अधिकार वाले कदम को सिर्फ दिखावा बताया. उनका आरोप है कि जो ‘डिजिटल पट्टे’ दिए गए हैं, वे कानूनी रूप से सही नहीं हैं. इसमें सही प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई. उन्होंने कहा कि इससे आगे चलकर मजदूरों और बागान मालिकों के बीच विवाद बढ़ सकते हैं. उनके मुताबिक ये कोई स्थायी समाधान नहीं, बल्कि चुनाव से पहले किया गया दिखावटी कदम है. यह भी पढ़ें : असम चुनाव 2026: कांग्रेस उम्मीदवार राहुल रॉय के पास 261 करोड़ की संपत्ति, दो उम्मीदवार के पास शून्य कांग्रेस ने क्या किया है वादा कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि चाय बागान मजदूरों को एसटी का दर्जा दिया जाएगा. साथ ही उनकी मजदूरी बढ़ाकर औद्योगिक न्यूनतम स्तर तक की जाएगी. ज्यादा प्रशासनी सुविधाएं देकर इस सेक्टर को फिर से मजबूत बनाया जाएगा. इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जैसे छोटे दल भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं, जिनका लक्ष्य चाय बागान जनजातियों के वोट बैंक को अपने पक्ष में करना है. हालांकि, इसका चुनावी प्रभाव अभी अनिश्चित है. एसटी दर्जा और मजदूरी बढ़ाने जैसे बड़े मुद्दे अभी भी जस के तस सभी पार्टियां जोर लगा रही हैं, लेकिन एसटी दर्जा और मजदूरी बढ़ाने जैसे बड़े मुद्दे अभी भी जस के तस हैं. चाय बागान का यह समुदाय काफी ताकतवर वोट बैंक है, इसलिए वे सोच-समझकर फैसला लेने की तैयारी में हैं. असम में 9 अप्रैल को वोटिंग होनी है और 4 मई को नतीजे आएंगे, जिससे तय होगा कि आगे की नेतृत्व किस दिशा में जाएगी. The post असम : चुनावी मौसम में चाय बागान मजदूरों को लुभाने की होड़ appeared first on Naya Vichar.

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AI ट्रैक्टर ने डुबोये 2,222 करोड़ रुपये, कंपनी पर लगा ताला

कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने का दावा करने वाली अमेरिकी कंपनी Monarch Tractor का सफर अचानक खत्म हो गया. कंपनी ने एक ऐसा AI ट्रैक्टर बनाया था जो खुद चल सकता था और किसानों की मदद कर सकता था. शुरुआत में इसे भविष्य की खेती का समाधान बताया गया, लेकिन लगातार तकनीकी खराबियों और सुरक्षा विवादों ने कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया. AI Tractor: कैसे हुई कंपनी की बंदी कैलिफोर्निया स्थित Monarch Tractor को शुरुआती दौर में निवेशकों से करीब 2,222 करोड़ रुपये का फंड मिला था और इसकी वैल्यू एक समय 4,194 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी. लेकिन ट्रैक्टरों की टेस्टिंग के दौरान कई बार फेल्योर और क्रैश की घटनाएं सामने आईं. किसानों ने शिकायत की कि रोबोट मोड में ट्रैक्टर का व्यवहार अनिश्चित था और यह आसपास खड़े लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता था. AI Tractor: तकनीकी खामियां और विवाद कंपनी के ट्रैक्टरों में पार्ट्स की फिटिंग और कैलिब्रेशन सही नहीं था. मशीनें बार-बार टूटती थीं और लगातार खराबी आती थी. जिन दुकानों पर ये ट्रैक्टर बेचे गए, वहां से भी शिकायतें दर्ज हुईं. इसके चलते कई पार्टनर्स ने कंपनी से दूरी बना ली. AI Tractor: प्रशासनी निवेश और नुकसान Monarch Tractor में प्रशासन ने भी निवेश किया था, लेकिन कंपनी के बंद होने से टैक्सपेयर्स का पैसा बर्बाद हो गया. किसानों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट न केवल असफल रहा बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हुआ. यह भी पढ़ें: Anthropic के ग्लोबल सर्वे ने बताया- AI से क्या चाहते हैं लोग और डरते किस बात से हैं? यह भी पढ़ें: AI की रेस पर ब्रेक लगाने को सैन फ्रांसिस्को में OpenAI और Anthropic के बाहर प्रोटेस्ट The post AI ट्रैक्टर ने डुबोये 2,222 करोड़ रुपये, कंपनी पर लगा ताला appeared first on Naya Vichar.

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आनंद महिंद्रा हुए झारखंड की वादियों के मुरीद! इस स्थान को बताया ‘बादलों की पहाड़ी’

Anand Mahindra, रांची (मनोज कुमार सिंह): प्रसिद्ध उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर झारखंड की प्राकृतिक छटा की जमकर सराहना करते हुए इसे हिंदुस्तान का एक “अनकहा रहस्य” बताया है. उन्होंने अपने पोस्ट में हिंदुस्तानीय पर्यटन के पारंपरिक दृष्टिकोण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आमतौर पर जब भी पर्यटन की चर्चा होती है, तो लोगों के जेहन में गोवा के समुद्र तट, राजस्थान के ऐतिहासिक किले या हिमाचल की बर्फीली वादियां आती हैं, लेकिन इस दौड़ में झारखंड की अद्भुत सुंदरता अक्सर नजरअंदाज रह जाती हैं. मेघहातुबुरु को बताया ‘बादलों की पहाड़ी’ आनंद महिंद्रा ने खास तौर पर पश्चिमी सिंहभूम स्थित मेघहातुबुरु की खूबसूरत तस्वीरें साझा करते हुए इसे “बादलों की पहाड़ी” (Hill of Clouds) से संबोधित किया. ‘सारंडा जंगल’ के बीच स्थित यह स्थान समुद्र तल से लगभग 4,300 फीट की ऊंचाई पर है. महिंद्रा ने यहां के प्रसिद्ध ‘सनसेट पॉइंट’ का उल्लेख करते हुए इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए एक रियल स्वर्ग बताया है. उनके इस पोस्ट में नेतरहाट की पहाड़ियों, बेतला नेशनल पार्क की वन्यजीव विविधता, बैद्यनाथ धाम की आध्यात्मिकता और हुंडरू फॉल्स के वेग का भी जिक्र था, जिन्हें उन्होंने किसी भी अंतरराष्ट्रीय गंतव्य को टक्कर देने वाला बताया. Also Read: लातेहार: डैम में समा गईं दो जिंदगियां! दो युवकों की नहाने के दौरान मौत, मासूमों के सिर से उठा पिता का साया झारखंड प्रशासन ने व्यक्त किया आभार आनंद महिंद्रा के इस सकारात्मक पोस्ट पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने राज्य प्रशासन की ओर से आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दूरदर्शी सोच और उनके नेतृत्व में झारखंड को एक “यूनिक और सोलफुल” पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है. प्रशासन वर्तमान में राज्य के पर्यटन स्थलों तक कनेक्टिविटी सुधारने, आधुनिक गेस्टहाउस और लग्जरी रिसॉर्ट्स के निर्माण के साथ-साथ ‘इको-टूरिज्म’ को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है. वैश्विक मानचित्र पर उभरता झारखंड पर्यटन मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि झारखंड अपनी प्राकृतिक शुद्धता और “अनटच्ड ब्यूटी” के कारण बहुत जल्द वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक मजबूत और विशिष्ट पहचान बनाने में सफल होगा. प्रशासन की योजना ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा देने की है, ताकि स्थानीय समुदायों को रोजगार मिल सके और सैलानी झारखंड की मूल संस्कृति और परंपराओं से रूबरू हो सकें. आनंद महिंद्रा जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व द्वारा की गई इस प्रशंसा से निश्चित रूप से आने वाले समय में झारखंड में पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है. Also Read: रामगढ़ में लोको पायलटों का ‘हल्ला बोल’! कॉशन पेपर के लिए YM ऑफिस जाने से इनकार The post आनंद महिंद्रा हुए झारखंड की वादियों के मुरीद! इस स्थान को बताया ‘बादलों की पहाड़ी’ appeared first on Naya Vichar.

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पार्लर जैसा निखार अब घर बैठे! आज ही ट्राई करें ये मैजिकल फ्रूट मास्क, लौट आएगा ग्लो

Beauty Tips: गर्मियों का मौसम जैसे ही आता है हमें स्किन से जुड़ी कई तरह की प्रॉब्लम्स से जूझना पड़ जाता है. तेज धूप, लगातार बहता पसीना और धूल-मिट्टी की वजह से स्किन बुरी तरकी से टैन और डैमेज हो जाती है. जब ऐसा होता है तो हम महंगे ट्रीटमेंट्स और प्रोडक्ट्स की तरफ जाना शुरू कर देते हैं. लेकिन हर बार यह पॉसिबल भी नहीं होता कि आप पार्लर जाएं और इतने पैसे खर्च कर सकें. अगर आपके साथ भी यह प्रॉब्लम होती है तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए काफी काम की होने वाली है. आज हम आपको घर पर ही बने कुछ आसान और नेचुरल फ्रूट फेशियल्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी स्किन को ग्लोइंग और हाइड्रेटेड बनाकर रख सकेंगे. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से. ग्लोइंग स्किन के लिए पपीते का फेशियल आपकी स्किन के लिए पपीते को काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसमें कुछ एंजाइम्स पाए जाते हैं जो आपकी स्किन से डेड सेल्स को हटाकर उसे ग्लोइंग बना देते हैं. इसके लिए आपको एक पके हुए पपीते को अच्छे से मैश कर लेना है और इसे अपने पूरे चेहरे पर लगा लेना है. 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर फ्रेश पानी से चेहरे को अच्छी तरह से धो लें. रेगुलर इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन सॉफ्ट और क्लियर बनती है. यह भी पढ़ें: वैक्सिंग के दर्द को कहें हमेशा के लिए गुडबाय! इन 4 नुस्खों से मिनटों में हटाएं अनचाहे बाल ठंडक और हाइड्रेशन के लिए तरबूज का फेशियल तरबूज की खासियत होती है कि उसमें पानी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. ऐसे में इसका इस्तेमाल स्किन को अंदर से हाइड्रेटेड रखने के लिए आपको जरूर करना चाहिए. इसके लिए आपको सबसे पहले तरबूज का रस निकाल लेना है और फिर उसमें थोड़ा सा शहद मिला लेना है. अब इसे अपने पूरे चेहरे पर लगा लें. जब आप इसका इस्तेमाल अपने चेहरे पर करेंगे तो आपकी स्किन को ठडक मिलेगा और साथ ही मॉइस्चर भी बरकरार रहेगा. ड्राय स्किन के लिए केले और शहद का फेशियल अगर आपकी स्किन हमेशा ड्राई रहती है, तो आपको अपने चेहरे पर केले और शहद के फेशियल का इस्तेमाल करना चाहिए. यह आपकी स्किन के लिए सबसे बेस्ट चॉइस है. इसके लिए सबसे पहले केले को मैश कर लें और फि उसमें एक चम्मच शहद मिला लें. अब इसे अपने पूरे चेहरे पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें. यह आपकी स्किन को अंदर से मॉइस्चराइज करता है और उसे सॉफ्ट भी बनाता है. यह भी पढ़ें: धूप में बिताते हैं पूरा दिन? ये आसान रुटीन आपके चेहरे को रखेगा फ्रेश और हाइड्रेटेड The post पार्लर जैसा निखार अब घर बैठे! आज ही ट्राई करें ये मैजिकल फ्रूट मास्क, लौट आएगा ग्लो appeared first on Naya Vichar.

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15 अप्रैल से बजेगी शहनाई, लेकिन सिर्फ इतने ही दिन मिलेंगे शादी के शुभ मुहूर्त

Wedding Muhurat 2026: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होने जा रही है. इसी दिन से विवाह के शुभ मुहूर्त प्रारंभ होंगे और शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी. यह शुभ समय 16 मई तक रहेगा, जिसके बाद एक माह का विराम लगेगा. मलमास के कारण एक महीने का विराम धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 16 मई से 15 जून तक अधिमास (मलमास) रहेगा. इस दौरान विवाह और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या (16 मई) से इसकी शुरुआत होगी और 15 जून को समाप्ति होगी. इसके बाद 16 जून से सामान्य स्थिति लौटेगी और 17 जून से पुनः विवाह समारोह शुरू हो जाएंगे. सीमित हैं विवाह के शुभ मुहूर्त इस बार विवाह के लिए शुभ तिथियां सीमित हैं. 15 अप्रैल से 15 मई के बीच केवल 8 शुभ दिन ही उपलब्ध हैं. इनमें अप्रैल में 3 और मई में 5 दिन शामिल हैं, जिससे लोगों को पहले से योजना बनानी होगी. विवाह के शुभ मुहूर्त की तिथियां अप्रैल: 15, 20, 29 मई: 1, 4, 11, 13, 14 जून: 17, 24, 25, 27 जुलाई: 1, 2, 4, 15 इन तिथियों पर विवाह के लिए शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सीमित मुहूर्त होने के कारण मांग अधिक रहेगी, इसलिए समय रहते तैयारी करना जरूरी है. The post 15 अप्रैल से बजेगी शहनाई, लेकिन सिर्फ इतने ही दिन मिलेंगे शादी के शुभ मुहूर्त appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल में गहराया तेल संकट, अब सप्ताह में 2 दिन छुट्टी का ऐलान

Nepal News : ईरान युद्ध की वजह से नेपाल में पेट्रोल की कमी हो गई है. इस कमी को देखते हुए वहां की नवनियुक्त प्रशासन ने हर सप्ताह दो दिन की छुट्टी देने का फैसला किया है. यह जानकारी वहां के पीएमओ के हवाले से सामने आई है, इसमें बताया गया है कि नेपाल प्रशासन की कैबिनेट मीटिंग में पेट्रोलियम की कमी को देखते हुए, अब सप्ताह में 5 दिन ही काम करने का फैसला किया गया है. ईरान युद्ध की वजह से नेपाल में पेट्रोल की कमी ईरान युद्ध की वजह से नेपाल में पेट्रोल की काफी कमी हो गई है. इसकी वजह यह है कि नेपाल में पेट्रोल की जितनी खपत है, वह सौ फीसदी आयात करता है. होर्मुज स्ट्रेट के बाधित होने की वजह से मिडिल ईस्ट से तेल आयात पर संकट है, इसकी वजह से नेपाल में भी तेल संकट उत्पन्न हो गया है. वहां पेट्रोल की कीमत 180-190 के आसपास हो गई है. नेपाल हिंदुस्तान से आयात करता है पेट्रोल नेपाल 100% तेल हिंदुस्तान से आयात करता है, हालांकि हिंदुस्तान ने नेपाल को तेल भेजना बंद नहीं किया है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई बाधित होने की वजह से हिंदुस्तान, अपने देश को प्राथमिकता दे रहा है. नेपाल को सप्लाई जारी है, लेकिन तेल संकट की समाचारों के बीच वहां के लोग पेट्रोलियम उत्पादों को सुरक्षित रख रहे हैं, जिसकी वजह से बाजार में इसकी कमी नजर आ रही है. ये भी पढ़ें : क्या अमेरिका ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने के लिए कर रहा है JASSM-ER मिसाइल की तैनाती? राजस्थान से हारने के बाद गुजरात टाइटंस के बैटिंग कोच मैथ्यू हेडन ने कहा- बड़े मैच में सही फैसलों की सख्त जरूरत होती है The post नेपाल में गहराया तेल संकट, अब सप्ताह में 2 दिन छुट्टी का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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50 LPA की नौकरी छोड़ बनी Content Creator, सोशल मीडिया यूजर्स ने किया ट्रोल 

Content Creator: आज के समय में ऐसा नहीं है कि आप सिर्फ प्रोफेशनल कोर्सेज करके कमा सकते हैं बल्कि अपने पैशन को फॉलो करके भी लाखों कमा सकते हैं. कुछ ऐसी ही स्टोरी है सान्या बत्रा की, जिन्होंने अपनी 50 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी और अपने पैशन को चुना. सान्या बत्रा आज कॉन्टेंट क्रिएशन करके लाखों कमा रही हैं. नौकरी छोड़ी तो लोगों ने डराया सान्या बत्रा ने एक रील शेयर करके बताया कि उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर कॉन्टेंट क्रिएशन का काम शुरू किया. उन्होंने कहा कि नौकरी छोड़ने का फैसला आसान नहीं था. उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें डर लग रहा था और उनके आसपास के लोग भी इस कदम को गलत मान रहे थे. शुरुआत में वे खुद पर डाउट भी करती थी. View this post on Instagram A post shared by Sanya Batra | Travel & Lifestyle (@insanyaty) रील बनाकर पैसे कमा रही हैं नौकरी छोड़ने के बाद कई बार सान्या को फाइनेंशियल परेशानी हुई. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज कॉन्टेंट क्रिएटर बनकर अपनी सारी जरूरतों को पूरा कर रही हैं. सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना उनकी इस कहानी को लोगों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है. कई यूजर्स ने उनके साहस की तारीफ की, तो कुछ ने इसे अपने अनुभवों से जुड़ा बताया. कुछ ने कहा कि अगर जोखिम उठाने का हौसला और खुद पर भरोसा हो, तो नए रास्ते से भी सक्सेस हासिल किया जा सकता है. सान्या बत्रा के पोस्ट का स्क्रीनशॉट वहीं कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल भी किया. कुछ का कहना है कि जरूर उनके पास कोई बैकअप होगा तभी उन्होंने ये फैसला लिया. नहीं तो कोई 50LPA छोड़कर दुनिया भर में घूमने का फैसला नहीं ले सकता है. लोगों का कहना है कि जब तक किसी के बास स्ट्रॉन्ग बैकअप ऑप्शन न हो तब तक वो अपनी नौकरी छोड़ने का रिस्क नहीं ले सकता है. आज के समय में नौकरी मिलना इतना आसान नहीं है, वो भी सालाना 50LPA वाली नौकरी. यह भी पढ़ें- 12वीं के बाद TTE कैसे बनें, जानें एग्जाम और सैलरी की पूरी डिटेल The post 50 LPA की नौकरी छोड़ बनी Content Creator, सोशल मीडिया यूजर्स ने किया ट्रोल  appeared first on Naya Vichar.

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इस दिन हो सकती है नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट मीटिंग, कई बड़े एजेंडों पर लग सकती है मुहर

CM Nitish: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक बुलाई है. इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक उनके कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक भी हो सकती है. यह बैठक मुख्य सचिवालय में होगी. इसमें सभी मंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल रहेंगे. इसमें कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लग सकती है. नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. इसके बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है. जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिल सकते हैं. सत्ता परिवर्तन की आहट नेतृत्वक गलियारों में यह भी चर्चा है कि बिहार में जल्द ही सत्ता परिवर्तन हो सकता है. बताया जा रहा है कि एनडीए के अंदर नई रणनीति बन रही है और मुख्यमंत्री पद किसी नए चेहरे को दिया जा सकता है. भाजपा के सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल और विजय कुमार सिन्हा के नाम इस दौड़ में सामने आ रहे हैं. अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें कब मिलेगा बिहार को नया सीएम? सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 13 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और इसके बाद 14 अप्रैल को एनडीए की बैठक में नए नेता का चयन हो सकता है. यह भी कहा जा रहा है कि 16 अप्रैल के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. इन सभी बातों पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ती नेतृत्वक गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में बड़ा बदलाव होने वाला है. इसे भी पढ़ें: बिहार के प्रशासनी स्कूलों का समय बदला, सुबह 6:30 बजे लगेंगे क्लास, देखें नया टाइम-टेबल लंबा इंतजार खत्म, दरभंगा से बेंगलुरु के लिए सीधी फ्लाइट सेवा शुरू, सातों दिन मिलेगी फ्लाइट The post इस दिन हो सकती है नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट मीटिंग, कई बड़े एजेंडों पर लग सकती है मुहर appeared first on Naya Vichar.

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जिद्दी बच्चे भी मानेंगे आपकी हर एक बात, जानिए पैरेंटिंग का सही फॉर्मूला

Parenting Tips: माता-पिता हमेशा यह चाहते हैं कि उनके शिशु उनकी बातों को ध्यान से सुनें. जब शिशु पैरेंट्स की बात मानते हैं, तो उन्हें जीवन में सही रास्ते पर चलने की सीख मिलती है. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि शिशु न तो बात सुनते हैं और न ही मानते हैं, बल्कि जिद्दी भी हो जाते हैं. ऐसे में पैरेंट्स के लिए सही कदम उठाना बेहद जरूरी हो जाता है. अगर सही समय पर सही तरीका अपनाया जाए, तो बच्चों को न सिर्फ सुधारा जा सकता है, बल्कि उन्हें बेहतर परवरिश भी दी जा सकती है. आज की यह आर्टिकल उन सभी पैरेंट्स के लिए काम की है, जिनके शिशु उनकी बातों को नजरअंदाज करते हैं या फिर सुनने से इंकार कर देते हैं. यहां हम आपको कुछ आसान और असरदार टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाकर आप अपने बच्चों से अपनी बात मनवा सकते हैं. तो चलिए इन टिप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. प्यार से समझाएं, डांट के नहीं अगर आपके शिशु बातें नहीं मान रहे हैं तो ऐसे में आपको उन्हें डांटने या फिर उनपर गुस्सा करने से बचना चाहिए. अगर आप उन्हें डांटते हैं तो इसका काफी बुरा असर बच्चों पर पड़ता है. आपके गुस्से और डांट की वजह से शिशु डर जाते हैं और जिद्दी भी हो जाते हैं. इसके विपरीत अगर आप उन्हें प्यार और शांति से अपनी बातों को समझाते हैं, तो वे आपकी हर बात को बेहतर तरीके से समझने लग जाते हैं. शिशु आपकी बातों को तब मानना शुरू करते हैं, जबी उन्हें आपसे अपनेपन का एहसास मिलता है. यह भी पढ़ें: शिशु का पहला दिन नए स्कूल में कैसे बनाएं आसान? हर पैरेंट को जाननी चाहिए ये बातें खुद बनें उनका रोल मॉडल शिशु उन्हीं चीजों को सीखते हैं, जिन्हें वे अपने आसपास होते हुए देखते हैं. अगर आप खुद डिसिप्लिन में रहेंगे, दूसरों से भी अच्छे से बातें करते हैं तो वे भी ऐसा ही करता सीखते हैं. अगर आप अपने शिशु से किसी चीज की उम्मीद रखते हैं, तो आपको खुद भी पहले उन आदतों को अपनाना शुरू कर देना चाहिए. क्लियर और आसान भाषा में बात करें कई बार आपके शिशु इसलिए भी बातों को नहीं मानते हैं क्योंकि उन्हें यह समझ ही नहीं आता कि आखिर आप उनसे कम क्या रहे हैं. जब आप अपने शिशु से बात करें तो एक आसान और क्लियर भाषा का इस्तेमाल करें. अपने शिशु को छोटे-छोटे वाक्यों में समझाने की कोशिश करें. जब आप ऐसा करते हैं तो शिशु बातों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं. उनकी बातों को भी ध्यान से सुनें अक्सर ऐसा होता है कि माता-पिता अपने बच्चों से सिर्फ अपनी ही बातें मनवाने में लगे हुए रहते हैं. लेकिन जब बात बच्चों की होती है तो उनकी बातें अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती हैं. अगर आप भी ऐसा ही करते हैं तो शिशु खुद को इग्नोर किया हुआ महसूस करने लगते हैं. जब आप अपने शिशु की बातों को ध्यान से सुनते हैं और उनके इमोशंस को समझते हैं, तो वे भी आपकी सभी बातों को सुनने के लिए तैयार रहते हैं. यह भी पढ़ें: क्या आप भी अपने शिशु से हर दिन कहते हैं ये 3 पॉजिटिव बातें? बदल सकती है उनकी पूरी दुनिया The post जिद्दी शिशु भी मानेंगे आपकी हर एक बात, जानिए पैरेंटिंग का सही फॉर्मूला appeared first on Naya Vichar.

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