Hot News

April 9, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शिक्षक भर्ती परीक्षा में देरी पर बरसे तेजस्वी, बोले-युवाओं के भविष्य का कत्ल कर रही एनडीए सरकार

Bihar BPSC TRE-4 Exam: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में हो रही देरी को लेकर बिहार प्रशासन पर हमला बोला है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए प्रशासन जानबूझकर वैकेंसी में देरी कर रही है, जो लाखों युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कुर्सी की अदला-बदली के स्पोर्ट्स में बिहार के नौजवानों के हक का कत्ल करना बंद किया जाए. तेजस्वी ने गिनाए अपनी प्रशासन के रिकॉर्ड तेजस्वी यादव ने अपने कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि महागठबंधन प्रशासन के 17 महीनों में उन्होंने शिक्षा विभाग को युद्ध स्तर पर चलाया. उन्होंने दावा किया कि बिना किसी पेपर लीक और पूरी पारदर्शिता के साथ TRE-1 और TRE-2 के अंतर्गत रिकॉर्ड 2,20,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा कि टीआरई-4 परीक्षा में लगातार विलंब से बिहार के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उन्होंने एनडीए प्रशासन से अपील की कि वैकेंसी तुरंत जारी की जाए ताकि अभ्यर्थियों की उम्मीदें और परिवार की जिम्मेदारियां… pic.twitter.com/oN53em6ZL2 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 9, 2026 तेजस्वी का कहना है कि उनके प्रशासन से हटते ही TRE-3 पेपर लीक की भेंट चढ़ गया और अब TRE-4 का तो अता-पता ही नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अगस्त 2024 में ही परीक्षा होनी थी, तो अब तक विज्ञापन क्यों नहीं निकला? उम्र निकल रही है और धैर्य जवाब दे रहा शिक्षक अभ्यर्थियों की चिंताओं को स्वर देते हुए तेजस्वी ने कहा कि बार-बार परीक्षा टलने से कई युवाओं की आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा खत्म हो रही है. उन्होंने कहा कि हर युवा नौकरी पाकर अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाना चाहता है, लेकिन डबल इंजन की प्रशासन बहानेबाजी में जुटी है. तेजस्वी ने एनडीए प्रशासन से अपील की है कि नेतृत्व को किनारे रखकर अविलंब TRE-4 की वैकेंसी जारी की जाए, क्योंकि यह लाखों परिवारों की उम्मीदों का सवाल है. चुनावी वादे और धरातल की हकीकत बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद बनी नई प्रशासन के लिए शिक्षक भर्ती अब एक बड़ा सिरदर्द बनती जा रही है. एक तरफ जहां विपक्ष इसे ‘झूठे आसमानी वादे’ करार दे रहा है,दूसरी तरफ लाखों अभ्यर्थी सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को लेकर प्रशासन के खिलाफ सड़क से सदन तक बड़ा मोर्चा खोलेंगे. Also Read: बिहार में अब टोपोलैंड का भी किया जाएगा सर्वे, जानिए विजय सिन्हा का आदेश The post शिक्षक भर्ती परीक्षा में देरी पर बरसे तेजस्वी, बोले-युवाओं के भविष्य का कत्ल कर रही एनडीए प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सम्राट चौधरी के पोस्टर को BJP के ही कार्यकर्ताओं ने फाड़ा, मीडिया प्रभारी बोले- भाजपा का कोई लेना-देना नहीं

Bihar Politics: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से जुड़ा एक पोस्टर बीजेपी ऑफिस के बाहर लगाया गया. इस पोस्टर में सम्राट चौधरी की तस्वीर के साथ लिखा था, ‘वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार बिहार में हो सम्राट की प्रशासन. भाजपा को हमने दिया है हर संभव साथ ठेकेदारी प्रथा आपकी प्रशासन में हो समाप्त.’ इस पोस्टर को भाजपा नेता राजेश कुमार की ओर से लगाया गया है. पटना: नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से पहले वाल्मीकि समाज संघ ने पोस्टर लगाया- ”वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार बिहार में हो सम्राट की प्रशासन”. #PatnaPolitics #SamratChaudhary #ValmikiCommunity #prabhatkhabar @samrat4bjp @BJP4India @NitishKumar @Jduonline pic.twitter.com/z90ByRvmso — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 9, 2026 BJP के मीडिया प्रभारी ने क्या कहा? इस पोस्टर को बीजेपी ऑफिस के बाहर लगाने के कुछ देर बाद ही फाड़ दिया गया. गौर करने वाली बात यह थी कि बीजेपी के ही कार्यकर्ता और बीजेपी कार्यालय के कर्मचारी ने मिलकर पोस्टर को हटा दिया. इस पूरे मामले पर बिहार BJP के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा, किसने पोस्टर लगाया और किसने फाड़ा, इसके बारे में मुझे नहीं पता.इस पोस्टर को लगाने का उद्देश्य क्या था, इसकी भी जानकारी नहीं. सम्राट चौधरी को सीएम बनाने की मांग पर क्या कहा? दानिश इकबाल ने यह भी कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता ने यह पोस्टर नहीं लगाया. जिन लोगों ने भी पोस्टर लगाया है, उसका बीजेपी से कोई लेना-देना नहीं है. सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग पर उन्होंने कहा, कौन-क्या मांग कर रहा है इससे फर्क नहीं पड़ता है. बीजेपी बड़ी पार्टी है. कोई भी निर्णय सामूहिक तौर पर लिया जाता है. इसमें किसी कार्यकर्ता का कोई विषय ही नहीं है. पटना: बिहार बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि पोस्टर लगाने या फाड़ने वाले कौन थे, इसका बीजेपी से कोई संबंध नहीं है. बीजेपी का किसी भी पोस्टर से कोई लेना-देना नहीं है और पार्टी किसी मांग या कार्रवाई से प्रभावित नहीं है.#BiharPolitics #BJP #PatnaNews #prabhatkhabar… pic.twitter.com/jj8BD3M2k1 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 9, 2026 पोस्टर फाड़ने की वजह पूछने पर क्या बताया? पोस्टर फाड़ने की वजह दानिश इकबाल ने बताया कि, इतनी बड़ी लोगों की संख्या है. कौन पोस्टर लगा रहा या फाड़ रहा, मुझे इसकी जानकारी नहीं है. आखिर में उन्होंने यह क्लियर कहा कि भाजपा की ओर से या फिर पार्टी के कोई भी कार्यकर्ता इसमें इंवॉल्व नहीं हैं. दूसरी तरफ पहले पोस्टर लगने और उसके बाद फाड़ दिए जाने पर सियासी पारा चढ़ गया है. आगे इस मामले में किस तरह के बयान आते हैं, यह देखने वाली बात होगी. Also Read: अररिया में युवक की बेरहमी से हत्या, सिर धड़ से किया अलग, हत्यारे की जमकर हुई पिटाई The post सम्राट चौधरी के पोस्टर को BJP के ही कार्यकर्ताओं ने फाड़ा, मीडिया प्रभारी बोले- भाजपा का कोई लेना-देना नहीं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

न ब्लीच, न उजाला इन आसान ट्रिक से हटाएं सफेद कपड़े से जिद्दी पीलापन 

Yellow Stain Removal: सफेद कपड़े हर किसी की पसंद होते हैं, लेकिन समय के साथ उनमें पीलापन आना एक आम समस्या है. पसीना, धूल, गलत तरीके से धुलाई और लंबे समय तक रखे रहने से कपड़ों की चमक फीकी पड़ जाती है. अक्सर लोग इसे साफ करने के लिए ब्लीच या केमिकल का इस्तेमाल करते हैं, जो कपड़ों के कपड़े को कमजोर कर सकते हैं. ऐसे में घरेलू और प्राकृतिक उपाय बेहतर विकल्प साबित होते हैं. नींबू, बेकिंग सोडा, सिरका और धूप जैसे साधारण तरीके न सिर्फ पीलापन दूर करते हैं, बल्कि कपड़ों की गुणवत्ता भी बनाए रखते हैं और उन्हें लंबे समय तक नया जैसा बनाए रखने में मदद करते हैं. 1. नींबू और गर्म पानी का इस्तेमाल नींबू एक प्राकृतिक क्लीनर है. एक बाल्टी गर्म पानी में 2-3 नींबू का रस मिलाएं और कपड़ों को 1-2 घंटे के लिए भिगो दें. इसके बाद सामान्य तरीके से धो लें. इससे पीलापन कम हो जाता है और कपड़े फ्रेश दिखते हैं. 2. बेकिंग सोडा से सफाई बेकिंग सोडा कपड़ों की गंदगी और बदबू हटाने में असरदार होता है. एक बाल्टी पानी में 2 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर कपड़ों को भिगो दें. फिर हल्के डिटर्जेंट से धो लें. यह तरीका कपड़ों को चमकदार बनाता है. 3. सिरका (विनेगर) का उपयोग सफेद सिरका कपड़ों की सफेदी बनाए रखने में मदद करता है. धोते समय पानी में आधा कप सिरका मिला दें. यह दाग और पीलापन हटाने के साथ-साथ कपड़ों को मुलायम भी बनाता है. 4. धूप में सुखाना धूप एक नेचुरल ब्लीच की तरह काम करती है. कपड़ों को धोने के बाद सीधी धूप में सुखाएं. इससे पीलापन धीरे-धीरे खत्म हो जाता है और कपड़े चमकदार दिखते हैं. 5. नमक का इस्तेमाल नमक कपड़ों के जिद्दी दाग और पीलापन हटाने में मदद करता है. गुनगुने पानी में 1-2 चम्मच नमक मिलाकर कपड़ों को कुछ देर के लिए भिगो दें, फिर धो लें. यह भी पढ़ें: क्या आपकी नई जींस का रंग भी बार-बार धोने से फीका पड़ रहा है? पहली बार धोते समय अपनाएं ये आसान ट्रिक यह भी पढ़ें: बिना नुकसान घर पर ऐसे करें महंगे कपड़ों की सफाई, चमक रहेगी बरकरार The post न ब्लीच, न उजाला इन आसान ट्रिक से हटाएं सफेद कपड़े से जिद्दी पीलापन  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या सस्ता होगा हवाई सफर? सरकार ने एयरपोर्ट चार्जेस में की 25% की कटौती

Airport Charges Reduced: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है. इसका सीधा असर हवाई ईंधन (Jet Fuel) पर पड़ा है, जिसकी कीमत फरवरी के मुकाबले मार्च के अंत तक लगभग 100% बढ़ गई है. आम जनता पर महंगे टिकटों का बोझ न पड़े, इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है.  प्रशासन ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को निर्देश दिया है कि वह देश के नॉन-मेजर (छोटे और मझोले) एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में 25% की कटौती करे. यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और अगले तीन महीनों तक जारी रहेगा.  क्यों बढ़ीं अचानक टिकटों की कीमतें? ANI KI रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज (ईंधन शुल्क) बढ़ा दिया था. एयर इंडिया के अनुसार, जेट फ्यूल की कीमत जो फरवरी में करीब 99 डॉलर प्रति बैरल थी, वह 27 मार्च 2026 तक बढ़कर 195.19 डॉलर पहुंच गई. जब एयरलाइंस का खर्च बढ़ता है, तो वे इसका बोझ यात्रियों पर डालती हैं, जिससे टिकट महंगे हो जाते हैं. इसी को रोकने के लिए प्रशासन ने एयरपोर्ट चार्ज घटाने का फैसला लिया है.  क्या यात्रियों की जेब को मिलेगा फायदा? एयरपोर्ट पर लगने वाले लैंडिंग और पार्किंग शुल्क ‘एरोनॉटिकल टैरिफ’ का हिस्सा होते हैं. इनमें 25% की कमी होने से एयरलाइंस के परिचालन खर्च (Operational Costs) में कमी आएगी. प्रशासन को उम्मीद है कि इस राहत के बाद कंपनियां टिकटों के दाम और ज्यादा नहीं बढ़ाएंगी, जिससे घरेलू यात्रियों को राहत मिलेगी.  अगले तीन महीने क्यों हैं खास? प्रशासन का यह आदेश फिलहाल तीन महीने के लिए है. इस अवधि के खत्म होने से पहले स्थिति की समीक्षा की जाएगी. अगर इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें कम नहीं हुईं, तो इस राहत को आगे भी बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल, यह कदम उन लोगों के लिए अच्छी समाचार है जो आने वाले समय में हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं.  ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले The post क्या सस्ता होगा हवाई सफर? प्रशासन ने एयरपोर्ट चार्जेस में की 25% की कटौती appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पूरे बंगाल में परिवर्तन की आंधी, पीएम मोदी बोले- ममता का जो हाल नंदीग्राम में हुआ वही भवानीपुर में होगा

मुख्य बातें टीएमसी पर जमकर हमला बोला परिवर्तन के रास्ते पर चल पड़ा पश्चिम बंगाल बंगाल के लिए PM मोदी ने दी 6 गारंटी ‘धर्म के आधार पर आरक्षण देने में जुटी TMC’ ‘प्रशासनी पदों को TMC के मंत्री लूट रहे’ हल्दिया जिले में हर सीट पर खिलेगा कमल ममता का किला ढहाने की तैयारी! पश्चिम बंगाल में कब है चुनाव? Narendra Modi Election Rally: हल्दिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल में चुनावी हुंकार भरी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हल्दिया में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दावा किया है कि ममता बनर्जी की बंगाल की सत्ता से विदाई तय है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नंदीग्राम की तरह ही इस बार भवानीपुर में भी ममता बनर्जी की हार होगी. पीएम मोदी ने यहां भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के समर्थन में वोट मांगा. मोदी ने विजय संकल्प सभा से बंगाल में बदलाव का आह्वान किया. खराब मौसम के कारण मोदी की सभा की शुरुआत थोड़ी देर से हुई. शुभेंदु अधिकारी ने पहला भाषण दिया. उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बंगाल में बदलाव आएगा. टीएमसी पर जमकर हमला बोला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में जोश और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा में टीएमसी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि टीएमसी ने युवाओं के सपनों को कुचला है और प्राइवेट सेक्टर का नामोनिशान मिटा दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी वोट बैंक को खुश करने के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण देने और तुष्टिकरण की नीति में लगी हुई है। पीएम मोदी ने यह भी भरोसा दिलाया कि भाजपा प्रशासन में भर्ती ट्रांसपेरेंट, समयबद्ध और पूरी तरह निष्पक्ष होगी। कोई कमीशन, रिश्वत या भेदभाव नहीं होगा. शुभेंदु अधिकारी की रैली में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी भीड़ ने उत्साह और जोश के साथ उनके समर्थन में नारे लगाए. परिवर्तन के रास्ते पर चल पड़ा पश्चिम बंगाल पीएम मोदी ने कहा- नंदीग्राम ने 5 साल पहले बदलाव की राह दिखाई थी. अब पूरा पश्चिम बंगाल उसी परिवर्तन के रास्ते पर चल पड़ा है. जो कमाल 5 साल पहले नंदीग्राम ने किया था इस बार वही हाल भवानीपुर में भी होने जा रहा है. पूरे बंगाल में होने जा रहा है. मोदी ने कहा- बंगाल से TMC के जाने का ऐलान हो गया है. विकसित बंगाल के लिए निर्मम प्रशासन की विदाई करनी होगी. पूरे बंगाल में बीजेपी की लहर है. ममता का जो हाल नंदीग्राम में हुआ वही इस बार भवानीपुर में होगा. बंगाल के लिए PM मोदी ने दी 6 गारंटी पहली गारंटी- भयमुक्त बंगाल दूसरी गारंटी- प्रशासनी सिस्टम की जवाबदेही तीसरी गारंटी- भ्रष्टाचार, अपराध की फाइलें खुलेंगी चौथी गारंटी- भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा जाएगा पांचवी गारंटी- TMC के गुंडे नहीं बचेंगे छठी गारंटी- सातवां वेतन आयोग लागू होगा ‘धर्म के आधार पर आरक्षण देने में जुटी TMC’ पीएम मोदी ने कहा- TMC अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए, धर्म के आधार पर आरक्षण देने में जुटी है. कोर्ट बार-बार इस साजिश को खारिज करता है, लेकिन तुष्टिकरण की बीमारी ऐसी है कि ये कोर्ट तक को नहीं मानते, संविधान को नहीं मानते. ये (माहिष्य समुदाय) कब से टीएमसी प्रशासन से अपनी मांग कर रहे हैं, लेकिन टीएमसी, माहिष्य समुदाय की मांग पूरी करने के बजाय बहाने बना रही है, क्योंकि माहिष्य समुदाय टीएमसी का वोट बैंक नहीं है. मैं आज आपको भरोसा देता हूं कि भाजपा प्रशासन संविधान के अनुसार काम करेगी. जिसका जो हक है, वो हक उसे दिलाया जाएगा. ‘प्रशासनी पदों को TMC के मंत्री लूट रहे’ प्रधानमंत्री ने कहा- तृणमूल प्रशासन ने बंगाल के युवाओं के साथ जो किया है, उसके पाप वे अगले 100 सालों में भी नहीं धो पाएंगे. टीएमसी ने बंगाल के युवाओं के साथ दोहरा विश्वासघात किया है. यहां प्राइवेट सेक्टर में कोई नौकरियां नहीं हैं, और अगर हैं भी तो वे घुसपैठियों को दे दी गई हैं. प्रशासनी पदों को TMC के मंत्री लूट रहे हैं. उन्होंने कहा- टीएमसी की प्रशासन में फर्जी डॉक्यूमेंट बनाना और पशुओं की तस्करी यही इंडस्ट्री डेवलप की है. टीएमसी की नेतृत्व का एक ही केंद्रबिंदु है भय पैदा करो. कारखाने और निवेश भय से नहीं चलता है. फैक्ट्रियां भय के सिंडिकेट से नहीं, भरोसे से चलती हैं. यह भरोसा केवल बीजेपी ही दे सकती है. हल्दिया जिले में हर सीट पर खिलेगा कमल हल्दिया में आयोजित जनसभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आश्वस्त करते हुए दावा किया कि इस साल भाजपा हल्दिया के सभी 16 विधानसभा सीटें जीतकर जीत का परचम लहराएगी. जनसभा में शुभेंदु अधिकारी ने कहा- मैं पीएम मोदी को यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि इस जिले में भाजपा पहले से ही 15 में 16 सीटों पर जीत रही थी. इस साल कमल का फूल सभी 16 सीटों पर खिलेगा. इस दावे के साथ भाजपा ने हल्दिया जिले में अपनी ताकत और लोकप्रियता को लेकर स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी इस विधानसभा चुनाव में पूरी तरह तैयार है. ममता का किला ढहाने की तैयारी! इससे पहले रविवार को पीएम मोदी ने उत्तर बंगाल के कूचबिहार में पहली जनसभा के जरिए बंगाल में चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी. बंगाल में बीजेपी ममता बनर्जी का किला ढहाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है. अमित शाह बंगाल में डेरा डाले हुए हैं, अब प्रधानमंत्री मोदी भी बंगाल के चुनावी रण में पूरी तरह से उतर गए हैं. ममता बनर्जी के सामने जहां अपना गढ़ बचाने की चुनौती है तो वहीं बीजेपी बंगाल फतह पर फोकस कर रही है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पश्चिम बंगाल में कब है चुनाव? पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के वोटिंग दो फेज में कराई जानी है. चुनाव आयोग के शेड्यूल के मुताबिक, पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी. वहीं, चुनाव के परिणाम 4 मई को सामने आएंगे. इस बार चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के बीच है. Also Read: पीएम मोदी की सभा के लिए हुई 200 बसों की बुकिंग रद्द, भाजपा ने तृणमूल पर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रिजर्व फ्यूल में ड्राइविंग करना क्यों है खतरनाक? जानिए इससे कार पर क्या असर पड़ता है

अक्सर हम सोचते हैं कि फ्यूल वॉर्निंग लाइट जलने तक गाड़ी चलाना कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन यही छोटी सी आदत आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. जब आपकी गाड़ी में लो फ्यूल लाइट जलती है, तो इसका सीधा मतलब है कि अब टैंक में बस थोड़ा सा ही पेट्रोल बचा है. ‘रिजर्व फ्यूल’ को रोजमर्रा में इस्तेमाल करना सही नहीं है. ये रिजर्व फ्यूल सिर्फ आपको नजदीकी पेट्रोल पंप तक सेफली पहुंचाने के लिए होता है. अगर आप बार-बार इसी पर गाड़ी चलाते हैं, तो इससे आपकी गाड़ी को नुकसान भी हो सकता है. आइए जानते हैं कैसे. फ्यूल पंप डैमेज हो सकता है  फ्यूल पंप टैंक के अंदर होता है और उसी पेट्रोल या डीजल से ठंडा और लुब्रिकेट होता रहता है. लेकिन जब फ्यूल बहुत कम हो जाता है, तो पंप फ्यूल की जगह हवा खींचने लगता है. इससे वो जल्दी गर्म होने लगता है और धीरे-धीरे खराब भी हो सकता है. गंदगी सिस्टम में जा सकती है समय के साथ फ्यूल टैंक के अंदर थोड़ा-बहुत कचरा, जंग या मिट्टी जमा हो ही जाती है. अब जब आप गाड़ी को रिजर्व में चलाते हैं, तो यही नीचे वाला फ्यूल खींचा जाता है और उसके साथ ये गंदगी भी अंदर चली जाती है. इसका नतीजा ये होगा कि फ्यूल फिल्टर जाम हो सकता है, इंजेक्टर खराब हो सकते हैं और इंजन की परफॉर्मेंस भी धीरे-धीरे गिरने लगती है. इंजन के परफॉरमेंस पर पड़ता है असर  कम फ्यूल सीधे आपके इंजन पर असर डालती है. अगर फ्यूल सप्लाई सही नहीं मिलती, तो इंजन झटके देने लगता है, आइडल पर रफ फील होता है और एक्सेलरेशन के समय पावर भी कम लगती है. पेट्रोल कार में तो ये आदत महंगी भी पड़ सकती है, क्योंकि इससे कैटेलिटिक कन्वर्टर तक खराब हो सकता है. ड्राइविंग के समय सेफ्टी रिस्क बढ़ जाता है  अगर आप गाड़ी चला रहे हैं और अचानक बीच सड़क पर पेट्रोल खत्म हो जाए तो ये खतरनाक स्थिति बन सकती है. इंजन बंद होते ही स्टेयरिंग भारी हो जाता है, ब्रेक भी सही से काम नहीं करते और गाड़ी बीच रास्ते में रुक सकती है. खासकर हाईवे या भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ये जोखिम और बढ़ जाता है. फ्यूल गेज पर आंख बंद कर न करें भरोशा अगर आप भी गाड़ी के फ्यूल गेज पर पूरी तरह भरोसा करते हैं, तो थोड़ा अलर्ट हो जाइए. ये मीटर हमेशा 100% सही नहीं होता. सड़क का ढलान, ड्राइविंग कंडीशन और सेंसर की गड़बड़ी इसकी रीडिंग को बदल सकते हैं. यानी डिस्प्ले कुछ और दिखाए और टैंक में फ्यूल कम निकले ऐसा होना बिल्कुल मुमकिन है. यह भी पढ़ें: कुछ बाइक्स में पीछे वाली सीट राइडर सीट से थोड़ी ऊंची क्यों होती है? जानें वजह The post रिजर्व फ्यूल में ड्राइविंग करना क्यों है खतरनाक? जानिए इससे कार पर क्या असर पड़ता है appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ट्रंप की धमकी, कहा- डील टूटी तो ईरान की खैर नहीं, होर्मुज के आसपास तैयार रहेगी अमेरिकी सेना

US Iran Ceasefire: अमेरिका-ईरान में भले ही 14 दिन का युद्धविराम हो गया है, लेकिन जुबानी जंग और ट्रंप की धमकी बदस्तूर जारी है. गुरुवार (हिंदुस्तानीय समयानुसार) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर एक बार धमकी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर किसी कारण ईरान ने डील तोड़ा तो इस बार अमेरिका बहुत बड़ा हमला करेगा. ट्रंप ने कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि इस बार का हमला बहुत बड़ा और घातक होगा. ट्रंप ने ये भी कहा कि जब तक पक्की डील नहीं हो जाती तब तक अमेरिका की सेना, जहाज और हथियार ईरान के आसपास तैनात रहेंगे. ट्रंप ने कहा- ईरान को नहीं बनने देंगे परमाणु शक्ति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा- अमेरिका ने ईरान और उसके आसपास अपने सभी जहाज, विमान और सैनिकों को तैनात रखा है. ताकि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान को पूरी ताकत से कुचला जा सके. अमेरिका ने साफ किया है कि किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे. होर्मुज खुला और सुरक्षित रहेगा- ट्रंप ट्रंप ने अपने बयान से होर्मुज को लेकर अपनी रणनीति भी साफ कर दी है. उन्होंने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला और सुरक्षित रहेगा. यानी अमेरिकी होर्मुज पर ईरान के दावे को खारिज कर रहा है. ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और आराम कर रही है. सेना अपनी अगली विजय का इंतजार कर रही है. दो हफ्ते के सीजफायर पर अमेरिका-ईरान हुए सहमत अमेरिका और ईरान बीते दिन को दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हुए हैं. हालांकि, समझौते की पूरी शर्तें सार्वजनिक नहीं हुई हैं और दोनों देशों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान का कहना है कि समझौते से उसे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की अनुमति मिलेगी. ईरान ने यह भी संकेत दिया कि उसे यूरेनियम संवर्धन जारी रखने की अनुमति होगी. साथ ही युद्ध समाप्त करने के लिए उसकी मांगों में क्षेत्र से अमेरिकी बलों की वापसी, प्रतिबंध हटाना और जब्त संपत्तियों की वापसी भी शामिल हैं. वहीं ट्रंप ने शुरुआत में कहा था कि ईरान ने ‘मानने योग्य’ 10-सूत्री योजना का प्रस्ताव रखा है, लेकिन ईरान का संस्करण सामने आने पर ट्रंप ने इसे धोखाधड़ी करार दिया. Also Read: Iran War: पीएम नेतन्याहू बोले- सीजफायर युद्ध का अंत नहीं, जरूरत पड़ी को फिर शुरू होगा वॉर The post ट्रंप की धमकी, कहा- डील टूटी तो ईरान की खैर नहीं, होर्मुज के आसपास तैयार रहेगी अमेरिकी सेना appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान-इजराइल टेंशन: शांति वार्ता की तैयारी कर रहा पाकिस्तान कहीं बन न जाए पोपट, दो दिनों की छुट्टी

US Iran Ceasefire: पाकिस्तान प्रशासन ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता से पहले इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी की घोषणा कर दी है. आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी कुछ बंद रहेंगे. आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी गतिविधियों की योजना इसी के अनुसार बनाएं. अब सवाल है कि जब ईरान और इजराइल के बीच फिर से टेंशन शुरू हो गई है, तो पाकिस्तान में शांति वार्ता का क्या महत्व रह गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के प्रस्ताव को किया खारिज ईरान के खिलाफ जंग में हीरो बन रहे पाकिस्तान को अमेरिका ने तगड़ा झटका दिया है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. वेंस ने साफ कर दिया है कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है. पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने बयान में कहा था कि सीजफायर हर जगह लागू होगा. जिसमें लेबनान भी शामिल है. JUST IN: 🇺🇸🇱🇧 US Vice President Vance says Lebanon is not included in the ceasefire agreement with Iran. pic.twitter.com/WXufTnTGeX — BRICS News (@BRICSinfo) April 8, 2026 ईरान ने लेबनान में किया एयर स्ट्राइक, 112 लोगों की मौत सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटों के अंदर इजराइल ने लेबनान पर एयर स्ट्राइक किया. जिसमें 112 लोगों की मौत हो गई और 800 से अधिक लोग घायल हुए. इजराइली हमले के बाद ईरान ने फिर से होर्मुज को बंद कर दिया. इधर अमेरिका ने ईरान से जलमार्ग को फिर से खोलने की मांग की है. लेबनान पर इजराइली हमलों के जवाब में ईरान की कार्रवाई से यह संदेह पैदा हो गया है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच हुआ युद्ध-विराम समझौता बरकरार रह पाएगा या नहीं. ये भी पढ़ें: Iran War: पीएम नेतन्याहू बोले- सीजफायर युद्ध का अंत नहीं, जरूरत पड़ी को फिर शुरू होगा वॉर लेबनान पर इजराइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य किया बंद, युद्ध-विराम खतरे में इजरायल के 40 साल के सबसे बड़े हमले में 1500 मौतें: जानें US-ईरान युद्धविराम के बावजूद क्यों जल रहा लेबनान The post ईरान-इजराइल टेंशन: शांति वार्ता की तैयारी कर रहा पाकिस्तान कहीं बन न जाए पोपट, दो दिनों की छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

PM मोदी ने बताया क्यों जरूरी है महिला आरक्षण बिल, सभी पार्टियों से मांगा समर्थन

PM मोदी ने अपने लेख में लिखा- हिंदुस्तान की आबादी में स्त्रीओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है. हमारे राष्ट्र के निर्माण में उनका योगदान बहुत विशाल और अमूल्य है. आज, हिंदुस्तान हर क्षेत्र में स्त्रीओं की शानदार उपलब्धियों का गवाह बन रहा है. फिर भी, नेतृत्व और विधायी संस्थाओं की दुनिया में उनका प्रतिनिधित्व हमेशा समाज में उनकी भूमिका के अनुरूप नहीं रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि जब स्त्रीएं प्रशासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हिस्सा लेती हैं, तो वे अपने साथ ऐसे अनुभव और सूझबूझ लाती हैं, जो सार्वजनिक चर्चा को मजबूत करते हैं. शासन की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं. पीएम मोदी ने स्त्री आरक्षण बिल पर मांगा सभी पार्टियों का साथ PM नरेंद्र मोदी ने स्त्री आरक्षण बिल को लेकर सभी पार्टियों से समर्थन मांगा है. उन्होंने अपने लेख में लिखा- यह पल मिलकर काम करने की मांग करता है. यह किसी एक प्रशासन, पार्टी या व्यक्ति के बारे में नहीं है. यह पूरे देश के बारे में है कि वह इस कदम के महत्व को पहचाने और इसे साकार करने के लिए एक साथ आए. यही वह चीज है जो हम अपनी नारी शक्ति के प्रति ऋणी हैं. इसीलिए, स्त्री आरक्षण बिल का पास होना, ज्यादा से ज्यादा आम सहमति को दिखाना चाहिए और बड़े राष्ट्रीय हित से निर्देशित होना चाहिए. ऐसे मौके हमें खुद के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए काम करने का आह्वान करते हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र की असली ताकत, समय के साथ विकसित होने और ज्यादा समावेशी बनने की उसकी क्षमता में निहित है. मैं सभी सांसदों से, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों, अपील करता हूं कि वे हिंदुस्तान की स्त्रीओं के लिए उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम के समर्थन में एक साथ आएं. स्त्री आरक्षण बिल पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल को बुलाई जाएगी संसद पीएम मोदी ने कहा- 16 अप्रैल को, संसद बुलाई जाएगी ताकि एक महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा की जा सके और उसे पारित किया जा सके. जो स्त्रीओं के लिए आरक्षण को आगे बढ़ाता है. इसे महज एक कानूनी प्रक्रिया कहना इसकी अहमियत को कम करके आंकना होगा. यह पूरे हिंदुस्तान में करोड़ों स्त्रीओं की उम्मीदें है. यह उस सिद्धांत की पुष्टि है जिसने लंबे समय से हमारी सभ्यतागत सोच का मार्गदर्शन किया है – कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब स्त्रीएं आगे बढ़ती हैं. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी की सभा के लिए हुई 200 बसों की बुकिंग रद्द, भाजपा ने तृणमूल पर लगाया धमकाने का आरोप The post PM मोदी ने बताया क्यों जरूरी है स्त्री आरक्षण बिल, सभी पार्टियों से मांगा समर्थन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में कैसे दी पटखनी, पढ़ें पूरा विश्लेषण

खास बातें ममता ने रैलियों पर खर्च किये, शुभेंदु ने संगठन पर दिया जोर 1.74 लाख रुपए अधिक खर्च कर चुनाव जीते शुभेंदु ममता और शुभेंदु के चुनावी खर्च की तुलना फंडिंग के स्रोत (कहां से आये पैसे?) Nandigram 2021 Election Mamata vs Suvendu: खर्च का पैटर्न और जमीनी मशीनरी भाजपा के मजबूत राष्ट्रीय कैडर का शुभेंदु को मिला लाभ चुनावी नतीजा और प्रति वोट खर्च Nandigram 2021 Election Mamata vs Suvendu: हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की चीफ मिनिस्टर और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ नामांकन दाखिल कर दिया है. शुभेंदु ने इस बार ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में चुनौती दी है. 2021 के बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी को उनके गढ़ नंदीग्राम में चुनौती दी थी. तब अपनी पुरानी ‘बॉस’ को 1956 वोटों से हराकर शुभेंदु अधिकारी रातोंरात नेशनल मीडिया में छा गये थे. आखिर शुभेंदु ने कैसे ममता बनर्जी जैसी कद्दावर नेता को पटखनी दे दी? आज भी लोगों के मन में यह सवाल उठता है. आईए, आपको बताते हैं वो फैक्टर, जिसकी वजह से ममता बनर्जी पर भारी पड़े शुभेंदु अधिकारी. ममता ने रैलियों पर खर्च किये, शुभेंदु ने संगठन पर दिया जोर नंदीग्राम 2021 की सबसे चर्चित नेतृत्वक लड़ाई (ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी) थी. चुनाव आयोग को दोनों उम्मीदवारों ने जो जानकारी उपलब्ध करवायी, उसका विश्लेषण करेंगे, तो पायेंगे कि टीएमसी सुप्रीमो ने 21.88 लाख रुपए चुनाव में खर्च किये. उनके मुकाबले शुभेंदु अधिकारी ने 23.62 लाख रुपए खर्च किये थे. दोनों उम्मीदवारों के खर्च का जो स्टेटमेंट है, उसके विश्लेषण से पता चलता है कि दोनों ने अलग-अलग रणनीतियां अपनायीं. ममता ने बड़ी रैलियों पर 89.5 प्रतिशत रुपए खर्च किये. शुभेंदु अधिकारी ने संगठनात्मक मशीनरी पर ज्यादा खर्च किया. 1.74 लाख रुपए अधिक खर्च कर चुनाव जीते शुभेंदु नंदीग्राम की लड़ाई में शुभेंदु अधिकारी का खर्च अधिक प्रभावी साबित हुआ. उन्होंने ममता बनर्जी से 1.74 लाख रुपए अधिक खर्च किये. चुनावी खर्च के विश्लेषण से पता चलता है कि चुनाव में जीत के लिए सिर्फ पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है. खर्च की रणनीति और स्थानीय संगठन पर भी बहुत कुछ निर्भर होता है. ममता बनर्जी के पास शुभेंदु अधिकारी से दोगुना फंड और मुख्यमंत्री की शक्ति थी, लेकिन लोकल लेवल पर वोटर और कार्यकर्ताओं में फूट ने नतीजों को प्रभावित किया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ममता और शुभेंदु के चुनावी खर्च की तुलना ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव 2021 में नंदीग्राम में कुल 21,88,135 रुपए खर्च किये थे. शुभेंदु अधिकारी ने 23,62,126 रुपए खर्च किये. ममता बनर्जी के पास जो फंड था, उसमें से उन्होंने 54.7 प्रतिशत ही खर्च किये. शुभेंदु अधिकारी ने उपलब्ध फंड के मुकाबले 112.4 प्रतिशत खर्च कर डाला. ममता बनर्जी की तुलना में लगभग 1,73,991 रुपए (8 प्रतिशत) अधिक. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ फंडिंग के स्रोत (कहां से आये पैसे?) ममता बनर्जी के पास कुल 40,01,000 रुपए का फंड उपलब्ध था. इसमें TMC से 25 लाख और निजी स्रोतों (भाई से उपहार और अपना व्यक्तिगत फंड) से 15.01 लाख रुपए शामिल थे. शुभेंदु अधिकारी के पास कुल 21,02,000 रुपए का फंड था. इसमें भाजपा के पार्टी से 15 लाख रुपए मिले थे. उन्होंने अपनी जेब से 42 हजार रुपए खर्च किये. चुनाव में उन्होंने आक्रामक निवेश मॉडल अपनाया और चुनाव जीत ली. इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया Nandigram 2021 Election Mamata vs Suvendu: खर्च का पैटर्न और जमीनी मशीनरी ममता बनर्जी का खर्च मुख्य रूप से ‘बिग इवेंट मॉडल’ पर आधारित था. इसमें उनके कुल चुनाव खर्च का 89.5 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक बैठकों और रैलियों पर खर्च हुआ. उनके पास 116 वाहनों और 1,420 से अधिक कार्यकर्ताओं का नेटवर्क था. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी 40 लाख रुपए लेकर उतरीं थीं नंदीग्राम में, सबसे हाई-प्रोफाईल चुनाव में खर्च किये 21.88 लाख भाजपा के मजबूत राष्ट्रीय कैडर का शुभेंदु को मिला लाभ शुभेंदु अधिकारी का भी चुनाव खर्च रैलियों पर केंद्रित था, लेकिन उनकी टीम ने वाहनों, स्थानीय यात्रा और प्रशासनिक कार्यों पर ममता बनर्जी की तुलना में अधिक निवेश किया. उन्होंने भाजपा के मजबूत संगठन और राष्ट्रीय कैडर का उपयोग किया. इसे भी पढ़ें : ‘स्पोर्ट्सा होबे’ के बाद ‘आबार जीतबे बांग्ला’, ममता का ‘बोर्गी’ दांव बनाम भाजपा का ‘जय मां काली’, नारों के युद्ध में कौन भारी? चुनावी नतीजा और प्रति वोट खर्च ममता बनर्जी को नंदीग्राम में 41,505 वोट मिले. उनका प्रति वोट खर्च 52.73 रुपए रहा. शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम में 43,461 वोट मिले. उनका प्रति वोट खर्च 54.36 रुपए रहा. इसे भी पढ़ें ममता बनर्जी की फिसली जुबान, शुभेंदु अधिकारी ने वीडियो शेयर कर पूछा- क्या यही है बंगाल की गरिमा? बंगाल चुनाव 2026: सीएम फेस पर शमिक भट्टाचार्य ने कर दिया बड़ा ऐलान, जानें किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगी भाजपा बंगाल समेत अन्य राज्यों में वोट के लिए बांटी जा रही शराब, ड्रग्स और कैश, अब तक 651.55 करोड़ जब्त एक दशक में 16 राज्यों में हुए चुनाव, चुनावी हिंसा में पश्चिम बंगाल नंबर-1 The post बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में कैसे दी पटखनी, पढ़ें पूरा विश्लेषण appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top