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September 5, 2026

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ECL ने 28 हजार से ज्यादा परिवारों को ऑफर किया फ्लैट और 10.15 लाख रुपए, क्या है पूरा केस

आसनसोल से शिवशंकर ठाकुर की रिपोर्ट रानीगंज मास्टर प्लान (Raniganj Master Plan) के तहत भूमिगत आग और धंसान प्रभावित 139 गांवों में बसे 28,778 परिवारों को किसी अन्य जगह पर बसाने की तैयारी ईसीएल ने कर ली है. ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के सीएमडी सतीश झा ने कहा है कि 139 गांवों में प्रशासनी जमीनों पर बसे लोगों के लिए स्पेशल पैकेज दिया जायेगा. इसके तहत एक फ्लैट और 10.15 लाख रुपए नकद दिये जायेंगे. जो लोग अपनी जमीन पर हैं, उन्हें पैकेज के साथ जमीन और घर का भी मुआवजा दिया जायेगा. 10304 फ्लैट का शुरू हुआ निर्माण, बने सिर्फ 5616 इन 139 साइट्स को वर्षों पहले डेंजर जोन के रूप में चिह्नित किया जा चुका है. आवासीय व्यवस्था के साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए ही रानीगंज मास्टर प्लान बना था. केंद्र प्रशासन ने इसके लिए 12 अगस्त 2009 को 2661.73 करोड़ रुपए आवंटित किये थे. इसके तहत पश्चिम बर्धमान जिला के अंडाल, जामुड़िया और बाराबनी प्रखंड में 10,304 फ्लैट का निर्माण शुरू हुआ. इसमें 5,616 आवास बनकर तैयार है. इसमें शिफ्ट करने पर ही लोगों को पैकेज का लाभ मिलेगा. 1997 में उठी थी भूमिगत आग और धंसान प्रभावित लोगों को बचाने की मांग रानीगंज कोयलांचल में भूमिगत आग और धंसान से प्रभावित क्षेत्रों में बसे लोगों को पुनर्वासित करने की मांग वर्ष 1997 में शुरू हुई थी. हिंदुस्तानीय कोलियरी मजदूर सभा (सीटू) के महासचिव हराधन राय, जो सांसद भी थे, ने 31 जुलाई 1997 को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी. माकपा के जिला सचिव गौरांग चटर्जी ने बताया कि इस पर लंबी सुनवाई के बाद वर्ष 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास के पक्ष में अपना फैसला सुनाया. ये भी पढ़ें: ईसीएल की इंटर्नल रिपोर्ट में खुलासा- झारखंड से ज्यादा बंगाल में होती है कोयले की चोरी नये पैकेज में क्या है प्रस्ताव? हर परिवार को 2 फ्लैट दिये जायेंगे. यदि कोई परिवार एक फ्लैट लेता है, तो उसे एक फ्लैट के 5 लाख रुपए नकद मिलेंगे. 2 साल तक जीवन यापन के लिए प्रतिदिन 500 रुपए दिये जायेंगे. प्रभावित परिवारों को शिफ्टिंग के लिए 50 हजार रुपए दिये जायेंगे. रेंटल असिस्टेंस के एक लाख रुपए अलग से दिये जायेंगे. हर परिवार को एक फ्लैट के साथ 10.15 लाख रुपए और 2 फ्लैट के साथ 5.15 लाख रुपए नकद मिलेंगे. कानूनी लड़ाई पर यूनियन ने खर्च किये 15 लाख रुपए अदालती प्रक्रिया में यूनियन का 15 लाख रुपए से अधिक का खर्च हुआ था. इसके लिए कोयलांचल के श्रमिकों ने चंदा दिया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर 12 अगस्त 2009 को केंद्र प्रशासन ने रानीगंज कोलफील्ड एरिया पुनर्वास परियोजना के लिए 2661.73 करोड़ रुपए के फंड के आवंटन की मंजूरी दी. ये भी पढ़ें: जामुड़िया में जोरदार विरोध के बाद ईसीएल ने बहाल की 3 गांवों की बिजली आपूर्ति 10 वर्ष में होना था सभी लोगों का पुनर्वास रानीगंज कोलफील्ड पुनर्वास परियोजना का कार्य पूरा करने के लिए 10 वर्ष की समयसीमा तय की गयी थी. राज्य प्रशासन की एजेंसी आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. सर्वे में 141 साइट चिह्नित किये गये. इन साइट्स में प्रशासनी जमीनों पर कब्जा करके बसे 22,668 परिवार, निजी जमीनों पर बसे 6,101 परिवार और 222 संस्थानों (क्लब, धार्मिक स्थल आदि) को शिफ्ट करने की सूची बनी. इसके आधार पर कार्य शुरू हुआ. कार्य 2019 तक पूरा होना था, लेकिन आधिकरिक तौर पर 161 लोगों को फ्लैटों की चाबी सौंपी गयी. वह भी वहां से लौट आये. 28,778 फ्लैटों में से सिर्फ 5,616 फ्लैट ही बनकर तैयार हुए हैं. लोगों के शिफ्ट नहीं होने के कारण वह भी जर्जर हो रहा है. ये भी पढ़ें: इसीएल के दौरे पर पहुंचे कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी 802.40 करोड़ रुपए हो गये खर्च, काम कुछ नहीं रानीगंज कोलफील्ड पुनर्वास परियोजना के तहत 30 जून 2026 तक कुल 802.40 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. इसमें ईसीएल ने 10.33 करोड़ रुपए और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) ने 792.07 करोड़ रुपए खर्च किये हैं. इसमें जमीन अधिग्रहण से लेकर फ्लैट निर्माण तक का कार्य शामिल है. समय पर काम पूरा नहीं होने से लागत बढ़ती गयी. 11 अगस्त 2025 को राज्य प्रशासन ने स्टेट कैबिनेट की बैठक में रिवाइज्ड रानीगंज मास्टर प्लान के लिए दूसरे आरआर पैकेज को मंजूरी दी. रिवाइज्ड पैकेज का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है. केंद्र ने इस पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. ईसीएल की बढ़ी परेशानी चिह्नित किये गये 141 साइट्स पर बसे लोगों को दूसरी जगह नहीं बसा पाने की वजह से ईसीएल प्रबंधन की समस्या बढ़ गयी है. 141 साइट का अधिकांश हिस्सा ईसीएल का है. कंपनी के सीएमडी सतीश झा कहते हैं कि 141 में से 2 साइट के लोगों कंपनी ने शिफ्ट किया. इसके कारण साइट की संख्या अब 139 है. देश का सबसे पुराना कोल माइंस यहीं है. यहां 200 साल से भी अधिक पहले से खनन हो रहा है. भूमिगत खदानों में जो पिलर हैं, वे एक समयसीमा तक ही लोड लेंगे. कभी-कभी पिलर दरक जाते हैं, जिससे भू-धंसान की संभावना बनी रहती है. धंसान होने पर सारी जिम्मेदारी ईसीएल पर आ जाती है. ईसीएल के सीएमडी सतीश झा और कंपनी की ओर से लोगों को दिये गये ऑफर का विवरण. ईसीएल के सीएमडी कहते हैं कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए 2,661 करोड़ रुपए आवंटित किये जा चुके हैं. 16 साइट से लोगों को तुरंत हटाना जरूरी है. कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. ईसीएल ने डेंजर जोन में बने अपने आवासीय इलाकों को शिफ्ट कर दिया है. 7 जगहों पर भूमिगत आग थी, उसे बंद किया गया है. राज्य प्रशासन का काम अटका पड़ा है. इससे भूमिगत आग के भड़कने का खतरा बना हुआ है. लोगों के शिफ्ट हो जाने से पूरे इलाके को भर दिया जायेगा. इससे भूमिगत आग फिर नहीं सुलग पायेगा. ये भी पढ़ें: कोल इंडिया के चेयरमैन ने किया इसीएल का दौरा लोग आवासों में शिफ्ट होने को तैयार नहीं 29 जुलाई को राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल और रानीगंज के विधायक पार्थ घोष ने प्रभावित हरीशपुर गांव के लोगों के साथ बैठक की.

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India vs Pakistan Women: भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, 55 रन पर समेटने के बाद 8.4 ओवर में जीता मैच

India vs Pakistan Women: स्त्री एशिया कप 2026 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच स्पोर्ट्से गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया. दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में स्पोर्ट्से गए इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम महज 55 रन पर ऑलआउट हो गई. जवाब में हिंदुस्तानीय टीम ने 8.4 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. पाकिस्तान की बेहद खराब बल्लेबाजी, 55 रन पर पूरी टीम ऑलआउट पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. टीम का इरादा बड़ा स्कोर खड़ा कर हिंदुस्तान पर दबाव बनाने का था, लेकिन हिंदुस्तानीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई. सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली को शुरुआत में कुछ जीवनदान जरूर मिले, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सकीं. शेफाली वर्मा ने उन्हें 13 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड कर हिंदुस्तान को पहली सफलता दिलाई. इसके बाद पाकिस्तान के विकेट लगातार गिरते चले गए. पावरप्ले के आखिरी ओवर में श्री चरणी ने दो विकेट लेकर पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दीं. आयशा जफर भी सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गईं. इसके बाद प्रेमा रावत और दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान के निचले क्रम को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया. श्री चरणी और प्रेमा रावत ने तीन-तीन विकेट हासिल किए, जबकि दीप्ति शर्मा ने भी पाकिस्तान की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई. पाकिस्तान की पूरी टीम 55 रन पर ऑलआउट हो गई और हिंदुस्तान के सामने सिर्फ 56 रन का लक्ष्य रखा. हिंदुस्तान की भी शुरुआत रही खराब 56 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी हिंदुस्तानीय टीम को भी शुरुआत में झटके लगे. शेफाली वर्मा ने तेज शुरुआत करते हुए 12 रन बनाए, लेकिन फातिमा सना ने उन्हें आउट कर पाकिस्तान को पहली सफलता दिलाई. इसके बाद प्रतिका रावल 4 रन बनाकर आउट हो गईं. फातिमा सना ने ही उनका विकेट हासिल किया. हिंदुस्तान को तीसरा झटका स्मृति मंधाना के रूप में लगा. मंधाना 9 रन बनाकर फातिमा सना की गेंद पर आउट हुईं. एक समय हिंदुस्तान का स्कोर 34 रन पर 3 विकेट हो गया था, लेकिन इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने पारी को संभाल लिया. हरमनप्रीत कौर ने चौका-छक्का जड़कर खत्म किया मैच पावरप्ले के बाद हिंदुस्तान का स्कोर 34/3 था. इसके बाद हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने बिना कोई और विकेट गंवाए टीम को जीत के करीब पहुंचाया. 8 ओवर के बाद हिंदुस्तान का स्कोर 45/3 था और जीत के लिए सिर्फ 11 रन बाकी थे. इसके बाद 8.4 ओवर में नशरा संधू की गेंद पर हरमनप्रीत कौर ने शानदार अंदाज में मैच खत्म किया. उन्होंने पहले छक्का और फिर चौका जड़कर हिंदुस्तान को 7 विकेट से जीत दिला दी. हिंदुस्तान ने महज 8.4 ओवर में 56 रन का लक्ष्य हासिल कर पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नाबाद पारी स्पोर्ट्सकर टीम को जीत तक पहुंचाया, जबकि दीप्ति शर्मा ने भी अहम योगदान दिया. हरमनप्रीत कौर ने बनाया बड़ा कप्तानी रिकॉर्ड इस मुकाबले में मैदान पर उतरते ही हरमनप्रीत कौर ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. वह 150 टी20 इंटरनेशनल मैचों में किसी राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं. पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से पहले हरमनप्रीत ने 149 टी20 इंटरनेशनल मैचों में हिंदुस्तानीय टीम की कप्तानी की थी. इस मैच के साथ उन्होंने कप्तानी के 150 टी20 इंटरनेशनल मैच पूरे कर लिए. एशिया कप में हिंदुस्तान की लगातार तीसरी जीत पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने स्त्री एशिया कप 2026 में अपना शानदार अभियान जारी रखा. हिंदुस्तान ने टूर्नामेंट में इससे पहले थाईलैंड और हांगकांग को हराया था और पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी. अब पाकिस्तान के खिलाफ 7 विकेट की जीत ने टीम इंडिया के आत्मविश्वास को और बढ़ा दिया है. वहीं पाकिस्तान के लिए यह हार सेमीफाइनल की राह में बड़ा झटका है. हिंदुस्तान की पाकिस्तान पर शानदार जीत इस मुकाबले में हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने पहले पाकिस्तान को सिर्फ 55 रन पर समेटा और फिर बल्लेबाजों ने 8.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. पाकिस्तान के खिलाफ हिंदुस्तानीय टीम का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला. इस तरह हिंदुस्तान ने स्त्री एशिया कप 2026 के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को 7 विकेट से अपने नाम कर लिया. The post India vs Pakistan Women: हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, 55 रन पर समेटने के बाद 8.4 ओवर में जीता मैच appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी ने SRCC में कहा- 2013 में आती थीं एलओसी पर भारतीय सैनिकों की हत्या की खबरें

पीएम मोदी ने Shri Ram College of Commerce के शताब्दी समारोह में अपने 2013 के भाषण को याद किया. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उस कार्यक्रम और उनके पुराने भाषण की काफी चर्चा हो रही है. लोगों ने उस भाषण को दोबारा सुना और पढ़ा है. संभव है कि नई पीढ़ी के लोगों ने भी उस भाषण को फिर से देखा हो. पीएम मोदी ने कहा कि 2013 में उनका भाषण इतना प्रभावी रहा था कि उसकी गूंज पूरे शहर में सुनाई दी थी. पढ़ें पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2013 के समय देश के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में कई ऐसी समाचारें थीं, जिनसे देश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि उस समय एलओसी पर हिंदुस्तानीय जवान मारे जा रहे थे. मीडिया में समाचारें आतीं थी कि एलओसी पर हिंदुस्तानीय सैनिकों की हत्या. आपको सुनकर ये अजूबा लगता होगा कि क्या ऐसा भी होता था. पीएम मोदी ने कहा कि विश्व बैंक ने हिंदुस्तान की आर्थिक विकास दर का अनुमान घटा दिया था और चालू खाता घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. महंगाई करीब 10 फीसदी थी और उद्योग जगत भी मंदी की मार झेल रहा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सौ से अधिक वर्षों से श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) ने देश की कई पीढ़ियों के छात्रों को सीखने, आगे बढ़ने और समाज में बदलाव लाने का अवसर दिया है. उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने सिर्फ शिक्षा देने का काम नहीं किया, बल्कि यहां से पढ़कर निकले छात्रों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई और देश के विकास में योगदान दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब वह 2013 में एसआरसीसी पहुंचे थे, तब वह विपक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. इसके बावजूद उन्होंने उस मंच का इस्तेमाल तत्कालीन केंद्र प्रशासन पर हमला करने या उसकी आलोचना करने के लिए नहीं किया. प्रधानमंत्री मोदी ने एसआरसीसी में कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच हिंदुस्तान की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर उसकी आर्थिक मजबूती को दर्शाती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज आतंक फैलाने वाले लोग पीछे हटने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान कोई गलत हरकत करता है, तो हिंदुस्तान की सेना उसकी सीमा में घुसकर जवाब देती है. पीएम मोदी ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक अब शांति बढ़ी है. उन्होंने कहा कि माओवादी और नक्सली आतंक की कमर भी टूट चुकी है. मोदी ने कहा कि एक समय दुनिया हिंदुस्तान की नीतियों में सुस्ती और फैसले लेने में देरी की बात करती थी, लेकिन आज वही दुनिया हिंदुस्तान की तेज और सक्रिय नीतियों की चर्चा कर रही है. ये भी पढ़ें: VIDEO: शिशु ने कान में कुछ कहा तो मुस्कुरा दिए PM मोदी, 13 साल बाद पहुंचे SRCC कॉलेज The post पीएम मोदी ने SRCC में कहा- 2013 में आती थीं एलओसी पर हिंदुस्तानीय सैनिकों की हत्या की समाचारें appeared first on Naya Vichar.

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न्यू फरक्का में पटरी पर लौटी ट्रेन, फाइनल ट्रायल से पहले ट्रैक पर फोड़े 4 नारियल, अगरबत्ती दिखायी और प्रसाद चढ़ाये

New Farakka Railway Track Restored: मालदा जिले में लगातार भारी बारिश के बीच न्यू फरक्का में 2 सितंबर को अचानक 80 फीट लंबा रेलवे ट्रैक धंस गया था. इसे ठीक करने में रेलवे को 4 दिन लगे, लेकिन अब ट्रैक ट्रेनों के चलने के लिए पूरी तरह तैयार है. रेलवे ट्रैक पर ट्रेन सेवा शुरू करने से पहले पूर्व रेलवे की जेनरल मैनेजर गीतिका पांडेय की मौजूदगी में अधिकारियों ने रेलवे ट्रैक पर एक-एक कर 4 नारियल फोड़े. गीतिका पांडेय ने अपने हाथों से अगरबत्ती जलायी और रेल पटरी पर प्रसाद भी चढ़ाये. ट्रैक की मरम्मत पूरी होने के बाद मालगाड़ी गुजरी इसके बाद न्यू फरक्का में रेलवे ट्रैक से पहली खाली मालगाड़ी गुजरी. जैसे ही ट्रेन ने बहाल किये गये ट्रैक को पार किया, जीएम समेत वहां मौजूद तमाम रेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियो में खुशी की लहर दौड़ गयी. जीएम समेत सभी लोगों ने हाथ उठाकर तालियां बजायीं. इस ट्रैक पर यात्री ट्रेन सेवाओं की बहाली से पहले यह आखिरी ट्रायल था. ये भी पढ़ें: न्यू फरक्का में भू-धंसान की वजह से 8 ट्रेनें रद्द, सबसे पहले गुजरेंगी ये 2 ट्रेनें, कैंसल और डायवर्ट ट्रेनों की लिस्ट यहां देखें पूर्व रेलवे की जीएम लगातार करती रहीं मॉनिटरिंग पूर्व रेलवे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर यह जानकारी दी. पूर्व रेलवे ने एक वीडियो शेयर कर यह जानकारी दी है, जिसमें पूर्व रेलवे की जीएम वहां मौजूद हैं और अधिकारियों के साथ तकनीकी चीजों को समझने की कोशिश कर रही हैं. ट्रैक धंसने के बाद से जीएम लगातार वहां खुद पूरे काम की मॉनिटरिंग कर रहीं थीं. 6:58 बजे पूरा हुआ रेलवे ट्रैक का फाइनल ट्रायल न्यू फरक्का स्टेशन से खाली मालगाड़ी शाम करीब 7 बजे (18:58) बजे गुजरी. इसके साथ ही यह तय हो गया कि अब इस ट्रैक से यात्री ट्रेनों का आवागमन भी शुरू हो जायेगा. अंतिम ट्रैयल से पहले पूर्व रेलवे की जीएम ने वहां काम कर रहे श्रमिकों से भी बात की. उन्होंने मजदूरों से पूछा कि आपने कुछ खाया है या नहीं. अगर अभी तक नहीं खाया है, तो कोई बात नहीं. खाने की व्यवस्था हमलोग करेंगे. ये भी पढ़ें: न्यू फरक्का में रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम अंतिम चरण में, शुरू हुआ ट्रायल The post न्यू फरक्का में पटरी पर लौटी ट्रेन, फाइनल ट्रायल से पहले ट्रैक पर फोड़े 4 नारियल, अगरबत्ती दिखायी और प्रसाद चढ़ाये appeared first on Naya Vichar.

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Pradosh Vrat: 5 आसान काम करने से प्रसन्न होंगे महादेव, 2 दिन बाद प्रदोष व्रत का संयोग

Pradosh Vrat Upay: पंचांग के अनुसार, प्रत्येक हिंदी महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है.मिथिला और ठाकुर प्रसाद पंचांग के अनुसार, मंगलवार, 8 तारीख को सितंबर महीने का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा. मंगलवार को प्रदोष व्रत का संयोग बनने के कारण इसे ‘भौम प्रदोष’ के रूप में मनाया जाएगा. धर्मशास्त्र और पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न कर उनकी कृपा पाने के लिए 5 आसान उपाय कारगर साबित होते हैं. संचित पाप कर्मों से मुक्ति के लिए बेलपत्र चढ़ाएं मंगलवार को प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान भगवान शिव को भांग के पत्ते, बेलपत्र और गंगाजल अर्पित करें. शिव पुराण में वर्णित एक कथा के अनुसार, ये चीजें भगवान शिव को बेहद पसंद हैं. बिल्वाष्टकम् स्तोत्र में वर्णित एक श्लोक (“त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्, त्रिजन्म पापसंहारम् एकबिल्वं शिवार्पणम्”) के मुताबिक, प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान उन्हें बेलपत्र अर्पित करने से तीनों जन्म के संचित पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं. ये भी पढ़ें: September Hindu Calendar 2026: जन्माष्टमी से पितृ पक्ष तक, देखें सितंबर के व्रत-त्योहारों की लिस्ट सुख-समृद्धि और धन के लिए क्या करें भगवान शिव को गन्ने के रस से अभिषेक करें. शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत की पूजा के समय उन्हें गन्ने का रस चढ़ाने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है. इसके अलावा जीवन में सुख, ऐश्वर्य और आर्थिक समृद्धि आती है. दूध और काले तिल का अभिषेक करने से दूर होते हैं कष्ट यजुर्वेद के अनुसार, प्रदोष काल के दौरान शिव जी को गाय के दूध में काले तिल मिलाकर शिवजी का अभिषेक करने से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं. इस उपाय से मानसिक विकार दूर होने की मान्यता भी है. ये भी पढ़ें: सितंबर में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें भौम और गुरु प्रदोष की तारीख, पूजा मुहूर्त नौकरी-व्यापार में तरक्की के लिए शिवजी को चढ़ाएं शमी के पत्ते भौम प्रदोष व्रत पर प्रदोष काल की पूजा में शिवजी को कम के कम 11 शमी के पत्ते अर्पित करें. शिव पुराण के अनुसार, ऐसा करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है. साथ ही नौकरी और व्यापार में तरक्की के रास्ते खुलते हैं. भौम प्रदोष व्रत मुहूर्त विवरण समय/तिथि व्रत का नाम भौम प्रदोष व्रत दिनांक 8 सितंबर 2026, मंगलवार त्रयोदशी तिथि प्रारंभ 8 सितंबर 2026, दोपहर 2:42 बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त 9 सितंबर 2026, दोपहर 12:30 बजे प्रदोष काल पूजा मुहूर्त 8 सितंबर 2026, शाम 6:35 बजे से रात 8:52 बजे तक The post Pradosh Vrat: 5 आसान काम करने से प्रसन्न होंगे महादेव, 2 दिन बाद प्रदोष व्रत का संयोग appeared first on Naya Vichar.

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Harmanpreet Kaur Fatima Sana Handshake: इंडिया-पाकिस्तान मैच में हरमनप्रीत कौर और फातिमा सना के बीच फिर नहीं हुआ हैंडशेक

Harmanpreet Kaur Fatima Sana Handshake: दुबई में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच स्त्री एशिया कप 2026 के मुकाबले से पहले एक बार फिर दोनों टीमों की कप्तानों के बीच हैंडशेक नहीं हुआ. 5 सितंबर को मैच से पहले टॉस के दौरान हिंदुस्तानीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना आमने-सामने थीं, लेकिन दोनों ने हाथ नहीं मिलाया. टॉस के दौरान हरमनप्रीत-फातिमा ने नहीं मिलाया हाथ टॉस के लिए दोनों कप्तान मैदान पर पहुंचीं. टॉस हुई, लेकिन हरमनप्रीत कौर और फातिमा सना के बीच हैंडशेक नहीं हुआ. हिंदुस्तान-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों में पिछले एक साल से यह स्थिति देखने को मिल रही है. इसे भी पढ़े- Aryaman Birla RCB Statement: RCB का नाम नहीं बदलेगा, Chairman Aryaman Birla ने किया साफ पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा तनाव हिंदुस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों में 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव बढ़ा। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद हिंदुस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया. दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव का असर क्रिकेट मुकाबलों में भी दिखाई दिया है. स्त्री टी20 वर्ल्ड कप में भी नहीं हुआ था हैंडशेक हरमनप्रीत कौर और फातिमा सना इससे पहले स्त्री टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी आमने-सामने आई थीं. उस मुकाबले के टॉस के समय भी दोनों कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया था. हिंदुस्तान-पाकिस्तान के पुरुष और स्त्री क्रिकेट मुकाबलों में पिछले एक साल के दौरान हैंडशेक नहीं होने की घटनाएं लगातार चर्चा में रही हैं. इसे भी पढ़े- Rohit Sharma garden dialogue: ‘गार्डन से रिपोर्टिंग लाइव, जर्सी नंबर 45’, रोहित शर्मा का अंदाज देख हंस पड़े फैंस क्या हैंडशेक नहीं करने पर ICC कर सकता है कार्रवाई? ICC के नियमों में खिलाड़ियों के लिए हैंडशेक करना अनिवार्य नहीं है. हालांकि, खिलाड़ियों और टीमों से स्पोर्ट्स की भावना बनाए रखने की उम्मीद की जाती है. कार्रवाई तभी हो सकती है जब किसी खिलाड़ी या टीम का आचरण स्पोर्ट्स की भावना के अनुरूप न हो. फिलहाल हिंदुस्तान-पाकिस्तान के इस मुकाबले में सिर्फ हैंडशेक नहीं होने को नियमों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता. The post Harmanpreet Kaur Fatima Sana Handshake: इंडिया-पाकिस्तान मैच में हरमनप्रीत कौर और फातिमा सना के बीच फिर नहीं हुआ हैंडशेक appeared first on Naya Vichar.

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₹6.10 लाख में लॉन्च हुई Maruti Suzuki Baleno Facelift, ADAS के साथ मिला नया Z-Series इंजन

Maruti Suzuki ने अपनी पॉपुलर प्रीमियम हैचबैक Baleno का नया फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.10 लाख रुपये रखी गई है. इस अपडेट के साथ Baleno के लुक में कुछ छोटे बदलाव देखने को मिलते हैं, वहीं केबिन में नए फीचर्स और सेफ्टी को भी पहले से बेहतर किया गया है. लेकिन सबसे बड़ा बदलाव इसके इंजन में देखने को मिलेगा. नई Baleno में कंपनी ने 1.2-लीटर का 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया है. यही इंजन Maruti Suzuki Swift और Dzire में भी यूज किया जाता है. Maruti Suzuki Baleno Facelift: एक्सटीरियर फेसलिफ्टेड Baleno में पहले के मुकाबले ज्यादा स्लिम LED हेडलैंप दिए गए हैं, वहीं नई ग्रिल अब पहले से काफी बड़ी हो गई है. ग्रिल में ट्रिपल-स्लैट डिजाइन मिलता है, जो कार के फ्रंट लुक को पहले से ज्यादा स्टाइलिश बनाता है. फ्रंट बंपर को भी नया और ज्यादा स्कल्प्टेड डिजाइन दिया गया है. हालांकि, साइड प्रोफाइल को पहले जैसा ही रखा गया है. यहां क्रोम फेंडर गार्निश और शार्क-फिन एंटीना देखने को मिलता है. पीछे की तरफ टेल लैंप और रियर बंपर के डिजाइन में मामूली बदलाव किए गए हैं. इसके अलावा, Baleno को नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स भी मिले हैं. Maruti Suzuki Baleno Facelift: इंटीरियर और फीचर्स 2026 Maruti Suzuki Baleno के केबिन में डुअल-टोन थीम देखने को मिलती है, जहां ब्लू और ब्लैक कलर का कॉम्बिनेशन इसे फ्रेश लुक देता है. डैशबोर्ड का लेआउट काफी हद तक मौजूदा मॉडल जैसा ही रखा गया है. बीच में फ्लोटिंग डिजाइन वाला इंफोटेनमेंट स्क्रीन मिलता है, जबकि जरूरी कंट्रोल्स के लिए फिजिकल बटन दिए गए हैं. स्टीयरिंग व्हील का डिजाइन भी पुराने मॉडल जैसा ही है और इसमें म्यूजिक, कॉल समेत दूसरे फंक्शन्स को कंट्रोल करने के लिए माउंटेड कंट्रोल्स मिलते हैं. इसमें अब बड़ा 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जबकि पुराने मॉडल में 9-इंच की स्क्रीन दी जाती थी. वहीं, इसके लोअर वेरिएंट्स में 7-इंच की छोटी स्क्रीन मिलती थी. नई स्क्रीन में Wireless Apple CarPlay और Android Auto का सपोर्ट दिया गया है. इसके साथ Clarion का प्रीमियम साउंड सिस्टम भी मिलता है. फीचर्स की लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती. नई Baleno में अब वायरलेस चार्जर, वेंटिलेटेड सीट्स और Level 2 ADAS जैसे फीचर्स भी शामिल किए गए हैं. खास बात यह है कि Level 2 ADAS के साथ आने वाली यह हिंदुस्तान की सबसे किफायती हैचबैक में से एक बन गई है. प्री-फेसलिफ्ट मॉडल में मिलने वाले कई फीचर्स को नए मॉडल में भी बरकरार रखा गया है. इनमें Head-Up Display, 360-डिग्री कैमरा, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और USB चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स शामिल हैं. सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स मिलते हैं, जबकि ABS के साथ EBS, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और हिल-होल्ड असिस्ट जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. Maruti Suzuki Baleno Facelift: इंजन और गियरबॉक्स  फेसलिफ्ट के साथ कार के पावरट्रेन में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. अब इसमें 1.2-लीटर, 3-सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन (Z12E) दिया गया है. यही इंजन Maruti Suzuki Swift और Dzire जैसे मॉडल्स में भी यूज होता है. ट्रांसमिशन की बात करें तो इस इंजन के साथ दो ऑप्शन मिलते हैं. इसमें 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के अलावा AMT ऑटोमैटिक का ऑप्शन भी दिया गया है. इसके अलावा, कार का CNG वर्जन भी आने की उम्मीद है. हालांकि, लॉन्च के दौरान Maruti की ओर से इसकी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई. फिलहाल कंपनी ने सिर्फ शुरुआती कीमतों का खुलासा किया है. आने वाले समय में बाकी वेरिएंट्स और पावरट्रेन से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है, जिसमें CNG वर्जन भी शामिल हो सकता है. ये भी पढ़ें: Car Buying Guide: एक्स-शोरूम से लेकर ऑन-रोड प्राइस तक, कार बुक करने से पहले देखें पूरी चेकलिस्ट The post ₹6.10 लाख में लॉन्च हुई Maruti Suzuki Baleno Facelift, ADAS के साथ मिला नया Z-Series इंजन appeared first on Naya Vichar.

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रानीगंज में 139 डेंजर जोन से 28778 परिवारों को शिफ्ट करने की पहल, ईसीएल ने दिया फ्लैट और कैश का ऑफर

आसनसोल से शिवशंकर ठाकुर की रिपोर्ट रानीगंज मास्टर प्लान (Raniganj Master Plan) के तहत भूमिगत आग और धंसान प्रभावित 139 गांवों में बसे 28,778 परिवारों को किसी अन्य जगह पर बसाने की तैयारी ईसीएल ने कर ली है. ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के सीएमडी सतीश झा ने कहा है कि 139 गांवों में प्रशासनी जमीनों पर बसे लोगों के लिए स्पेशल पैकेज दिया जायेगा. इसके तहत एक फ्लैट और 10.15 लाख रुपए नकद दिये जायेंगे. जो लोग अपनी जमीन पर हैं, उन्हें पैकेज के साथ जमीन और घर का भी मुआवजा दिया जायेगा. 10304 फ्लैट का शुरू हुआ निर्माण, बने सिर्फ 5616 इन 139 साइट्स को वर्षों पहले डेंजर जोन के रूप में चिह्नित किया जा चुका है. आवासीय व्यवस्था के साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए ही रानीगंज मास्टर प्लान बना था. केंद्र प्रशासन ने इसके लिए 12 अगस्त 2009 को 2661.73 करोड़ रुपए आवंटित किये थे. इसके तहत पश्चिम बर्धमान जिला के अंडाल, जामुड़िया और बाराबनी प्रखंड में 10,304 फ्लैट का निर्माण शुरू हुआ. इसमें 5,616 आवास बनकर तैयार है. इसमें शिफ्ट करने पर ही लोगों को पैकेज का लाभ मिलेगा. 1997 में उठी थी भूमिगत आग और धंसान प्रभावित लोगों को बचाने की मांग रानीगंज कोयलांचल में भूमिगत आग और धंसान से प्रभावित क्षेत्रों में बसे लोगों को पुनर्वासित करने की मांग वर्ष 1997 में शुरू हुई थी. हिंदुस्तानीय कोलियरी मजदूर सभा (सीटू) के महासचिव हराधन राय, जो सांसद भी थे, ने 31 जुलाई 1997 को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी. माकपा के जिला सचिव गौरांग चटर्जी ने बताया कि इस पर लंबी सुनवाई के बाद वर्ष 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्वास के पक्ष में अपना फैसला सुनाया. ये भी पढ़ें: ईसीएल की इंटर्नल रिपोर्ट में खुलासा- झारखंड से ज्यादा बंगाल में होती है कोयले की चोरी नये पैकेज में क्या है प्रस्ताव? हर परिवार को 2 फ्लैट दिये जायेंगे. यदि कोई परिवार एक फ्लैट लेता है, तो उसे एक फ्लैट के 5 लाख रुपए नकद मिलेंगे. 2 साल तक जीवन यापन के लिए प्रतिदिन 500 रुपए दिये जायेंगे. प्रभावित परिवारों को शिफ्टिंग के लिए 50 हजार रुपए दिये जायेंगे. रेंटल असिस्टेंस के एक लाख रुपए अलग से दिये जायेंगे. हर परिवार को एक फ्लैट के साथ 10.15 लाख रुपए और 2 फ्लैट के साथ 5.15 लाख रुपए नकद मिलेंगे. कानूनी लड़ाई पर यूनियन ने खर्च किये 15 लाख रुपए अदालती प्रक्रिया में यूनियन का 15 लाख रुपए से अधिक का खर्च हुआ था. इसके लिए कोयलांचल के श्रमिकों ने चंदा दिया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर 12 अगस्त 2009 को केंद्र प्रशासन ने रानीगंज कोलफील्ड एरिया पुनर्वास परियोजना के लिए 2661.73 करोड़ रुपए के फंड के आवंटन की मंजूरी दी. ये भी पढ़ें: जामुड़िया में जोरदार विरोध के बाद ईसीएल ने बहाल की 3 गांवों की बिजली आपूर्ति 10 वर्ष में होना था सभी लोगों का पुनर्वास रानीगंज कोलफील्ड पुनर्वास परियोजना का कार्य पूरा करने के लिए 10 वर्ष की समयसीमा तय की गयी थी. राज्य प्रशासन की एजेंसी आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. सर्वे में 141 साइट चिह्नित किये गये. इन साइट्स में प्रशासनी जमीनों पर कब्जा करके बसे 22,668 परिवार, निजी जमीनों पर बसे 6,101 परिवार और 222 संस्थानों (क्लब, धार्मिक स्थल आदि) को शिफ्ट करने की सूची बनी. इसके आधार पर कार्य शुरू हुआ. कार्य 2019 तक पूरा होना था, लेकिन आधिकरिक तौर पर 161 लोगों को फ्लैटों की चाबी सौंपी गयी. वह भी वहां से लौट आये. 28,778 फ्लैटों में से सिर्फ 5,616 फ्लैट ही बनकर तैयार हुए हैं. लोगों के शिफ्ट नहीं होने के कारण वह भी जर्जर हो रहा है. ये भी पढ़ें: इसीएल के दौरे पर पहुंचे कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी 802.40 करोड़ रुपए हो गये खर्च, काम कुछ नहीं रानीगंज कोलफील्ड पुनर्वास परियोजना के तहत 30 जून 2026 तक कुल 802.40 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं. इसमें ईसीएल ने 10.33 करोड़ रुपए और आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (अड्डा) ने 792.07 करोड़ रुपए खर्च किये हैं. इसमें जमीन अधिग्रहण से लेकर फ्लैट निर्माण तक का कार्य शामिल है. समय पर काम पूरा नहीं होने से लागत बढ़ती गयी. 11 अगस्त 2025 को राज्य प्रशासन ने स्टेट कैबिनेट की बैठक में रिवाइज्ड रानीगंज मास्टर प्लान के लिए दूसरे आरआर पैकेज को मंजूरी दी. रिवाइज्ड पैकेज का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है. केंद्र ने इस पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. ईसीएल की बढ़ी परेशानी चिह्नित किये गये 141 साइट्स पर बसे लोगों को दूसरी जगह नहीं बसा पाने की वजह से ईसीएल प्रबंधन की समस्या बढ़ गयी है. 141 साइट का अधिकांश हिस्सा ईसीएल का है. कंपनी के सीएमडी सतीश झा कहते हैं कि 141 में से 2 साइट के लोगों कंपनी ने शिफ्ट किया. इसके कारण साइट की संख्या अब 139 है. देश का सबसे पुराना कोल माइंस यहीं है. यहां 200 साल से भी अधिक पहले से खनन हो रहा है. भूमिगत खदानों में जो पिलर हैं, वे एक समयसीमा तक ही लोड लेंगे. कभी-कभी पिलर दरक जाते हैं, जिससे भू-धंसान की संभावना बनी रहती है. धंसान होने पर सारी जिम्मेदारी ईसीएल पर आ जाती है. ईसीएल के सीएमडी सतीश झा और कंपनी की ओर से लोगों को दिये गये ऑफर का विवरण. ईसीएल के सीएमडी कहते हैं कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए 2,661 करोड़ रुपए आवंटित किये जा चुके हैं. 16 साइट से लोगों को तुरंत हटाना जरूरी है. कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. ईसीएल ने डेंजर जोन में बने अपने आवासीय इलाकों को शिफ्ट कर दिया है. 7 जगहों पर भूमिगत आग थी, उसे बंद किया गया है. राज्य प्रशासन का काम अटका पड़ा है. इससे भूमिगत आग के भड़कने का खतरा बना हुआ है. लोगों के शिफ्ट हो जाने से पूरे इलाके को भर दिया जायेगा. इससे भूमिगत आग फिर नहीं सुलग पायेगा. ये भी पढ़ें: कोल इंडिया के चेयरमैन ने किया इसीएल का दौरा लोग आवासों में शिफ्ट होने को तैयार नहीं 29 जुलाई को राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल और रानीगंज के विधायक पार्थ घोष ने प्रभावित हरीशपुर गांव के लोगों के साथ बैठक की.

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प्रसव पीड़ा पर अस्पताल पहुंची महिला की मौत, गर्भ में दो बच्चों ने भी तोड़ा दम, बेहोशी की दवा अधिक देने का आरोप

Death of mother and 2-newborn in Patna : पटना के दानापुर थाना क्षेत्र के आरपीएस मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को प्रसव के दौरान एक स्त्री और उसके गर्भ में पल रहे दो बच्चों की मौत का मामला सामने आया है. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. सूचना मिलने पर एसडीपीओ अजीत कुमार, थानाध्यक्ष पीके भारद्वाज समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाकर शांत कराया. एफएसएल की टीम ने भी जांच की मृतका की पहचान राजीव नगर निवासी बिट्टू सिंह की 25 वर्षीय पत्नी अनु सिंह के रूप में हुई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जबकि एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की है. बच्चों की मौत की जानकारी के बाद भी नहीं किया रेफर मृतका के परिजनों के अनुसार अनु सिंह का पिछले करीब आठ महीने से इसी अस्पताल में इलाज चल रहा था. शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिजनों का आरोप है कि भर्ती कराने के बाद चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान अनु को बेहोशी की दवा की अधिक मात्रा दी गई, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई. परिजनों का दावा है कि अनु के गर्भ में दो शिशु थे और इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई. आरोप है कि बच्चों की मौत की जानकारी होने के बाद भी चिकित्सक ने अनु को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया. अस्पताल में हंगामा, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस स्त्री और दोनों बच्चों की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की. परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कई कर्मियों के वहां से चले जाने की बात सामने आई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच शुरू कर दी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सके. पुलिस कर रही मामले की जांच एसडीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि निजी अस्पताल में स्त्री और दो बच्चों की मौत हुई है. मामले की छानबीन की जा रही है और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. The post प्रसव पीड़ा पर अस्पताल पहुंची स्त्री की मौत, गर्भ में दो बच्चों ने भी तोड़ा दम, बेहोशी की दवा अधिक देने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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Video : ईरान ने दागीं मिसाइलें तो अमेरिका ने बरसाए बम, 3 तेल टैंकर हुए धुआं-धुआं

Video : U.S. Central Command (CENTCOM) ने हमले की जानकारी एक्स पर दी. एक वीडियो शेयर करते हुए अमेरिकी सेना ने लिखा कि 5 सितंबर को ईरान के तीन कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों पर हमला किया गया है. अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने क्षेत्र में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. इसके बाद अमेरिका ने यह कार्रवाई की.  देखें वीडियो. सेना ने बताया कि अमेरिका के एक विमानवाहक युद्धपोत और एक मिसाइल से लैस युद्धपोत ने ईरान के कई हमलों से खुद को बचा लिया. इन हमलों में किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं आई. ये भी पढ़ें: Video : शादी में मचा मौत का तांडव, अमेरिकी हमले पर भड़का ईरान, कहा- ऐसा जवाब देंगे, अमेरिका याद रखेगा किन तीन टैंकरों को अमेरिकी सेना ने बनाया निशाना? ईरान के हमले नाकाम होने के बाद अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर कार्रवाई की. अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े दो कच्चे तेल के टैंकरों को पूरी तरह काम करने लायक नहीं छोड़ा गया. इनमें एक टैंकर खार्ग द्वीप के पास और दूसरा जास्क के नजदीक था. इसके अलावा ओमान की खाड़ी में मौजूद एक खाली तेल टैंकर को भी अमेरिकी सेना ने पूरी तरह नष्ट कर दिया. हमला करने से पहले जहाज के चालक दल को उसे छोड़ने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद अमेरिकी सेना ने जहाज के कई अहम हिस्सों को निशाना बनाकर उसे पूरी तरह बेकार कर दिया. ये भी पढ़ें: अमेरिका के हमले से भड़का ईरान, जॉर्डन-बहरीन में US बेस पर ताबड़तोड़ अटैक अमेरिका के मुताबिक, ईरान के ये तीनों कच्चे तेल के टैंकर अरबों डॉलर के एक गुप्त नेटवर्क का हिस्सा हैं. इस नेटवर्क के जरिए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और उसके दूसरे सहयोगी संगठनों को पैसा पहुंचाया जाता है. The post Video : ईरान ने दागीं मिसाइलें तो अमेरिका ने बरसाए बम, 3 तेल टैंकर हुए धुआं-धुआं appeared first on Naya Vichar.

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