आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ चैटिंग या छोटे टास्क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे बिजनेस बनाने का सबसे बड़ा हथियार बनता जा रहा है. इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए AI कंपनी Perplexity ने एक ऐसा चैलेंज लॉन्च किया है, जो स्टार्टअप दुनिया को पूरी तरह बदल सकता है. ‘Billion Dollar Build’ नाम के इस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वालों को सिर्फ 8 हफ्तों में ऐसा AI स्टार्टअप तैयार करना होगा, जिसकी वैल्यूएशन अरबों डॉलर तक पहुंच सके. खास बात यह है कि जीतने वालों को करोड़ों रुपये की फंडिंग भी दी जाएगी, जिससे उनका आइडिया असली बिजनेस में बदल सके.
क्या है ‘Billion Dollar Build’ और क्यों है खास
Perplexity का यह चैलेंज पारंपरिक स्टार्टअप कॉम्पिटिशन से बिल्कुल अलग है. यहां सिर्फ आइडिया देना काफी नहीं होगा, बल्कि आपको एक फंक्शनल प्रोडक्ट बनाकर दिखाना होगा. कंपनी का मकसद यह साबित करना है कि AI की मदद से आज कोई भी छोटा टीम या इंडिविजुअल भी तेजी से बड़ा बिजनेस खड़ा कर सकता है.
यह पहल इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में AI-ड्रिवन स्टार्टअप्स की रफ्तार और भी तेज होने वाली है.
Today we’re announcing the Billion Dollar Build.
An 8-week competition where teams will use Perplexity Computer to build a company with a path to $1B.
Finalists have the opportunity to secure up to $1M in investment from the Perplexity Fund and up to $1M in Computer credits. pic.twitter.com/OmEqtdIpbY
— Perplexity (@perplexity_ai) April 8, 2026
Perplexity Computer: AI एजेंट जो बनाएगा स्टार्टअप
इस कॉम्पिटिशन का सबसे अहम हिस्सा है Perplexity Computer- एक एडवांस AI एजेंट प्लैटफॉर्म. यह एक साथ कई बड़े AI मॉडल्स के साथ काम करता है, जिससे यूजर्स अपने स्टार्टअप का आइडिया तैयार करने से लेकर उसे डेवलप और टेस्ट करने तक का पूरा काम कर सकते हैं.
यानी अब कोडिंग, रिसर्च और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे जटिल काम भी AI के जरिये तेजी से पूरे किये जा सकते हैं. इससे स्टार्टअप बनाने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज हो गई है.
सिर्फ 8 हफ्ते, आइडिया से लेकर यूजर तक का सफर
इस चैलेंज की सबसे बड़ी चुनौती इसका सीमित समय है. प्रतिभागियों को सिर्फ 8 हफ्तों में अपना प्रोडक्ट तैयार करना होगा, यूजर्स जोड़ने होंगे और यह दिखाना होगा कि उनका बिजनेस ग्रो कर सकता है.
कंपनी ने ऐसे आइडियाज पर फोकस करने को कहा है जो तेजी से स्केल हो सकें, जैसे AI बेस्ड सर्विस प्लैटफॉर्म या ऑटोमेशन टूल्स. इसका मतलब साफ है- यह कॉम्पिटिशन स्पीड और एक्सीक्यूशन पर आधारित है, सिर्फ आइडिया पर नहीं.
जीतने पर क्या मिलेगा?
इस हाई-स्टेक कॉम्पिटिशन में टॉप 3 विजेताओं को 1 मिलियन डॉलर (लगभग 9 करोड़ रुपये) की सीड फंडिंग दी जाएगी. इसके अलावा उन्हें AI टूल्स इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त क्रेडिट्स भी मिलेंगे, जिससे वे अपने स्टार्टअप को तेजी से आगे बढ़ा सकें.
रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे और फाइनलिस्ट जून में लाइव पिच के जरिये चुने जाएंगे. हालांकि, इस कॉम्पिटिशन में भाग लेने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं, जिनमें उम्र और लोकेशन से जुड़ी सीमाएं शामिल हैं.
क्या बदल सकता है यह चैलेंज गेम?
यह पहल इस बात का संकेत है कि AI अब सिर्फ सपोर्ट टूल नहीं, बल्कि बिजनेस क्रिएशन का इंजन बन चुका है. जहां पहले स्टार्टअप बनाने में सालों लग जाते थे, वहीं अब AI की मदद से कुछ हफ्तों में ही प्रोडक्ट तैयार किया जा सकता है.
अगर यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले समय में स्टार्टअप इकोसिस्टम पूरी तरह बदल सकता है, जहां छोटे टीमें भी बड़ी कंपनियों को टक्कर दे सकेंगी.
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