केंद्र की मोदी प्रशासन ने बिहार को एक बड़ा झटका दिया है. मोदी प्रशासन ने ने बेगूसराय स्थित हिंदुस्तानीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR) के मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को कर्नाटक में शिफ्ट करने का फैसला किया है. यह प्लांट अब कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में जाएग. केंद्र प्रशासन के इस फैसले पर अब बिहार में बवाल मच गया है. बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर कड़ा प्रतिक्रिया दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा है कि आखिर प्रधानमंत्री को बिहार और बिहार के किसानों से क्या दिक्कत है? वहीं राजद नेताओं ने केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह पर भी निशाना साधा है. इस पर अब सिंह ने पलटवार किया है.
ये जो आज बेगूसराय मक्का अनुसंधान केंद्र पर अफ़वाह फैला रहे है, उसपे हमने 17 जनवरी को ही पहल कर दिया था।
मेरे सांसद रहते ये भरोसा रखे के ये कही नहीं जायेगा।— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) March 18, 2025
मेरे रहते कही नहीं जायेगा मक्का अनुसंधान केंद्र : गिरिराज सिंह
मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को कर्नाटक में शिफ्ट करने पर अब मोदी प्रशासन में मंत्री गिरिराज सिंह का बयान सामने आया है. मंगलवार को उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट किया और लिखा, ‘ये जो आज बेगूसराय मक्का अनुसंधान केंद्र पर अफ़वाह फैला रहे है, उसपे हमने 17 जनवरी को ही पहल कर दिया था. मेरे सांसद रहते ये भरोसा रखे के ये कही नहीं जायेगा.’ उनके इस पोस्ट के बाद से ही माना जा रहा है कि पीएम मोदी को उन्हीं के सांसद और मंत्री ने चुनौती दे दी है.
आखिर बिहार और बिहार के किसानों से क्या दिक्कत है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, NDA और भाजपा को?
हिंदुस्तानीय मक्का अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर) के बेगूसराय स्थित क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को नरेंद्र मोदी प्रशासन ने कर्नाटक के शिवमोग्गा में स्थानांतरित करने का… pic.twitter.com/qA1bMlz8KI
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) March 17, 2025
तेजस्वी ने केंद्र प्रशासन को घेरा
मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को कर्नाटक में शिफ्ट करने पर तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, ‘आखिर बिहार और बिहार के किसानों से क्या दिक्कत है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, NDA और भाजपा को? हिंदुस्तानीय मक्का अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर) के बेगूसराय स्थित क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को नरेंद्र मोदी प्रशासन ने कर्नाटक के शिवमोग्गा में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है. वह भी तब जब नीलगाय और बाढ़ की समस्या का सामना करते हुए भी मक्का उत्पादन में बिहार के अन्नदाता किसान पूरे देश में अव्वल हैं पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया और समस्तीपुर जिलों के किसानों की आय का मुख्य स्रोत मक्का की खेती ही है. नरेंद्र मोदी प्रशासन का यह फैसला किसान और बिहार विरोधी है. बिहार के अन्नदाता इसका हिसाब करेंगे.
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लालू यादव को क्रेडिट देने की कोशिश
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दूं क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र, कुशमहौत, बेगूसराय की स्थापना 4 मई 1997 को जनता दल के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के नेतृत्व में जनता दल की अगुवाई में बनी संयुक्त मोर्चा प्रशासन के प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल जी के कार्यकाल में हुआ था. लेकिन एक यह NDA की प्रशासन है जिसमें नीतीश कुमार सहित तीन अन्य असहाय सहयोगी है जो बिहार में तो कुछ नए संस्थान और उद्योग-धंधे तो स्थापित कर नहीं सकते बल्कि बिहार में पूर्व से स्थापित ऐसे संस्थान जाने पर चीयर करते है. NDA प्रशासन बिहार और बिहारियों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है. दिन-रात, सोते-जागते हिंदू-मुस्लिम करने वाले बेगूसराय के सांसद सह केंद्रीय मंत्री को शर्म तो आती नहीं है.’
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