Bihar: मुजफ्फरपुर शहर में बहुमंजिली इमारतों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन इनके भीतर सुरक्षा का ढांचा बेहद कमजोर है. नगर निगम से पंजीकृत 120 से अधिक रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स का जब फायर ऑडिट किया गया, तो 95 प्रतिशत में कोई अग्नि सुरक्षा प्रणाली नहीं मिली. सिर्फ 5 प्रतिशत भवनों में अग्निशमन यंत्र लगाए गए पाए गए.
रेड़ा से पास मॉल और अस्पतालों में दिखा सुधार, लेकिन दमकल के रास्ते नहीं
दूसरी ओर, रेड़ा से पास होकर बन रही करीब 50 मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, मॉल, हॉस्पिटल और होटल में सुरक्षा मानकों का 90 प्रतिशत तक पालन देखा गया. फिर भी अधिकांश इमारतों के चारों ओर दमकल के लिए जरूरी सात मीटर चौड़ा रास्ता उपलब्ध नहीं है. यह एक गंभीर चूक मानी जा रही है.
जिला अग्निशमन विभाग ने थमाया नोटिस, 50 दिन में व्यवस्था नहीं तो कार्रवाई
जिला सहायक अग्निशमन पदाधिकारी विनय कुमार सिंह ने सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे 30 से 50 दिनों के भीतर फायर सेफ्टी के जरूरी इंतजाम करें, वरना प्रशासनी गाइडलाइन के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जरूरी हैं ये अग्नि सुरक्षा इंतजाम
- वेट राइजर सिस्टम
- डेढ़ लाख लीटर का डाउन टैंक
- फिक्स्ड फायर फाइटिंग सिस्टम
- स्प्रिंकलर व अलार्म सिस्टम
- हाइड्रेंट और फायर एक्सटिंग्विशर
- आपातकालीन निकासी मार्ग
- पार्किंग एरिया में स्प्रिंकलर
- बिल्डिंग के चारों ओर 7 मीटर चौड़ा दमकल मार्ग
हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं, सिर्फ 30 फीट की सीढ़ी
मुजफ्फरपुर के अग्निशमन विभाग के पास ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए जरूरी हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं है. विभाग के पास मात्र 30 फीट तक की सीढ़ी है. ओपन वायरिंग के कारण बड़े उपकरणों की व्यवस्था और मुश्किल हो गई है.
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