Waqf Law Violence: हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद छोड़कर पलायन करने वाले लोगों की मदद स्थानीय प्रशासन की ओर से की जा रही है. स्थानीय प्रशासन ने दंगा प्रभावित परिवारों के लिए आश्रय और भोजन की व्यवस्था की है. उन्हें स्कूलों में शरण दी है. साथ ही मुर्शिदाबाद से नावों से आने वालों की सहायता के लिए नदी तट पर स्वयंसेवकों को तैनात किया है.
दंगा पीड़ितों ने बयां किया अपना दर्द, पलायन की सुनाई दास्तां
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार अपने परिवार के 4 अन्य सदस्यों के साथ मुर्शिदाबाद से पलायन करने वाली एक युवती ने मीडिया को बताया, “हम धुलियान के मंदिरपाड़ा इलाके से इसलिए भागे क्योंकि हमारे घरों में आग लगा दी गई थी. स्त्रीओं और लड़कियों के साथ बाहरी लोगों तथा कुछ स्थानीय लोगों के एक समूह ने छेड़छाड़ की थी.” स्त्री ने दावा किया, “उन्होंने बम फेंके, हमें वक्फ (संशोधन) अधिनियम के लिए दोषी ठहराया और हमें तुरंत अपने घर छोड़ने के लिए कहा. उन्होंने हमारे घर के पुरुषों को पीटा। हम अपनी जान को लेकर डरे हुए थे और केंद्रीय बलों की मदद से अपने घरों से भागे.” एक अन्य बुजुर्ग स्त्री ने कहा, “हमने हमलावरों से हाथ जोड़कर माफी मांगी, जबकि हमने कोई गलत काम नहीं किया था. हथियार लहराते हुए हमलावरों ने बहुत अत्याचार किए. मैं, मेरा बेटा, बहू और पोता अपना कुछ सामान लेकर भाग निकले. नहीं तो हम मारे जाते.”
भागो भागो हिन्दुओ
पहले भी भागे हो
अफगानिस्तान से भागे, पाकिस्तान से भागे, बांग्लादेश से भागे, कश्मीर, कैराना, सम्भल हर जगह से भाग ही तो रहे हो…तो यहां मालदा मुर्शिदाबाद से भी भाग जाओ…
और हाँ…secularism और भाईचारा नहीं छोड़ना है… https://t.co/w64bFHl3eH
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) April 13, 2025
शुभेंदु अधिकारी ने क्या किया है दावा?
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि हिंसा के बाद धुलियान से 400 लोग पलायन करने को मजबूर हुए हैं. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “धार्मिक कट्टरपंथियों के डर के कारण मुर्शिदाबाद से 400 से अधिक हिंदू नदी पार भागने और मालदा में शरण लेने के लिए मजबूर हुए हैं.” भाजपा नेता अधिकारी ने कहा, “टीएमसी की तुष्टीकरण की नेतृत्व ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया है. हिंदुओं को शिकार बनाया जा रहा है, हमारे लोग अपनी ही जमीन पर जान बचाने के लिए भाग रहे हैं! कानून-व्यवस्था की इतनी खराब स्थिति पर राज्य प्रशासन को शर्म आनी चाहिए.” उन्होंने कहा, “मैं जिले में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और जिला प्रशासन से आग्रह करता हूं कि वे इन विस्थापित हिंदुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें और इस ‘जिहादी आतंक’ से उनके जीवन की रक्षा करें.”
More than 400 Hindus from Dhulian, Murshidabad driven by fear of religiously driven bigots were forced to flee across the river & take shelter at Par Lalpur High School, Deonapur-Sovapur GP, Baisnabnagar, Malda.
Religious persecution in Bengal is real.
Appeasement politics of… pic.twitter.com/gZFuanOT4N
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) April 13, 2025
ग्राम पंचायत की प्रधान का दावा, पलायन करने वालों में स्त्रीएं अधिक
देवनापुर-सोवापुर ग्राम पंचायत की प्रधान सुलेखा चौधरी ने बताया कि शुरू में कुछ लोग (हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद से) नावों में आ रहे थे, लेकिन शुक्रवार दोपहर से इस संख्या में वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा, “शनिवार रात तक आने वाले लोगों की संख्या 500 को पार कर गई, जिनमें से अधिकतर स्त्रीएं थीं.”
वक्फ के खिलाफ मुर्शिदाबाद में भड़की हिंसा
मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के सुती, धुलियान, जंगीपुर और शमशेरगंज समेत कई इलाकों में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए, जो सांप्रदायिक हिंसा में बदल गये इसके कारण प्रभावित लोगों का पलायन शुरू हो गया. मीडिया में आई तस्वीरों में मुर्शिदाबाद के इन इलाकों में दुकानें, होटल और घर जलते हुए दिखाई दे रहे हैं.
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