Internal Security: देश में आंतरिक सुरक्षा से लेकर शांतिपूर्वक चुनाव कराने का काम केंद्रीय अर्धसैनिक बल लगातार कर रहे हैं. समय के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बल को आधुनिक बनाने और स्त्रीओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है. केंद्र प्रशासन सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवानों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं. देश के 7 दुर्गम क्षेत्रों में एयर कूरियर सेवा शुरू की गई और हाल ही में हिंदुस्तान प्रशासन ने वेतन और भत्तों को बेहतर बनाने के लिए आठवें वेतन आयोग का गठन किया है. केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए 42 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं.
इसके अलावा आवास योजना के तहत हाउसिंग सैटिस्फैक्शन रेश्यो लगभग साढ़े 9 प्रतिशत बढ़ा है. स्त्रीओं की भी भर्ती हो रही है और इनके लिए 124 बैरकों की मंजूरी दी गई है, जिनमें से 109 बन चुके हैं और 450 और बैरक बनाने का निर्णय गृह मंत्रालय ने किया है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के 2264 कर्मियों ने देश की सुरक्षा के लिए दिए बलिदान दिया है.
इस बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता है. हिंदुस्तान को वर्ष 2047 में विश्व में हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में सीआरपीएफ कर्मियों के बलिदान का बहुत बड़ा योगदान है.
सुविधाओं का हुआ है विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत अर्धसैनिक बल के कर्मियों के बच्चों को पढ़ाई की सुविधा दी गई है. केंद्रीय अनुग्रह राशि को बेहतर बनाने का काम किया गया है. विकलांग अनुग्रह राशि में 50 फीसदी की वृद्धि की गई है और 119 मास्टर भंडार और 1794 सहायक भंडार के माध्यम से केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडारों को भी और लोकाभिमुख बनाया गया है. वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दूसरी बार प्रशासन बनने के बाद यह निर्णय लिया गया था कि सभी सुरक्षाबलों का स्थापना दिवस देश के अलग अलग हिस्सों में मनाया जाएगा. अर्धसैनिक बलों का योगदान देश की सुरक्षा से अलग हटकर देखा ही नहीं जा सकता.
कश्मीर में आतंकवादियों से जूझना हो, पूर्वोत्तर में शांति के लिए तैनात रहना हो या फिर दुर्दांत नक्सलियों को 4 जिलों तक सीमित करना हो, हमारे जवानों का इसमें बहुत बड़ा योगदान रहा है. मौजूदा समय में सीआरपीएफ की 248 बटालियन, 4 जोनल मुख्यालय, 21 सेक्टर मुख्यालय, 2 परिचालन सेक्टर मुख्यालय, 17 रेंज और 39 प्रशासनिक रेंज में लगभग 3 लाख जवान हर जगह देश की शांति और सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं. सीआरपीएफ को हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल होने का गौरव प्राप्त है.
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