-पिछली बार की तुलना में परफेक्ट स्कोर वालों की संख्या होगी कम संवाददाता, पटना नीट यूजी 2025 का प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत कठिन माना जा रहा है, जिसके चलते इस बार कटऑफ स्कोर में गिरावट आ सकती है. परीक्षा रविवार चार मई को देशभर में आयोजित की गयी, जिसमें 22.8 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया. परीक्षा के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर का स्तर पिछले सालों की तुलना में अधिक कठिन था. खासतौर पर फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रश्न छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुए. इस कारण इस बार 720 में 720 स्कोर करने वाले छात्रों की संख्या घट सकती है. पिछली बार 720 में से 720 अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 67 थी, बाद में ग्रेस मार्क्स हटाने के बाद 61 स्टूडेंट्स को 720 में 720 प्राप्त हुए. इस बार परीक्षार्थियों की संख्या भी कम रही. गोल इंस्टीट्यूट के एमडी बिपिन सिंह ने कहा कि 720 में 720 अंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या कम होने की उम्मीद है. इससे कटऑफ अंक पर भी असर पड़ेगा. प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों का कटऑफ पिछले साल के मुकाबले 30 से 35 अंक कम रहने का अनुमान है. रंजय सिंह ने कहा कि 2024 में प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में कटऑफ जनरल कैटेगरी में पहले राउंड में 720 में से 660 नंबर तक लाने वालों को एडमिशन मिला था. दूसरे राउंड में 655 और तीसरे राउंड में 652 के आसपास किसी-न-किसी स्टूडेंट्स को प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिला था. लेकिन इस बर प्रश्न कठिन होने के कारण 620 से 630 तक अंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को प्रशासनी मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद है. नीट यूजी का रिजल्ट 13 जून को जारी होने की संभावना है.
डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
The post नीट यूजी के कटऑफ पर पड़ेगा कठिन प्रश्नपत्र का असर appeared first on Naya Vichar.
