Maiya Samman Yojana Latest Update| मंईयां सम्मान योजना की लिस्ट से 5.45 लाख स्त्रीओं को अपात्र ठहराकर उनके नाम काट दिये गये हैं. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रवक्ता राफिया नाज ने इसे मंईयां सम्मान के नाम पर बहन-बेटियों के साथ छलावा करार दिया है. राफिया ने इसे 5.46 लाख बहन-बेटियों का अपमान और वोट बैंक की नेतृत्व करार दिया है. 5.46 लाख स्त्रीओं को मंईयां सम्मान योजना के लिए अपात्र ठहराने पर गहरी नाराजगी जताते हुए राफिया नाज ने कहा है कि यह निर्णय हेमंत सोरेन प्रशासन की दोहरी नीति और वोट बैंक नेतृत्व का स्पष्ट प्रमाण है. उन्होंने कहा कि पहले इन गरीब बहन-बेटियों को योजना में शामिल करके वोट बटोरे और अब चुनाव खत्म होने के बाद जब प्रशासन में आये, तो उन्हीं बहन-बेटियों को अपात्र बताकर अपमानित किया जा रहा है.
भाजपा ने बताया नेतृत्वक षड्यंत्र
भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज ने पूछा है कि क्या यह एक नेतृत्वक षड्यंत्र नहीं, जिसमें हेमंत सोरेन प्रशासन ने इन गरीब बहन-बेटियों को सिर्फ वोट बैंक की भेंट चढ़ा दिया. चुनाव के बाद इन्हें अपात्र घोषित करके उनका अपमान किया? राफिया ने चेतावनी दी कि यदि एक भी बहन-बेटी से मंईयां सम्मान के पैसे की वसूली की गयी, तो हिंदुस्तानीय जनता पार्टी उनके साथ खड़ी होगी. इन बहन-बेटियों का अपमान भाजपा कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
हम उन बहन-बेटियों की दास्तां कभी नहीं भूल सकते, जो पगडंडियों पर फटी चप्पल पहनकर सम्मान राशि के इंतजार में कतारों में खड़ी रहीं. इस व्यवस्था ने उनका सिर झुका दिया है. भाजपा उनकी गरिमा बचाये रखेगी. अगर एक भी स्त्री से वसूली हुई, तो हम सड़क से सदन तक अपनी मां-बहनों की आवाज बुलंद करेंगे. प्रशासन को झकझोर देंगे.
राफिया नाज, प्रवक्ता, हिंदुस्तानीय जनता पार्टी
हेमंत सोरेन पैसे देकर वोट लेती है – राफिया नाज
राफिया नाज ने कहा, ‘हेमंत सोरेन प्रशासन पैसे देकर वोट लेती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद वसूली करती है. यही इनका असली चरित्र है.’ उन्होंने कहा कि मार्च 2025 तक आधार लिंकिंग और दस्तावेज सत्यापन के नाम पर केवल 37.55 लाख स्त्रीओं को स्थायी रूप से मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिला. अब अचानक 5.46 लाख लाभुकों को ‘अपात्र’ कहकर सूची से उनका नाम हटाया जा रहा है. इतना ही नहीं, अब प्रशासन वसूली की भी बात कर रही है.
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‘क्या बहन-बेटियों को ऋणी बनाना चाहते हैं हेमंत-कल्पना’
राफिया नाज ने मुख्यमंत्री से सवाल किया, ‘हेमंत जी यह बतायें कि बहन-बेटियां क्या लोन लेकर आपको राशि लौटायेंगी? या फिर आप बहनों-बेटियों को ऋणी बनाना चाहते हैं? राफिया ने सवाल किया, ‘अगर ये बहन-बेटियां वास्तव में अपात्र थीं, तो उन्हें DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राशि क्यों दी गयी? क्या यह योजना नहीं, धोखा था?’
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अपने वादों से पलट रही है हेमंत सोरेन प्रशासन – भाजपा
राफिया नाज ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को आड़े हाथ लेते हुए याद दिलाया कि कल्पना सोरेन ने वादा किया था कि झारखंड की हर बहन-बेटी को मंईयां सम्मान राशि मिलेगी. कोई वंचित नहीं रहेगा. आज यही प्रशासन अपने वादों से पलट रही है. राफिया ने कहा कि हेमंत प्रशासन का यह दोहरा मापदंड साफ करता है कि कभी इन्होंने बहन-बेटियों का वास्तविक भला नहीं चाहा, वे केवल चुनावी वोट बैंक थीं.
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