Bihar News: पटना. पश्चिम चंपारण में वीटीआर(वाल्मीकि टाइगर रिजर्व) के वन प्रमंडल-2 के हरनाटाड़ की कक्ष संख्या एन-3 में बाघिन का शव मिला है. सुबह पेट्रोलिंग पर निकले वनकर्मियों ने शव देखा. वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक (सीएफ) डॉ. नेशामणि के ने बताया कि बाघिन के शरीर पर जगह-जगह जख्म के निशान हैं. बाघ से भिड़ंत में बाघिन की मौत की आशंका है. बाघिन की उम्र चार वर्ष थी. शव मिलने की सूचना पर सीएफ, डीएफओ, बॉयोलॉजिस्ट और डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की. अधिकारियों ने बताया कि भिड़ंत में दूसरा बाघ भी घायल हुआ होगा. उसकी निगरानी के लिए वनकर्मियों को लगाया गया है. जख्म अधिक होने पर दूसरे बाघ की भी मौत हो सकती है. टीम में डीएफओ पीयूष बरनवाल, रेंजर शिवकुमार राम, वेटनरी डॉ. मनोज कुमार टोनी, बॉयोलॉजिस्ट सौरभ कुमार, वनपाल व वनकर्मी शामिल हैं.
पांच वर्षों में आधा दर्जन बाघों की हो चुकी मौत
वीटीआर सूत्रों के अनुसार वनक्षेत्र में बीते पांच वर्षों के दौरान आधा दर्जन से अधिक बाघों की मौत हो चुकी है. 30 जनवरी, 2021 को धारदार जाल में फंसकर गोबर्धना वनक्षेत्र के सिरिसिया जंगल में बाघ की मौत हुई थी. फरवरी 2021 को टी-3 में बाघिन का शव कीड़ा लगे स्थिति में मिला था. इलाज के लिए पटना ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी. 13 अक्टूबर 2021 को बाघों की भिड़ंत में एक बाघ की मौत हो गई थी. छह जनवरी 2021 को वाल्मीकिनगर के कौलेश्वर हाथी शेड के समीप नेपाली बाघिन से भिड़ंत में आठ माह के बाघ की मौत हो गई थी. एक मार्च 2022 को गोनौली वनक्षेत्र के चंपापुर गोनौली चौक के समीप करंट लगने से बाघ की मौत हो गई थी. आठ अक्टूबर को आठ आदमी को मारनेवाले बाघ को गोबर्धना वनक्षेत्र में गोली मार दी गई थी. नौ फरवरी 2023 को वाल्मीकिनगर वनक्षेत्र के रमपुरवा सरेह में रॉयल बंगाल टाइगर की मौत हो गई थी.
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