– डीएम को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया, वस्तु स्थिति से कराया गया अवगत कटिहार मां जानकी धाम के संस्थापक राजेश गुरनानी ने मनिहारी प्रखंड के कारी कोसी बांध पर बसे गंगा कटाव पीड़ितों को अविलंब पुनर्वासित करने को लेकर मां जानकी पुनर्वास समिति आश्रम के तत्वाधान में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में चार बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित कराते हुए संस्थापक राजेश गुरनानी ने कहा कि प्रथम विस्थापितों की सूची अनुमोदित .है जो पहले 323 परिवारों की थी. बाद में 272 हो गयी. जबकि अर्जित की जाने वाली भूमि 13.18 एकड़ है. जिसमें लगभग 500 परिवार पुनर्वासित हो सकते हैं. दूसरे तथ्य के रूप में तत्कालीन प्रधान सचिव व्यास जी द्वारा पूर्व सांसद स्व युवराज सिंह के प्रयासों व संवेदना से अवगत होते हुए कटिहार प्रशासन के सम्मुख कड़वे सच को शब्दों में उल्लेखित करते हुए कहा कि एक तय समय सीमा के अंदर इन सभी को पुनर्वासित करके उन्हें सूचित किया जाय. इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ठोस आश्वासन के उपरांत तत्कालीन आपदा मंत्री लेसी सिंह ने भू अर्जन के लिए आवश्यक राशि भी उपलब्ध करा दी. जो कि अब तक कटिहार जिला प्रशासन के पास है. पुनर्वास की धीमी प्रक्रिया से विवश होकर जब कटाव पीड़ित उच्च न्यायालय पटना में जनहित याचिका दायर की. जिसका नंबर सीडब्लूजेसी संख्या 18915/ 2019 का आदेश भी तीन माह के अंदर पुनर्वासित करने का था.कहा, जब जमीन उपलब्ध है. राशि उपलब्ध है. कोर्ट का ऑर्डर भी गंगा कटाव पीड़ितों के पक्ष में है. बिहार प्रशासन का संवेदनात्मक व्यवहार व तकनीकि बाधाएं दूर हो चुकी हैं. प्रतिनिधि मंडल में आचार्य विद्यासागर शास्त्री अटल, खगेंद्र साह, रामलाल पासवान, कैलाश भगत, तारा देवी शामिल रहे.
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