Bihar Crime : बेतिया. बिहार में पहली बार शराबबंदी कानून के तहत किसी स्त्री को कोर्ट ने सजा सुनाया है. बगहा में स्पेशल जज राजीव कुमार की कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए स्त्री शराब कारोबारी मोहनती देवी को पांच सास सश्रम कारावास और एक लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. कोर्ट के इस फैसले को बगहा पुलिस अपनी बड़ी सफलता मान रही है. ऐसा माना जा रहा है कि कोर्ट के इस फैसले से शराब माफिया में खौफ पैदा होगा और शराब के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकेगी.
2022 का है मामला
यह मामला बगहा के जीतपुर मटियरिया गांव की है. साल 2022 में उत्पाद विभाग की टीम ने जीतपुर मटियरिया गांव में छापेमारी की थी. इस दौरान अशोक उरांव की पत्नी मोहनती देवी को 32 लीटर चुलाई शराब और अन्य सामानों के साथ गिरफ्तार किया गया था. मोहनती देवी के खिलाफ नगर थाना में मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया.
बगहा जेल भेजा गया
स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के बाद कोर्ट ने सजा का एलान किया. मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक अनवर हुसैन अंसारी ने प्रशासन की तरफ से पैरवी की. उनके द्वारा कोर्ट में दी गई दलीलों के आधार पर अदालत ने मोहनती देवी को दोषी करार दिया. सजा के एलान के बाद कोर्ट ने मोहनती देवी को कड़ी सुरक्षा के बीच बगहा जेल भेज दिया.
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