Raxaul Vidhan Sabha Chunav 2025: मोतिहारी. नेपाल के सीमावर्ती इलाके रक्सौल में एयरपोर्ट को चालू कराना एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है. वैसे इस क्षेत्र में कई स्थानीय मुद्दे हैं. इसमें रक्सौल को जिला का दर्जा दिलाना, रेलवे ओवरब्रिज, हिंदुस्तान-नेपाल को जोड़ने वाली जर्जर मैत्री पुल का निर्माण, शहर में प्रतिदिन लगने वाले जाम से निजात दिलाना, रोजगार की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों के पलायन पर रोक लगाना आदि शामिल है. इन मुद्दों पर बहस भी हो रही है. लेकिन, चुनाव में वोट देते वक्त स्थानीय मुद्दे एक तरह से गौण हो जाते हैं. लोग जातीय समीकरण को ही तरजीह देते हैं.
आठ बार कांग्रेस व पांच बार भाजपा का रहा है
कब्जा रक्सौल विधानसभा क्षेत्र 1951 से ही अस्तित्व में है. 1951, 57 व 62 में इस सीट से कांग्रेस के राधा पांडेय विधायक चुने गए. इसके बाद 1967 में इस सीट से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के विंध्याचल सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे. 1969 के चुनाव में एक बार फिर से राधा पांडेय कांग्रेस की टिकट पर विधायक चुने गए. इसके बाद 1972, 77, 80 व 85 तक लगातार चार बार सगीर अहमद विधायक बने. 1990 व 95 में इस सीट से जनता दल के राजनंदन राय चुनाव जीते. इसके बाद 2000, 2005, फरवरी व अक्टूबर, 2010 व 2015 में इस सीट से भाजपा के डॉ. अजय कुमार सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे हैं.
भाजपा के मुकाबले में बदलता रहा विपक्ष
विधानसभा चुनाव 2015 के नतीजे 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा के डॉ. अजय कुमार सिंह ने राजद के सुरेश कुमार को मात्र 3169 वोटों से हराकर विधायक चुने गए. विधानसभा चुनाव 2010 के नतीजे 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के डॉ. अजय कुमार सिंह ने लोजपा के राजनंदन राय को 10,117 वोटों से हरा दिया था। डॉ. अजय को कुल 48,686, जबकि दूसरे स्थान पर रहे राजनंदन राय को कुल 38,569 वोट मिले थे. वहीं तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के रामबाबू प्रसाद यादव को कुल 9,691 वोट ही मिले थे.
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