Papankusha Ekadashi 2025: पापांकुशा का अर्थ है – पापों पर रोक लगाने वाला व्रत. मान्यता है कि इस दिन उपवास और पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं और पुण्य फल की प्राप्ति होती है. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना इस तिथि पर विशेष फलदायी मानी गई है. यह व्रत साधक को धन, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद देता है.
करें इन मंत्रों का जाप
ॐ नमो नारायणाय नमः
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
ॐ विष्णवे नमः
पापांकुशा एकादशी महत्त्व
मान्यता है की इस दिन भगवान पद्मनाभ की पूजा करने से अक्षय पुण्य और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है. यह व्रत हजार अश्वमेध यज्ञ और सौ सूर्ययज्ञ के बराबर फल देता है. पद्मपुराण के अनुसार, इस दिन सुवर्ण, तिल, भूमि, गौ, अन्न, जल, जूते और छाते का दान करने वाला व्यक्ति यमराज के दर्शन से मुक्त होता है. रात में जागरण करने से स्वर्गलोक की प्राप्ति होती है. श्रद्धापूर्वक दान करने से शुभ फल और मोक्ष का रास्ता खुलता है.
दान और पाठ का फल
पापांकुशा एकादशी पर रुके हुए कार्यों की सिद्धि के लिए पूर्व दिशा की ओर मुख करके दीपक जलाएं और भगवद गीता के 11वें अध्याय का पाठ करें. इसके साथ ही पीली वस्तुओं का दान, भजन-कीर्तन और प्रभु के नामों का स्मरण करने से विशेष फल मिलता है. यह व्रत न केवल आध्यात्मिक उन्नति, बल्कि भौतिक सुख-समृद्धि का मार्ग भी खोलता है.
मंत्र जाप का महत्व
पापांकुशा एकादशी के दिन मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व है. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ और अन्य विष्णु मंत्रों का उच्चारण करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. यह जाप न केवल पापों का नाश करता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति भी लाता है. नियमित और श्रद्धापूर्वक मंत्र जप करने से मानसिक शांति, ऊर्जा और भाग्य में सुधार होता है.
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