Panchayati Raj: पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. वैसे तो पंचायती व्यवस्था संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य सूची का हिस्सा है. ऐसे में ग्राम पंचायतों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी मुहैया कराने का काम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की है. ग्राम पंचायत (जीपी) भवन पंचायतों के प्रशासनिक काम करने का केंद्र होता है. राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना है कि ग्राम पंचायत भवन काम करने लायक हो, जिसमें प्रभावी शासन और सामुदायिक उपयोग के लिए सभी तरह की सुविधा उपलब्ध हो.
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत मंत्रालय उत्तर प्रदेश और बिहार सहित राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों को सीमित स्तर पर पंचायत इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटर और अन्य उपकरणों के निर्माण में सहायता मुहैया कराना है. आरजीएसए योजना के तहत विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को 13342 ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण को मंजूरी दी है, जिनमें उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों को 1273 और 500 ग्राम पंचायत भवन शामिल हैं. इस योजना के तहत 55587 कंप्यूटरों की खरीद को मंजूरी दी गई है. जिसके तहत उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों को 3145 और 4267 कंप्यूटर मुहैया कराना शामिल हैं.
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय स्थानीय काम को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप बनाते हुए आदर्श पंचायत नागरिक चार्टर बनाया है. इसके तहत पंचायतों को समयबद्ध तरीके से सेवा प्रदान करने और नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए तैयार किया गया है. वर्ष 2021 में चलाए गए मेरी पंचायत, मेरा अधिकार- जन सेवाएं हमारे द्वार अभियान के जरिये इसे और सशक्त बनाने का काम किया गया है. अब तक 2.15 लाख ग्राम पंचायतों ने अपने नागरिक चार्टर अपलोड किया है.
ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ने की मुहिम
सभी ग्राम पंचायतें निजी सेवा प्रदाताओं या हिंदुस्ताननेट परियोजना के जरिये इंटरनेट सेवाओं का उपयोग कर रही हैं. इंटरनेट की सुविधा के कारण सभी ग्राम पंचायतें कई तरह के काम को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल का उपयोग कर रही हैं. इसके अलावा डिजिटल इंडिया के तहत देश के सभी ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए दूरसंचार विभाग द्वारा हिंदुस्ताननेट परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. अब तक 2.18 लाख ग्राम पंचायत और स्थानीय निकायों को हिंदुस्ताननेट परियोजना के तहत हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा चुका है. इसके अलावा डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए संशोधित हिंदुस्तान नेट कार्यक्रम को हिंदुस्ताननेट चरण-एक और चरण-दो के मौजूदा नेटवर्क के उन्नयन किया जा रहा है. मंत्रालय सेवा वितरण, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता में सुधार लाने के लिए पंचायतों को ई-सक्षम बनाने के लिए आरजीएसए के तहत ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) का क्रियान्वयन कर रहा है.
ई- ग्राम स्वराज और पीएफएमएस के एकीकरण से मिल रहा लाभ
ई-ग्राम स्वराज एप्लिकेशन ने पंचायत स्तर पर डिजिटल योजना, लेखा, निगरानी और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की है. सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के साथ ई-ग्राम स्वराज का एकीकरण विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को वास्तविक समय पर भुगतान सक्षम बनाता है, जिससे निर्बाध फंड प्रवाह सुनिश्चित होता है और विलंब कम होता है. मंत्रालय ने पंचायत स्तर पर खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ग्राम स्वराज को प्रशासनी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के साथ एकीकृत किया है.
यह एकीकरण पंचायतों को ई-ग्राम स्वराज प्लेटफॉर्म के जरिए से जीईएम के जरिये वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करने की अनुमति देता है. इसके अतिरिक्त पंचायत खातों के ऑनलाइन ऑडिट और उनके वित्तीय प्रबंधन के लिए ‘ऑडिट ऑनलाइन’ एप्लिकेशन विकसित किया गया है. लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने यह जानकारी दी.
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