पुरुलिया.
जिले के बांदवान थाना क्षेत्र से पुलिस ने बिपिन बिहारी बेसर को आदिवासी समाज को भ्रमित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह एक आदिवासी संगठन के नाम पर सचित्र पहचान पत्र बनाकर बेच रहा था और गांव के लोगों को गलत जानकारी देकर हिंदुस्तानीय नागरिकता वापस लेने तथा एसआइआर फॉर्म भरने से रोक रहा था.
फर्जी पहचान पत्र और गलत जानकारी का स्पोर्ट्स
पुलिस के अनुसार बिपिन बिहारी विभिन्न गांवों में जाकर आदिवासी समुदाय के लोगों से एक विशेष फॉर्म भरवाता था और उन्हें एक पहचान पत्र देता था, जिस पर लिखा था कि वह ‘समाजवाद अंतरराष्ट्रीय माझी प्रशासन किसान, मुख्यालय छत्तीसगढ़’ से संबंधित है. स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पहचान पत्र के कारण कई लोग एसआइआर फॉर्म जमा करने से बच रहे हैं.
पुलिस की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को पुरुलिया जिला अदालत में पेश किया. अदालत ने बिपिन बिहारी को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया.
विधायक ने जतायी चिंता
स्थानीय विधायक और जिला तृणमूल अध्यक्ष राजीव लोचन सरन ने कहा कि कुछ लोग आदिवासी समाज को भ्रमित कर रहे हैं, हालांकि पूरे मामले में अभी भी कई अनसुलझे पहलू हैं. प्रशासन की ओर से अब आदिवासी समुदाय को एसआईआर फॉर्म भरने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
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