Amit Shah On Lok Sabha: गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झूठ फैलाने और पूरी दुनिया में हिंदुस्तानीय लोकतंत्र की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि चुनावों में कांग्रेस की हार की वजह ईवीएम एवं मतदाता सूची नहीं, बल्कि राहुल गांधी का नेतृत्व है. चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने जोर देकर कहा कि घुसपैठिए को किसी भी हाल में वोट नहीं देने दिया जाएगा. शाह ने कहा- विपक्ष के पास एसआईआर के विरोध का कोई कारण नहीं है, उनका मूल मुद्दा केवल अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूचियों में रखने का है. शाह के जवाब को सुनते ही विपक्ष ने लोकसभा का वॉकआउट कर दिया.
#WATCH | Opposition MPs walk out of Lok Sabha amid Union Home Minister Amit Shah’s reply to the discussion on electoral reforms, in the House. pic.twitter.com/3bhl0W7t00
— ANI (@ANI) December 10, 2025
हमारी पॉलिसी है पता लगाओ, हटाओ और देश निकाला दो : शाह
विपक्षी सांसदों के वॉकआउट के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा, वे 200 बार बॉयकॉट कर सकते हैं, इस देश में एक भी घुसपैठिए को वोट नहीं देने दिया जाएगा. मैं घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के बारे में बोल रहा था. मैंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, उनके (राहुल गांधी के) पिता, सोनिया जी पर कई आरोप लगाए, अगर वे उस समय वॉकआउट कर देते, तो यह सही होता. वे घुसपैठियों के मुद्दे पर वॉकआउट कर गए. हमारी पॉलिसी है पता लगाओ, हटाओ और देश निकाला दो. उनकी पॉलिसी है घुसपैठ को नॉर्मल बनाओ, उन्हें पहचान दो, चुनाव के दौरान उन्हें वोट लिस्ट में शामिल करो और इसे फॉर्मल बनाओ.
#WATCH | Delhi: On Union HM Amit Shah’s speech in the Parliament, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “He did not answer our questions. It was a completely defensive response. I said that a transparent voter list should be given, but he did not answer this. I said… pic.twitter.com/5PkPBtrSEL
— ANI (@ANI) December 10, 2025
अमित शाह पर क्या बोले राहुल गांधी?
संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर लोकसभा LoP और कांग्रेस MP राहुल गांधी ने कहा, उन्होंने हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया. यह पूरी तरह से डिफेंसिव जवाब था. मैंने कहा कि एक ट्रांसपेरेंट वोटर लिस्ट दी जानी चाहिए, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। मैंने कहा कि EVM का आर्किटेक्चर सभी को दिया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा. मैंने कहा कि BJP नेता हरियाणा और बिहार में वोट दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा. उन्होंने CJI के बारे में कुछ नहीं कहा. इलेक्शन कमिश्नर को पूरी इम्युनिटी दी गई है. हम डरे हुए नहीं हैं.
#WATCH | Discussion on electoral reforms | After Opposition MPs walk out, Union HM Amit Shah says in Lok Sabha, “They can boycott 200 times, not even one infiltrator will be allowed to vote in this country…I was speaking about pushing infiltrators out of the country. I levelled… pic.twitter.com/3GR8mUfo4I
— ANI (@ANI) December 10, 2025
चुनाव नहीं जीते तो निर्वाचन आयोग को बदनाम करो : शाह
गृह मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ईवीएम की दलील गले नहीं उतरती तो अब वोट चोरी का मुद्दा लेकर आए. वोट चोरी का मुद्दा लेकर पूरे बिहार में यात्रा निकाली. फिर भी हार गए. हारने का कारण आपका नेतृत्व है, हारने का कारण ईवीएम और मतदाता सूची नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन इनका हिसाब मांगेंगे कि इतने चुनाव कैसे हार गए. उन्होंने कहा कि भाजपा कई चुनाव हारी, लेकिन कभी किसी मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े नहीं किए. शाह ने कहा कि भाजपा को कभी सत्ता विरोधी लहर का सामना नहीं करना पड़ता है. उन्होंने कहा, सत्ता विरोधी लहर का सामना तो उन्हें करना पड़ता है जो जनहित के विरुद्ध काम करते हैं.
अगर मतदाता सूची खराब थी तो शपथ क्यों ली?
अमित शाह ने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा, यह नयी परंपरा शुरू हुई है कि चुनाव नहीं जीते तो निर्वाचन आयोग को बदनाम करो, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने कई चुनावों में विपक्षी दलों की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर मतदाता सूची खराब थी तो शपथ क्यों ली?
निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार : शाह
अमित शाह ने कहा कि संविधान निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है तथा एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को हिंदुस्तान में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता. शाह ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 326 में मतदाता की पात्रता, योग्यता, और मतदाता होने की शर्तें तय की गई है. सबसे पहली शर्त है, मतदाता हिंदुस्तान का नागरिक होना चाहिए, विदेशी नहीं होना चाहिए. ये (विपक्ष) कह रहे हैं कि चुनाव आयोग एसआईआर क्यों कर रहा है? उसका (निर्वाचन आयोग) दायित्व है, इसलिए कर रहा है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग तटस्थता से चुनाव कराने वाली संस्था है.
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