बांकुड़ा.
मनरेगा संघर्ष मोर्चा ने खेतिहर मजदूरों के साथ मिलकर बिष्णुपुर–दुर्गापुर नेशनल हाईवे पर केरानिबांध के पास प्रतीकात्मक सड़क जाम किया. मजदूर संगठनों का कहना है कि चार साल से 100 दिन का काम बंद पड़े होने से गरीब मजदूरों की आजीविका पर भारी असर पड़ा है.
तीन सौ से अधिक मजदूरों की भागीदारी, राज्यभर में कार्यक्रम
हाल ही में राज्य के दस खेतिहर मजदूर संगठनों ने मिलकर मनरेगा संघर्ष मोर्चा का गठन किया है. इसी आह्वान पर बुधवार को बांकुड़ा में तीन सौ से ज़्यादा खेतिहर मजदूर इस विरोध कार्यक्रम में शामिल हुए. मोर्चा का आरोप है कि केंद्र की भाजपा प्रशासन ‘चोरी’ का बहाना बनाकर राज्य में 100 दिन का काम रोक रही है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने 1 अगस्त से काम शुरू करने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ केंद्र प्रशासन सुप्रीम कोर्ट चली गई और बाद में तुरंत काम शुरू करने की बात कही थी.
मोर्चा का कहना है कि राज्य प्रशासन ने कर्मश्री प्रोजेक्ट में 50 दिन का काम देने की बात कही थी, लेकिन उसका भी कोई संकेत नहीं दिख रहा है. संगठनों ने कोर्ट के फैसले के मुताबिक राज्य में तुरंत 100 दिन काम शुरू करने की मांग दोहराई. इसी मुद्दे को लेकर 23 दिसंबर को हजारों खेत मजदूर राजभवन जायेंगे, और अगर काम शुरू नहीं हुआ तो नए साल में रेलवे से लेकर सेंट्रल ऑफिस तक को ब्लॉक करने की चेतावनी दी गयी है.
पूरे कार्यक्रम में ऑल इंडिया एग्रीकल्चरल एंड रूरल वर्कर्स एसोसिएशन की तरफ से बबलू बनर्जी और राम निवास बास्के, सारा हिंदुस्तान खेत मजदूर और ग्रामीण श्रमजीवी यूनियन से सागर बाद्यकर, हिंदुस्तानीय खेत मजदूर यूनियन से सरबानी सिन्हा और संजू बराट, संयुक्त किसान सभा के स्वपन शर्मा, वेस्ट बंगाल एग्रीकल्चरल वर्कर्स एसोसिएशन के सोमनाथ बास्के, तथा शहर के मजदूर नेता भास्कर सिन्हा और प्रतीप मुखर्जी मौजूद थे.
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