TRAI Orders: दूरसंचार नियामक ट्राई ने बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के तहत आने वाली सभी कंपनियों को साफ निर्देश दिया है कि वे उपभोक्ताओं से जुड़ी सेवा और लेनदेन संबंधी कॉल के लिए 15 फरवरी 2026 तक ‘1600’ सीरीज का इस्तेमाल शुरू करें. यह कदम फर्जी कॉल्स और वॉयस फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए उठाया गया है.
उपभोक्ताओं के भरोसे को मजबूत करने की पहल
ट्राई का कहना है कि 1600 सीरीज से उपभोक्ताओं को आसानी से पहचान होगी कि कॉल किसी वैध और नियंत्रित संस्था से आ रही है. इससे धोखाधड़ी करने वाले नंबरों पर रोक लगेगी और ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा.
पहले ही बैंकिंग और वित्तीय संस्थाओं पर लागू
इससे पहले ट्राई ने हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), सेबी और पीएफआरडीए के तहत आने वाली संस्थाओं को भी 1600 सीरीज अपनाने का आदेश दिया था. अब बीमा क्षेत्र को भी इसी दायरे में शामिल कर दिया गया है.
डॉट ने आवंटित की खास सीरीज
दूरसंचार विभाग (डॉट) ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, बीमा और प्रशासनी संगठनों को 1600 सीरीज दी है. इसका मकसद है कि सेवा और लेनदेन से जुड़ी कॉल्स को अन्य व्यावसायिक संचार से अलग किया जा सके.
570 संस्थाएं पहले ही जुड़ चुकीं
ट्राई ने बताया कि अब तक करीब 570 संस्थाएं इस सीरीज को अपना चुकी हैं. नियामक लगातार टेलीकॉम कंपनियों और बीएफएसआई सेक्टर के साथ संपर्क में है, ताकि समयसीमा तक सभी संस्थाएं इस व्यवस्था में शामिल हो जाएं.
TRAI Telecom Rules 2025: स्पैम कॉल्स पर सख्ती, नेटवर्क कवरेज मैप अपडेट, ग्राहकों को फायदा
TRAI का फ्रॉड पर बड़ा प्रहार, 1 जनवरी 2026 से बैंक और वित्तीय संस्थानों की कॉल 1600 सीरीज से ही आएंगी
The post ट्राई लगाएगा फर्जी कॉल्स पर लगाम, 15 फरवरी 2026 तक अपनानी ही होगी 1600 सीरीज appeared first on Naya Vichar.