MEA On Trump Tariff: रूस से कच्चे तेल की खरीद पर 500 प्रतिशत शुल्क (Tariff) लगाने संबंधी प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक पर विदेश मंत्रालय ने खरी-खरी सुनाई है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि हिंदुस्तान रस्तावित अमेरिकी विधेयक से संबंधित घटनाक्रम पर करीब से नजर रखे हुए है. हिंदुस्तान और चीन उन चुनिंदा देशों में शामिल हैं जो रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदते हैं. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से कच्चे तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने बिल को मंजूरी दी है. इस विधेयक को तैयार करने वाले अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस सप्ताह कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्तावित कानून को हरी झंडी दे दी है.
ऊर्जा नीति पर हिंदुस्तान का रुख साफ- विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा- हमें प्रस्तावित विधेयक की जानकारी है. हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऊर्जा स्रोतों के सवाल पर हिंदुस्तान का रुख सर्वविदित है. जायसवाल ने कहा कि हम वैश्विक बाजार की बदलती गतिशीलता और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न स्रोतों से सस्ती ऊर्जा की खरीद पर जोर देते हैं.
Delhi | On the US Congress introducing a bill to tax India with 500% tariffs, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “We are aware of this bill, and we are focused on the developments. You are aware of our approach towards energy sources. In this regard, our approach depends on… pic.twitter.com/0ZDJsSb78i
— ANI (@ANI) January 9, 2026
चीन को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता की घटनाओं पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- चीन सीपीईसी के माध्यम से शक्सगाम घाटी में बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है, जो हिंदुस्तानीय क्षेत्र है. हमने 1963 के तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है. हम लगातार यह कहते रहे हैं कि यह समझौता अवैध और अमान्य है. हम तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भी मान्यता नहीं देते हैं, जो हिंदुस्तानीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिस पर पाकिस्तान का जबरन और अवैध कब्जा है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश हिंदुस्तान का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं. यह बात चीनी और पाकिस्तानी अधिकारियों को कई बार स्पष्ट रूप से बताई जा चुकी है.
Delhi | On incidents of rising Chinese aggression in the region, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “Chinese infrastructure buildup via CPEC in the Shaksgam Valley, which is Indian territory. We have never recognised the so-called China-Pakistan boundary agreement of 1963. We… pic.twitter.com/8GOoj9F0n7
— ANI (@ANI) January 9, 2026
सांप्रदायिक घटनाओं से सख्ती से निपटे बांग्लादेश
हिंदुस्तान ने बांग्लादेश से कहा है कि वह अपने यहां हो रहीं सांप्रदायिक घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाए. बीते काफी समय से बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार काफी बढ़ गए हैं. वहीं बीते कुछ हफ्तों में कम से कम पांच हिंदू की हत्या कर दी गई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- हम अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों की ओर से बार-बार किए जा रहे हमलों को लेकर काफी चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं से तुरंत और सख्ती से निपटना जरूरी है.
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