IPS Success Story: कुछ लोग नौकरी करती हैं और कुछ लोग सिस्टम सुधारने और समाज के लिए काम करते हैं. शायद यही फर्क होता है एक आम नौकरी और यूपीएससी में. यही कारण है कि आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा (IPS Anjali Vishwakarma) ने विदेश की 45 लाख पैकेज की नौकरी और कंफर्ट को छोड़कर सिविल सेवा को चुना. उन्होंने एक आरमदायक जिंदगी और सिक्योर फ्यूचर को छोड़कर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा का रिस्क चुना.
IIT से हुई पढ़ाई
अंजलि विश्वकर्मा मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं. उनकी 12वीं तक की पढ़ाई उत्तराखंड से हुई. इसके बाद उन्होंने IIT Kanpur से पढ़ाई की. बीटेक करने के बाद उन्हें साल 2015 में एक विदेशी कंपनी में शानदार पैकेज मिला. उन्हें Schlumberger में जॉब ऑफर हुई थी.
UPSC Success Story: कहां से मिली यूपीएससी करने की प्रेरणा?
साल 2018 में अंजलि ने जॉब छोड़ दी. उन्होंने पहले MBA करने का प्लान किया. लेकिन अपने दोस्तों को देखा और कॉर्पोरेट की हालत देखकर फिर उन्हें लगा कि यूपीएससी करना चाहिए. अंजलि ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान बातचीत में बताया कि यूपीएससी का फैसला और उसकी जर्नी एक स्ट्रगल था. मैं एक अच्छे जॉब में थी और पैसे भी कमा रही थी. ऐसे में मेरे लिए फाइनेंशियल सिक्योरिटी को छोड़कर वापस से पढ़ाई करना एक टफ निर्णय था.
IPS Success Story: दूसरे ही प्रयास में पाई सफलता
अंजलि विश्वकर्मा हमेशा से पढ़ने में अच्छी थीं. ऐसे में उन्होंने जब तैयारी शुरू की तो खूब सारे इंटरव्यू देखे और जमकर तैयारी शुरू की. दो साल की कड़ी मेहनत में अंजलि विश्वकर्मा ने सफलता हासिल कर ली. उन्होंने अपने दूसरे ही प्रयास में वर्ष 2020 में ऑल इंडिया रैंक 158 के साथ सफलता हासिल कर ली.
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