Mahashivratri 2026: फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगा। चूंकि तिथि की शुरुआत 15 फरवरी की शाम से हो रही है, इसलिए महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 को ही मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना गया है.
रुद्राभिषेक क्या है?
अभिषेक शब्द का अर्थ होता है स्नान कराना. रुद्राभिषेक का मतलब है भगवान रुद्र यानी भगवान शिव का पवित्र वस्तुओं से अभिषेक करना. इसमें जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल आदि से शिवलिंग का स्नान कराया जाता है.
क्यों करते हैं रुद्राभिषेक?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करने से भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. इससे मन शांत रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया रुद्राभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है और वे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. साथ ही व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास भी होता है.
रुद्राभिषेक का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में कहा गया है –
“रुतम् दुखम् द्रावयति इति रुद्र:”
अर्थात भगवान शिव सभी दुखों को नष्ट करने वाले हैं.
मान्यता है कि हमारे दुखों का कारण हमारे पिछले कर्म होते हैं. रुद्राभिषेक और रुद्रार्चन करने से पाप कर्मों का नाश होता है और साधक में शिव तत्व का विकास होता है.
रुद्रहृदयोपनिषद में कहा गया है कि भगवान रुद्र सभी देवताओं की आत्मा हैं और सभी देवताओं में शिव का ही स्वरूप विद्यमान है. रुद्राभिषेक का फल शीघ्र प्राप्त होता है. कालसर्प दोष, गृहक्लेश, व्यापार में नुकसान, शिक्षा में बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति के लिए यह पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है.
रुद्राभिषेक करने से मिलने वाले प्रमुख लाभ
नकारात्मकता और पुराने कर्मों से मुक्ति
रुद्राभिषेक से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है. बार-बार आ रही रुकावटें और परेशानियां दूर होने लगती हैं.
धन और करियर में स्थिरता
आर्थिक समस्याएं, नौकरी में रुकावट या व्यापार में नुकसान हो रहा हो, तो रुद्राभिषेक से शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है.
स्वास्थ्य सुधार और ग्रह दोष शांति
ग्रह दोषों के कारण होने वाली मानसिक और शारीरिक समस्याओं में राहत मिलती है.
रिश्तों में मधुरता और शांति
वैवाहिक जीवन और पारिवारिक संबंधों में प्रेम और समझ बढ़ती है.
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आध्यात्मिक उन्नति और शिव कृपा
महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की कठिनाइयों से रक्षा होती है.
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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