Dhanbad News: आइआइटी-आइएसएम में आइआइआइ–2026, आत्मनिर्भर हिंदुस्तान के लिए स्मार्ट माइनिंग और क्रिटिकल मिनरल्स पर जोर
Dhanbad News: आइआइटी-आइएसएम के आइआइआइ–2026 के उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि हिंदुस्तान कोकिंग कोल लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट माइनिंग, डिजिटलाइजेशन और एआइ आधारित तकनीकें खनन क्षेत्र को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रभावी बना रही हैं. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से खनन कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है और श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. भविष्य में टिकाऊ और तकनीक आधारित विकास को गति देने के लिए शैक्षणिक और शोध संस्थानों के साथ सहयोग को और मजबूत किया जाएगा. हिंदुस्तानीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के महानिदेशक असित साहा ने कहा कि देश में क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और विकास को लेकर तेजी से कार्य हो रहा है. कई अन्वेषण परियोजनाएं प्रगति पर हैं और रेयर अर्थ मिनरल्स की पहचान भी की जा चुकी है. विज्ञान हिंदुस्तानी के विवेकानंद पई ने क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन एनर्जी और उन्नत खनन तकनीकों में तेज नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया. साथ ही स्वदेशी क्षमताओं को और सशक्त करने की अपील की.
आइआइटी आइएसएम की विरासत और भविष्य : निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा
आइएसएम के निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा ने स्वागत भाषण में संस्थान की सौ वर्ष से अधिक पुरानी विरासत का उल्लेख किया. कहा कि संस्थान ने खनन, खनिज और ऊर्जा क्षेत्र में देश के विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभायी है.
हुए कई महत्वपूर्ण एमओयू
उद्घाटन सत्र से पहले टेक्समिन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गये. इनमें जिआइआरइडीएमइटी (रूस), हिंदुस्तान संचार निगम लिमिटेड, आराव अनमैन्ड सिस्टम्स (एरियो), रिएक्टोर, स्किल काउंसिल फॉर माइनिंग सेक्टर, दीपक माइनिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड और आरइएससीएमएम सॉल्यूशंस शामिल हैं. इन समझौतों का उद्देश्य स्मार्ट माइनिंग, एरियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लानिंग, कौशल विकास और क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़ी तकनीकों पर संयुक्त रूप से कार्य करना है.
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