Indian Railways : राज्यसभा में शुक्रवार को भाजपा की एक सदस्य ने पुणे और दिल्ली के बीच अब तक कोई सीधी प्रमुख ट्रेन न चलने को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि यह सुविधा न होने के कारण छात्रों, पेशेवरों, व्यवसाइयों और प्रशासनी अधिकारियों समेत लाखों लोगों को परेशानी हो रही है. भाजपा की मेधा विश्राम कुलकर्णी ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया.
कुलकर्णी ने कहा कि पुणे न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश का शिक्षा केंद्र है और इसे ‘‘पूर्व का ऑक्सफोर्ड’’ कहा जाता है. उन्होंने दिल्ली से पुणे के बीच तेज गति वाली ट्रेनों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पुणे आईटी, उद्योग, स्टार्टअप और रक्षा निर्माण का केंद्र है और वहां जल्द ही रक्षा गलियारा भी बनाया जा रहा है, जो कई उद्योगों को आकर्षित करेगा.
पुणे और दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनें लेती हैं ज्यादा समय
मेधा ने कहा कि वर्तमान में पुणे और दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनें 20 से 30 घंटे का समय लेती हैं, भीड़ वाली होती हैं और उनमें सुविधाओं की कमी रहती है. उन्होंने कहा कि अन्य महत्वपूर्ण शहरों के बीच राजधानी एक्सप्रेस, वंदे हिंदुस्तान और तेजस एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन दिल्ली–पुणे मार्ग इस सेवा से वंचित है. मेधा ने केंद्र प्रशासन से पुणे से दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, वंदे हिंदुस्तान जैसी ट्रेनों को चलाने की मांग की.
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शून्यकाल में ही भाजपा के हर्ष महाजन, डॉ भीम सिंह, नागेन्द्र राय और डॉ अनिल सुखदेवराव बोंडे तथा मनोनीत सदस्य सुधा मूर्ति ने भी अपने अपने मुद्दे उठाए.
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