शचिंद्र कुमार दाश/हिमांशु गोप
Saraikela: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल (हुमीद) स्थित बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड (BSIL) बंद हो गया. फैक्ट्री बंद होने से लगभग 450 से अधिक श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. कंपनी के बंद होने से अप्रत्यक्ष रूप से एक हजार लोगों के रोजगार पर असर पड़ेगा. चांडिल, चौका, नीमडीह के आसपास के बाजार पर इसका असर पड़ेगा. दरअसल BSIL कंपनी व प्लांट का संचालन कर रही वनराज स्टील (Vanraj Steels) के बीच आपसी तालमेल बिगड़ने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है. 2022 से वनराज स्टील उस प्लांट को BSIL से किराये पर लेकर चला रही थी. समझौते के मुताबिक वनराज स्टील को दो करोड़ रुपये प्रतिमाह देना था, लेकिन हाल में वनराज स्टील ने किराया घटाकर एक करोड़ करने या फिर पॉवर प्लांट को पूरी तरह से ठीक करने का प्रस्ताव दिया था. इस पर वनराज और BSIL में सहमति नहीं बन पाने के कारण शुक्रवार से प्लांट बंद हो गया है.
शनिवार को हुई हाई लेवल मीटिंग
इस बीच शनिवार को स्थानीय विधायक सविता महतो, पंचग्राम विस्थापित समिति, वनराज स्टील और BSIL के प्रतिनिधियों के बीच हाई लेवल बैठक हुई. बैठक में कामगारों के बकाया वेतन का जल्द भुगतान करने पर सहमति बनी. साथ ही प्लांट को फिर से चालू कराने को लेकर Vanraj Steels और BSIL के सीनियर पदाधिकारियों के बीच जल्द ही दिल्ली में एक हाई लेवल बैठक करने पर सहमति बनी. प्लांट में कुल तीन इकाई (क्लीन) हैं. इनमें एक पहले ही बंद हो चुकी थी, जबकि शुक्रवार को बाकी बची दो इकाई को बंद कर दिया गया. इसके साथ कंपनी का उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया. बता दें कि इसके पहले वर्ष 2013 में कंपनी ने अचानक नोटिस चिपकाकर पहले यूनिट को बंद कर दिया था, जो 9 साल बाद जनवरी 2022 में वनराज स्टील के सहयोग से दोबारा शुरू हुआ था.
उमेश मोदी के दौरे से जगी उम्मीद टूटी
करीब डेढ़ माह पहले बीएसआइएल के मालिक उमेश कुमार मोदी ने चांडिल का दौरा किया था. उन्होंने स्थानीय लोगों और कंपनी प्रबंधन से बात की थी, जिससे क्षेत्र के लोगों में कंपनी के विस्तार और स्थायी रोजगार की उम्मीद जगी थी. विस्तार के बजाय कंपनी के दोबारा बंद होने से न केवल कामगार, बल्कि आसपास के छोटे व्यवसायी भी हताश हैं.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की प्रतिक्रिया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद आदित्य साहू ने बिहार स्पंज आयरन कम्पनी बंद होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य प्रशासन को घेरा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर ट्वीट करते हुए कहा है कि झारखंड में उद्योग और रोजगार को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. एक तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रशासन निवेश और विकास के नाम पर विदेशी दौरों की बात करती है, तो दूसरी तरफ राज्य में चल रही इकाइयां बंद हो रही हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मौजूदा उद्योग ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो नये निवेश से रोजगार कैसे पैदा होगा? बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड के युवाओं और श्रमिकों को सिर्फ वादे नहीं, स्थायी रोजगार और मजबूत औद्योगिक नीति चाहिए.
क्या कहना है ईचागढ़ विधायक का
दोनों कंपनियों की बैठक में शनिवार को ईचागढ़ विधायक सविता महतो भी शामिल हुईं और उन्होंने मजदूरों के बकाए का जल्द भुगतान करने की बात कही. उन्होंने कहा कि 2022 में भी प्रशासन के प्रयास से ही प्लांट को दुबारा शुरू कराया गया था और अब भी हमलोग प्रयास कर रहे हैं कि बीच का कोई रास्ता निकले और प्लांट बंद न हो.
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