Janki Jayanti 2026: जानकी जयंती माता सीता को समर्पित एक विशेष पर्व है. इसे सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन घरों और मंदिरों में माता सीता के साथ भगवान राम की आराधना की जाती है. जानकी जयंती हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को माता सीता के धरती पर अवतरित होने की खुशी में मनाई जाती है. इस दिन दान करने का विशेष महत्व होता है. कहा जाता है कि ऐसा करने से माता सीता और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
जानकी जयंती के दिन किन चीजों का दान करना चाहिए?
सुहाग सामग्री
माता सीता को सौभाग्य की देवी माना जाता है. इस दिन विवाहित स्त्रीओं को सुहाग की वस्तुएं जैसे लाल चुनरी, चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी और आलता का दान करना चाहिए.
पीले रंग की वस्तुएं
माना जाता है कि भगवान राम और माता सीता को पीला रंग प्रिय है. इसलिए इस दिन पीले अनाज और पीले रंग के फलों का दान करना शुभ माना जाता है.
अन्न का दान
किसी भी पावन तिथि पर भूखों को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है. इस दिन चावल, आटा, गुड़ और काले तिल का दान करना चाहिए.
जानकी जयंती का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि जानकी जयंती के दिन व्रत और पूजन करने से वैवाहिक जीवन के कष्ट दूर होते हैं और स्त्रीओं को अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है. चूंकि माता सीता भूमि से प्रकट हुई थीं, इसलिए यह दिन हमें प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी मर्यादा बनाए रखने की प्रेरणा देता है.
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