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SIR in Bengal: कोलकाता: स्थायी निवास प्रमाण पत्र या अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता सहित राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि यह प्रमाण पत्र आम जनता को शीघ्रता से उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने इस मुद्दे पर प्रचार करने का संदेश भी दिया था, लेकिन चुनाव आयोग ने अब उन मामलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, जिनमें मतदाता सूची के गहन संशोधन (एसआईआर) के उद्देश्य से इस प्रमाण पत्र को वैध माना जाएगा. चुनाव आयोग के इस फैसले से बंगाल के हजारों वोटरों को बड़ी राहत मिली है.
अधिवास प्रमाण पत्र एक स्वीकार्य दस्तावेज
नई दिल्ली से बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक पत्र प्राप्त हुआ है. गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत अधिवास प्रमाण पत्र एक स्वीकार्य दस्तावेज है. हालांकि, आयोग ने कहा है कि कुछ मामलों में ही इस प्रमाण पत्र को वैध माना जाएगा. पत्र में उल्लेख किया गया है कि केवल जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट और कोलकाता के मामले में कलेक्टर द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र ही वैध माने जाएंगे.
1999 में लागू कानून के तहत मान्य
यह स्थायी निवास प्रमाण पत्र स्थायी जन प्रतिनिधियों सहित विभिन्न प्रशासनी अधिकारियों से प्राप्त किया जा सकता है. हालांकि, चुनाव आयोग ने अब स्पष्ट रूप से बता दिया है कि इसे स्थायी निवास प्रमाण पत्र (एसआईआर) के लिए या वैध दस्तावेज के रूप में कब स्वीकार किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रत्येक प्रमाण पत्र नवंबर 1999 में पश्चिम बंगाल प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार ही जारी किया जाना चाहिए.
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