Bihar News: बिहार प्रशासन ने AI के क्षेत्र में बड़ा दांव स्पोर्ट्सा है. राज्य प्रशासन ने IIT पटना के बिहटा परिसर में 60 करोड़ रुपये की लागत से ‘मेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की अनुशंसा की है.
बिहार AI मिशन की उच्चस्तरीय समिति की दूसरी बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई. यह प्रोजेक्ट राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
11 एकड़ में तैयार होगा मेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि बिहटा स्थित IIT पटना परिसर में करीब 11 एकड़ भूमि पर यह मेगा सेंटर विकसित किया जाएगा, प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये है, जिसमें 24 करोड़ केंद्र प्रशासन, 24 करोड़ बिहार प्रशासन और 12 करोड़ रुपये इंडस्ट्री पार्टनर द्वारा निवेश किए जाएंगे. IIT पटना को इस प्रोजेक्ट का एकेडमिक पार्टनर चुना गया है, जिसकी AI और मशीन लर्निंग रिसर्च में मजबूत पकड़ है.
💻📊 मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार एआई मिशन की दूसरी उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में @DitBihar के सचिव सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान एआई मिशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं एवं आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। pic.twitter.com/rUsfsOgkxv— Cabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar (@BiharCabinet) February 11, 2026
वैश्विक AI और एनालिटिक्स कंपनी टाइगर एनालिटिक्स को इंडस्ट्री पार्टनर बनाने की अनुशंसा की गई है. कंपनी हाल ही में ‘एंटरप्राइज एआई पार्टनर ऑफ द ईयर 2025’ से सम्मानित हुई है. इसके सीईओ महेश जैन बिहार के मूल निवासी हैं. पेप्सिको, मैकडॉनल्ड्स और नेस्ले जैसी कंपनियों के साथ काम करने का अनुभव इस साझेदारी को और मजबूत बनाता है.
प्रशासन का लक्ष्य AI के जरिए बाढ़ पूर्वानुमान को सटीक बनाना, फसल रोगों की समय रहते पहचान करना और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है. मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
सुशासन का ‘ब्रह्मास्त्र’ बनेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
इस मेगा सेंटर का उद्देश्य केवल कोडिंग या सॉफ्टवेयर बनाना नहीं है, बल्कि बिहार की जमीनी समस्याओं का डिजिटल समाधान ढूंढना है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया कि AI का इस्तेमाल बाढ़ प्रबंधन के सटीक पूर्वानुमान, कृषि में फसलों के रोगों की पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा.
यह केंद्र हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और आधुनिक उपकरणों से लैस होगा, जो बिहार के युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करेगा.
दिल्ली में दिखेगी बिहार की तकनीकी धमक
बिहार की यह बदलती तस्वीर जल्द ही राष्ट्रीय पटल पर भी नजर आएगी. आगामी 16 से 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में बिहार अपना विशेष पवेलियन लगाएगा. यह दुनिया को दिखाने का मौका होगा कि बिहार अब आधुनिक तकनीक के साथ तालमेल बिठाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
आईआईटी पटना को इसका अकादमिक पार्टनर इसलिए चुना गया है क्योंकि वहां पहले से ही स्टार्टअप और AI रिसर्च का एक मजबूत ईकोसिस्टम मौजूद है.
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