India’s Foreign Exchange Reserve: हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति के लिए पिछला हफ्ता थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा है. हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 6 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में हिंदुस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) 6.711 अरब डॉलर घटकर 717.064 अरब डॉलर रह गया है. दिलचस्प बात यह है कि इससे ठीक एक हफ्ते पहले ही हिंदुस्तान का भंडार 723.774 अरब डॉलर के अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर (All-time High) पर पहुंच गया था.
Foreign Exchange Reserve: क्यों आई विदेशी मुद्रा भंडार में यह बड़ी गिरावट?
इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण सोने (Gold) के रिजर्व में आई कमी है. RBI के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड रिजर्व में 14.208 अरब डॉलर की भारी कमी आई है, जिससे यह अब 123.476 अरब डॉलर पर आ गया है. हालांकि, राहत की बात यह है कि विदेशी मुद्रा संपत्ति (FCA), जो भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा है, उसमें 7.661 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
Foreign Exchange Reserve: क्या हिंदुस्तान के पास अब भी पर्याप्त पैसा बचा है?
बिल्कुल, RBI ने हाल ही में भरोसा जताया है कि हिंदुस्तान का बाहरी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है. वर्तमान में हमारे पास इतना विदेशी मुद्रा भंडार है कि हम 11 महीनों से ज्यादा का आयात (Import) आसानी से कर सकते हैं. साल 2025 की शुरुआत से अब तक हिंदुस्तान के खजाने में करीब 56 अरब डॉलर जुड़े हैं, जो हमारी मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है.
RBI आखिर क्यों घटाता-बढ़ाता है ये भंडार?
विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल RBI रुपये को संभालने के लिए करता है. जब भी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने लगता है, तो RBI बाजार में डॉलर बेचकर स्थिति को कंट्रोल करता है. इसके विपरीत, जब रुपया मजबूत होता है, तो RBI डॉलर खरीदकर अपना भंडार बढ़ा लेता है. यह एक बैलेंसिंग एक्ट है ताकि देश की इकोनॉमी स्थिर बनी रहे.
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