Oil Crisis: मिडिल ईस्ट की जंग में श्रीलंका का हाल बेहाल हो गया है. श्रीलंका की प्रशासन ने रविवार को ईंधन की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत का इजाफा किया है. अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के कारण मिडिल ईस्ट से तेल की आपूर्ति बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं. यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर श्रीलंका जैसे तेल आयातक देशों के लिए गंभीर चुनौती बन गई है. यह एक सप्ताह में दूसरी बार बढ़ोतरी है.
STORY | Sri Lanka hikes fuel prices by 25 pc amid West Asia conflict
The Sri Lankan government on Sunday raised fuel prices by around 25 per cent, the second such increase in a week amid the West Asia conflict.
READ: https://t.co/5lC7dk0DIo pic.twitter.com/naNchexRJh
— Press Trust of India (@PTI_News) March 22, 2026
प्रशासन ने की अपील- ईंधन और बिजली का समझदारी से करें उपयोग
तेल और गैस संकट के बीच श्रीलंकाई प्रशासन ने रविवार को जनता से अपील की है कि वे वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता और संभावित आपूर्ति कमी के बीच ईंधन और बिजली का सीमित और सोच-समझकर उपयोग करें. प्रशासन ने ऊर्जा बचत के लिए प्रत्येक वाहन के लिए जारी क्यूआर कोड के आधार पर ईंधन की बिक्री निर्धारित मात्रा में शुरू कर दी है. श्रीलंका प्रशासन के प्रवक्ता और मंत्री नलिंदा जयतिस्सा ने कहा- हम जनता से आग्रह करते हैं कि वे बिजली और ईंधन का समझदारी से उपयोग करें और ऊर्जा खपत को न्यूनतम रखें. उन्होंने ईंधन की जमाखोरी के खिलाफ चेतावनी भी दी.
2022 के आर्थिक संकट के स्तर तक पहुंचने लगी है ईंधन की कीमतें
मंत्री नलिंदा जयतिस्सा ने बताया कि यह फैसला ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण लिया गया है. उन्होंने कहा कि यही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम मार्ग है. वहीं, दो बार कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ईंधन की कीमतें 2022 के आर्थिक संकट के स्तर तक पहुंचने लगी हैं, जिससे तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को नागरिक अशांति के बीच पद छोड़ना पड़ा था.
सब्सिडी देकर हर महीने 20 अरब रुपये खर्च कर रही प्रशासन
मंत्री जयतिस्सा ने कहा कि हालिया मूल्य वृद्धि के बावजूद प्रशासन डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 20 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दे रही है. इसके कारण प्रशासन पर हर महीने 20 अरब रुपये का अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईंधन कीमतों में संशोधन नहीं किया गया, तो प्रशासन पर लगभग 1.5 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.
Also Read: अमेरिका से LPG, रूस से कच्चे तेल का टैंकर पहुंचा हिंदुस्तान, संकट के बीच डबल राहत
The post मिडिल ईस्ट जंग में श्रीलंका बेहाल, 25% बढ़े डीजल-पेट्रोल के दाम appeared first on Naya Vichar.

