कर्पूरी सभागार में ‘कार्यस्थल पर स्त्रीओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम’ पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित
नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर: स्थानीय कर्पूरी सभागार में आज “कार्यस्थल पर स्त्रीओं के यौन उत्पीड़न (प्रतिषेध, निवारण और अधिनियिम)” के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सूर्य प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशासनी एवं निजी कार्यस्थलों पर स्त्रीओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना तथा संबंधित कानून के प्रावधानों के प्रति अधिकारियों व कर्मचारियों को जागरूक करना था।
प्रमुख संबोधन: जागरूकता से ही आएगा बदलाव
सभा को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त श्री सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि:
“स्त्रीओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून तो बने हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में इनका पूर्ण लाभ लक्षित समूह को नहीं मिल पाता है। कार्यस्थल पर होने वाले भेदभाव और यौन उत्पीड़न के विरुद्ध बने नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार अनिवार्य है। इस कार्यशाला का उद्देश्य यही है कि सभी कार्यालय प्रधान और कर्मचारी कानून की बारीकियों को समझें ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को शून्य पर लाया जा सके।”
कार्यशाला के मुख्य बिंदु:
कानूनी जानकारी: विधि विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।
आंतरिक शिकायत समिति (ICC): कार्यस्थलों पर ‘आंतरिक शिकायत समिति’ के गठन की अनिवार्यता और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
निवारण तंत्र: पीड़ित स्त्री को मिलने वाली कानूनी सहायता और दोषी के विरुद्ध की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस महत्वपूर्ण सत्र में जिले के कई वरीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से श्रीमती सुनीता, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS) श्री रजनीश कुमार राय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री विष्णु देव मंडल, जिला पंचायत राज पदाधिकारी विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान, अधिवक्तागण और विधि विशेषज्ञ शामिल रहे. कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को अपने-अपने कार्यालयों में इस अधिनियम का कड़ाई से पालन करने और एक भयमुक्त वातावरण तैयार करने का निर्देश दिया गया।
