Virat Ramayan Mandir: विराट रामायण मंदिर का निर्माण सिंटेक्स कंपनी की ओर से कराया जा रहा है. कंपनी के मैनेजर मनोज पांडेय का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 400 लोगों को रोजगार मिला है. मंदिर के निर्माण में लगभग 600 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं. 2028 में उद्घाटन की उम्मीद है. लेकिन साल 2030 तक यह मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा.
क्या-क्या है मंदिर की खासियत?
- विश्व का सबसे बड़ा मंदिर : यह मंदिर 120 से 161 एकड़ में फैला हुआ है और पूरा होने पर यह कंबोडिया के अंकोरवाट से भी बड़ा धार्मिक परिसर होगा.
- ऊंचाई और आकार : मंदिर के मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फुट है. इसकी टोटल लंबाई 1080 फुट और चौड़ाई 540 फुट है.
- दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग : मंदिर में 33 फुट ऊंचा और 210 टन का ‘सहस्त्रलिंगम’ स्थापित किया गया है. ग्रेनाइट पत्थर से बना यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लाया गया है. इसे 17 जनवरी 2026 को स्थापित किया गया था.
- शिखरों और मंदिरों की संख्या : इस परिसर में टोटल 22 मंदिर होंगे और इसमें 12 प्रमुख शिखर (डोम) बनाए जा रहे हैं.
- विशाल क्षमता : मंदिर में एक बड़ा हॉल बनाया जा रहा है, जिसमें एक साथ करीब 20,000 लोग बैठ सकेंगे.
- वास्तुकला का मिश्रण : इसकी बनावट में दक्षिण हिंदुस्तानीय (रामेश्वरम और मीनाक्षी मंदिर) और दक्षिण-पूर्व एशियाई (अंकोरवाट) शैलियों का अद्भुत संगम है.
- टिकाऊ स्ट्रक्चर : मॉडर्न इंजीनियरिंग का उपयोग करते हुए इसे इस तरह बनाया जा रहा है कि यह स्ट्रक्चर 500 से अधिक सालों तक सुरक्षित रहे.
विराट रामायण मंदिर बनने से फायदा
पूर्वी चंपारण जिले में विराट रामायण मंदिर के बनने से यहां टूरिज्म को बढ़ावा मिल सकेगा और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा. रामायण सर्किट योजना के तहत भगवान राम से जुड़े धार्मिक जगहों का विकास किया जा रहा है. साथ ही उन जगहों को रेल, हवाई या फिर सड़क मार्ग से जोड़े जाने की योजना है.
Also Read: बिहार पंचायत चुनाव से पहले बड़ा फैसला, परिसीमन नहीं, लेकिन बदलेगा आरक्षण रोस्टर
The post बिहार में बन रहे विराट रामायण मंदिर की क्या-क्या होगी खासियत? जानिए सब कुछ appeared first on Naya Vichar.

