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Bhuvneshwar Kumar Untold Story: क्रिकेट के मैदान पर जब भुवनेश्वर कुमार की गेंद हवा में लहराती है, तो अच्छे-अच्छे बल्लेबाज चकमा खा जाते हैं. अपनी तेज और स्विंग होती गेंदों से दुनिया भर में नाम कमाने वाले इस गेंदबाज की कहानी बहुत दिलचस्प है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेरठ के एक आम लड़के को टीम इंडिया का सुपरस्टार बनाने के पीछे सबसे बड़ा हाथ किसका है? वो कोई और नहीं बल्कि उनकी बड़ी बहन रेखा अडाना हैं. आइए आपको बताते हैं कि कैसे एक बहन ने अपने छोटे भाई के टैलेंट को पहचाना और उसे क्रिकेट की दुनिया में स्विंग का सुल्तान बना दिया.
फौजी बनने का था सपना
बचपन में भुवी का सपना कोई बड़ा क्रिकेटर बनने का नहीं था. असल में वो इंडियन आर्मी में जाना चाहते थे. उनके पिता पुलिस विभाग में काम करते थे, इसलिए घर का माहौल भी काफी सख्त था. लेकिन समय के साथ भुवी का मन गली के क्रिकेट में ज्यादा लगने लगा. वो रोज मोहल्ले के लड़कों के साथ क्रिकेट स्पोर्ट्सते थे. पिता चाहते थे कि बेटा पढ़ाई पर ध्यान दे, लेकिन भुवी का मन तो बस गेंद और बल्ले में अटका रहता था. ऐसे में उनके क्रिकेट स्पोर्ट्सने को लेकर घर में अक्सर डांट भी पड़ती थी.
बहन रेखा ने पहचानी असली चमक
भुवनेश्वर तब मुश्किल से 13 साल के रहे होंगे. उनकी बड़ी बहन रेखा ने देखा कि उनका भाई हर रोज घंटों क्रिकेट स्पोर्ट्सता है. रेखा ने नोटिस किया कि भुवी बाकी लड़कों से बहुत अलग स्पोर्ट्सते हैं और उनकी गेंदबाजी में एक खास बात है. एक बहन की नजर ने वो देख लिया जो शायद घर के बाकी लोग नहीं देख पा रहे थे. रेखा को इस बात का पक्का यकीन हो गया कि उनके भाई के हाथों में जादू है और अगर इसे सही रास्ता मिले तो वो बहुत बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है.
खुद लेकर गईं क्रिकेट एकेडमी
एक बार जब रेखा ने मन बना लिया, तो फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उस वक्त मेरठ में अच्छी क्रिकेट कोचिंग मिलना इतना आसान काम नहीं था. लेकिन बहन ने अपने भाई के लिए ये भी कर दिखाया. वो खुद भुवी का हाथ पकड़कर उन्हें मेरठ के विक्टोरिया पार्क लेकर गईं. वहां उन्होंने कोच विपिन वत्स और संजय रस्तोगी से बात की और भुवी को ट्रेनिंग देने के लिए कहा. शुरू में घर के कुछ लोग इस फैसले से ज्यादा खुश नहीं थे, लेकिन बहन के पूरे सपोर्ट ने भुवी के लिए आगे का रास्ता एकदम साफ कर दिया.
आज भी देते हैं बहन को पूरा क्रेडिट
बहन की उसी मेहनत और साथ का नतीजा है कि आज भुवनेश्वर कुमार क्रिकेट की दुनिया का एक बहुत बड़ा नाम हैं. घरेलू क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर को आउट करने से लेकर इंटरनेशनल मैच की पहली ही गेंद पर विकेट लेने तक, भुवी ने हर बार खुद को साबित किया है. आज भी जब भुवनेश्वर से उनकी कामयाबी के बारे में पूछा जाता है, तो वो बिना सोचे सबसे पहले अपनी बहन का ही नाम लेते हैं. उनका साफ मानना है कि अगर उस दिन बहन उन्हें विक्टोरिया पार्क नहीं ले जाती, तो शायद आज ये स्विंग का सुल्तान हमारे सामने नहीं होता.
IPL 2026 में भी जारी है भुवी का जादू
आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की तरफ से स्पोर्ट्सते हुए भुवनेश्वर ने एक और बहुत बड़ा इतिहास रच दिया है. 5 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में विकेट लेते ही वो आईपीएल इतिहास में 200 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले तेज गेंदबाज बन गए. पिछले सीजन (2025) में भी उन्होंने 17 विकेट लेकर आरसीबी को चैंपियन बनाने में बहुत बड़ा रोल निभाया था.
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