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पाकिस्तान नहीं… चीन था सीजफायर का सूत्रधार! जानें कैसे हुआ युद्धविराम

US Iran Ceasefire: ईरान और अमेरिका में अस्थायी ही सही, लेकिन संघर्ष विराम हो गया है. 14 दिनों तक दोनों में से कोई भी पक्ष हमला नहीं करेगा. इस समझौते का सेहरा पाकिस्तान अपने सिर पर बांधने में लगा है. लेकिन, असल स्पोर्ट्स पर्दे के पीछे रहकर चीन ने किया है. सूत्रों का दावा है कि चीन ने ईरान के नेताओं से बातचीत करके उन्हें अमेरिका से युद्धविराम का रास्ता तलाशने के लिए राजी किया. बता दें, चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है. ऐसे में ईरान ने उसकी बात सुनी. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दो अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि बातचीत के दौरान चीनी अधिकारी ईरानी अधिकारियों के संपर्क में थे.

चीनी विदेश मंत्रालय ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

एक अधिकारी ने कहा कि चीन अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है. वह मुख्य रूप से पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र समेत मध्यस्थों के साथ काम कर रहा है. हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय ने अभी तक इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इससे पहले मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा था कि सभी पक्षों को ईमानदारी दिखानी चाहिए और इस युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना चाहिए जो शुरू ही नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि चीन इस संघर्ष के विश्व वित्तीय स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अत्यंत चिंतित है.

अमेरिका और ईरान में संघर्षविराम इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेडलाइन खत्म होने से करीब दो घंटे पहले संघर्षविराम पर सहमत हो गये. ट्रंप ने मंगलवार शाम (अमेरिकी समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा भी कर दी. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बातचीत कर अनुरोध किया कि मैं आज रात ईरान के खिलाफ होने वाली विनाशकारी कार्रवाई को रोक दूं लेकिन इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत हो. वहीं तेहरान में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसने दो सप्ताह के संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है.

पाकिस्तान ने दिया बातचीत का न्योता

सीजफायर के बाद अब बात चीत की लंबी प्रक्रिया चल सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका बातचीत कर सकते हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों को अगले शुक्रवार (10 अप्रैल) को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया है. पाकिस्तान का कहना है कि यहां बाठकर सभी विवादों के समाधान के लिए आगे बातचीत की जा सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका को ईरान से 10 पॉइंट वाला प्रस्ताव मिला है, जिसे वह बातचीत के लिए एक व्यवहारिक आधार मानते हैं.

अमेरिका ने हासिल कर लिया सभी लक्ष्य, अब समझौते की बारी- डोनाल्ट ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीजफायर के बाद कहा कि दो सप्ताह के संघर्षविराम का उपयोग एक बड़े समझौते पर बातचीत के लिए किया जाएगा. उन्होंने जोर दिया कि इससे युद्ध के खतरे को खत्म किया जा सकता है. ट्रंप ने कहा- ऐसा करने का कारण यह है कि हमने सभी सैन्य लक्ष्यों को पहले ही हासिल कर लिया है और हम ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति और मिडिल ईस्ट में शांति को लेकर एक ठोस समझौते के काफी करीब हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले के लगभग सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. अगले दो सप्ताह का समय समझौते को अंतिम रूप देने में मददगार साबित होगा.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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