खरसावां. खरसावां के बेहरासाही में झारखंड नवयुवक समिति की ओर से संगीतमय रामकथा के तीसरे दिन राम जन्म की कथा सुनकर भक्त भाव विभोर हो गये. कथा के दौरान राम के जन्म होते ही पंडाल प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा. कथावाचिका दिव्यांशी जी ने कहा कि भगवान का जन्म असुरों और पापियों का नाश करने के लिए हुआ था. भगवान राम ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश करना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जीवन चरित्र अनंत सदियों तक प्रासंगिक बना रहेगा.
मानव रूप में प्रभु राम के जन्म लेने के पांच कारण बताये
कथावाचिका दीदी दिव्यांशी जी ने बताया कि प्रभु राम का मानव रूप में जन्म लेने के पांच प्रमुख कारण हैं. इसमें पहला कारण नारद मोह व उसका श्राप, दूसरा कारण पृथ्वी पर पाप का बढ़ जाना, तीसरा कारण जय विजय को सनकादि ऋषियों का श्राप, चौथा कारण मनु, शत्रुपा की कठोर तपस्या और वरदान, पांचवां कारण राजा प्रताप भानु और अहिमर्दन को ब्राह्मणों का श्राप. इन्ही कारणों की वजह से भगवान राम ने पृथ्वी पर नर के रूप में जन्म लिया और सांसारिक मर्यादाओं को प्रदर्शित किया. इस दौरान कथा में राम जन्म को उत्सव की तरह मनाया गया.
डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
The post अनंतकाल तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी राम की मर्यादा appeared first on Naya Vichar.
