नया विचार समस्तीपुर।वीमेंस कॉलेज समस्तीपुर में विज्ञान विभाग द्वारा प्रधानाचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा की अध्यक्षता और डा. मृत्युंजय कुमार ठाकुर एवं डॉ अपूर्वा मुले के संयोजन में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विज्ञान विषयों की छात्राओं ने विज्ञान प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी भी दिखाई गई।सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्या प्रो सिन्हा ने कहा कि विज्ञान मानव कल्याण के लिए है । हिंदुस्तान के विज्ञान अनुसंधान को विश्व गंभीरता से ले रहा है। मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य एवं भौतिकी के विद्वान डॉ राज किशोर प्रसाद ने कहा कि विज्ञान सर्वव्यापी है। मानव कल्याण के लिए निरंतर शोध हुआ है और आगे भी शोध की आवश्यकता है। विज्ञान से विश्व है, विज्ञान से विकास है और विज्ञान से विनाश भी है । आवश्यकता है विज्ञान का सदुपयोग कर सतत विकास करने की। डॉ मृत्युंजय कुमार ठाकुर ने कहा कि सी वी रमण के जीवन व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमण प्रभाव के आविष्कार से हिंदुस्तान का डंका विश्व में बजा है। विशिष्ट अतिथि प्रो बिगन राम ने कहा कि युवाओं में विज्ञान के प्रति विकसित सोच से ही विकसित हिंदुस्तान हो सकती है। प्रशासन को स्कूल कॉलेज में छात्र छात्राओं को विज्ञान के प्रति जागरूक करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना चाहिए। भौतिक विभाग के डा अपूर्वा मुले ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि हिंदुस्तान का युवा नित नए नए आइडिया से दुनिया को दिशा दिखा रहा है। इस वर्ष हिंदुस्तान प्रशासन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 की थीम विकास हिंदुस्तान के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए हिंदुस्तानीय युवाओं को सशक्त बनाना रखाहै, जो समीचीन है।धन्यवाद प्रस्ताव डा श्रीविद्या ने किया। इस अवसर पर विज्ञान की 50 से अधिक छात्राओं ने अपने विज्ञान से संबंधित रूबी लेजर एसिड रेन वाटर, एटॉमिक, मंगलयान आदि प्रॉजेक्ट का मॉडल प्रदर्शित किया, जिसे आगत अतिथियों ने सराहा और शानदार कहा। छात्रा में कुमारी शालिनी, पूजा रानी, शायदा प्रवीण, दीपिका सिंह, अनुराधा सिंह, समीक्षा चौधरी, प्रियंका, प्राची, शाहजहां प्रवीण, रुचि, स्वाति, शिल्पी, कुमकुम रवि, सिम्मी कुमारी, सीमा कुमारी, आंचल सहित अधिक संख्या में छात्राएं ने प्रॉजेक्ट प्रदर्शन की। मौके पर महाविद्यालय के डॉ विजय कुमार गुप्ता, डॉ मधुलिका मिश्रा, डा नेहा कुमारी जायसवाल, डॉ रिंकी कुमारी, डॉ श्रीविद्या, डॉ संगीता, डॉ अरूण कुमार, डॉ नवेश कुमार, डॉ चंचल कुमारी, डा स्वीटी दर्शन, डा कुमारी शबनम, डॉ सोनल कुमारी, डॉ बबली कुमारी, प्रो पूनम कुमारी, डॉ काजल श्रीवास्तव, डॉ स्वाति कुमारी सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे।