रांची. ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि प्रखंड प्रशासन का आईना होता है. यहां आनेवाले लोगों के काम आसानी से होने चाहिए. अधिकारियों और कर्मचारियों को चाहिए कि वह राज्य प्रशासन को बदनाम नहीं करायें. शिकायत मिलने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. श्रीमती सिंह शुक्रवार को विधानसभा में ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांग पर चर्चा के बाद प्रशासन का पक्ष रख रही थीं. भाजपा के बहिष्कार के बीच ग्रामीण विकास विभाग का 98 अरब 41 करोड़ 41 लाख रुपये का बजट ध्वनिमत से पारित हो गया.
केंद्र प्रशासन नहीं कर रही सहयोग
श्रीमती सिंह ने कहा कि झारखंड प्रशासन को केंद्र सहयोग नहीं कर रहा है. मनरेगा के मजदूरों का पैसा नहीं दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री आवास कम दिया जा रहा है. केंद्र स्त्रीओं के प्रति भी संवेदनशील नहीं है. लेकिन, झारखंड प्रशासन घर के अंदर तथा बाहर रहने वाली स्त्रीओं को सम्मान दे रही है. घर के अंदर रहनेवाली स्त्रीओं को मंईयां योजना दे रही है. घर के बाहर रहकर काम करने वाली आंगनबाड़ी की स्त्रीओं के लिए भी कुछ बेहतर सोच रही है.
पेसा नियमावली में सीएम से लिया जायेगा दिशानिर्देश
श्रीमती सिंह ने कहा कि पेसा नियमावली को अंतिम रूप दिया जा रहा है. नियमावली को लेकर कुछ सुझाव आये थे, जिन पर विचार किया गया है. नियमावली पर सीएम का दिशानिर्देश लिया जायेगा. उसी के अनुरूप इसे तैयार किया जायेगा. पंचायत सचिवालय को सुदृढ़ किया जायेगा. पंचायतों से 21 से अधिक विभागों का काम होगा. इसके लिए पंचायतों का डिजिटलाइजेशन कराया गया है.
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