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Author name: Vinod Jha

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विदेश से कितना सोना लाना है लीगल? जानें भारत सरकार के नए बैगेज नियम

Baggage Rules 2026: हिंदुस्तान प्रशासन ने विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए ‘नए बैगेज नियम 2026’ लागू कर दिए हैं. 2 फरवरी 2026 से प्रभावी हुए इन नियमों का उद्देश्य एयरपोर्ट पर कस्टम प्रक्रिया को सरल बनाना और यात्रियों को होने वाली अनावश्यक परेशानी से बचाना है. अब हिंदुस्तानीय नागरिक हों या विदेशी पर्यटक, दोनों को सामान लाने में पहले से कहीं अधिक छूट मिलेगी. ड्यूटी-फ्री लिमिट में भारी बढ़ोतरी नए नियमों के तहत सबसे बड़ी खुशसमाचारी सामान की कीमत को लेकर है. अब विदेश से आने वाले यात्री अपने साथ 75,000 रुपए तक का सामान बिना किसी कस्टम ड्यूटी (Tax) के ला सकते हैं. इससे पहले यह सीमा मात्र 50,000 रुपए थी. यह बदलाव उन यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद है जो विदेश से महंगे उपहार या जरूरत का सामान लेकर आते हैं. गोल्ड ज्वेलरी में अब वजन के हिसाब से मिलेगी राहत अगर आप एक साल से ज्यादा समय विदेश में रहकर लौट रहे हैं, तो सोने के गहने लाने के नियम अब और भी आसान कर दिए गए हैं. नए नियमों में कीमत (Value) की चिंता खत्म कर दी गई है और अब केवल वजन को पैमाना माना गया है: स्त्री यात्री अब अपने साथ 40 ग्राम तक के सोने के गहने बिना टैक्स दिए ला सकती हैं. पुरुष और शिशु इनके लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट 20 ग्राम निर्धारित की गई है. वजन की इस तय सीमा के भीतर सोना लाने पर आपको एक भी रुपया कस्टम ड्यूटी नहीं देनी होगी. नए नियमों से क्या होगा फायदा? प्रशासन का मुख्य लक्ष्य एयरपोर्ट पर होने वाले विवादों और भ्रम (Confusion) को खत्म करना है. पुराने नियमों में वजन और कीमत दोनों का ध्यान रखना पड़ता था, लेकिन अब कीमत की सीमा हटाकर केवल वजन की सीमा रखने से कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया तेज होगी. इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा का अनुभव बेहतर होगा. दूसरे सामान पर ड्यूटी-फ्री लिमिट कितनी? गहनों के अलावा, अन्य निजी सामानों (जैसे गिफ्ट या इलेक्ट्रॉनिक्स) के लिए भी लिमिट बढ़ाई गई है.  यात्री का प्रकार टैक्स-फ्री सामान की लिमिट (रुपये में) हिंदुस्तानीय निवासी (Indian Resident) 75,000 रुपए हिंदुस्तानीय मूल के पर्यटक (Tourist of Indian origin) 75,000 रुपए विदेशी नागरिक (Non-tourist visa) 75,000 रुपए विदेशी पर्यटक (Foreign Tourist) 25,000 रुपए क्रू मेंबर्स (Crew Members) 2,500 रुपए Also Read: अच्छी शुरुआत के बाद मार्केट में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 83,500 के पार खुलकर फिसला The post विदेश से कितना सोना लाना है लीगल? जानें हिंदुस्तान प्रशासन के नए बैगेज नियम appeared first on Naya Vichar.

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एवरेस्ट फतह करने वाला दुनिया का इकलौता हेलीकॉप्टर अब भारत में बनेगा, 252kmph है रफ्तार

H125 Helicopter: हिंदुस्तान के एविएशन सेक्टर को एक बड़ी सफलता मिली है. PM मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 17 दिसंबर 2026 को कर्नाटक के वेमागल में देश की पहली प्राइवेट हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का मिलकर वर्चुअली उद्घाटन किया. यह प्रोजेक्ट Airbus और Tata (TASL) का एक जॉइंट वेंचर है. खास बात यह है कि यहां वही ‘लीजेंडरी’ H125 हेलीकॉप्टर बनेगा, जिसने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर उतरकर दुनिया को हैरान कर दिया था. French Embassy in India (@FranceinIndia) posts, “France’s tech expertise & India’s industrial strength come together as Prez Macron & PM Modi inaugurate India’s first private sector H125 helicopter final assembly line. Led by @Airbus & @TataCompanies, the dual-use facility… pic.twitter.com/nvOCwaBfo9 — Press Trust of India (@PTI_News) February 17, 2026 क्यों कहलाता है यह ‘एवरेस्ट क्लाइंबर’? H125 हेलीकॉप्टर का पुराना नाम AS350 B3 था. इसने 14 मई 2005 को इतिहास रचा था जब टेस्ट पायलट डिडिएर डेलसाले ने इसे सीधे माउंट एवरेस्ट की 29,029 फीट ऊंची चोटी पर लैंड करा दिया था. वहां यह करीब 4 मिनट तक रुका रहा, जो आज भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. H125 की खासियतें: इस हेलीकॉप्टर की ताकत का अंदाजा आप इन पॉइंट्स से लगा सकते हैं: कैपेसिटी: 1 पायलट और 6 पैसेंजर्स. रिकॉर्ड ऊंचाई: 8,848 मीटर (एवरेस्ट की चोटी). रफ्तार: 252 किमी प्रति घंटा की टॉप स्पीड. रेंज: एक बार में 662 किमी तक का सफर. दमखम: करीब 4.5 घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता. ‘मेड इन डंडिया’ का क्या है पूरा रोडमैप? भले ही यह डिजाइन फ्रांस का है, लेकिन अब यह हिंदुस्तान में ही तैयार होगा. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक: पहला ‘मेड इन इंडिया’ हेलीकॉप्टर 2027 की शुरुआत तक बनकर तैयार हो जाएगा. शुरुआत में हर साल 10 हेलीकॉप्टर बनेंगे, जिसे बढ़ाकर 500 तक ले जाने का टारगेट है. Mahindra Aerostructures इस हेलीकॉप्टर का ढांचा (Fuselage) बनाएगी, जिससे लोकल सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी. हिंदुस्तानीय सेना को कैसे होगा बड़ा फायदा? इस प्लांट में H125M (मिलिट्री वर्जन) भी बनाया जा सकता है. डिफेंस एक्सपर्ट गिरीश लिंगन्ना के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर ‘Hot and High’ यानी बहुत गर्मी और बहुत ऊंचाई वाली जगहों (जैसे हिमालय या राजस्थान के रेगिस्तान) के लिए परफेक्ट है. सेना इसका इस्तेमाल सर्च एंड रेस्क्यू, बॉर्डर पेट्रोलिंग और केदारनाथ जैसे दुर्गम इलाकों में तीर्थयात्रियों को लाने-ले जाने के लिए कर सकती है. पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने क्या कहा? कल मुंबई में हुई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान और फ्रांस की दोस्ती की कोई सीमा नहीं है, यह गहरे समुद्र से लेकर ऊंचे पहाड़ों तक फैली है. उन्होंने बताया कि ये हेलीकॉप्टर सिर्फ हिंदुस्तान के काम नहीं आएंगे, बल्कि हम इन्हें दूसरे देशों को एक्सपोर्ट भी करेंगे. वहीं, राष्ट्रपति मैक्रों ने हिंदुस्तान के साथ बढ़ते रिश्तों की तारीफ की और कहा कि दोनों देश किसी की गुलामी या दादागिरी (Hegemony) के पक्ष में नहीं हैं. जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तान ने हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट्स लेने का बड़ा फैसला भी लिया है. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी का विजन 2047, ‘दुनिया के टॉप-3 एआई सुपरपावर में से एक होगा हिंदुस्तान’ ये भी पढ़ें: ‘इंडिया-फ्रांस पार्टनरशिप ग्लोबल स्टेबिलिटी के लिए ताकत’, मैक्रों के साथ मीटिंग के बाद बोले पीएम मोदी The post एवरेस्ट फतह करने वाला दुनिया का इकलौता हेलीकॉप्टर अब हिंदुस्तान में बनेगा, 252kmph है रफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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यूनिवर्सिटी ने AI समिट में चीनी रोबोट को अपना बताया, लताड़ पड़ी तो पेश की सफाई

दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit के बीच एक वीडियो ने एक नई बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University के स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग दिखाया गया, जिसके बाद आरोप लगे कि यूनिवर्सिटी ने चाइनीज टेक्नोलॉजी को अपनी इनोवेशन के तौर पर पेश किया. हालांकि, विश्वविद्यालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. क्या है पूरा मामला? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यूनिवर्सिटी के रिप्रेजेन्टेटिव अपने स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग “Orion” का डेमो देते नजर आ रहे हैं. वीडियो में बताया गया कि यह रोबोट कैंपस में घूमता है और सर्विलांस जैसे कई काम कर सकता है. यह तंग और मुश्किल जगहों से तस्वीरें लेने में भी कैपेबल है. बाद में कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि यह रोबोट असल में चाइनीज कंपनी का मॉडल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, समिट में दिखाया गया रोबोट चीन की कंपनी Unitree Robotics के बनाए मॉडल Unitree Go2 से मिलता-जुलता है. Unitree Go2 एक कमर्शियल रोबोटिक डॉग है, जो ग्लोबली ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर करीब 2,800 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 2.3 लाख रुपये में उपलब्ध है. यूनिवर्सिटी की सफाई वहीं, इस मामले में Galgotias University ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी किया है. यूनिवर्सिटी ने कहा है कि उसने यह रोबोट खुद डेवलप नहीं किया है और न ही ऐसा कोई दावा किया गया है. पोस्ट में कहा गया है, यह रोबोट चीन के एक ग्लोबल रोबोटिक्स कंपनी से खरीदा गया है और इसे छात्रों के लिए लर्निंग और डेमो टूल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. बयान में कहा गया, ‘स्पष्ट कर दें कि Galgotias ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही ऐसा कोई दावा किया है. हमारा फोकस युवा दिमागों को तैयार करना है, जो भविष्य में हिंदुस्तान में ऐसी तकनीक डिजाइन और विकसित करेंगे.’ pic.twitter.com/cgBbhld876 — Galgotias University (@GalgotiasGU) February 17, 2026 AI इकोसिस्टम में 350 करोड़ रुपये से ज्यादा इन्वेस्ट की प्लानिंग AI Impact Summit में Galgotias University का स्टॉल सबसे ज्यादा देखे गए डेमोंस्ट्रेशन में शामिल था. यूनिवर्सिटी ने 350 करोड़ रुपये से ज्यादा के इन्वेस्ट से एक सस्टेनेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम बनाने का प्लान पेश किया है. रोबोटिक डॉग के अलावा, स्टॉल पर Galgotias Incubation Centre GICRISE के तहत इनक्यूबेट किए गए कई AI स्टार्टअप्स और iOS Development Centre में डेवलप्ड एप्लिकेशन भी पेश किए गए. यह भी पढ़ें: SAHI, BODH और टेक टूल्स के साथ AI कैसे बदल रहा हिंदुस्तान का ‘स्वास्थ्य’, जेपी नड्डा ने दिखाई झलकियां The post यूनिवर्सिटी ने AI समिट में चीनी रोबोट को अपना बताया, लताड़ पड़ी तो पेश की सफाई appeared first on Naya Vichar.

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क्या मौसम बनेगा विलेन? बिना मैच खेले भी सुपर 8 में पहुंच सकता है पाकिस्तान, जानें समीकरण

Highlights सुपर-8 का पूरा गणित बारिश बनी पाकिस्तान की दोस्त NRR का खतरा, अमेरिका की उम्मीद कोलंबो का मौसम और मैदान का हाल पाकिस्तान के लिए जीत का समीकरण PAK vs NAM: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में आज का इस टूर्नामेंट की आठवीं सुपर 8 की टीम मिल जाएगी. इसका फैसला दोपहर में पाकिस्तान और नामीबिया (Pakistan vs Namibia) के बीच कोलंबो में होने वाले मैच से होगा. यह मैच पाकिस्तान और अमेरिका दोनों टीम के लिए खास है. क्योंकि अगर पाकिस्तान इस मुकाबले में हार जाता है तो सुपर 8 की रेस से बाहर हो जाएगा.  लेकिन बता दे कोलंबो में काले बादल छाए हुए हैं और बारिश का खतरा 50 से 60 प्रतिशत तक बताया जा रहा है. अजीब बात यह है कि अगर आज बारिश होती है और मैच रद्द हो जाता है, तो यह पाकिस्तान के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं होगा. सुपर-8 का पूरा गणित आईसीसी के नियम एकदम साफ हैं. अगर किसी वजह से मैच नहीं हो पाता या बारिश से धुल जाता है, तो दोनों टीमों को बराबर 1-1 अंक बांट दिया जाता है. अब जरा ग्रुप-ए के पॉइंट्स टेबल पर नजर डालिए. पाकिस्तान ने अभी तक 3 मैच स्पोर्ट्से हैं और उनके पास 4 अंक हैं. वहीं, अमेरिका यानी यूएसए ने अपने कोटे के सभी 4 मैच स्पोर्ट्स लिए हैं और उनके पास भी 4 अंक हैं. यानी अभी दोनों टीमें बराबरी पर खड़ी दिख रही हैं, लेकिन असली स्पोर्ट्स आज के मैच के बाद बदलेगा. अमेरिका का सफर ग्रुप स्टेज में खत्म हो चुका है, जबकि पाकिस्तान के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का यह आखिरी मौका है. बारिश बनी पाकिस्तान की दोस्त अगर आज का मैच बारिश की वजह से रद्द होता है, तो पाकिस्तान को बिना स्पोर्ट्से ही 1 अंक मिल जाएगा. इस 1 अंक के साथ पाकिस्तान के कुल अंक 5 हो जाएंगे. जैसे ही पाकिस्तान 5 अंकों पर पहुंचेगा, वह अपने आप अमेरिका से आगे निकल जाएगा. अमेरिका 4 अंकों पर ही रुका रहेगा और पाकिस्तान 5 अंकों के साथ सीधे सुपर-8 राउंड के लिए क्वालीफाई कर जाएगा. इस ग्रुप से हिंदुस्तान पहले ही आगे जा चुका है, ऐसे में दूसरी टीम के रूप में पाकिस्तान अपनी जगह पक्की कर लेगा. यानी पाकिस्तान के लिए आज जीतना तो अच्छा है ही, लेकिन मैच रद्द होना भी उतना ही फायदेमंद है. NRR का खतरा, अमेरिका की उम्मीद अमेरिका की टीम अब सिर्फ दुआ कर सकती है. उनके लिए सुपर-8 के दरवाजे तभी खुलेंगे, जब नामीबिया आज कोई चमत्कार कर दे. अगर आज बारिश नहीं होती है और नामीबिया की टीम बड़ा उलटफेर करते हुए पाकिस्तान को हरा देती है, तो पाकिस्तान के पास भी सिर्फ 4 अंक रह जाएंगे. ऐसी स्थिति में फैसला नेट रन रेट (NRR) के आधार पर होगा. यहां अमेरिका का पलड़ा भारी है. अमेरिका का नेट रन रेट +0.788 है, जो पाकिस्तान के -0.403 से काफी बेहतर है. अगर पाकिस्तान हारता है, तो उनका रन रेट और नीचे गिर जाएगा. इसका सीधा मतलब होगा कि पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा और अमेरिका सुपर-8 में पहुंच जाएगा. कोलंबो का मौसम और मैदान का हाल कोलंबो में आज सुबह से ही मौसम खराब है. आसमान में काले बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग ने बताया है कि दोपहर 3 बजे, यानी ठीक मैच शुरू होने के समय गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है. हालांकि, शाम 4 बजे के बाद मौसम थोड़ा साफ होने की उम्मीद जताई गई है, लेकिन मैच में खलल पड़ने की पूरी संभावना है. फिलहाल पिच को कवर से ढककर रखा गया है. नमी होने के कारण शुरुआत में तेज गेंदबाजों को पिच से काफी मदद मिल सकती है, जिससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होगा. पाकिस्तान के लिए जीत का समीकरण कुल मिलाकर पाकिस्तान आज बहुत फायदे में है. उनके सामने दो रास्ते हैं और दोनों ही सुपर-8 की तरफ जाते हैं. पहला रास्ता यह है कि वे नामीबिया को हरा दें और शान से अगले दौर में जाएं. दूसरा रास्ता यह है कि इंद्र देवता मेहरबान हो जाएं और बारिश की वजह से मैच रद्द हो जाए. खतरा सिर्फ एक ही सूरत में है, और वह है हार. अगर पाकिस्तान आज हार गया, तो उनका बोरिया-बिस्तर बंध जाएगा. इसलिए आज पाकिस्तान की टीम और उनके फैंस आसमान की तरफ भी देख रहे होंगे और मैदान पर भी नजर बनाए रखेंगे. ये भी पढ़ें- नेपाल ने स्कॉटलैंड को 7 विकेट से हराया, जीत के साथ वर्ल्ड कप से विदाई क्या पस्त हो चुके हैं कंगारू! ऑस्ट्रेलिया के बर्बाद होने की पूरी कहानी ना जिम्बाब्वे ना श्रीलंका, इंद्र देव ने किया ऑस्ट्रेलिया को T20WC से बाहर The post क्या मौसम बनेगा विलेन? बिना मैच स्पोर्ट्से भी सुपर 8 में पहुंच सकता है पाकिस्तान, जानें समीकरण appeared first on Naya Vichar.

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रांची निकाय चुनाव में बदला आरक्षण का फॉर्मूला, लेकिन राजनीति में परिवारवाद हावी

रांची से उत्तर महतो की रिपोर्ट Ranchi Civic Polls: रांची निकाय चुनाव के लिए शहर की नेतृत्व परवान पर है. शहर की नेतृत्व में परिवार की पकड़ गहरी है. निकाय चुनाव में आरक्षण का फॉर्मूला बदलता रहा है. लेकिन चुनाव में नेतृत्व कुछ खास परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रही है. एक ही परिवार का दबदबा बना रहा है. पिछले तीन चुनाव में ऐसे कई वार्ड हैं, जो परिवारवाद से बाहर नहीं आ पाए. जनता के प्रतिनिधि के रूप में चुने जाने वाले कई चेहरे एक ही परिवार से आते रहे हैं. रोटेशन के साथ बदलते रहे परिवार के चेहरे रोटेशन के हिसाब से कभी वार्ड सामान्य रहा, तो परिवार के पुरुष सदस्य ने चुनाव जीता. जैसे ही सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई, तो उसी परिवार की स्त्री सदस्य मैदान में उतरी और जीत हासिल की. कई जगहों पर तो पति-पत्नी बारी-बारी से पार्षद बनते रहे हैं. कुछ वार्डों में भाभी, तो कहीं पर ननद चुनावी मैदान में उतरी. बताते चलें कि रांची नगर निगम में चौथी बार चुनाव हो रहा है. पहली बार वर्ष 2008 में चुनाव हुआ था. इसके बाद 2013 और 2018 में चुनाव कराये गये. अब 2026 में फिर से चौथी बार नगर निगम का चुनाव हो रहा है. वार्ड नंबर-21: रोशनी खलखो–सुजीत उरांव, गीता कुमारी वार्ड नंबर-21 से रोशनी खलखो और उनके पति सुजीत उरांव लगातार जीत दर्ज करते आए हैं. 2008 में सुजीत उरांव यहां से पार्षद बने. 2013 में सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई तो रोशनी खलखो विजयी रहीं. 2018 में भी रोशनी खलखो ने जीत हासिल की. 2026 में रोशनी फिर से मेयर पद के लिए मैदान में हैं. लेकिन, इस बार उन्होंने अपनी ननद गीता कुमारी को वार्ड 19 से मैदान में उतारा है. वार्ड नंबर-1: नकुल तिर्की-सुनीता तिर्की वार्ड नंबर-1 कांके रोड क्षेत्र से नकुल तिर्की और उनकी पत्नी सुनीता तिर्की का दबदबा रहा है. 2008 में नकुल तिर्की पहली बार पार्षद चुने गये. 2013 में सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई तो सुनीता तिर्की ने जीत दर्ज की. 2018 में आरक्षण बदलने पर नकुल तिर्की फिर पार्षद बने. 2026 में वे चौथी बार मैदान में हैं. वार्ड नंबर-20: सुनील यादव-निकिता देवी मामा के नाम से मशहूर सुनील यादव और उनका परिवार पिछले 15 वर्षों से वार्ड नंबर-20 में काबिज है. 2008 में सुनील यादव पार्षद बने. 2013 में सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई तो उनकी पत्नी निकिता देवी पार्षद चुनी गयीं. 2018 में आरक्षण बदला और सुनील यादव फिर विजयी रहे. 2026 में वे एक बार फिर चुनाव लड़ रहे हैं. वार्ड नंबर-22: मो असलम-नाजिया असलम हिंदपीढ़ी के वार्ड नंबर-22 में मो असलम और उनकी पत्नी नाजिया असलम का वर्चस्व रहा है. 2008 और 2013 में मो असलम विजयी रहे. 2018 में सीट स्त्री के लिए आरक्षित हुई, तो नाजिया असलम पार्षद बनीं. 2026 में आरक्षण बदलने के बाद मो असलम फिर मैदान में हैं. वार्ड नंबर-18: भाई-बहन का दबदबा वार्ड नंबर-18 में भाई-बहन का दबदबा पिछले तीन चुनावों से बना हुआ है. 2008 में सबसे पहले राजेश गुप्ता यहां से पार्षद बने. 2013 में और 2018 में उनकी बहन आशा देवी इस वार्ड से विजयी हुईं. 2026 में आशा देवी एक बार फिर से मैदान में हैं. वार्ड नंबर 10: पति-पत्नी का रहा जलवा वार्ड नंबर 10 में 2013 में संगीता देवी पार्षद बनीं. 2018 में उनके पति अर्जुन यादव पार्षद बने. इस वर्ष सीट स्त्री के लिए आरक्षित है, ऐसे में संगीता देवी फिर मैदान में हैं. वार्ड नंबर 21 में 2013 में सबा नाज पार्षद बनीं. 2018 में उनके पति मो एहतेशाम विजयी रहे. 2026 में मो एहतेशाम फिर से मैदान में हैं. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में निकाय चुनाव की तैयारी जोरों पर, पोलिंग पार्टी के लिए 250 गाड़ियों की जरूरत वार्ड नं 29: पत्नी को हटाकर पति मैदान में वार्ड नं 29 से वर्ष 2018 में सोनी परवीन पार्षद बनी. इस बार सीट सामान्य हुई, तो उनके पति फैयाज वारसी चुनावी मैदान में हैं. वार्ड नं 13 से पूर्व में पूनम देवी पार्षद थी. इस बार सीट सामान्य हुई, तो उनके पति प्रभुदयाल बड़ाइक चुनावी मैदान में हैं. वहीं वार्ड 30 से पूर्व में रीमा देवी पार्षद थी. इस बार इस सीट से उनकी भाभी सोनी देवी चुनावी मैदान में है. इसे भी पढ़ें: रांची में मेयर पद के दावेदारों ने दिखाया विजन, जनता ने पूछा – कैसे करेंगे विकास? The post रांची निकाय चुनाव में बदला आरक्षण का फॉर्मूला, लेकिन नेतृत्व में परिवारवाद हावी appeared first on Naya Vichar.

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बीपीएससी ने जारी किया TRE 4 परीक्षा का कैलेंडर, 46595 पदों पर होगी भर्ती

BPSC TRE 4 Exam Calendar: बिहार लोक सेवा आयोग रिवाइज्ड एग्जाम कैलेंडर जारी किया है. बिहार में शिक्षक बनना चाहते हैं तो आपके लिए काम की समाचार है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने TRE-4 को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. आयोग के कैलेंडर में TRE-4 को शामिल कर लिया है. परीक्षा की संभावित तारीख भी जारी कर दी गई है. BPSC ने X पर शेयर की जानकारी BPSC ने अपनी ऑफिशियल वेबासइट और X पर सूचना के जरिए बताया है कि रिवाइज्ड कैलेंडर जारी कर दिया गया है. बीपीएससी ने X पर कैलेंडर की तस्वीर शेयर की है और लिखा, Revised BPSC (Bihar Public Service Commission) Exam Calendar. @grok is there any changes from last calendar — Humpi Dumpi (@HumpiDumpi74573) February 17, 2026 बीपएससी ने रिवाइज्ड शेड्यूल जारी किया है, जिसमें शिक्षक भर्ती समेत कई परीक्षाओं का शेड्यूल दिया है. जानकारी के अनुसार, TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. जल्द ही इस वैकेंसी के लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया जा सकता है. यहां देखें अन्य परीक्षा की तारीख बीपीएससी कैलेंडर में शिक्षक भर्ती के अलावा भी अन्य परीक्षाएं शामिल हैं. साथ ही स्थगित परीक्षाएं भी शामिल हैं. सहायक राजस्व एवं लेखा पदाधिकारी (285 पद) तथा सहायक शहरी कल्याण एवं निबंधन पदाधिकारी (285 पद) की परीक्षाएं विभागीय कारणों से फिलहाल स्थगित हैं. सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) पोस्ट – 935 परीक्षा – अप्रैल रिजल्ट- जून असिस्टेंट टाउन प्लानर पोस्ट -36 परीक्षा डेट- 9 मई रिजल्ट- जून सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी पोस्ट- 60 परीक्षा डेट- 23 अप्रैल स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) पोस्ट- 46,595 परीक्षा डेट- 22 सितंबर -27 सितंबर 2026 रिजल्ट- नवंबर यह भी पढ़ें- UP Board Exam: कल से शुरू है यूपी बोर्ड परीक्षा, ये 10 नियम जरूर देखें  The post बीपीएससी ने जारी किया TRE 4 परीक्षा का कैलेंडर, 46595 पदों पर होगी भर्ती appeared first on Naya Vichar.

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जेल से छूटते ही भावुक हुए राजपाल यादव, जानिए बॉलीवुड को लेकर क्या कहा?

Rajpal Yadav: बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन राजपाल यादव हाल ही में चेक बाउंस मामले में जेल गए थे. अब उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है. दो किश्तों में 2.5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद वह तिहाड़ जेल से बाहर आ गए और बाहर आते ही उन्होंने मीडिया से खुलकर बात की और अपने दिल की बात लोगों के सामने रखी है. जेल से बाहर निकलते ही राजपाल यादव ने राहत की सांस ली और कहा कि उन्हें देश-दुनिया से भरपूर समर्थन मिला है. उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में उनके करीब 30 साल पूरे होने वाले हैं और इस दौरान उन्हें हर उम्र के दर्शकों का प्यार मिला है. #WATCH | Delhi: Actor Rajpal Yadav from Tihar Jail after he was granted interim bail in a cheque bounce case by the High Court He says, “I will complete 30 years in Bollywood in Mumbai in 2027. People from all over the country, children, old and young, are with me… The way the… pic.twitter.com/Zg1sYtzB0q — ANI (@ANI) February 17, 2026 लोगों के प्यार की वजह से 200 से अधिक फिल्में कर पाया राजपाल ने आगे कहा, “ये मामला 2012-13 के आसपास शुरू हुआ था. लेकिन देश का बच्चा-बच्चा मेरे साथ खड़ा रहा. मैं दो-ढाई सौ फिल्में इसलिए कर पाया क्योंकि लोगों ने मुझे अपनाया. हिंदुस्तानीय सिनेमा का हर दर्शक मेरे दिल का टुकड़ा है.” उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट ने जो भी आदेश दिए हैं, वह हर बार पेश हुए हैं और आगे भी होते रहेंगे. उनका कहना था कि जो सच है, वह सबको पता है और उनका इरादा कभी गलत नहीं था. अगर उन पर कोई आरोप है तो वह हर मंच पर जवाब देने के लिए तैयार हैं. कानूनी सवालों पर बचते दिखे राजपाल राजपाल ने इमोशनल अंदाज में कहा, “150 करोड़ लोगों से मेरा एंटरटेनमेंट का रिश्ता है. ये रिश्ता खून जैसा है. सोशल मीडिया पर ही नहीं, जो लोग वहां नहीं हैं, वे भी मेरे साथ हैं.” फिलहाल मामला अदालत में है और कानूनी पहलुओं पर उन्होंने ज्यादा कुछ कहने से बचते हुए अपने वकील से बात करने की सलाह दी. यह भी पढे़ं: पैसों के लिए राजपाल यादव के सामने गिड़गिड़ाए बिजनेसमैन, किया चौंकाने वाला खुलासा The post जेल से छूटते ही भावुक हुए राजपाल यादव, जानिए बॉलीवुड को लेकर क्या कहा? appeared first on Naya Vichar.

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1982 में हुई 3000 रुपये की डकैती: 2026 में आया फैसला, संदेह का लाभ; 3 जिंदा आरोपी बरी

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब 43 साल पुराने डकैती के मामले में 2026 में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने 1982 में उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की इस कथित डकैती की घटना में जीवित बचे तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया. यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकलपीठ ने आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए कमजोर अभियोजन के आधार पर बरी कर दिया. मामला बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र का है. 26-27 जुलाई 1982 की रात धनपाल के घर डकैती हुई थी. आरोप था कि गांव के ही सात लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की और करीब तीन हजार रुपये नकद व सोने-चांदी के जेवर लूट लिए. उनके खिलाफ बदायूं के उझानी पुलिस थाना में हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 395 (डकैती की सजा) और 397 (जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने की कोशिश के साथ डकैती) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 29 अगस्त 1983 को सभी सात आरोपियों को दोषी मानते हुए पांच से सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी. सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील सभी आरोपियों ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की. यह पुरानी आपराधिक अपील 1983 में सात आरोपियों ने दायर की थी, जो 29 अगस्त, 1983 को बदायूं के विशेष सत्र न्‍यायाधीश की अदालत के सजा के फैसले के विरोध में थी. अपील लंबित रहने के दौरान चार आरोपियों की मौत हो गई, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई. शेष तीन आरोपी अली हसन, हरपाल और लतूरी अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और उनकी अपील पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने क्यों जताया संदेह हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के सबूत भरोसेमंद नहीं हैं. कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते और मेडिकल रिपोर्ट भी कथित चोटों से अलग तस्वीर पेश कर रही थी. जहां एक गवाह ने चाकू से चोट लगने की बात कही, वहीं मेडिकल जांच में चोट किसी कठोर और कुंद वस्तु से लगने की बात सामने आई. अदालत ने यह भी कहा कि यह बात भी संदिग्ध है कि गांव के लोग बिना चेहरा ढके अपने ही पड़ोसियों के घर डकैती डालें.  इसके अलावा, पुलिस न तो लूट का माल बरामद कर सकी और न ही घटनास्थल से कोई ठोस सबूत जुटा पाई. पुरानी रंजिश के कारण झूठा फंसाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सका. इन सभी कमियों और संदेहों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सत्र अदालत के फैसले को रद्द कर दिया और तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया. संदेह का लाभ देकर किया बरी फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने कहा कि गवाहों के बयान में महत्वपूर्ण विसंगतियां पाईं, इसलिए आरोपियों को संदेह के आधार पर इसका लाभ दिया जाना चाहिए. अदालत ने अली हसन, हरपाल और लटूरी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. पीठ ने कहा, अली हसन को हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत अपराध के लिए बरी किया जाता है, जबकि हरपाल और लटूरी को हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 395 के साथ 397 के तहत अपराध से बरी किया जाता है. ये भी पढ़ें:- केरल में 3 दिन में गिरफ्तार किए गए 1663 लोग, गुंडों और चोर-उचक्कों पर क्यों चला ‘ऑपरेशन राउंड अप’? ये भी पढ़ें:- असम कांग्रेस को झटका, भूपेन बोरा 22 फरवरी को BJP में होंगे शामिल The post 1982 में हुई 3000 रुपये की डकैती: 2026 में आया फैसला, संदेह का लाभ; 3 जिंदा आरोपी बरी appeared first on Naya Vichar.

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इंडो-नेपाल बॉर्डर सड़क परियोजना का काम अंतिम फेज में, 7 जिलों को मिलेगा फायदा

Bihar Road Project: बिहार में कई सारे रोड प्रोजक्ट्स पर काम किए जा रहे हैं. जिलों के बीच रोड कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है. ऐसे में बिहार में हिंदुस्तान-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों को जोड़ने वाली इंडो-नेपाल बॉर्डर सड़क परियोजना का काम अब अपने अंतिम फेज में पहुंच गया है. परियोजना को लेकर 95 प्रतिशत से अधिक निर्माण पूरा हो चुका है. परियोजना की क्या है लागत? बिहार में पश्चिम चंपारण के मदनपुर से शुरू होकर किशनगंज के गलगलिया तक जाने वाली इस महत्वपूर्ण केंद्रीय परियोजना का निर्माण करीब 5865 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है. मई महीने तक परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है. परियोजना को लेकर क्या दिया गया आदेश? पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने इंडो-नेपाल बॉर्डर सड़क परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर जानकारी ली और बचे हुए कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश दिया. इंडो-नेपाल बॉर्डर सड़क परियोजना के तहत बिहार में लगभग 554 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना है, जिसमें से अब तक 529 किलोमीटर से अधिक सड़क निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है. क्या है परियोजना का मुख्य उद्देश्य? परियोजना का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा बल की चौकियों को सड़क मार्ग से जोड़ना और सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करना है. सचिव ने कहा कि यह सड़क सीमा सुरक्षा बल की चौकियों तक तेज और सुगम पहुंच सुनिश्चित करेगी. साथ ही सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी. इन जिलों को मिलेगा फायदा परियोजना को लेकर 808 पुलिया और 129 पुल का निर्माण किया जा चुका है. बाकी के पुलिया और पुलों के स्ट्रक्चर का काम हो रहा है. यह सड़क पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिलों को आपस में जोड़ेगी. इसके बन जाने से सीमावर्ती इलाकों के लाखों लोगों को व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि उत्पादों के निर्बाध आवागमन के लिए एक सुगम, सुरक्षित और सीधा संपर्क मार्ग उपलब्ध होगा. Also Read: बिना NOC जमीन पर बना दी सड़क, बक्सर में किसान ने एसडीओ से लगाई न्याय की गुहार The post इंडो-नेपाल बॉर्डर सड़क परियोजना का काम अंतिम फेज में, 7 जिलों को मिलेगा फायदा appeared first on Naya Vichar.

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YouTube Down: करोड़ों यूजर्स परेशान, स्क्रीन पर आ रहा एरर मैसेज

YouTube Down: दुनिया भर में पॉपुलर वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube अचानक ठप हो गया, जिससे लाखों यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा. हिंदुस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों में लोगों ने वीडियो लोड न होने, ऐप न खुलने और लॉगिन में दिक्कत की शिकायत की. आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट Downdetector के मुताबिक, यह समस्या कई देशों में एक साथ देखी गई. कितनी बड़ी रही समस्या Downdetector के डेटा के अनुसार, यूट्यूब के डाउन होने की शिकायतें अमेरिका में 2,40,000 से ज्यादा दर्ज की गईं. वहीं, हिंदुस्तान में करीब 17,000 यूजर्स ने प्लेटफॉर्म में दिक्कत की रिपोर्ट की है. यूट्यूब के डाउन होने की परेशानी सिर्फ मोबाइल ऐप तक ही नहीं है, बल्कि वेबसाइट के जरिए वीडियो देखने वाले यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. डाउनडिटेक्टर पर यूट्यूब आउटेज रिपोर्ट क्या-क्या दिक्कतें आईं डाउनडिटेक्टर रिपोर्ट के अनुसार, 56% यूजर्स को ऐप में समस्या हो रही है, 17% लोग वेबसाइट एक्सेस नहीं कर पा रहे और 15% यूजर्स लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं. वहीं, कई लोगों ने वीडियो प्लेबैक फेल होने, अकाउंट एक्सेस में परेशानी और YouTube TV पर स्ट्रीमिंग रुकने की शिकायत की. यूट्यूबटीम ने किया पोस्ट वहीं, यूट्यूब के डाउन होने पर यूट्यूब की टीम ने इसे लेकर ट्वीट किया है और कहा है कि अगर आपको यूट्यूब देखने में परेशानी आ रही है, तो आप अकेले नहीं है. यूट्यूब टीम इस प्रॉब्लम को ठीक करने में लगी हुई है और जल्द ही इससे जुड़े अपडेट्स भी देती रहेगी. If you’re having trouble accessing YouTube right now, you’re not alone — our teams are looking into this and will follow up here with updates: https://t.co/7iTU5S9AgT — TeamYouTube (@TeamYouTube) February 18, 2026 यह भी पढ़ें: ऑनलाइन प्राइवेसी है जरूरी! क्रोम से सफारी तक, हर ब्राउजर में हिस्ट्री डिलीट करने का जानिए तरीका The post YouTube Down: करोड़ों यूजर्स परेशान, स्क्रीन पर आ रहा एरर मैसेज appeared first on Naya Vichar.

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