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Author name: Vinod Jha

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टीआरइ टू: 18 माह के डीएलएड कोर्स के सभी अभ्यर्थियों का डेटा बीपीएससी ने शिक्षा विभाग को सौंपा

-शिक्षा विभाग से रिक्तियों की सूचना प्राप्त होने के बाद रिजल्ट जारी करेगा बीपीएससी संवाददाता, पटना बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण में एनआइओएस से 18 माह के डीएलएड कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स का रिजल्ट जारी किया जायेगा. इस संबंध में बीपीएससी ने कहा है कि टीआरइ टू के वैसे सभी अभ्यर्थियों का वर्गवार, विषयवार एवं कोटिवार डाटा तैयार कर शिक्षा विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है. शिक्षा विभाग से वर्गवार, विषयवार और कोटिवार रिक्तियों की सूचना अप्राप्त है. इस संबंध में आवश्यक सूचनाएं प्राप्त होने पर आयोग स्तर से रिजल्ट जारी किया जायेगा. बीपीएससी ने कहा है कि टीआरइ टू के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट में 28 नवंबर, 2023 को पारित आदेश में एनआइओएस द्वारा खुला एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा में 18 माह के डीएलएड की मान्यता समाप्त की गयी थी. उस आदेश के आलोक में शिक्षा विभाग बिहार प्रशासन द्वारा ऐसे सभी अभ्यर्थियों की अर्हता को अमान्य करते हुए रिजल्ट प्रकाशित करने की सूचना आयोग को दी गयी थी. पुन: इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दायर रिव्यू पीटिशन में पारित आदेश के आलोक में एनआइओएस से डीएलएड अभ्यर्थियों को मान्य किया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post टीआरइ टू: 18 माह के डीएलएड कोर्स के सभी अभ्यर्थियों का डेटा बीपीएससी ने शिक्षा विभाग को सौंपा appeared first on Naya Vichar.

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एनआइआरएफ रैंकिंग के लिए राज्य से 250 से अधिक शिक्षण संस्थानों ने किया आवेदन

– इस बार सबसे अधिक 7692 संस्थानों ने किया आवेदन संवाददाता, पटना नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) के तहत दी जाने वाली इंडिया रैंकिंग 2025 में इस बार सबसे ज्यादा यूनिवर्सिटियों, कॉलेजों, आइआइटी और उच्च शिक्षण संस्थानों ने आवेदन किया है. इस बार रैंकिंग का 10वां संस्करण होगा. पिछले साल कुल 6517 संस्थानों ने आवेदन किया था, इस बार यह संख्या बढ़कर 7692 हो गयी है. इस संस्थान ने अलग-अलग कैटोगरी में आवेदन किया है, इस तरह से 7692 यूनीक और कुल 14176 रजिस्ट्रेशन है. बिहार ने एनआइआरएफ के लिए 250 से अधिक शिक्षण संस्थानों ने आवेदन किया है. ओवर ऑल श्रेणी के लिए राज्य से 65 से अधिक संस्थान शामिल हुए हैं. वहीं, कॉलेज श्रेणी में 155 से अधिक कॉलेज शामिल हुए हैं. इंजीनियरिंग में 15 और मैनेजमेंट श्रेणी में भी 15 से अधिक संस्थानों ने आवेदन किया है. फॉर्मेसी से पांच व कृषि से दो संस्थानों ने आवेदन किया है. इस बार इंजीनियरिंग, मेडिकल, सामान्य डिग्री कॉलेजों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं. जून में रैंकिंग जारी कर दी जायेगी. इस बार कई नये पैरामीटर जोड़े गये हैं. सस्टेनेबििटी रैंकिंग को भी लागू किया जा रहा है, जिसमें उच्च शिक्षा संस्थानों के पर्यावरण और सामाजिक प्रभावों के असर को देखा जायेगा. सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ पर्यावरण क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले संस्थानों को भी रैंकिंग मिलेगी. पिछले साल स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटीज, ओपन यूनिवर्सिटीज, स्किल यूनिवर्सिटीज की कैटोगरी जोड़ी गयी थी. इंडिया रैंकिंग की शुुरुआत के बाद से टॉप 100 संस्थानों को ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग और कॉलेज कैटोगरीज में रैंकिंग दी जायेगी. इस बार इन श्रेणियों के अलावा रिसर्च इंस्टिट्यूशंस, इनोवेशन इंस्टिट्यूशंस, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फॉर्मेसी, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, लॉ, मेडिकल, डेंटल, एग्रीकल्चर एंड अलाइड सेक्टर्स के संस्थानों को भी रैंक किया जायेगा. पिछले कुछ वर्षों से ओवरऑल कैटोगरी में टॉप 10 में ज्यादातर आइआइटी हो रहते हैं. वहीं, मेडिकल और फॉर्मेसी में एम्स टॉप पर रहता है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post एनआइआरएफ रैंकिंग के लिए राज्य से 250 से अधिक शिक्षण संस्थानों ने किया आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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आर्यभट्ट के नाम पर विवि, इसलिए ज्ञान और शोध में हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है: कुलपति

-एकेयू व एआइयू के सहयोग से हिंदुस्तानीय ज्ञान प्रणाली पर पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का हुआ उद्घाटन संवाददाता, पटना आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (एकेयू) और हिंदुस्तानीय विश्वविद्यालय संघ की ओर से हिंदुस्तानीय ज्ञान प्रणाली पर पांच दिवसीय ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम का उद्घाटन सोमवार को हुआ. इसका उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो शरद कुमार यादव ने कहा कि हिंदुस्तान सदियों से ज्ञान का उद्गम स्थल रहा है, जिसने दर्शन, विज्ञान, गणित, चिकित्सा, कला, भाषा, विज्ञान और शासन में अहम योगदान दिया है. उपनिषदों और वैदिक ग्रंथों से लेकर आर्यभट्ट की गणितीय प्रतिभा, आयुर्वेद में चरक की उन्नति और पाणिनि की भाषाई महारथ तक, हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपराओं ने उल्लेखनीय तरीकों से वैश्विक सोच को आकार दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि हमारे विवि का नाम भी महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया है, इसलिए यह सुनिश्चित करने की हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि उनके जैसे महापुरुषों का ज्ञान नष्ट न हो. इस मौके पर हिंदुस्तानीय विश्वविद्यालय संघ की संयुक्त सचिव रंजना परिहार ने कहा कि देश में स्थापित 43 शैक्षणिक और प्रशासनिक विकास केंद्र में आर्यभट्ट ज्ञान विवि में स्थापित केंद्र भी शामिल है और इसके द्वारा अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप श्रेष्ठ कार्य किया जा रहा है. आधुनिक शिक्षा प्रणाली में एकीकृत करने की आवश्यकता है: हिंदुस्तानीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित इस पांच दिवसीय एफडीपी के पहले सत्र में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार, गया के स्कूल ऑफ सोशल साइंस एंड पॉलिसी के डॉ हरेश नारायण पांडेय ने हिंदुस्तानीय ज्ञान प्रणाली से संबंधित प्राचीन ग्रंथ और साहित्य विषय पर व्याख्यान दिया. कार्यक्रम की संयोजक डॉ मनीषा प्रकाश ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि आज तेजी से विकसित हो रहे शैक्षणिक और तकनीकी परिदृश्य में, हिंदुस्तानीय ज्ञान प्रणाली को फिर से खोजने, पुनर्व्याख्या करने और हमारी आधुनिक शिक्षा प्रणाली में एकीकृत करने की आवश्यकता है. हिंदुस्तान सदा से ज्ञान का केंद्र रहा है. इतिहास साक्षी है कि हिंदुस्तान के ज्ञान का प्रयोग हर क्षेत्र में हुआ चाहे वो कला या विज्ञान का क्षेत्र हो या दर्शन का. हिंदुस्तानीय ज्ञान परंपरा की जड़े बहुत गहरी हैं. आने वाले सत्रों में अनेक विषय विशेषज्ञ करेंगे मार्गदर्शन: आने वाले सत्रों में चिन्मय इंटरनेशनल फाउंडेशन की अकादमिक निदेशक प्रो गौरी माहुलिकर, पीयू के पूर्व कुलपति प्रो रास बिहार प्रसाद सिंह, सीआइएमपी के निदेशक प्रो राणा सिंह, डीयू शिक्षा विभाग के प्रो प्रवीण कुमार तिवारी, एकेयू के शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के पूर्व डीन डॉ ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि के संस्कृत, पाली एवं प्राकृत विभाग के डॉ कुलदीप कुमार हिंदुस्तानीय ज्ञान प्रणाली से संबंधित अन्य विषयों पर व्याख्यान देंगे. देश भर के शिक्षण संस्थानों से संकाय सदस्य इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post आर्यभट्ट के नाम पर विवि, इसलिए ज्ञान और शोध में हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है: कुलपति appeared first on Naya Vichar.

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वोटर लिस्ट में हुआ है घोटाला : डेरेक

संवाददाता, कोलकाता तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोमवार को मतदाता पहचान पत्र (इपीआइसी) के दोहराव वाले अनुक्रमांक पर निर्वाचन आयोग के जवाब पर असंतोष प्रकट करते हुए कहा कि चुनाव निकाय को 24 घंटे के भीतर इस गलती को स्वीकार करनी चाहिए. राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि आयोग ऐसा करने में विफल रहता है तो पार्टी मंगलवार की सुबह इस मुद्दे पर और दस्तावेज लेकर आयेगी. ओब्रायन ने राज्यसभा में टीएमसी की उपनेता सागरिका घोष एवं लोकसभा सदस्य कीर्ति आजाद के साथ एक ही मतदाता फोटो पहचान पत्र (इपीआइसी) संख्या वाले पहचान पत्रों की सूची दिखायी और कहा कि उनमें से अधिकतर भाजपा शासित राज्यों के हैं. उन्होंने कहा, ‘इन लोगों को वोट देने के लिए दूसरे राज्यों से लाया जायेगा, जो अस्वीकार्य है.’ दो अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं को एक जैसी मतदाता पहचान पत्र संख्या जारी किये जाने की समाचारों के बीच, आयोग ने रविवार को कहा कि वह इस मसले को दुरुस्त करेगा और अपने प्रौद्योगिकी आधारित मंच को भी अद्यतन करेगा. इसने कहा कि कुछ मतदाताओं की इपीआइसी संख्या ‘एक समान हो सकती हैं’, लेकिन जनसांख्यिकीय जानकारी, विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र जैसे अन्य विवरण अलग-अलग हो सकते हैं. ओब्रायन ने इसे ‘एपिक घोटाला’ करार देते हुए आरोप लगाया कि आयोग ने यह बयान तब जारी किया जब तृणमूल कांग्रेस ने घोषणा की कि वह इस मुद्दे पर संवाददाता सम्मेलन करने जा रही है. उन्होंने कहा, ‘निर्वाचन आयोग की सीमित सराहना है. मैं सीमित इसलिए कह रहा हूं क्योंकि आयोग त्रुटि मान रहा है लेकिन इसे स्वीकार नहीं कर रहा है.’ राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘हम निर्वाचन आयोग से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि वह अगले 24 घंटों में इसे स्वीकार कर ले. यदि ऐसा नहीं होता है तो हम मंगलवार सुबह नौ बजे एक और दस्तावेज साझा करेंगे.’ टीएमसी नेताओं ने भी इसकी गहन जांच की मांग की. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वोटर लिस्ट में हुआ है घोटाला : डेरेक appeared first on Naya Vichar.

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जादवपुर विश्वविद्यालय में भी तैनात हो सेंट्रल फोर्स : शुभेंदु

कहा : राज्य के शिक्षा मंत्री, वेबकूपा और एसएफआइ छात्र संगठन के दफ्तर में ताला लगाना उचित संवाददाता, बशीरहाट. जादवपुर विश्वविद्यालय के मामले को लेकर राज्य विधानसभा में विरोधी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने जमकर हमला बोला. सोमवार को संदेशखाली में गीता पुस्तक और तुलसी के पौधे वितरण के दौरान श्री अधिकारी ने जेयू प्रसंग को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब में कहा कि जेयू में अविलंब आरजी कर की तरह सेंट्रल फोर्स तैनात किया जाना चाहिए और सेंट्रल फोर्स लगाकर सारे शैक्षणिक कार्य जारी रखना चाहिए. वहां शिक्षा का काम, पठन-पाठन, रिसर्च जारी रखना चाहिए. विश्वविद्यालय के यूजीसी के गाइ़डलाइन के मुताबिक शिक्षा के कार्य को छोड़कर दूसरे कामों को बंद कर देना उचित है. उन्होंने माकपा के छात्र संगठन के दफ्तर में ताला लगाने की बात कही. उन्होंने कहा कि छात्र संसद में भी ताला लगाना उचित है. इसके साथ ही राज्य के मंत्री ब्रात्य बसु के ऑफिस और वेबकूपा के दफ्तर में भी ताला लगाना उचित है. उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि कश्मीर मांगें आजादी, वे लोग छात्र नहीं है. इन सब घटना के लिए ममता बनर्जी ही जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि 2023 में जब खुद उन पर जादवपुर के गेट पर कथित माओवादी छात्रों ने हमले किये थे, तो बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था, तो ममता बनर्जी ने उन लोगों को रात में फोन कर मुक्त कराया था. यह स्थिति ममता बनर्जी के कारण ही हुआ है. इसका खामियाजा आज भोगना पड़ रहा है. सोमवार को श्री अधिकारी संदेशखाली दौरे पर गये. वहां उन्होंने लोगों को तुलसी पौधे और गीता बांटे. वह पहले कार से आमाखाली घाट फिर लंच से संदेशखाली गये. एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद वहां से निकलकर संदेशखाली में अपने किराये के एक मकान में गये, जो वह काफी पहले किराये पर लिये है. गत 31 दिसंबर को राज्य के विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने संदेशखाली में एक जनसभा में घोषणा की थी कि वे कभी-कभी संदेशखाली में अपने किराए के घर पर आयेंगे और इलाके के साधु-संतों और सनातनियों को गीता बांटेंगे. इसी क्रम में सोमवार को अपने किराये के मकान में आये. फिर वहां से उन्होंने गीता और तुलसी के पौधे स्थानीय लोगों को सौंपे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post जादवपुर विश्वविद्यालय में भी तैनात हो सेंट्रल फोर्स : शुभेंदु appeared first on Naya Vichar.

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आदिवासी महिला होपनमय बास्की के वृद्धा पेंशन का आवेदन स्वीकृत

1 मार्च 2025 के नया विचार अंक में प्रकाशित वृद्धा पेंशन से संबंधित समाचार के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रखंड प्रशासन हरकत में आ गया है. मालूम हो कि नया विचार में खैरबन्नी आदिवासी टोला की वृद्ध स्त्री होपनमय बास्की को वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिलने की समाचार प्रमुखता से प्रकाशित की गयी थी, जिसके बाद डीसी जिशान कमर ने समाचार का संज्ञान में लेते हुए पथरगामा बीडीओ से इस मामले का अपडेट दिये जाने का निर्देश दिया. इधर पथरगामा बीडीओ नितेश कुमार गौतम ने प्राप्त निर्देश के आलोक में त्वरित कार्यवाही करते हुए माल निस्तारा पंचायत के मुखिया व पंचायत सचिव को खैरबन्नी आदिवासी टोला भेजकर वंचित वृद्ध स्त्री से वृद्धा पेंशन का आवेदन प्राप्त किया व रविवार को अवकाश रहने के बावजूद प्रखंड कार्यालय खोलकर वृद्ध स्त्री होपनमय बास्की के आवेदन को स्वीकृत कर पेंशन पोर्टल एनएसपीए पर दर्ज कराया. इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ नितेश कुमार गौतम ने बताया कि प्रखंड कार्यालय से अनुशंसा के बाद आवेदन सामाजिक सुरक्षा कोषांग में जायेगा, जिसके बाद वृद्ध स्त्री को वृद्धा पेंशन का लाभ मिलने लगेगा. बीडीओ ने बताया कि इसके अलावा खैरबन्नी गांव में अन्य वृद्ध जरूरतमंदों को योजना का लाभ दिलाये जाने के लिए पंचायत के मुखिया व पंचायत सचिव को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है. इधर वृद्ध स्त्री होपनमय बास्की, जिशुराम हेंब्रम, देवीराम बास्की, ईश्वर मरांडी, अधिकलाल बास्की, सुलेमान किस्कू समेत अन्य ग्रामीणों ने नया विचार के प्रति आभार जताया है. ग्रामीणों ने कहा कि नया विचार हमेशा से ग्रामीणों की आवाज प्रशासन व प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करता रहा है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post आदिवासी स्त्री होपनमय बास्की के वृद्धा पेंशन का आवेदन स्वीकृत appeared first on Naya Vichar.

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तेज रफ्तार ऑटो ने बाइक में मारी टक्कर, तीन युवक घायल

मेहरमा थाना क्षेत्र के डोय ढोलिया पुल के समीप तेज रफ्तार ऑटो ने विपरीत दिशा से आ रहे बाइक में धक्का मार दिया, जिसमें सवार तीन युवक घायल हो गया. घायल युवक गोड्डा थाना क्षेत्र के लोहिया नगर निवासी 22 वर्षीय दिनेश रविदास, बिहार के पीरपैंती थाना क्षेत्र के श्रीमतपुर निवासी 15 वर्षीय बिट्टू कुमार व 26 वर्षीय संतोष रविदास बताया जाता है. सभी घायलों को पुलिस व ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहरमा लाया गया. अस्पताल में ऑन ड्यूटी मौजूद डॉ सुशांत कुमार ने तीनों घायल का प्राथमिक उपचार किया. वहीं घायल बिट्टू का पैर व हाथ, संतोष का पैर टूटने के साथ ही दिनेश के पैर व सिर में चोट होने के कारण घायलों को बेहतर उपचार के लिए गोड्डा सदर रेफर कर दिया गया. घटना के बारे में घायल ने बताया कि तीनों गोड्डा से पीरपैंती जा रहे थे. इसी क्रम में तेज गति से आ रही ऑटो ठोकर मारकर फरार हो गया. बताते चलें कि शनिवार को देर रात बलबड्डा थाना क्षेत्र के मड़पा मधुरा के बीच भी ऑटो चालक द्वारा मोटरसाइकिल चालक को ठोकर मार दिया था, जिससे दो युवक की मौत हो गयी थी. पुलिस द्वारा ऑटो जब्त करने की कार्रवाई की गयी है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post तेज रफ्तार ऑटो ने बाइक में मारी टक्कर, तीन युवक घायल appeared first on Naya Vichar.

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शिक्षा, स्वास्थ्य व पशुपालन को मिला बढ़ावा, मगर व्यवसायियों के लिए बड़ी व्यवस्था नहीं

राज्य प्रशासन की ओर से सोमवार को विधान सभा सत्र के दौरान वार्षिक बजट पेश किया गया. बजट पर नया विचार की ओर से प्रभात संवाद के तहत प्रशासन के वार्षिक बजट पर आम लोगों की राय ली गयी. साकेतपुरी मुहल्ले के सामाजिक कार्यकर्ता के कार्यालय में आयोजित संवाद की. अध्यक्षता व्यवसायी मनोज कुमार पप्पू ने किया. किसान, व्यसायी, स्पोर्ट्सकूद, शिक्षा, व्यापार, रोजगार, पशुपालन से जुड़े लोगों ने अपनी बातों को रखते हुए प्रशासन से बजट को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें रखी. कहा कि प्रशासन बजट के माध्यम से अपना दर्द बयां किया है. बजट में कुछ विशेषता है, तो कमियां भी है. लोगों ने प्रशासन से जो अपेक्षा की थी, वह बजट में दिख नहीं रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पशुपालन व कृषि को कुछ बढ़ावा मिला है, मगर व्यवसाय करने वालों के लिए बड़ी व्यवस्था नहीं है. लगातार पांच वर्षो से नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगारों को प्रशासनी नौकरी के क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था नहीं दिख रही है. वार्ता के दौरान संचालन ब्यूरो चीफ निरभ किशोर ने किया.राज्य आज भी कृषि पर निर्भर है. व्यवसायी व किसानों को प्रशासन विशेष रूप से मदद करने की योजना बनायी गयी है, मगर आर्थिक हानि से उबरने के लिए कोई बड़ा स्टेप नहीं लिया गया है. सिंचाई के लिए बड़ी योजना नहीं बनी है. – मनाेज कुमार पप्पू राज्य में अब तक किसी प्रशासन ने भी स्पोर्ट्स व सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से नहीं देखा. ना ही किसी ने इसे अपने घोषणा पत्र में रखा है. बजट में स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिला है, मगर सांस्कृतिक कलाकारों के लिए सहुलियत नहीं है. – सुरजीत झा, संयोजक जिला स्पोर्ट्स व सांस्कृतिक स्वास्थ व शिक्षा पर फोकस करना चाहिए था. पैसे वाले तो जैसे-तैसे कहीं भी अपना इलाज व बच्चों को शिक्षा देते हैं. मगर गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों के लिए स्थिति संवेदनशील हो जाती है. प्रशासन इस पर ध्यान नहीं सकी है. – निखिल कुमार झा, शिक्षाविद् राज्य प्रशासन का बजट मजबूत पिलर की तरह है. जिस तरह मंईयां योजना चलायी जा रही है, उसी प्रकार बेरोजगारों के लिए प्रशासन की ओर से योजना लाना था, मगर नहीं आ पाया. पशुपालन व मत्स्य उत्पादन पर ध्यान दिया गया है. – बच्चू झा, समाजसेवी जिस तरह सभी के लिए वर्ग निर्धारित है, उसी प्रकार से छोटे व्यवसाइयों के लिए भी व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सुविधा के तहत आर्थिक सहायता दिया जाना था, मगर बजट में नहीं हो सका है. इसका जिक्र कर लोगों को लाभ दिया जाना था. – अनिल कुमार पंडित, व्यवसायी जिस तरह पड़ोसी राज्य बिहार की प्रशासन सभी वर्गों काे ध्यान में रखकर बजट लाती है, उसी तरह झारखंड में भी बजट लाया गया. मगर कुछ कमियां रह गयी. यहां का बजट किसानों के लिए कमजोर है. इस पर ध्यान देने की जरूरत थी. – रणविजय झा, समाजसेवी व किसान प्रशासन को इस बजट में भी छोटे मझले व बड़े व्यवसाइयों को ध्यान में नहीं रखा गया. बजट में बड़े व्यवसायी हैं, मगर छोटे के लिए खास नहीं है, जबकि स्त्रीओं के विकास के लिए एसएचजी पर प्रशासन ने ध्यान दिया है. – मनीष कुमार सिंह पांडु, व्यवसायी राज्य प्रशासन केंद्र की तरह बजट पेश नहीं कर सकी. बेरोजगारी के क्षेत्र में काम नहीं के बराबर रखकर बजट लाया गया है. राज्य में सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है. किसी भी प्रशासन के लिए बजट का मॉडल बेहतर हो. – आकाश कुमार आज के बजट से राज्य में नौकरी की तलाश करने वाले युवकों के हाथ खाली हैं. राज्य की बजट में आम लोगों को कुछ खास नहीं दिख पाया है. बेरोजगार लोगों को बजट में प्रशासन की ओर से ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है. – ब्रजेश कुमार, शिक्षक प्रशासन के पिछले बजट की तुलना की जाये, तो जस की तस है. राज्य प्रशासन से आम लोगों के अलावा सबसे ज्यादा राज्य के छोटे व्यवसायी व बेरोजगार युवाओं को उम्मीद थी, मगर ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा है. – संतोष कुमार, छात्र नेता बजट में राज्य प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान दिया है. मत्स्य पालन, पशुपालन, मनरेगा के साथ-साथ आवास पर भी राज्य प्रशासन ने ध्यान दिया है, जो राहत भरी है. मजदूरों को खास तौर पर नजर में रखा गया है. – सुभाष कुमार दास ,,,, डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post शिक्षा, स्वास्थ्य व पशुपालन को मिला बढ़ावा, मगर व्यवसायियों के लिए बड़ी व्यवस्था नहीं appeared first on Naya Vichar.

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JFC VS ODISSA MATCH : जेएफसी-ओडिशा मैच के 12500 टिकट बिके

जमशेदपुर. जमशेदपुर फुटबॉल क्लब और ओडिशा एफसी के बीच पांच मार्च को जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में इंडियन सुपर लीग का बहुचर्चित मुकाबला स्पोर्ट्सा जायेगा. इस मुकाबले को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. मुकाबले के लिए अभी तक 12500 टिकट बेचे जा चुके हैं. टिकटों की बिक्री ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से किया जा रहा है. मुकाबले के लिए ओडिशा एफसी की टीम रविवार को ही शहर पहुंच गयी है. मंगलवार को ओडिशा एफसी की टीम टाटा फुटबॉल एकेडमी में शाम चार बजे से ट्रेनिंग करेगी. वहीं, जेएफसी की टीम सुबह दस बजे से कदमा स्थित फ्लैट लेट में अभ्यास करेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post JFC VS ODISSA MATCH : जेएफसी-ओडिशा मैच के 12500 टिकट बिके appeared first on Naya Vichar.

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Bhagalpur news रमजान में कूड़े से गुजर कर नमाज अदा करने जाना बनी मजबूरी

रमजान पर सुलतानगंज नगर परिषद क्षेत्र में सफाई कर्मियों की हड़ताल से कूड़े से गुजर कर नमाज अदा करने जाना मजबूरी बन गयी है. चारों तरफ कचरा पसरा है. सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य मो अफरोज आलम ने कहा कि रमजान का पवित्र माह शुरू हो चुका है. कचरा का अंबार लगा है, जिससे रोजेदार को काफी परेशानी हो रही है. स्थानीय लोगो ने भी नप क्षेत्र में कूड़ा उठाव नौ दिन से ठप होने से आक्रोश व्यक्त करते अविलंब नप प्रशासन से मांग की है कि हड़ताल जल्द खत्म कराया जाये. कूड़ा से अब बदबू आने लगी है. नप प्रशासन हड़ताल तुड़वाने में कोई रूचि नहीं ले रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है. सीएम, मंत्री व सचिव को पत्र भेज कार्यपालक पदाधिकारी को हटाने की मांग नप मुख्य पार्षद राजकुमार गूड्ड ने आक्रोश व्यक्त कर नप के कार्यपालक पदाधिकारी पर कई आरोप लगाये हैं. सभापति के साथ एक दर्जन वार्ड पार्षदों ने ईओ को हटाने व विधि सम्मत कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है. सभापति ने सीएम, विभागीय मंत्री और सचिव को पत्र भेज कर कार्यपालक पदाधिकारी को हटाने की मांग की है. मुख्य पार्षद ने बताया कि सफाईकर्मियों की मांग उचित है. सफाई एजेंसी को हटाने की स्वीकृति का प्रस्ताव पारित किया गया है. कार्यपालक पदाधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया है. नगर विकास मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव को पत्र भेज कर अवगत कराया गया है. मुख्य पार्षद ने सीएम को पत्र भेज कर कार्यपालक पदाधिकारी पर विधि सम्मत कार्रवाई करने की मांग की है. – बॉक्स- सभापति व 17 वार्ड पार्षदों ने ईओ के खिलाफ खोला मोर्चा सुलतानगंज नप के मुख्य पार्षद ने बताया कि 17 पार्षदों के हस्ताक्षरित आवेदन नगर विकास मंत्री को दिया है. बताया कि सामान्य बोर्ड की बैठक में क्षेत्र के कई विकास योजना की स्वीकृति प्रदान की गयी. कार्यपालक पदाधिकारी ने सभी कार्यों को लंबित रखा है, जिससे नगर परिषद का विकास बाधित है. जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. मुख्य पार्षद ने बताया कि 17 पार्षदों ने नगर विकास मंत्री को पत्र भेज कर बताया है कि कई भुगतान कार्य सामान्य बोर्ड व सशक्त समिति के बिना अनुमति के किया जा रहा है, जो बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 75 छह का उल्लंघन है. स्वच्छता कार्य के भुगतान में घोर अनियमितता है. विकास कार्य को गति प्रदान करने की मांग की है. कार्यपालक पदाधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Bhagalpur news रमजान में कूड़े से गुजर कर नमाज अदा करने जाना बनी मजबूरी appeared first on Naya Vichar.

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