शहरी निकाय अपना स्थापना व्यय पूरा करने में आत्मनिर्भर होने के लक्ष्य से पीछे
शहरी निकायों में स्वर्जित आय की सबसे बड़ी हिस्सेदारी होल्डिंग टैक्स की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में हुआ खुलासा संवाददाता,पटना राज्य के 35 प्रमुख शहरी निकायों में होल्डिंग टैक्स से आय में पिछले पांच सालों में ढाई गुना से अधिक की वृद्धि तो हुई है, मगर अब भी आय के साधन सीमित हैं.2023-24 में आय का 20.5 प्रतिशत हिस्सा ही उसके अपने स्रोतों से आया है. बाहरी स्रोतों से आय का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत अब भी राजस्व अनुदान है, जो 2023-24 में करीब 76.8 प्रतिशत था. आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, शहरी निकाय अपना स्थापना व्यय पूरा करने में आत्मनिर्भर होने के लक्ष्य हासिल करने से भी बहुत पीछे हैं. आंकड़ों से पता चलता है कि स्वार्जित आय से उनके स्थापना व्यय का 54.3 प्रतिशत हिस्सा ही पूरा हो सकता है. 2023-24 में 35 शहरी निकायों की कुल आय करीब 684.79 करोड़ रुपये थी, जिसमें स्वर्जित आय महज 140.31 करोड़ थी. वहीं, राजस्व अनुदान समेत अन्य बाहरी आय 544.47 करोड़ थी. शहरी निकायों में स्वर्जित आय की सबसे बड़ी हिस्सेदारी होल्डिंग टैक्स की है. करीब 70 प्रतिशत से अधिक स्वर्जित आय होल्डिंग टैक्स से हो रही है. 2019-20 में होल्डिंग टैक्स संग्रह 36.81 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर 99.49 करोड़ पहुंच गया. इसे और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. विभागीय जानकारी के अनुसार, राज्य प्रशासन ने 29 शहरों में जीआइएस आधारित मानचित्रण पूरा कर लिया है. इसके साथ ही 26 नगरपालिका क्षेत्रों में भी जीआइएस आधारित मानचित्र तैयार कर संपत्ति सर्वेक्षण किया जायेगा. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post शहरी निकाय अपना स्थापना व्यय पूरा करने में आत्मनिर्भर होने के लक्ष्य से पीछे appeared first on Naya Vichar.