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Author name: Vinod Jha

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Muzaffarpur News: 40 करोड़ का बिजनेस देने वाले मार्केट में जरूरी सुविधा भी नहीं, टॉयलेट और पार्किंग की मांग

Muzaffarpur News: शहर के तिलक मैदान रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक मंडी में नागरिक सुविधाएं नहीं है. शहर की होलसेल मंडी होने के बावजूद यहां न तो सार्वजनिक जगह पर पेयजल की व्यवस्था है, न ही यूरिनल और शौचालय. यहां आने वाले ग्राहकों को मोतीझील रेलवे लाइन के समीप बने नगर निगम के शौचालय में जाना पड़ता है. दुकानदारों की मानें तो इस मंडी से हर महीने करीब 40 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक आइटम का कारोबार होता है. यहां के दुकानदार ट्रेड लाइसेंस सहित अन्य टैक्स देते हैं, लेकिन नगर निगम की तरफ से यहां सुविधाओं का अभाव है. दुकानदारों का कहना है कि तिलक मैदान रोड इलेक्ट्रॉनिक आइटम की बड़ी मंडी है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में यहां खुदरा ग्राहक कम आ रहे हैं. इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है. शहर के अन्य मार्केट की तरह यहां भी सुविधाओं का अभाव है, जिसे हम व्यवसायियों को झेलना पड़ता है. इस रोड की स्थायी समस्या बनी जाम इलेक्ट्रॉनिक सामान के विक्रेता रोहित बताते हैं कि जाम इस रोड की स्थायी समस्या है. इसके अलावा यहां पार्किंग की सुविधा भी नहीं है. जाम झेल कर ग्राहक आ भी जाए तो उसे अपनी गाड़ियां पार्क करने में परेशानी होती है. कई ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक आइटम ले जाने के लिए कार से आते हैं, लेकिन इस रोड में पार्क नहीं कर पाते हैं. इस कारण ग्राहक यहां से खरीदारी करने की अपेक्षा दूसरी जगह जाना पसंद करते हैं. इस रोड में बाइक पार्क करने में भी समस्या है. कपड़ा मंडी की तरह यह शहर का सबसे बड़ा मार्केट है. यहां नगर निगम को समुचित व्यवस्था करनी चाहिए. पेयजल की व्यवस्था और यूरिनल नहीं इलेक्ट्रॉनिक सामान के विक्रेता प्रदीप मिश्रा ने कहा कि इस रोड की समस्या का समाधान कभी नहीं होने वाला. यह रोड हमेशा जाम से जूझता रहता है. पर्व-त्योहार के समय यहां ग्राहकों की भीड़ लगती है. गर्मी के समय में इस रोड में सार्वजनिक जगहों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी होती है. इलेक्ट्रॉनिक आइटम को टैंपो पर रख कर ग्राहकों के घर तक पहुंचाने के लिए टैंपू चालकों की यहां काफी संख्या रहती है. उन्हें भी पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है. यहां यूरिनल और शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है. इस कारण बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है. नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए. ALSO READ: Muzaffarpur News: झाड़ू लोड कंटेनर से 1.25 करोड़ का गांजा जब्त, गुवाहाटी से गोपालगंज ले जा रहा था खेप The post Muzaffarpur News: 40 करोड़ का बिजनेस देने वाले मार्केट में जरूरी सुविधा भी नहीं, टॉयलेट और पार्किंग की मांग appeared first on Naya Vichar.

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Muzaffarpur News: झाड़ू लोड कंटेनर से 1.25 करोड़ का गांजा जब्त, गुवाहाटी से गोपालगंज ले जा रहा था खेप

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर डीआरआइ की टीम ने मैठी टोल प्लाजा के पास छापेमारी करते हुए राजस्थान नंबर की कंटेनर से 580 किलो गांजा जब्त किया गया है. जब्त गांजे की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सवा करोड़ बताई जा रही है. बता दें, तस्कर ने पुलिस और डीआरआइ को चकमा देने के लिए कंटेनर में विशेष तहखाना बना रखा था. आगे से झाड़ू लोड करके साइड से तहखाना के अंदर गांजा का पैकेट छिपा कर रखा था. छापेमारी के दौरान मौके से एक तस्कर को भी दबोचा गया है. उसकी पहचान गोपालगंज जिला के मो. अब्दुल के रूप में की गई है. डीआरआइ की टीम उससे पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गयी है. यह गांजा की खेप गुवाहाटी से तस्करी करके बिहार के गोपालगंज जा रही थी. मैठी टोल प्लाजा पर की नाकेबंदी जानकारी के अनुसार, डीआरआइ को गुप्त सूचना मिली थी कि राजस्थान नंबर की कंटेनर से तस्करी करके गांजा की खेप लायी जा रही है. सूचना के बाद डीआरआइ की टीम ने रविवार की शाम मैठी टोल प्लाजा के पास नाकेबंदी की. इस बीच दरभंगा की ओर से कंटेनर आती हुई दिखाई दी. संदेह के आधार पर डीआरआइ ने कंटेनर को रुकवाया. उसकी तलाशी शुरू की तो उसमें पीछे स झाड़ू लोड था. फिर बगल से देखा तो चालक के चेंबर के पीछे एक विशेष तहखाना बना हुआ दिखाई दिया. फिर, उसके अंदर जाकर देखा तो गांजा का पैकेट रखा हुआ था. कंटेनर से कुल 580 किलो गांजा बरामद हुआ है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें लोकल कनेक्शन को खंगाल रही डीआरआइ डीआरआइ की टीम मादक पदार्थ तस्करी के लोकल कनेक्शन को खंगाल रही है. सिवान के तस्कर की गिरफ्तारी के बाद डीआरआइ उसके मोबाइल का कॉल डिटेल्स, सीडीआर व चैटिंग को खंगाल रही है. वहीं, गोपालगंज के किस तस्कर ने गांजा की खेप मंगवायी थी उसके पूरे सिंडिकेट के बारे जानकारी जुटा रही है. गिरफ्तार तस्कर मो. अब्दुल से पूछताछ करने के बाद डीआरआइ ने सोमवार की शाम उसको कोर्ट में प्रस्तुत किया. जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है. ALSO READ: Bihar News: पुलिस कभी भी पहुंच सकती है आपके घर! किराए पर रहने वालों के लिए बड़ी समाचार The post Muzaffarpur News: झाड़ू लोड कंटेनर से 1.25 करोड़ का गांजा जब्त, गुवाहाटी से गोपालगंज ले जा रहा था खेप appeared first on Naya Vichar.

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Muzaffarpur News: वंदे भारत को चलाने से पहले कोचिंग डिपो के लिए जगह की तलाश, जल्द लगेगी मुहर

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जंक्शन विश्वस्तरीय बनने के बाद वंदे हिंदुस्तान व अमृत हिंदुस्तान के परिचालन को लेकर अभी से तैयारी तेज कर दी गयी है. इस हाईस्पीड ट्रेन के लिए अलग से डिपो अनिवार्य होता है. ऐसे में सोनपुर मंडल के अधिकारियों की टीम कोचिंग डिपो के लिए जगह की तलाश में जुटी है. सोनपुर मंडल के सीनियर अधिकारियों के अनुसार, मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर व मुजफ्फरपुर मोतिहारी रेलखंड पर कोई एक जगह की तलाश की जा रही है. जिस पर जल्द ही मुहर लगेगी.  जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर से न्यूजलपाइगुड़ी तक वंदे हिंदुस्तान ट्रेन चलाने की प्लानिंग रेलवे के पहली प्राथमिकता पर चल रही है. वहीं दूसरे नंबर पर मुजफ्फरपुर-रांची वंदे हिंदुस्तान चलाने की योजना प्रस्तावित है. रेलवे बोर्ड की ओर से भी इस मामले में मॉनिटरिंग की जा रही है. बता दें कि पटना में वंदे हिंदुस्तान के लिए कोचिंग डिपो तैयार किया गया था. मेंटेनेंस के लिए आधुनिक होगा कोचिंग डिपो डिपो चिह्नित जगह पर नया कोचिंग डिपो बनने के बाद ट्रेनों की अत्याधुनिक धुलाई से लेकर मेंटेनेंस भी अधिक से अधिक कोच का हो सकेगा. इसमें समस्तीपुर और सोनपुर रेलमंडल की गाड़ियों का भी मेंटेनेंस होगा. इस हाईस्पीड ट्रेन के लिए अलग से डिपो अनिवार्य होता है. अलग से डिपो नहीं होने से प्रस्तावित वंदे हिंदुस्तान को चलाने की बात पर संबंधित विभाग रख-रखाव व सफाई-धुलाई को लेकर हाथ खड़े कर लेते है. अभी सोनपुर रेलमंडल में मुजफ्फरपुर और बरौनी दो छोटे-छोटे कोचिंग डिपो हैं, इसमें डेढ़ सौ के करीब कोच का मेंटेनेंस होता है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें मुजफ्फरपुर से इन जगहों के लिए वंदे हिंदुस्तान की डिमांड रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को बेतिया कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुजफ्फरपुर पहुंचे थे. यहां उन्होंने मुजफ्फरपुर से पटना तक नमो हिंदुस्तान ट्रेन चलाने की घोषणा की. वहीं पूरे कार्यक्रम और प्रोजेक्ट के बारे में उनके आधिकारिक सोशल मीडिया पेज एक्स पर शेयर किया गया. वहीं पूर्व मध्य रेल की ओर से भी इसे जारी किया गया. जिस पर हेमंत गुप्ता नाम के यूजर ने रेल मंत्री से मुजफ्फरपुर से टाटानगर, लखनऊ, एनजेपी, हावड़ा और रांची के लिए वंदे हिंदुस्तान ट्रेन चलाने की मांग की. वहीं प्रिंस कुमार ने मुजफ्फरपुर से पलामू के लिए ट्रेन दिए जाने की मांग की. जय कुमार ने वैशाली एक्सप्रेस को सरायगढ़ तक विस्तार की डिमांड की. ALSO READ: Muzaffarpur News: झाड़ू लोड कंटेनर से 1.25 करोड़ का गांजा जब्त, गुवाहाटी से गोपालगंज ले जा रहा था खेप The post Muzaffarpur News: वंदे हिंदुस्तान को चलाने से पहले कोचिंग डिपो के लिए जगह की तलाश, जल्द लगेगी मुहर appeared first on Naya Vichar.

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प्रशांत किशोर खुद को गांधीवादी बताते हैं, लेकिन…, जदयू ने जन सुराज की फंडिंग पर उठाया सवाल

Prashant Kishor Party Funding: जदयू ने सोमवार को प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की फंडिंग से लेकर उसकी नेतृत्वक गतिविधियों पर सवाल उठाए. जदयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर की नेतृत्वक गतिविधियों एवं जन सुराज और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह जताते हुए कहा कि जन सुराज पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चेहरा तक सामने नहीं आता. प्रशांत किशोर स्वयं को पार्टी का संरक्षक बताते हैं, लेकिन चुनाव आयोग के दस्तावेजों में उनका नाम तक दर्ज नहीं है. इससे पार्टी के वास्तविक नेतृत्व और नियंत्रण को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है. नीरज कुमार ने कई दस्तावेज दिखाते हुए आरोप लगाया कि नेतृत्वक उद्देश्यों के लिए एनजीओ का इस्तेमाल कानूनी और नैतिक रूप से गलत है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस एनजीओ को 48.75 करोड़ रुपए की डोनेशन प्राप्त हुई, जिसमें सबसे बड़ा डोनेशन (14 करोड़ रुपए) रामसेतु इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड से प्राप्त हुआ. बिहार की नेतृत्व के लिए ज्यादातर चंदा तेलंगाना और हैदराबाद की कंपनियों से क्यों आ रहा है? यह भी एक महत्वपूर्ण प्रश्न है. खुद को गांधीवादी बताते हैं, लेकिन… नीरज कुमार ने यह भी कहा कि कंपनियों की वास्तविक पूंजी बहुत कम है, लेकिन उन्होंने करोड़ों रुपए का दान दिया है. ‘रामसेतु इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड’ जैसी कंपनियों के नाम और निदेशक बार-बार बदले गए हैं. प्रशांत किशोर खुद को गांधीवादी बताते हैं, लेकिन उनकी पदयात्रा पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें सार्वजनिक करनी चाहिए वित्तीय जानकारी ‘ज्वाय ऑफ लिविंग ग्लोबल फाउंडेशन’ एक चैरिटेबल संस्था के रूप में पंजीकृत है, लेकिन इसे नेतृत्वक कार्यों में लिप्त पाया गया है. इसके निदेशक हर दो से तीन वर्षों में बदल दिए जाते हैं, जिससे जवाबदेही तय न हो सके. इस एनजीओ के माध्यम से प्रशांत किशोर की पार्टी को अपारदर्शी रूप से फंडिंग दी जा रही है. यदि प्रशांत किशोर पारदर्शिता की बात करते हैं, तो उन्हें अपनी पार्टी की वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए. नीरज कुमार ने कहा कि क्या प्रशांत किशोर बिहार में कॉर्पोरेट लॉबी का नया नेतृत्वक मॉडल ला रहे हैं? प्रशांत किशोर द्वारा प्रस्तुत नेतृत्वक बदलाव का मॉडल संदेह के घेरे में है. यदि वे सच में बिहार के भविष्य के लिए काम कर रहे हैं, तो उन्हें अपनी पार्टी की वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए. अन्यथा, यह पूरा अभियान सिर्फ एक नेतृत्वक स्टंट और कॉर्पोरेट लॉबी का स्पोर्ट्स प्रतीत होता है. इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार गया को देंगे लावाबार बियर बांध की सौगात, साढ़े चार सौ एकड़ भूमि होगी सिंचित The post प्रशांत किशोर खुद को गांधीवादी बताते हैं, लेकिन…, जदयू ने जन सुराज की फंडिंग पर उठाया सवाल appeared first on Naya Vichar.

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Haryana बीजेपी में बवाल, सीएम सैनी के खिलाफ बोलने पर मंत्री अनिल विज को नोटिस

Haryana की नायब सिंह सैनी प्रशासन के अंदर बवाल की समाचार है. मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलने पर राज्य के मंत्री अनिल विज को बीजेपी ने नोटिस जारी कर दिया है. उनसे तीन दिन में जवाब मांगा गया है. दरअसल विज ने 3 फरवरी को अपने आधिकारिक एक्स पेज पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बीजेपी नेता आशीष तायल के खिलाफ विवादित पोस्ट लिखा था और रिश्ते पर सवाल उठाया था. Haryana BJP issues a show cause notice to State’s Minister Anil Vij asking him to reply within 3 days over his recent public statements against the party president and Chief Minister position. pic.twitter.com/K7zmxENi9R — ANI (@ANI) February 10, 2025 बीजेपी के नोटिस में क्या है? हरियाणा के मंत्री अनिल विज को जारी नोटिस में बीजेपी ने लिखा, “आपने हाल ही में पार्टी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान दिए हैं. यह गंभीर आरोप हैं और यह पार्टी की नीति और आंतरिक अनुशासन के खिलाफ है. आपका यह कदम पार्टी की विचारधार के खिलाफ है. इस प्रकार की बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान होगा, यह जानते हुए आपने ये बयान दिए हैं. यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर आपको कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है. 3 दिन में आप लिखित स्पष्टीकरण दें.” Haryana बीजेपी में बवाल, सीएम सैनी के खिलाफ बोलने पर मंत्री अनिल विज को नोटिस 2 अनिल विज ने मुख्यमंत्री सैनी और आशीष तायल को लेकर क्या दिया था बयान? हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने 3 फरवरी को एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “आशीष तायल जो खुद को नायब सैनी का मित्र बताते हैं उनकी फेसबुक पर नायब सैनी के साथ अनेकों चित्र मौजूद हैं. आशीष तायल के साथ विधानसभा चुनाव के दौरान जो कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं वही कार्यकर्ता चित्रा सरवारा भाजपा की विरोधी उम्मीदवार के साथ भी नजर आ रहे हैं. ये रिश्ता क्या कहलाता है..? तायल आज भी नायब सैनी के परम मित्र बने हुए है तो फिर प्रश्न उठता है भाजपा उम्मीदवार की मुखालवत किसने करवाई ?” विज ने जो वीडियो शेयर किया है, उसमें गद्दार,गद्दार लिखा हुआ है. The post Haryana बीजेपी में बवाल, सीएम सैनी के खिलाफ बोलने पर मंत्री अनिल विज को नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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Drugs: जांच एजेंसियों की सख्ती के कारण पिछले साल 25 हजार करोड़ रुपये का ड्रग्स हुआ जब्त

Drugs: देश में ड्रग्स के खिलाफ केंद्र प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा है कि वर्ष 2024 में नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो(एनसीबी) और अन्य एजेंसियों ने 25330 करोड़ रुपये कीमत से अधिक ड्रग्स को जब्त किया है. यह वर्ष 2023 में जब्त किए 16100 करोड़ रुपये मूल्य के मुकाबले 55 फीसदी अधिक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रशासन टॉप टू बॉटम और बॉटम टू टॉप की नीति पर काम कर रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रयास के कारण प्रशासन देश को ड्रग्स मुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. वर्ष 2024 में अधिक खतरनाक ड्रग्स, सिंथेटिक ड्रग्स, कोकीन और फार्मास्यूटिकल ड्रग्स की बड़े पैमाने पर जब्त किया गया है. मेथाफेटामाइन ड्रग्स वर्ष 2023 में 34 क्विंटल जब्त किया गया था, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 80 क्विंटल हो गया. इसी तरह कोकीन वर्ष 2023 में 292 किलो जब्त किया गया था, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 1426 किलो हो गया. जबकि मेफेड्रोन की बात करें तो वर्ष 2023 में 688 किलो जब्त हुआ था, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 3391 किलो हो गया.   एनसीबी का महत्वपूर्ण ऑपरेशन  पिछले साल फरवरी में एनसीबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का खुलासा किया. संयुक्त छापेमारी में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया और 50 किलो ड्रग्स की जब्ती की गयी. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अधिकारियों से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गयी. फरवरी 2024 में एनसीबी, नेवी और गुजरात एटीएस ने समुद्री इलाके में 3300 किलो की ड्रग्स बरामद की. यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती थी, जिसमें पांच विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया. अप्रैल 2024 में एनसीबी, गुजरात की एटीएस और कोस्ट गार्ड ने विदेशी नाव से 86 किलो हेरोइन जब्त की और 14 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया. अक्टूबर 2024 में नोएडा में एनसीबी में 95 किलो सिंथेटिक ड्रग्स जब्त की. इसके अलावा दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र में कई ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.  ReplyForward The post Drugs: जांच एजेंसियों की सख्ती के कारण पिछले साल 25 हजार करोड़ रुपये का ड्रग्स हुआ जब्त appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में पहली बार स्काई डाइविंग, बहुत कम लोग जानते हैं धोनी भी कर चुके हैं एयरक्राफ्ट से जंप

झारखंड प्रशासन के सहयोग से जमशेदपुर में पहली बार स्काई–डाइविंग होने जा रही है. इसे स्काई–हाई संस्‍था कर रही है. नया विचार के लिए रिंकू लोहिया ने स्काई–हाई के प्रमुख दि‌ग्विजय सिंह से खास बातचीत की. पढ़िए खास अंश– सवाल- स्काई–डाइविंग होता क्या है और इसे किया कैसे जाता है? जवाब- कई लोग स्काई–डाइविंग को और पैराग्लाइडिंग को एक ही चीज समझते हैं. पैराग्लाइडिंग में आप भाग करके टेक ऑफ करते हैं. स्काई–डाइविंग में आप या तो हेलीकॉप्टर से या एक फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट से ऊपर से छलांग लगाते हैं. वहां आप टेक ऑफ नहीं करते, जंप करते हैं. सवाल. स्काई–डाइविंग में कितनी ऊंचाई से जंप किया जाता है?   जवाब. आमतौर पर 10,000 फीट या उससे ऊपर की ऊंचाई से छलांग लगते हैं. आपके पास काफी टाइम होता है हवा से नीचे आने के लिए. पैराशूट खोलने के लिए.  सवाल. एक एयरक्राफ्ट में कितने लोग एक साथ जाते हैं जंप करने? जवाब. मैंने पहली बार यूएस में स्काई–डाइविंग की. जिस एयरक्राफ्ट से मैंने स्टार्ट किया था उसमें चार लोग बैठ सकते थे. अमूमन तीन से चार ही लोग होते हैं. वहीं पर ए लाइसेंस लिया. इस लाइसेंस का मतलब होता है कि 25 जंप. हिंदुस्तान वापस आया मध्य प्रदेश के सागर तब जंप होती थी.  सवाल. आपके घर में जंप के लिए अनुमति थी? जवाब. मेरे घरवाले कहते थे कि यह क्या पागलपन है. एक बार किया- दो बार किया. बार–बार क्‍यों? तब अपने पेरेंट्स को 2011 में अमेरिका लेकर गया और अपने माता और पिता दोनों को जंप कराया. तब पिता की उम्र 73 साल थी मां 63 की थीं. दोनों ने नीचे आकर कहा- यार एक बार और.  सवाल. अभी तक आपने कितने जंप कर लिए हैं?  जवाब. अभी तक मैंने 275 से ज्यादा जंप कर लिया है.  सवाल. कोई आम आदमी जंप करना चाहे तो उसे क्या करना होगा? जवाब. सामान्य लोग फ्री फॉल यानी अकेले जंप नहीं करते. आपके साथ एक इंस्ट्रक्टर होता है. यह कुछ इस तरीके से होता है जैसे कि आप एक टैक्सी ड्राइव के लिए जाते हैं और आप एक टैक्सी को हायर करते हैं वह आपके लिए टैक्सी लेकर आएगा वह टैक्सी चलाएगा और आप पीछे बैठे रहेंगे तो स्काई-डाइविंग में भी ट्रैंडम जंप होता है. ट्रैंडम आपके लिए पैराशूट खोलेता है. आप उसे पायलट भी कह सकते हैं. सवाल. आपकी कंपनी कैसे शुरू हुई? आपकी कंपनी के जरिए हर महीने कितने लोग जंप करते हैं?  जवाब. इसकी शुरुआत 2017 में की थी 2018 से हमारा परमानेंट बेस मिल गया और उसके बाद हम हरियाणा में है. स्काई-डाइविंग में 400 से 500 लोग हर महीने जंप करते हैं. यह सिर्फ सप्ताह में तीन दिन खुलता है शुक्रवार शनिवार और रविवार. हमने अब हरियाणा से आगे राज्यों में भी जाने लगे हैं. सवाल. अब आप झारखंड में भी आ रहे हैं? जवाब.  झारखंड पांचवां राज्य है. झारखंड पर्यटन विभाग की तरफ से इस दिशा में कोशिश की गई है. उनके विजन की वजह से हम इस दिशा में आगे बढ़ पा रहे हैं. झारखंड में यह 16 फरवरी से 23 फरवरी तक चलेगा. झारखंड में पहली बार स्काई डाइविंग, बहुत कम लोग जानते हैं धोनी भी कर चुके हैं एयरक्राफ्ट से जंप 4 सवाल. किसी एक शख्स को स्काई-डाइविंग के लिए कितना खर्च करना होता है. जवाब. स्काई-डाइविंग के लिए 30000 और जीएसटी का भुगतान करना पड़ता है लेकिन अगर आप दुबई में जाते हैं तो दुबई में आपको ₹50000 से भी ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं तो उसे लिहाज से दुबई से यह सस्ता है.  सवाल. किसी को आपके स्लॉट बुक करने हों तो क्या करना होगा? जवाब. हमारे पास बुकिंग ऑनलाइन ही होती हैं. स्काई हाई डॉट कॉम और इसके इंस्टाग्राम पेज से कोई भी बुक कर सकता है. सवाल. इंडिया में सेफ्टी के लिए लोग चिंतिंत रहते हैं. आप क्या कहेंगे?  जवाब. हमारी संस्‍था यूनाइटेड स्टेट्स पैराशूट संगठन से एफिलेटेड है. हम स्टैंडर्ड प्रोसीजर फॉलो करते हैं. दरअसल हम दोगुना चौकन्ना रहते हैं क्योंकि एक भी गलती होने पर यहां काम रुकने का डर होता है.  सवाल. झारखंड और हिंदुस्तान में स्काई–डाइविंग के लिए कोई मशहूर है, जिसे लोग जानते हों? जवाब. बहुत कम लोगों को पता है कि फरहान अख्तर एक फ्री फॉल फॉलोअर हैं और उन्होंने 150 से 200 तक के जंप किए हुए हैं. हमने उन्हें बुलाया भी और उन्होंने हमें कहा भी है कि जब वह फ्री होंगे तो वह हमारे पास जरूर आएंगे. एमएस धोनी को भी हमने बुलाया है जो उनके जो ट्रेनर है वह आर्मी में पैरा ग्लाइडिंग से जुड़े हुए हैं तो हमने उन्हें भी आमंत्रित किया हुआ है. धोनी भी कई जंप कर चुके हैं. The post झारखंड में पहली बार स्काई डाइविंग, बहुत कम लोग जानते हैं धोनी भी कर चुके हैं एयरक्राफ्ट से जंप appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद की उपायुक्त ने खायी डीइसी और अल्बेंडाजोल की गोली, शुरू किया फाइलेरिया उन्मूलन अभियान

Mass Drug Administration in Dhanbad|धनबाद की उपायुक्त माधवी मिश्रा ने सोमवार को सदर अस्पताल में डीइसी और अल्बेंडाजोल की गोली खाकर एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के तहत फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 11 से 25 फरवरी तक दवा प्रशासक घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया रोधी दवा खिलायेंगे. कार्यक्रम के दौरान दो फाइलेरिया पीड़ितों को किट प्रदान किया गया. कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद मौके पर सिविल सर्जन डॉ चंद्रभानु प्रतापन, सदर अस्पताल के नोडल डॉ राजकुमार सिंह, डब्ल्यूएचओ के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ अमित कुमार तिवारी, वीबीडी पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार, वीबीडी सलाहकार रमेश कुमार सिंह, डीएलओ डॉ मंजू दास, शुभम कुमार आदि मौजूद थे. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मध्य विद्यालय दुर्गा मंदिर में बच्चों को खिलायी गयी दवा राजकीयकृत मध्य विद्यालय दुर्गा मंदिर में बच्चों को खिलायी गयी फाइलेरिया रोधी दवा. फोटो : नया विचार मध्य विद्यालय दुर्गा मंदिर में सोमवार को बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलायी गयी. मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रतिनिधि अजय कुमार सिन्हा, प्रभारी प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार कर्ण, राज कुमार वर्मा, धीरज कुमार, रंभा कुमारी, सौम्या, रीमा, संचिता, सादमुनी, वीणा, बाल संसद के सदस्य अंतरा, बबनी, रोहित, गोलू व अन्य मौजूद थे. इसे भी पढ़ें महाकुंभ से रांची लौट रही कार ने हजारीबाग में 2 ट्रकों को मारी टक्कर, 3 स्त्री श्रद्धालुओं की मौत, 7 घायल गाय के मुंह में बम विस्फोट, गुस्साये लोगों ने बंद कराया बाजार, सड़क जाम, प्रदर्शन छत्तीसगढ़ से बिहार जा रही बस पलामू में पलटी, 2 दर्जन यात्री घायल, 6 की हालत गंभीर 10 फरवरी 2025 को कितने में मिलेगा 14 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें देखें रेट The post धनबाद की उपायुक्त ने खायी डीइसी और अल्बेंडाजोल की गोली, शुरू किया फाइलेरिया उन्मूलन अभियान appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड को मिले 28306 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, मुख्य सचिव बोलीं- उद्योगपतियों को दें बेहतर माहौल

Jharkhand News: झारखंड में उद्योगों की स्थापना और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य प्रशासन प्रयासरत है. मुख्य सचिव अलका तिवारी ने कहा है कि राज्य में उद्योग लगाने के लिए उद्योगपतियों को बेहतर माहौल देना जरूरी है. मुख्य सचिव अलका तिवारी ने सोमवार को हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम को ज्यादा कारगर और पारदर्शी बनाएं. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह कोलकाता में संपन्न हुई बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस 2025) में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उद्योगपतियों के साथ बैठक के बाद झारखंड को 28,306 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. 28 हजार करोड़ के निवेश से 17823 लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्य सचिव ने कहा कि निवेशक झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उत्पादन इकाई लगाने के इच्छुक हैं. इनमें से कुछ के प्रस्ताव स्वीकृत भी किये जा चुके हैं. इन प्रस्तावों से झारखंड में परोक्ष और अपरोक्ष रूप से 17,823 लोगों को रोजगार मिलेगा. मुख्य सचिव ने उद्योग निदेशालय को राज्य में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को बेहतर माहौल देने का निर्देश दिया है. सिंगल विंडो सिस्टम को कारगर और पारदर्शी बनाने पर जोर मुख्य सचिव ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम को ज्यादा कारगर और पारदर्शी बनाकर हम झारखंड में जहां नये उद्योगों को आकर्षित कर सकते हैं, वहीं पहले से चल रहे उद्योगों को नयी ऊर्जा भी दे सकते हैं. उद्योग निदेशालय को अपनी क्षमता में वृद्धि करने और कमियों को दूर करने की जरूरत है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें संसाधन आधारित उद्योगों पर फोकस करे उद्योग निदेशालय – सीएस मुख्य सचिव ने झारखंड के संसाधन आधारित उद्योगों पर फोकस करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि देश के 80 प्रतिशत तसर का उत्पादन करने वाला झारखंड आज भी ज्यादातर ककून बेच रहा है, जबकि राज्य में ही ककून का वैल्यू एडीशन करके उसे ऊंची कीमत पर बेचा जा सकता है. उन्होंने विजन के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने पर जोर दिया. इन कंपनियों से मिला है निवेश का प्रस्ताव झारखंड में सबसे अधिक 8,485 करोड़ रुपए का स्टील और पावर प्लांट सरायकेला के नीमडीह में लगाने का प्रस्ताव एसएम स्टील एंड पावर लिमिटेड की ओर से मिला है. वोलटॉक्स रेल प्राइवेट लिमिटेड ने चाकुलिया में रेलगाड़ी का चक्का और वंदे हिंदुस्तान के डिब्बे बनाने के लिए 3967.84 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव झारखंड प्रशासन को दिया है. इसी तरह लक्ष्मी मेटालिक्स लिमिटेड ने स्टील और पावर प्लांट के लिए 3800 करोड़, सुप्रीम मेटल्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने स्टील उत्पादन के लिए 2976 करोड़, द इंडियन स्टील एंड वायर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने 1270 करोड़, जय सस्पेंशन लिमिटेड ने 250 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने 500 करोड़, गजानन फेरो प्राइवेट लिमिटेड ने 1050 करोड़, रामकृष्णा फॉर्जिंग लिमिटेड ने 173.44 और 139.58 करोड़, एसएम स्टील एंड पावर लिमिटेड ने चतरा में 1600 करोड़ और हजारीबाग में 2800 करोड़, बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 1070 करोड़ और स्कीकॉर्प मार्केटिंग वेंचर प्राइवेट लिमिटेड ने जूते बनाने वाले कपड़े के उत्पादन के लिए 225 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव राज्य प्रशासन को दिया है. इसे भी पढ़ें महाकुंभ से रांची लौट रही कार ने हजारीबाग में 2 ट्रकों को मारी टक्कर, 3 स्त्री श्रद्धालुओं की मौत, 7 घायल छत्तीसगढ़ से बिहार जा रही बस पलामू में पलटी, 2 दर्जन यात्री घायल, 6 की हालत गंभीर आम श्रद्धालु की तरह प्रयागराज स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दिखे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, देखें Video 10 फरवरी 2025 को कितने में मिलेगा 14 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें देखें रेट The post झारखंड को मिले 28306 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, मुख्य सचिव बोलीं- उद्योगपतियों को दें बेहतर माहौल appeared first on Naya Vichar.

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Railway: रेल मंत्री ने कहा कि महाकुंभ में भीड़ के कारण स्टेशन बंद करने की बात अफवाह

Railway: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में माघी पूर्णिमा के कारण सड़क से लेकर रेलवे स्टेशन तक हर जगह भीड़ ही भीड़ दिख रही है. ऐसे में समाचार आयी कि भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में कई स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रयागराज स्टेशन बंद होने की समाचारों को अफवाह करार देते हुए कि प्रयागराज और आसपास के सभी  8 स्टेशनों से रेलगाड़ियों का परिचालन सुचारू तरीके से हो रहा है. ऐसे में लोगों को स्टेशन बंद होने की समाचारों पर गौर नहीं करना चाहिए. रेलवे राज्य प्रशासन के साथ मिलकर समन्वित तरीके से काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि रविवार को प्रयागराज महाकुंभ क्षेत्र स्टेशन से देश के विभिन्न स्थानों के लिए 330 ट्रेनों का परिचालन हुआ और लगभग 12.5 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा की. ट्रेनों के परिचालन के बाद भी भीड़ कम नहीं हो रही है और इसे देखते हुए रेलवे हर चार मिनट में प्रयागराज और आसपास के स्टेशनों से ट्रेनों का परिचालन कर रहा है. ताकि यात्रियों को अपने घर तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. माघी पूर्णिमा को देखते हुए रेलवे विशेष तैयारी कर रहा है. एक ट्रेन से औसतन 3780 यात्री गंतव्य तक यात्रा कर सकते हैं. लेकिन भीड़ में कमी नहीं आने के कारण रेल मंत्रालय के सीईओ जोनल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया है.  स्थिति की लगातार हो रही है समीक्षा रेल मंत्री ने कहा कि महाकुंभ में भीड़ को देखते हुए रेल मंत्रालय स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. महाकुंभ शुरू होने से पहले रेल भवन में स्थापित वॉर रूम भी बनाये गए ताकि स्टेशनों की निगरानी और रेल सेवाओं तथा यात्री सुविधाओं की समीक्षा की जा सके. सोमवार को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने रेल मंत्री को प्रयागराज और आसपास के स्टेशनों पर ट्रेन के परिचालन संबंधी जानकारी रेल मंत्री को दी. इस दौरान माघी पूर्णिमा के दौरान भीड़ से निपटने के उपायों पर विचार किया गया. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने लोगों से किसी तरह की अफवाह से बचने की अपील करते हुए कहा कि रेलवे पूरी क्षमता से ट्रेनों का परिचालन कर रहा है और किसी स्टेशन को बंद करने का सवाल नहीं है. आम लोग स्टेशन पर जाकर सच्चाई का पता लगा सकते हैं. सभी स्टेशन से तय समय पर मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है और किसी भी हालात से निपटने के लिए रेलवे पूरी तरह तैयार है.   The post Railway: रेल मंत्री ने कहा कि महाकुंभ में भीड़ के कारण स्टेशन बंद करने की बात अफवाह appeared first on Naya Vichar.

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